डौगरपुर-रमगढ़ा मार्ग पर जलभराव से ग्रामीण बेहाल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र सड़क निर्माण की उठाई मांग राजाखेड़ा। उपखंड क्षेत्र के ग्राम डौगरपुर से रमगढ़ा बिडार जाने वाले मार्ग पर जलभराव और जर्जर सड़क से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी राजाखेड़ा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में करीब 300 मीटर लंबा सड़क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। सड़क टूटने के कारण वहां स्थायी रूप से जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर 12 फरवरी को भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान सड़क नहर का रूप ले लेती है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से तत्काल सड़क की मरम्मत एवं जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में देवी सिंह, होरीलाल, नीरज परिहार, गजेंद्र, कमल किशोर, हरिओम, रामज्ञानी, सत्यप्रकाश, भारत, पतिराम, सत्तोराम, शंकरलाल, महेंद्र सिंह, नेमीचंद, धर्मेंद्र, गौरव, महेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
डौगरपुर-रमगढ़ा मार्ग पर जलभराव से ग्रामीण बेहाल, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र सड़क निर्माण की उठाई मांग राजाखेड़ा। उपखंड क्षेत्र के ग्राम डौगरपुर से रमगढ़ा बिडार जाने वाले मार्ग पर जलभराव और जर्जर सड़क से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी राजाखेड़ा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में करीब 300 मीटर लंबा सड़क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। सड़क टूटने के कारण वहां स्थायी रूप से जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का
कहना है कि इस समस्या को लेकर 12 फरवरी को भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान सड़क नहर का रूप ले लेती है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से तत्काल सड़क की मरम्मत एवं जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में देवी सिंह, होरीलाल, नीरज परिहार, गजेंद्र, कमल किशोर, हरिओम, रामज्ञानी, सत्यप्रकाश, भारत, पतिराम, सत्तोराम, शंकरलाल, महेंद्र सिंह, नेमीचंद, धर्मेंद्र, गौरव, महेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ अम्बाह। चेहल्लुम के अवसर पर गुरुवार को अम्बाह शहर में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजियों का जुलूस निकाला गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिए पारंपरिक मार्गों से होते हुए नगर के प्रमुख रास्तों का भ्रमण कर कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हज़रत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों द्वारा नौहाखानी और मातम किया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों ने शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर अकीदतमंदों की सेवा की। पूरे जुलूस के दौरान भाईचारे, शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। चेहल्लुम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अंत में कर्बला पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं और देश-प्रदेश में अमन, चैन एवं खुशहाली की दुआ मांगी गई।1
- चेहल्लुम पर अम्बाह शहर में निकले ताजिए, नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे अम्बाह। चेहल्लुम के अवसर पर गुरुवार को अम्बाह शहर में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजियों का जुलूस निकाला गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिए पारंपरिक मार्गों से होते हुए नगर के प्रमुख रास्तों का भ्रमण कर कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हज़रत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों द्वारा नौहाखानी और मातम किया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों एवं नागरिकों ने शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर अकीदतमंदों की सेवा की। पूरे जुलूस के दौरान भाईचारे, शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। चेहल्लुम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। नगर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अंत में कर्बला पहुंचकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार रस्में अदा की गईं और देश-प्रदेश में अमन, चैन एवं खुशहाली की दुआ मांगी गई।1
