UPI पेमेंट पर चार्ज बहुत ही वाहियात फैसला है। सरकार लाख कहे कि ये चार्ज UPI पेमेंट पर चार्ज बहुत ही वाहियात फैसला है। सरकार लाख कहे कि ये चार्ज 2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर है। ये दुकानदारों से लिया जाएगा, ग्राहकों से नहीं। मगर इन बातों का कोई मतलब नहीं। फीस लगने की शुरुआत नहीं होनी थी, वो तो हो गई है। अब कल को एक नोटिफिकेशन से 2000 रुपये से कम के पेमेंट पर भी चार्ज लग सकता है। आज भी गांव में कई दुकानदार UPI से पेमेंट नहीं लेते। कुछ को टेक्नोलॉजी की समझ में दिक्कत हो सकती है। मगर एक अविश्वास ये भी है कि उनके सारी कमाई सरकार की नजर में आ जाएगी। कभी कभार सब्जी बेचने वाले को करोड़ों का टैक्स नोटिस आने की खबरें भी आती हैं। अब UPI को लेकर गलतफहमी और भी ज्यादा बढ़ेगी। और मुझे तो नहीं लगता कि अब ज्यादातर दुकानदार 3, 5 या फिर 10 हजार का पेमेंट UPI से लेने वाले हैं। इसी में उनके 12 रुपये से लेकर 40 रुपये चले जाएंगे। ऐसे में दो बातें होंगी। पहली तो वो साफ कहेगा कि भैया कैश ही दीजिए। अगर आपने दबाव डाला या मजबूरी गाई कि कैश नहीं है, तो आपसे कहेगा कि आप एक्स्ट्रा पेमेंट कर दीजिए। UPI पर जो जनता का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लोगों के लेनदेन का पता चल रहा था, वो भी अंधेरे में चला जाएगा। UPI के बावजूद कैश सर्कुलेशन 10-12% सालाना बढ़ा है। अब ये और भी ज्यादा होने वाला है। जबकि ब्राजील भी भारत जैसा ही देश है। भ्रष्ट और बड़ी आबादी वाला। मगर वो पिक्स पेमेंट सिस्टम लाया। वहां कैश का चलन काफी घटा है। और हां अब ये दुहाई मत दीजिएगा कि डिजिटल पेमेंट को चलाने की लागत होती है। किसी को बोझ तो उठाना पड़ेगा। अगर किसी को बोझ उठाना ही है, तो वो सरकार उठाए। लाड़ली बहना और लोलू भैया जैसी स्कीमों में टैक्सपेयर्स का पैसा उड़ाते वक्त तो उसे बोझ की चिंता नहीं रहती है। फिर UPI से कितना उसका खजाना घट जा रहा है। अगर सरकार से UPI का बोझ भी नहीं उठ रहा है, तो डींगे हांकना बंद कीजिए कि हम डिजिटल पेमेंट में वर्ल्ड लीडर बन रहे हैं। और समझ जाइए कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि पेट्रोल में गन्ने का जूस मिलाना है। और कुछ नहीं।
UPI पेमेंट पर चार्ज बहुत ही वाहियात फैसला है। सरकार लाख कहे कि ये चार्ज UPI पेमेंट पर चार्ज बहुत ही वाहियात फैसला है। सरकार लाख कहे कि ये चार्ज 2000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर है। ये दुकानदारों से लिया जाएगा, ग्राहकों से नहीं। मगर इन बातों का कोई मतलब नहीं। फीस लगने की शुरुआत नहीं होनी थी, वो तो हो गई है। अब कल को एक नोटिफिकेशन से 2000 रुपये से कम के पेमेंट पर भी चार्ज लग सकता है। आज भी गांव में कई दुकानदार UPI से पेमेंट नहीं लेते। कुछ को टेक्नोलॉजी की समझ में दिक्कत हो सकती है। मगर एक अविश्वास ये भी है कि उनके सारी कमाई सरकार की नजर में आ जाएगी। कभी कभार सब्जी बेचने वाले को करोड़ों का टैक्स नोटिस आने की खबरें भी आती हैं। अब UPI को लेकर गलतफहमी और भी ज्यादा बढ़ेगी। और मुझे तो नहीं लगता कि अब ज्यादातर दुकानदार 3, 5 या फिर 10 हजार का पेमेंट UPI से लेने वाले हैं। इसी में उनके 12 रुपये से लेकर 40 रुपये चले जाएंगे। ऐसे में दो बातें होंगी। पहली तो वो साफ कहेगा कि भैया कैश ही दीजिए। अगर आपने दबाव डाला या मजबूरी गाई कि कैश नहीं है, तो आपसे कहेगा कि आप एक्स्ट्रा पेमेंट कर दीजिए। UPI पर जो जनता का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लोगों के लेनदेन का पता चल रहा था, वो भी अंधेरे में चला जाएगा। UPI के बावजूद कैश सर्कुलेशन 10-12% सालाना बढ़ा है। अब ये और भी ज्यादा होने वाला है। जबकि ब्राजील भी भारत जैसा ही देश है। भ्रष्ट और बड़ी आबादी वाला। मगर वो पिक्स पेमेंट सिस्टम लाया। वहां कैश का चलन काफी घटा है। और हां अब ये दुहाई मत दीजिएगा कि डिजिटल पेमेंट को चलाने की लागत होती है। किसी को बोझ तो उठाना पड़ेगा। अगर किसी को बोझ उठाना ही है, तो वो सरकार उठाए। लाड़ली बहना और लोलू भैया जैसी स्कीमों में टैक्सपेयर्स का पैसा उड़ाते वक्त तो उसे बोझ की चिंता नहीं रहती है। फिर UPI से कितना उसका खजाना घट जा रहा है। अगर सरकार से UPI का बोझ भी नहीं उठ रहा है, तो डींगे हांकना बंद कीजिए कि हम डिजिटल पेमेंट में वर्ल्ड लीडर बन रहे हैं। और समझ जाइए कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि पेट्रोल में गन्ने का जूस मिलाना है। और कुछ नहीं।
- वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया वीडियो में जिला विद्यालय निरीक्षक के पक्ष को प्रस्तुत किया गया। Varanasi Breking News Varanasi news Awaj news1
- बावर्ची बना ‘नकली पुलिसिया’,बाइक पर पुलिस का लोगो लगाकर दर्शनार्थियों को ढोने निकला!* *बावर्ची बना ‘नकली पुलिसिया’,बाइक पर पुलिस का लोगो लगाकर दर्शनार्थियों को ढोने निकला!* वाराणसी।पुलिस लाइन में बावर्ची का काम करने वाले साहब का ‘टैलेंट’ अब रसोई से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है।बाइक पर पुलिस का लोगो लगाया और शुरू कर दी दर्शनार्थियों को ढोने की ‘पुलिसिया सेवा’।बाइक पर पुलिस का निशान देखकर दूर से तो यही लगेगा कि कोई पुलिसकर्मी सरकारी ड्यूटी पर निकला है,लेकिन पास पहुंचते ही पता चलता है कि जनाब की ड्यूटी कानून व्यवस्था संभालने की नहीं,बल्कि सवारी व्यवस्था संभालने की है।लगता है पुलिस लाइन में दाल-चावल पकाते-पकाते साहब ने सोचा कि क्यों न आज दर्शनार्थियों को भी ‘सरकारी अंदाज’ में घुमाया जाए।अब सवाल यह है कि पुलिस का लोगो बाइक पर किस आदेश से लगा और बावर्ची साहब को दर्शनार्थियों की सवारी ढोने का अधिकार किसने दिया?अगर लोगो लगाते ही ड्यूटी बदल सकती है तो फिर पुलिस विभाग में पदोन्नति का नया फार्मूला भी तैयार है—बाइक पर लोगो लगाओ और बावर्ची से बन जाओ पुलिस वाले!कल को शायद चाय बनाने वाला वीआईपी सुरक्षा में और सफाईकर्मी कानून व्यवस्था में तैनात दिखाई दे।फिलहाल बाइक पर पुलिस का लोगो और पीछे दर्शनार्थियों की सवारी वाला यह अनोखा नजारा लोगों के बीच खूब चर्चा बटोर रहा है।1
- वाराणसी ब्रेकिंग न्यूज़ *वाराणसी* *लंका थाने पर काफी संख्या में अधिवक्ताओं की भीड़* *वाराणसी* *लंका थाने पर काफी संख्या में अधिवक्ताओं की भीड़*1
- निःशुल्क मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन शिविर में उमड़ी भीड़, 90 मरीजों की हुई नेत्र जांच जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1
- अधिवक्ताओं ने जताया आभार, बोले-अब प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू करें न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी/प्रयागराज।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के सभी सक्रिय अधिवक्ताओं के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस की घोषणा के बाद अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है।वाराणसी कचहरी के अधिवक्ताओं ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई और धन्यवाद दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे योगी सरकार ने पूरा किया है।साथ ही वाराणसी सेंट्रल बार के महामंत्री आशीष सिंह और अधिवक्ताओं ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई है। पोस्टर बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा,अधिवक्ता भाइयों के लिए 5 लाख तक के कैशलेस इलाज के लिए धन्यवाद,बस आप प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू कर दें।प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने हमारी मांगे पूरी हो,अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो" के नारे भी लगाए। उनका कहना है कि आए दिन अधिवक्ताओं के साथ हो रही घटनाओं को रोकने के लिए प्रोटेक्शन एक्ट बहुत जरूरी है।1
- Lalita ji jila Mirzapur Thana donganj didi se milane belthara mor se I thi1
- आईडीएच कॉलोनी में गूंजा गणपति बप्पा मोरया, सात दिवसीय उत्सव शुरू1
- घटवारी माता मंदिर मार्ग पर गंदगी का अंबार, कीचड़ और सूअरों से श्रद्धालु परेशान जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1