पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन जारी है। आज आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच वार्ता का एक दौर हुआ, लेकिन वार्ता विफल रही। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया तथा हजारों ग्रामीण, मजदूर एवं स्थानीय मुंडा-मानकी प्रतिनिधि सड़क पर डटे रहे। पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda (मधु कोड़ा) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय युवकों को रोजगार देने, हटाए गए 72 मजदूरों को पुनः काम पर रखने तथा प्रभावित ग्रामीणों को अधिकार देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सेल प्रबंधन द्वारा पूर्व में कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि 20 अप्रैल 2026 को हुए चक्का जाम को प्रशासन एवं सेल प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित किया गया था, परंतु 5 मई 2026 की वार्ता भी बेनतीजा रही। मधु कोड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पूरी तरह जायज है और जब तक रोजगार सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन जारी है। आज आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच वार्ता का एक दौर हुआ, लेकिन वार्ता विफल रही। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया तथा हजारों ग्रामीण, मजदूर एवं स्थानीय मुंडा-मानकी प्रतिनिधि सड़क पर डटे रहे। पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda (मधु कोड़ा) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में स्थानीय युवकों को रोजगार देने, हटाए गए 72 मजदूरों को पुनः काम पर रखने तथा प्रभावित ग्रामीणों को अधिकार देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सेल प्रबंधन द्वारा पूर्व में कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा कि 20 अप्रैल 2026 को हुए चक्का जाम को प्रशासन एवं सेल प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित किया गया था, परंतु 5 मई 2026 की वार्ता भी बेनतीजा रही। मधु कोड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पूरी तरह जायज है और जब तक रोजगार सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
- सुदूर क्षेत्र में स्थित पंचायत सचिवालय में खुला ज्ञान केंद्र, ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को मिलेगी लाइब्रेरी के साथ कंप्यूटर सीखने की सुविधा। चाईबासा। पंचायती राज विभाग के योजना के तहत पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा जिले के सोनुआ प्रखंड के सुदूर क्षेत्र में स्थित गोविंदपुर पंचायत सचिवालय में आज ज्ञान केंद्र का उद्घाटन हुआ। स्थानीय विधायक जगत माझी ने ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। ज्ञान केंद्र में दो कमरों में लाइब्रेरी है, जिसमें विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य पुस्तकें हैं। इसके साथ ही दो कंप्यूटर लगे हुए हैं। अब इस ज्ञान केंद्र में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को लाइब्रेरी के साथ कंप्यूटर सीखने की सुविधा मिलेगी। विधायक ने ज्ञान केंद्र की सुविधाओं को देखकर विधायक ने हर्ष व्यक्त करते हुए क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ लेने की अपील किया। मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मैट्रिक और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। Byte - विधायक जगत माझी Byte - मानस त्रिपाठी, पंचायत सचिव2
- शादी की खुशियां मातम में बदलीं: बारात से लौट रही पिकअप 10 फीट गहरे पुल के नीचे गिरी, बच्चे समेत दो की मौत पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में बारात से लौट रहे दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद शादी की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार बारंगा गांव से रविवार शाम एक बारात आनंदपुर थाना क्षेत्र के समीज गांव गई थी। बारात में गाड़ी संख्या जेएच 06 सी/7345 से कुछ युवक बाजा और साउंड बॉक्स लेकर शामिल हुए थे। देर रात बारात संपन्न होने के बाद सभी युवक उसी वाहन से वापस बारंगा लौट रहे थे। इसी दौरान सोमवार सुबह करीब 3:40 बजे मनोहरपुर थाना क्षेत्र के उँधन गांव के समीप वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 10 फीट गहरे पुल के नीचे जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार बारंगा गांव निवासी 12 वर्षीय रोहन गोप तथा गोपीपुर निवासी 25 वर्षीय दशरथ सरदार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में वाहन पर सवार अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घायलों ने किसी तरह अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल पांच युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के राउरकेला रेफर कर दिया गया। #Manoharpur #WestSinghbhum #RoadAccident #WeddingTragedy #BaratAccident #JharkhandNews #ChaibasaNews #BreakingNews #AccidentNews #Rourkela #Mourning #RoadSafety #Jharkhand #LatestNews1
- झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में सब्जी बेचने निकले एक ग्रामीण पर घात लगाकर 20 तीरों से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर मौके से फरार है और पुलिस पुरानी रंजिश के शक में उसकी तलाश कर रही है। इस घटना से इलाके में दहशत और तनाव फैल गया है।3
- पश्चिम बांगाल सरकार ने बीएसएफ को बांग्लादेश सीमा की बाड़ लगाने के लिए भूमि स्थानांतरित करने की दी अनुमति दे दी बंगाल सरकार ने बीएसएफ को बांग्लादेश सीमा की बाड़ लगाने के लिए भूमि स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी और अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर इसे पूरा करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने पहले कैबिनेट बैठक के बाद इस विस्फोटक निर्णय को लिया।1
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- चंदिल के इच्छापुरम शनिदेव मंदिर में 16 मई को वैदिक रीति-रिवाजों से शनिदेव जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर कलशयात्रा, पूजा, यज्ञ, भंडारा और महाआरती जैसे भव्य अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।1
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- 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत झींकपानी कस्तूरबा विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम चाईबासा। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए पश्चिम सिंहभूम मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में प्राधिकार के तत्वावधान में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के अंतर्गत झिकपानी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इस दौरान प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें बाल विवाह और बाल सुरक्षा संबंधित विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की, उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह करना न सिर्फ सामाजिक रूप से अस्वीकार्य है बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, ऐसे में बालिकाओं का जैविक विकास बाधित होता है और वह मानसिक रूप से भी विवाह के लिए तैयार नहीं होते और उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, अभी आपके पढ़ने लिखने की और अपने उज्जवल भविष्य का निर्माण के लिए अध्ययन पर ध्यान देने का उचित समय होता है, अतः ऐसी सामाजिक बुराइयों से बचना चाहिए, यदि माता-पिता या अभिभावक ऐसा करने का प्रयास करते हैं तो उन्हें समझाना चाहिए और यह उन्हें यह जानना भी जरूरी है कि ऐसा करने पर यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने बाल श्रम और मानव तस्करी के विषय में बताते हुए सचेत किया कि बड़े शहरों में काम मिलने का लोक लुभावना आडंबर दिखाकर बाल तस्कर या मानव तस्कर लोगों को प्रभावित करते हैं परंतु ज्यादातर उसकी सच्चाई इसके उलट होती है और बड़े शहरों में उनका न सिर्फ शारीरिक औऱ मानसिक शोषण होता है बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता, ऐसे प्रलोभनों के प्रति सावधान रहना चाहिए और यदि कोई ऐसा करे तो उसके विरुद्ध डालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर या चाइल्डलाइन 1098 और पुलिस 100 या 112 पर इसकी सूचना दी जा सकती है, प्राधिकार का सदैव प्रयास होता है कि ऐसे अप्रिय स्थिति को उत्पन्न होने से पहले ही जन जागरूकता के माध्यम से समाप्त किया जा सके. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में उन्होंने बालिकाओं को बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से प्रति आगाह करते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया, इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक सिगनलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क के किनारे लगाए गए ऐसे चिन्ह राहगिरो की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत होते हैं जिसका अनुपालन अवश्य करना चाहिए सड़क में की गई सुरक्षा न सिर्फ आपको बल्कि दूसरों के लिए भी सुरक्षित वातावरण का निर्माण करती है उन्होंने विद्यालय की शिक्षिकाओं को भी इन अभियान की और प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की और किसी भी समस्या के लिए प्राधिकार के कार्यालय में संपर्क करने का सलाह प्रदान किया इस दौरान अधिकार मित्र भी उपस्थित थे *संचार वृद्ध आश्रम में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता कार्यक्रम* सचिव श्री चौधरी ने अभियान के अंतर्गत झींकपानी स्थित संचार वृद्ध आश्रम में भी वृद्धजनों का हाल-चाल लिया, उन्होंने अपने नियमित भ्रमण के क्रम में वृद्धाश्रम में आवासित लोगोँ को नालसा के द्वारा दी जा रही वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए प्रावधानों के विषय में बताया, उन्होंने भरोसा दिया कि उनके देखभाल की जिम्मेदारी में कोई कमी नहीं रखी जाएगी और प्राधिकार के माध्यम से विधिक स्वयंसेवक पूर्व की भांति समय-समय पर वृद्ध आश्रम का दौरा करते रहेंगे, कार्यक्रम का संचालन पी एल वी रेणु देवी के द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की वार्डन गुलनाज ने किया कार्यक्रम के आयोजन में पी एल वी सोमा बोस, स्वाती मुखर्जी और अलकमा रूही ने अहम भूमिका निभाई.2