- नाला बना, नेकी की दीवार गायब! गरीबों की खुशियां लौटाएगी नगर पालिका पोरसा ,,,,,,,गत महीनों से बंद पड़ी ‘नेकी की दीवार’, गरीबों के तन से कपड़े और चेहरे से मुस्कान दोनों गायब पोरसा में गरीब और बेसहारा लोगों के लिए कभी उम्मीद और सम्मान का ठिकाना बनी ‘नेकी की दीवार’ आज खुद नगर पालिका की अनदेखी का शिकार हो गई है। महीनों पहले नाला निर्माण के दौरान तोड़ी गई नेकी की दीवार अब तक दोबारा खड़ी नहीं हो सकी। नाला बनकर तैयार हो गया, लेकिन नगर पालिका को गरीबों की इस ‘नेकी की दीवार’ की याद नहीं आई। पोरसा में विगत वर्षों से संचालित नेकी की दीवार जरूरतमंद और गरीब लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इसकी देखरेख संचालक डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा की जाती थी। बताया जाता है कि इसके लिए कैंपस का निर्माण वैश्य समाज द्वारा कराया गया था। यहां जरूरतमंद लोगों के लिए नए-नए व पुराने कपड़े उपलब्ध हो जाते थे। गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग यहां आकर अपनी जरूरत के कपड़े ले जाते और खुशी-खुशी उन्हें पहनकर अपने आपको किसी से कम नहीं समझते थे। इस पहल ने पोरसा में जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया। नाला बना, लेकिन ‘नेकी’ का घर नहीं बना कुछ महीने पहले नगर पालिका द्वारा नेकी की दीवार के सामने से नाला निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान नेकी की दीवार को तोड़ दिया गया। नाला अब बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन नेकी की दीवार को दोबारा संचालित करने की दिशा में नगर पालिका की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नेकी की दीवार के संचालक डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ से मौखिक रूप से कई बार नेकी की दीवार को दोबारा शुरू कराने के लिए कहा, लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। सवाल—गरीबों की इस ‘नेकी’ में नगर पालिका को क्यों नहीं दिख रही दिलचस्पी? नगर पालिका की इस अनदेखी को लेकर शहरवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि नाला निर्माण के लिए नेकी की दीवार को हटाया गया था तो निर्माण पूरा होने के बाद उसे पहले की तरह व्यवस्थित कराकर दोबारा शुरू कराया जाना चाहिए था। पोरसा की जनता ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि गरीबों के लिए वर्षों से संचालित नेकी की दीवार को जल्द से जल्द दोबारा तैयार कराकर शुरू कराया जाए, ताकि जरूरतमंदों के तन पर फिर कपड़े और चेहरों पर मुस्कान लौट सके। अब देखना यह है कि नगर पालिका को ‘नेकी की दीवार’ याद आती है या गरीबों की यह नेकी फाइलों में ही दफन होकर रह जाती है,,,, मुक्ताईनगर बालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर का कहना है कि हमारा नाला का निर्माण इंजीनियर द्वारा पूर्ण घोषित होने के बाद हम नेगी की दीवार को गरीबों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः बनाएंगे1
- #रूपवास_उपजिला_अस्पताल के नए भवन के लिए ग्राम पंचायत चैकोरा में राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटित की गई है। इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कटारा ने क्या कहा। सुनिए...1
- जौरा में ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर दो गोवंशों की दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने लगाया चक्का जाम जौरा में ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर दो गोवंशों की दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने लगाया चक्का जाम जौरा। शहर के रूनीपुर रोड स्थित नाहर वाली माता मंदिर के पास गुरुवार को ट्रांसफार्मर से फैले करंट की चपेट में आने से एक गाय और एक अन्य गोवंश की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने दोनों मृत गोवंशों को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर के खुले और नीचे पड़े बिजली के तारों में बरसात के कारण करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से दोनों गोवंशों की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर पहले भी करंट लगने से कई गोवंश और आवारा पशु जान गंवा चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर आने तक जाम हटाने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। करीब एक घंटे बाद बिजली विभाग के कनिष्ठ यंत्री (जेई) एम.के. मिश्रा मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। नागरिकों ने ट्रांसफार्मर के आसपास खुले पड़े तारों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर नाराजगी जताई। इस पर जेई ने आश्वासन दिया कि ट्रांसफार्मर के पास पड़े तारों को जल्द ठीक कराया जाएगा तथा ट्रांसफार्मर के चारों ओर फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद नगर पालिका के दरोगा महेश त्यागी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी एवं ट्रैक्टर की सहायता से दोनों मृत गोवंशों को सड़क से हटवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना में मृत गाय के मालिक सुरेश प्रजापति ने मुआवजे की मांग की। इस पर जेई एम.