इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी का लंबी बीमारी से निधन: 'हार्ट अटैक' और 'सदमे' के दावों का खंडन, अस्पताल रिकॉर्ड से सामने आई असलियत इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी का लंबी बीमारी से निधन: 'हार्ट अटैक' और 'सदमे' के दावों का खंडन, अस्पताल रिकॉर्ड से सामने आई असलियत प्रयागराज के साइबर थाने के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी मंजूलता गौतम (48) का कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार रात लगभग 11 बजे निधन हो गया। उनके निधन के बाद 'सदमे' और अचानक 'हार्ट अटैक' को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों का आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड ने पूरी तरह खंडन कर दिया है। अस्पताल के दस्तावेजों और मेडिकल हिस्ट्री से साफ हुआ है कि उनकी मृत्यु लंबे समय से चल रही गंभीर बीमारी के चलते हुई है। उपलब्ध चिकित्सीय साक्ष्यों के अनुसार, मंजूलता गौतम वर्ष 2024 से ही लीवर की गंभीर बीमारी (क्रॉनिक लिवर डिजीज) से पीड़ित थीं। उनका लंबा उपचार चल रहा था और इंस्पेक्टर खुद उनके इलाज के लिए विभाग से नियमानुसार समय-समय पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) ले रहे थे। ऐसे में अचानक सीने में दर्द और हार्ट अटैक से मौत का दावा पूरी तरह तथ्यहीन साबित होता है। दस्तावेजों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 4 सितंबर को ही कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यानी अस्पताल में उनका इलाज हालिया एफआईआर दर्ज होने की तारीख से पहले से ही चल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार, लीवर संबंधी जटिलताओं के चलते उनकी स्थिति काफी समय से नाजुक बनी हुई थी और शुक्रवार रात मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार को कानपुर के गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। कानूनी शिकंजे के बीच नैरेटिव गढ़ने की कोशिश गौरतलब है कि महिला सिपाही से ₹4.20 लाख रिश्वत लेने के आरोप में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम और साइबर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, जिसकी विवेचना जारी है। हाल ही में इंस्पेक्टर का तबादला बलिया किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि मुकदमे के कानूनी दबाव से ध्यान भटकाने और सार्वजनिक सहानुभूति बटोरने के लिए पत्नी की बीमारी से हुई स्वाभाविक मौत को मुकदमे के सदमे और हार्ट अटैक का रूप देने की कोशिश की गई थी।
इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी का लंबी बीमारी से निधन: 'हार्ट अटैक' और 'सदमे' के दावों का खंडन, अस्पताल रिकॉर्ड से सामने आई असलियत इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी का लंबी बीमारी से निधन: 'हार्ट अटैक' और 'सदमे' के दावों का खंडन, अस्पताल रिकॉर्ड से सामने आई असलियत प्रयागराज के साइबर थाने के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम की पत्नी मंजूलता गौतम (48) का कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार रात लगभग 11 बजे निधन हो गया। उनके निधन के बाद 'सदमे' और अचानक 'हार्ट अटैक' को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों का आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड ने पूरी तरह खंडन कर दिया है। अस्पताल के दस्तावेजों और मेडिकल हिस्ट्री से साफ हुआ है कि उनकी मृत्यु लंबे समय से चल रही गंभीर बीमारी के चलते हुई है। उपलब्ध चिकित्सीय साक्ष्यों के अनुसार, मंजूलता गौतम वर्ष 2024 से ही लीवर की गंभीर बीमारी (क्रॉनिक लिवर डिजीज) से पीड़ित थीं। उनका लंबा उपचार चल रहा था और इंस्पेक्टर खुद उनके इलाज के लिए विभाग से नियमानुसार समय-समय पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) ले रहे थे। ऐसे में अचानक सीने में दर्द और हार्ट अटैक से मौत का दावा पूरी तरह तथ्यहीन साबित होता है। दस्तावेजों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 4 सितंबर को ही कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यानी अस्पताल में उनका इलाज हालिया एफआईआर दर्ज होने की तारीख से पहले से ही चल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार, लीवर संबंधी जटिलताओं के चलते उनकी स्थिति काफी समय से नाजुक बनी हुई थी और शुक्रवार रात मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार को कानपुर के गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। कानूनी शिकंजे के बीच नैरेटिव गढ़ने की कोशिश गौरतलब है कि महिला सिपाही से ₹4.20 लाख रिश्वत लेने के आरोप में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम और साइबर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, जिसकी विवेचना जारी है। हाल ही में इंस्पेक्टर का तबादला बलिया किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि मुकदमे के कानूनी दबाव से ध्यान भटकाने और सार्वजनिक सहानुभूति बटोरने के लिए पत्नी की बीमारी से हुई स्वाभाविक मौत को मुकदमे के सदमे और हार्ट अटैक का रूप देने की कोशिश की गई थी।
