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वैष्णो माँ मंदिर स्टेट गाजियाबाद जिला हापुण गाँव सपनावत मे उपस्थित है। आपलोग भी भाई-बहन दर्शन अवश्य किजीऐ नमस्कार
Sushil kumar sharma संपादक
वैष्णो माँ मंदिर स्टेट गाजियाबाद जिला हापुण गाँव सपनावत मे उपस्थित है। आपलोग भी भाई-बहन दर्शन अवश्य किजीऐ नमस्कार
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- बीजेपी आरएसएस कि पार्टी है और आरएसएस अग्रेज मैंडेड संगठन है rss के उतपति से ले कर आज तक यह गैरकानूनी रजिस्टर नही तिरंगा से नफ़रत आय ब्यय का बेउरा नही संबिधान का सम्मान नही ऐसे संगठन का पुत्र बीजेपी का बिचार धारा भारत वर्ष के हित का नही है यह देश मे नफ़रत घृणा फैला रहा है अपने मन मोताबिक पूरा सिस्टम क़ो नचा रहा जनहित समाप्त देश का रुपया लूट कर बिदेस भाग रहा है यही बीजेपी है अगर आप क़ो बीजेपी से लाभ हों रहा उसके लूट गैग मे आप शामिल है तो आप के लिए अच्छा जरूर होगा जय हिन्द जय संविधान9
- Post by Kr monu raj1
- #followers #traidingreels रविवार की रात में आरा पटना मुख्य मार्ग पर अहिरपुरवा मनोकामना मंदिर से पहले बिजली का कवर वायर तार सड़क पर गिरा, बड़ा हादसा टला1
- बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कर्मचारियों और सीईओ की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ संयोग नहीं बल्कि एक प्रयोग जैसा लग रहा है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में लगभग 40 लाख से जुड़े परिमार्जन या सुधार की प्रक्रिया अवश्य होगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।1
- Post by Vaishnavi bhakt vinu1
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
- आरा शहर के एसएम एंटरप्राइजेज पकड़ी गैस एजेंसी के मैनेजर रंजन श्रीवास्तव से खास बातचीत1
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- डेहरी:यूजीसी के लेकर सड़को पर उतरा स्वर्ण समाज लगाए नारे बैनर पोस्टर और नारे के साथ मोदी का बिरोध1