के. मिश्रा ने उन्हें थाने में शिकायत दर्ज कराने और गाय का पोस्टमार्टम कराने की सलाह देते हुए कहा कि नियमानुसार प्रशासन से मिलने वाली सहायता दिलाने में विभाग पूरा सहयोग करेगा। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि ट्रांसफार्मरों के आसपास तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी पशु या व्यक्ति की जान जोखिम में न पड़े। स्थानीय व्यक्ति डॉ राम सिया कुशवाहा ने बताया की बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जौरा में यह कोई पहला हादसा नहीं है जौरा में इस तरह का यह स्थान पर ट्रांसफार्मर जमीन पर रखे हुए हैं जहां हमेशा ऐसी स्थिति निर्मित होती है लेकिन बिजली विभाग स्थानीय लोगों की कोई भी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है अगर बिजली विभाग समय के रहते नहीं जागा तो और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। स्थानीय व्यक्ति नेकी राम त्यागी ने बताया कि लोगों के लिए गाय की मौत एक आम बात होगी लेकिन हमारे लिए यह गौ माता है और बड़े ही दुख की बात है कि बिजली विभाग जौरा शहर में बिल्कुल भी नहीं देख रहा है और स्थानीय लोगों की बिजली विभाग में कोई भी सुनवाई नहीं होती है लोग चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन अगर इस तरह की घटना आगे हुई तो मजबूरन गौ रक्षक गौ सेवक और सभी सनातनियों को गौ माता की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा।1
- धौलपुर राजाखेड़ा थाना पुलिस की संवेदनशीलता एवं त्वरित एक्शन राजाखेड़ा थाना पुलिस ने परिजनों को लौट आया उनका खोया हुआ बेटा पिता की आंख से झलके के आंसू धौलपुर राजाखेड़ा थाना पुलिस की संवेदनशीलता एवं त्वरित एक्शन राजाखेड़ा थाना पुलिस ने परिजनों को लौट आया उनका खोया हुआ बेटा पिता की आंख से झलके के आंसू राजाखेड़ा नाबालिग युवक घर वालों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गया। जिसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली, मोबाइल फोन लोकेशन के जरिए राजाखेड़ा थानाधिकारी वीर सिंह को सूचना मिली, सूचना मिलने पर तुरंत एक्शन लेकर तकनीकी माध्यम व सीसीटीवी फुटेज पर राजाखेड़ा थाना अधिकारी के द्वारा तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया था तीनों टीमों की कड़ी मस्कत से युवक को 6 घंटे में ही युवक दस्तयाब किया गया एवं उसके परिजनों को सुपुर्द किया। परिजनों के खुशी से आंसू झलक आए और उन्होंने पुलिस टीम के इस कार्य को धन्यवाद किया परिजनों को मिला उनका खोया हुआ बेटा राजाखेड़ा के एक गांव के निवासी के नाबालिक बेटे ने अचानक घर छोड़कर घर से बाहर चला गया जिसकी परीजनो और ग्रामीणों के द्वारा काफी तलाश की गई लेकिन नाबालिक बेटे का कहीं सुराख नहीं लगा इसके बाद परिजनों द्वारा फोन के जरिए राजाखेड़ा थाना अधिकारी वीर सिंह गुर्जर को सूचना दी जैसी सूचना मिली उन्होंने परिजनों की रिपोर्ट देने से पहले ही फोन पर मिली सूचना के आधार पर नाबालिक युवक की तलाश जारी कर दी युवक को ढूंढने के लिए थाना अधिकारी के द्वारा तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया और तीनों टीमों के द्वारा मोबाइल लोकेशन और लगे हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की तलाश जारी कर दी जिसके चलते कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और 6 घंटे की मशक्कत के बाद खोय हुए युवक को आगरा से दस्तयाब कर लिया है और युवक को बिना रिपोर्ट दर्ज किए दस्तब किया तो नाबालिक युवक को देख उसके पिता की आंख से आंसू निकल आए और उसे गले लगाकर कर रोने लगा जिसकी बात राजाखेड़ा थाना अधिकारी ने युवक को 1 घंटे थाने में बिठाकर मोटिवेशन किया और समझाया की इस तरह से घर से निकल जाना परिजनों के साथ ग्रामीणों को परेशान होना माता-पिता का रोना एक अपने आप में काफी दर्द भरा पाल बन जाता है इसलिए आगे से ऐसे कदम कभी मत उठाना वहीं थाना अधिकारी की बात को युवक ने समझ कर अपने माता-पिता से माफी मांगी और कहा कि आगे से ऐसी कभी गलती नहीं करूंगा परिजनों को मिला उनका खोया हुआ बेटा राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिक बेटा गुरुवार दोपहर अपने घर से बिना बताए घर छोड़कर चला गया और परिजनों को बताया तक नहीं इसके बाद परिजनों को सूचना मिली तो परिजन हक्के बके रह गए और खोए हुए बेटे की तलाश जारी कर दी बेटे को काफी तलाश की लेकिन बेटा नहीं मिला फिर परजनों ने राजाखेड़ा थाने में सूचना दी, सूचना देने के बाद परिजनों ने बताया कि