- नगर निगम सिविल स्थित सदन हॉल में नगर आयुक्त श्री सीलम साईं तेजा जी, पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारियों के साथ सदन की बैठक संपन्न हुई। नगर निगम सिविल स्थित सदन हॉल में नगर आयुक्त श्री सीलम साईं तेजा जी, पार्षदगण एवं संबंधित अधिकारियों के साथ सदन की बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रयागराज शहर से जुड़ी विभिन्न जनसुविधाओं, विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं एवं आगामी त्योहारों की तैयारियों सहित अन्य आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों को सुगम एवं प्रभावी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।4
- रसौली गांव में सड़क पर भैंस बांधने से आवागमन प्रभावित , कई बार शिकायत पर भी नहीं रुका2
- टीजीटी पीजीटी भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों में आक्रोश प्रयागराज: धरना स्थल से प्रतियोगी छात्रों को जबरन हटाए जाने के बाद एक बार फिर छात्र हर्ष होटल के सामने जुटने लगे हैं। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोक दिया है,जबकि प्रतियोगी छात्र दोबारा धरना स्थल पर धरना देने पर अड़े हुए हैं। शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं और टीजीटी-पीजीटी भर्ती भी पुरानी नियमावली से कराने की मांग कर रहे हैं।3
- भोगांव पुल के नवनिर्माण समेत चार मांगों को लेकर धरना जारी, एसडीएम ने समझाने का किया प्रयास चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे युवा भोगांव पुल के नवनिर्माण समेत चार मांगों को लेकर धरना जारी, एसडीएम ने समझाने का किया प्रयास कोरांव, प्रयागराज। कोरांव विधानसभा क्षेत्र के भोगांव पुल स्थित हनुमान मंदिर परिसर में क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर युवा साथी नवनीत पांडेय की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों और युवाओं ने अनिश्चितकालीन धरना एवं भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर चार प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे लोगों की प्रमुख मांगों में भोगांव पुल का नवनिर्माण, क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, बाढ़ पीड़ितों को उचित मुआवजा तथा बड़ोखर में गौशाला की स्थापना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भोगांव पुल क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन पुल की स्थिति को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। वहीं बिजली की समस्या के समाधान के लिए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग उठाई गई है। ग्रामीणों ने कहा कि हाल में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उनकी क्षति के अनुरूप उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसके अलावा बड़ोखर में गौशाला की स्थापना होने से बेसहारा पशुओं की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। चार सूत्रीय मांगों को लेकर सैकड़ों युवा और ग्रामीण धरना स्थल पर जुटे हुए हैं। कुछ युवा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान के लिए प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी होगी। इसी बीच कोरांव एसडीएम धरना स्थल पर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से आंदोलन समाप्त करने की अपील की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक युवा साथी अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और भूख हड़ताल जारी थी। धरना स्थल पर ग्रामीणों और युवाओं की मौजूदगी बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चारों मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।1
- प्रयागराज व्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज में सपा जिला सचिव पुलिस को सबूत मिले मुताबिक हमलावर बाइक से पहुंचे थे पीछे बैठे युवक ने सपा नेता को गोली मारी1
- प्रयागराज-हंडिया में बाइक सवार बदमाशों ने युवक को मारी गोली इलाज के दौरान मौत प्रयागराज हंडिया थाना क्षेत्र के हंडिया में बाइक सवार बदमाशों ने युवक को मारी गोली, इलाज के दौरान मौत प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र के कस्बा हंडिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों ने मुगरहा गांव निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद घायल पवन कुमार को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने 15 सितंबर 2026 को पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बाइट जारी की।1
- प्रयागराज के हंडिया थाना अंतर्गत उस समय सनसनी फैल गई जब पवन यादव को बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से गोली मार दिया1
- प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।1