ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम बिजोरी स्थित बेलकुंड नदी के किनारे पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हरे-भरे पेड़ों को रात के समय काटा जा रहा है और वाहनों में लोड करके बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें अवैध कटाई की आशंका है। उनका कहना है कि रात में लकड़ी का परिवहन बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई का संकेत देता है। मामले की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अजय मिश्रा ने ग्रामीणों की शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि जांच के लिए डिप्टी रेंजर की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पेड़ों की कटाई वैधानिक अनुमति के तहत हो रही है या नहीं। यदि बिना अनुमति के कटाई पाई जाती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डिप्टी रेंजर अशोक कोल ने जानकारी दी है कि संबंधित क्षेत्र राजस्व भूमि के अंतर्गत आता है और सक्षम अनुमति के बाद ही पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कटाई के लिए चिह्नित पेड़ों पर नंबरिंग और हैमर मार्क लगाए गए हैं। कुल दो खसरों में 129 पेड़ काटने की अनुमति प्रदान की गई है। फिलहाल, विभाग इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम बिजोरी स्थित बेलकुंड नदी के किनारे पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हरे-भरे पेड़ों को रात के समय काटा जा रहा है और वाहनों में लोड करके बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें अवैध कटाई की आशंका है। उनका कहना है कि रात में लकड़ी का परिवहन बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई का संकेत देता है। मामले की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अजय मिश्रा ने ग्रामीणों की शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि जांच के लिए डिप्टी रेंजर की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पेड़ों की कटाई वैधानिक अनुमति के तहत हो रही है या नहीं। यदि बिना अनुमति के कटाई पाई जाती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डिप्टी रेंजर अशोक कोल ने जानकारी दी है कि संबंधित क्षेत्र राजस्व भूमि के अंतर्गत आता है और सक्षम अनुमति के बाद ही पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कटाई के लिए चिह्नित पेड़ों पर नंबरिंग और हैमर मार्क लगाए गए हैं। कुल दो खसरों में 129 पेड़ काटने की अनुमति प्रदान की गई है। फिलहाल, विभाग इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
- पुणे शहर के बाज़ार से गुज़रने वाले लोगों का ध्यान हाल ही में एक अनोखे और मज़ेदार बैनर ने खींचा, जिस पर वैवाहिक जीवन से जुड़ा एक व्यंगात्मक संदेश लिखा हुआ था। इस बैनर पर स्पष्ट रूप से लिखा था, 'जिस आदमी की पत्नी नहीं होती, वह रात को रोता है!! और जिसकी पत्नी होती है, वह दिन-रात रोता है!!' इस हास्यपूर्ण संदेश को पढ़कर बाज़ार में मौजूद हर किसी के चेहरे पर एक सच्ची मुस्कान खिल उठी, जिससे वहाँ से गुज़रने वाले लोगों को हल्का-फुल्का मनोरंजन मिला।1
- कटनी शहर के माधवनगर स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास पिछले 15-20 दिनों से नाले की खुदाई के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं, जिनके लिए खुला नाला हर समय दुर्घटना का कारण बना हुआ है। अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अगर समय रहते इस कार्य को पूरा नहीं किया गया, तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो सकती है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाएगा। समाजसेवी राजा जगवानी ने नगर निगम आयुक्त से तत्काल उन सभी स्थानों पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा कराने की मांग की है, जहाँ नालों की खुदाई के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासन से आग्रह किया है कि बरसात शुरू होने से पहले सभी खुले नालों को सुरक्षित रूप से ढंका जाए और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जनहित के इस मुद्दे पर नगर निगम से तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और माधवनगर क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- आवाज़ न्यूज़ के अनुसार, जबलपुर के ड्रीम रिसॉर्ट में बदइंतजामी और लापरवाही का एक 'ड्रीम' उजागर किया गया है। यह खबर 06 जून 2026 को जबलपुर से संबंधित अन्य छोटी-बड़ी खबरों के साथ प्रसारित की जाएगी, जिसमें रिसॉर्ट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं।1
- एक व्यक्ति ने समाज के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया है, उनका कहना है कि चाहे कितनी भी साजिशें क्यों न की जाएँ, वे समाज के लिए लड़ते रहेंगे। यह संदेश तमाम चुनौतियों और षड्यंत्रों के बावजूद संघर्ष जारी रखने की एक अटूट भावना को दर्शाता है।1
- पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी हार और विधायकों में बागी गुट बनने के बाद ममता बनर्जी अपने सियासी जीवन के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। इसी क्रम में, उन्होंने टीएमसी पार्टी को बचाने के उद्देश्य से खुद लोकसभा सदस्य बनने की इच्छा जताई और इसके लिए बहरामपुर से चुनाव लड़ना चाहती थीं। उन्होंने इस सीट से मौजूदा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से इस्तीफा देने का आग्रह किया, जिसे पठान ने खारिज कर दिया। बहरामपुर सीट पर 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, जहां 2024 के चुनावों में यूसुफ पठान ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब लोकसभा में 23 सांसदों के टूट की अटकलों के बीच नई चर्चा छिड़ी है। तृणमूल कांग्रेस के लिए मुस्लिम समुदाय का मजबूत समर्थन ममता बनर्जी की पिछली चुनावी सफलताओं में एक बड़ी भूमिका निभाता रहा है। हालांकि, हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के 80 विधायकों में से कम से कम 31 मुस्लिम विधायक चुने गए थे, जो लगभग 40 प्रतिशत हैं। अब विधायक दल में उभरे बड़े विभाजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इनमें से कई मुस्लिम विधायक ममता बनर्जी के साथ खड़े नहीं हैं। विधायक दल के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में स्पीकर को पत्र लिखने वाले 58 विधायकों में कम से कम 17 प्रमुख मुस्लिम विधायक शामिल हैं, जिसका अर्थ है कि पार्टी के आधे से अधिक मुस्लिम विधायक अब ममता बनर्जी से अलग खेमे में दिखाई दे रहे हैं।1
- दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में एक युवक पर रोडरेज के चलते चाकू से जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। पीड़ित युवक की पहचान सानू शेख (पिता- शेख खालिक कल्लू) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पाटन, जबलपुर निवासी राजू प्रजापति है। जानकारी के अनुसार, सानू शेख का सड़क पर किसी बात को लेकर राजू प्रजापति से विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि जैसे ही सानू शेख ने अपनी गाड़ी खड़ी की, राजू प्रजापति ने अचानक धारदार चाकू से उसके पेट में हमला कर दिया। खून से लथपथ सानू शेख को तेंदूखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ ड्यूटी डॉक्टर अशोक बरौनियां ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टर बरौनियां ने बताया कि युवक के पेट में गहरा घाव है और उसकी हालत नाजुक है, जिसके चलते उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत जबलपुर भेजा गया है। तेंदूखेड़ा थाना पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है और घायल के भाई व प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपी राजू प्रजापति की तलाश कर रही है। क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है, जबकि दमोह जिले में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश न लग पाने की बात भी कही जा रही है।1