उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योगी सरकार की नीतियां जमीनी स्तर पर बड़ा सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सरकार द्वारा कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा दिए जाने के विजन को रायबरेली में इंजीनियर सुजीत चौधरी ने धरातल पर उतारा है। मूल रूप से बस्ती के निवासी सुजीत ने साल 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब नौ वर्षों तक अमेरिका में नौकरी की। साल 2016 में भारत लौटने के बाद उन्होंने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यम शुरू करने का फैसला लेते हुए मत्स्य पालन के क्षेत्र में कदम रखा। सुजीत ने साल 2019 में रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र के बल्ला गांव में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर इस काम की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह व्यावसायिक स्तर पर 23 तालाबों के माध्यम से मछली उत्पादन कर रहे हैं, जिससे हर साल लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जा रहा है। उन्होंने बिचौलियों से दूरी बनाकर सीधे ग्राहकों से संपर्क स्थापित किया है और वह खारे पानी में होने वाली समुद्री झींगा मछली का भी उत्पादन कर रहे हैं। इस उद्यम के जरिए वह अपने साथ 50 से अधिक स्थानीय किसानों को जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने में भी जुटे हैं। मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में उन्हें ₹8.50 लाख का सरकारी अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिसने उनके कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। अब वह इस क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं, प्रयोगशाला और प्रशिक्षण व्यवस्था से लैस एक फिश हब स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस प्रस्तावित फिश हब से स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योगी सरकार की नीतियां जमीनी स्तर पर बड़ा सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सरकार द्वारा कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा दिए जाने के विजन को रायबरेली में इंजीनियर सुजीत चौधरी ने धरातल पर उतारा है। मूल रूप से बस्ती के निवासी सुजीत ने साल 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब नौ वर्षों तक अमेरिका में नौकरी की। साल 2016 में भारत लौटने के बाद उन्होंने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यम शुरू करने का फैसला लेते हुए मत्स्य पालन के क्षेत्र में कदम रखा। सुजीत ने साल 2019 में रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र के बल्ला गांव में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर इस काम की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह व्यावसायिक स्तर पर 23 तालाबों के माध्यम से मछली उत्पादन कर रहे हैं, जिससे हर साल लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जा रहा है। उन्होंने बिचौलियों से दूरी बनाकर सीधे ग्राहकों से संपर्क स्थापित किया है और वह खारे पानी में होने वाली समुद्री झींगा मछली का भी उत्पादन कर रहे हैं। इस उद्यम के जरिए वह अपने साथ 50 से अधिक स्थानीय किसानों को जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने में भी जुटे हैं। मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में उन्हें ₹8.50 लाख का सरकारी अनुदान भी प्राप्त हुआ, जिसने उनके कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। अब वह इस क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं, प्रयोगशाला और प्रशिक्षण व्यवस्था से लैस एक फिश हब स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस प्रस्तावित फिश हब से स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार नगर पंचायत वार्ड नंबर 1 में बस स्टॉप से रेलवे स्टेशन तक लाखों की लागत से बने नाले ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। इस मामले में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही, बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क भी अत्यंत दयनीय और जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भरने से राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। खास तौर पर जीसस मेरी पब्लिक स्कूल के सामने सड़क की हालत इतनी गंभीर है कि यहाँ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जनहित के इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए स्थानीय सभासद शैलेष गुप्ता ने अधिशाषी अभियंता को पत्र लिखकर मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने अपने लेटर पैड पर पत्र सौंपकर इस बेहद जर्जर सड़क को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है ताकि आम जनता को इस मुसीबत से निजात मिल सके।1
- रायबरेली के नया पुरवा मलिन बस्ती में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने पहुंचकर 10 नवप्रवेशी बच्चों का नामांकन कराया और एक ड्रॉपआउट बच्चे का दोबारा प्रवेश कराया। इस अवसर पर बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इस दौरान बीएसए राहुल सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।1
- रायबरेली के राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में आवासित बालकों को मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए एक ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर माननीय जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमित पाल सिंह के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनिशा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। अमृता विश्व विद्यापीठम संस्थान से आए नरेंद्र आनंद और श्वेता आनंद ने इस शिविर का संचालन किया, जिसमें सम्प्रेक्षण गृह के बालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर के दौरान नरेंद्र आनंद और श्वेता आनंद ने बालकों को बताया कि नियमित योग और ध्यान का अभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे शारीरिक लचीलापन, ताकत और मानसिक शांति बढ़ती है, तनाव कम होता है तथा ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में सुधार होता है। इस अवसर पर डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल जय सिंह यादव, सम्प्रेक्षण गृह के अधीक्षक शीतला प्रसाद, काउंसलर सौरभ चौधरी, पैरामेडिकल स्टाफ अमित विक्रम व मधुबाला, और पराविधिक स्वयं सेवक पवन कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार प्रजापति व राजकमल भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में अपनी भागीदारी दी।1
- रायबरेली के ऊँचाहार से जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता ने 'आपका अपना' कहकर लोगों का अभिवादन किया है। वे पूर्व चेयरमैन श्री प्रमोद गुप्ता के पुत्र हैं और उन्होंने इस आत्मीय संदेश के जरिए क्षेत्र की जनता से अपना जुड़ाव साझा किया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित मैशअप क्लब को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहां डेटिंग ऐप के माध्यम से युवकों को बुलाकर उनसे कथित रूप से मनमाना बिल वसूला जा रहा है। आरोप है कि डेटिंग ऐप के जरिए संपर्क करने वाली युवतियां पहले युवकों से दोस्ती करती हैं और फिर मिलने के बहाने उन्हें इस क्लब में बुलाती हैं। क्लब पहुंचने के बाद युवतियां अपनी मर्जी से महंगे खाद्य एवं पेय पदार्थों का ऑर्डर देती हैं, जिसके बाद वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक बिल बनाकर युवकों पर भुगतान का दबाव बनाया जाता है। इस कथित जाल में फंसकर कई युवक पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। आरोप है कि क्लब प्रबंधन और संचालक की मिलीभगत से यह पूरा कथित खेल संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा, इस क्लब में अवैध रूप से हुक्का संचालित किए जाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस कथित ठगी के खेल और बवाल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यदि इस प्रकार की अवैध गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं, तो संबंधित विभागों और पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों और पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फर्जी मुकदमों के दर्ज होने के विरोध में अधिवक्ताओं का भारी गुस्सा फूट पड़ा है। जिला कचहरी के बाहर एकत्रित होकर गुस्साए वकीलों ने सड़कों पर टायर फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। इस उग्र प्रदर्शन के कारण कचहरी के आसपास का पूरा इलाका पूरी तरह से ठप हो गया है। प्रशासन के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान करते हुए प्रदर्शनकारी वकीलों ने साफ कर दिया है कि वे इंसाफ मिलने तक पीछे हटने वाले नहीं हैं।1