राजाखेड़ा थाना पुलिस ने बिना आवेदन पत्र लिए ही बेटे की तलाश जारी कर दी और तीन टीमों का गठन किया गया था मोबाइल फोन की लोकेशन से और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बेटे को करीब 6 घंटे में ही आगरा से दस्तया कर लिया परिजनों का कहना है कि जिस तरह से राजाखेड़ा थाना अधिकारी वीर सिंह गुर्जर ने अपना दरिया दिल दिखाते हुए बिना आवेदन पत्र लिय ही बच्चे को ढूँढ लिया और इससे बड़ी बात हमारे लिए क्या हो सकती है इसके आधार पर परिजनों ने धौलपुर एसपी विकास सागवान का भी कड़क रुख और साफ निर्देशन में कहा गया कि आवेदन पत्र बाद में लिया जाएगा पहले कार्रवाई की जाएगी इसके लिए उन्होंने धौलपुर जिला की पूरी पुलिस टीम को तहे दिल से शुक्रिया और धन्यवाद के पात्र बताया है4
- चैकोरा_ग्राम_पंचायत व नगरपालिका के पैरिफेरी क्षेत्र में ही उप जिला अस्पताल बनवाए जाने की मांग को लेकर निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन,,,, रूपवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत चैकोरा व डहर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों ने गुरुवार को हनुमान चौक से उपखंड कार्यालय तक रैली निकालकर उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल को दिए ज्ञापन में लिखा कि ग्राम पंचायत चैकोरा में खसरा नंबर 1008 व 1010 को उप जिला अस्पताल के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित किया गया है। उक्त भूमि 15 बीघा है, जिस पर निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 28.5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे नवीन भवन का निर्माण किया जाना है। ज्ञापन में बताया गया कि उक्त जमीन के आसपास सघन आबादी बसी हुई है, जहां गरीब, मजदूर और किसान परिवार निवास करते हैं। यह जमीन उप जिला अस्पताल के लिए वर्तमान में सर्वोत्तम है। यह रूपवास आबादी क्षेत्र से मात्र 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं धौलपुर-भरतपुर हाईवे से 2 किमी की दूरी पर है। हाईवे से निर्धारित भूमि तक जाने वाली सड़क की चौड़ाई 100 मीटर है। वर्तमान में रूपवास में अस्पताल संचालित है, जो पूर्ववत चालू रहेगा। ग्रामीणों ने मांग की कि उक्त भूमि पर नवीन अस्पताल निर्माण से उपखंड रूपवास की करीब 50 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। इस अवसर पर विक्रम राजावत, धर्म सिंह, सुरेश राजावत, नोहबत सिंह, बृजेश शर्मा, पहलाद, अमर सिंह, हरवेन्द्र, दुर्ग सिंह, रूपेन्द्र, पप्पू परमार, श्यामवीर, इस्लाम खान, शैलेंद्र राजावत, पूरण सिंह, दामोदर, लक्ष्मण, शिव सिंह, नंदराम, अर्जुन, जल सिंह आदि मौजूद थे।4
- मंदिरों से पीतल के घंटे और खेतों से बिजली केबल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार बागचीनी पुलिस ने करीब 1.78 लाख रुपये का मशरूका किया बरामद, एक आरोपी की तलाश जारी मुरैना। बागचीनी थाना पुलिस ने मंदिरों से पीतल के घंटे तथा खेतों से बिजली के केबल व अन्य विद्युत उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का सामान, वारदात में प्रयुक्त उपकरण और मोटरसाइकिल सहित करीब 1 लाख 78 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस के अनुसार 5 अगस्त 2026 को फरियादियों राजवीर पाल निवासी करथना, मनोज शर्मा निवासी वीरमपुरा तथा कुंवरपाल सिकरवार निवासी छोटे सिंह का पुरा ने थाना बागचीनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव के मंदिरों से पीतल के घंटे तथा खेतों से बिजली के केबल एवं अन्य विद्युत उपकरण अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना के निर्देश पर आरोपियों की पतारसी और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डावर के निर्देशन और एसडीओपी जौरा नितिन बघेल के मार्गदर्शन में बागचीनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संदिग्धों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति चोरी किए गए पीतल के घंटों को बेचने के लिए मोटरसाइकिल से कुम्हेरी हड़वासी नहर होते हुए मुरैना की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर चार लोगों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान, चोरी में प्रयुक्त उपकरण तथा चोरी के माल की तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद मशरूके में तीन पीतल के घंटे करीब 60 हजार रुपये, बिजली का तार करीब 8 हजार रुपये तथा मोटरसाइकिल सहित कुल करीब 1.78 लाख रुपये का सामान शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। मामले में वांछित एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई में निरीक्षक शशिकुमार, थाना प्रभारी बागचीनी सहित पुलिस टीम के योगदान की सराहना की है।2