बस्ती जिले के हरैया रेंज क्षेत्र में नीम, आम, कटहल और सागवान जैसे बहुमूल्य हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है, क्योंकि उनका आरोप है कि वन दरोगा कृपा शंकर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पेड़ों की अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी है। इस गंभीर स्थिति के चलते अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा वन दरोगा कृपा शंकर पर जवाबदेही तय की जाएगी? और क्या पेड़ों की अवैध कटान में शामिल होने के आरोपी वन दरोगा कृपा शंकर के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
बस्ती जिले के हरैया रेंज क्षेत्र में नीम, आम, कटहल और सागवान जैसे बहुमूल्य हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है, क्योंकि उनका आरोप है कि वन दरोगा कृपा शंकर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पेड़ों की अवैध कटान का सिलसिला लगातार जारी है। इस गंभीर स्थिति के चलते अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा वन दरोगा कृपा शंकर पर जवाबदेही तय की जाएगी? और क्या पेड़ों की अवैध कटान में शामिल होने के आरोपी वन दरोगा कृपा शंकर के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक घटना सामने आई है जहाँ प्रशासन और पुलिस बल द्वारा एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक दिया गया। महिला उनसे मिलने की इच्छा लेकर आई थी और वीडियो फुटेज में उसे अपने हाथ में कुछ कागजात लिए हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस उसे वहाँ से हटाती हुई नज़र आ रही थी। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के इस कदम के खिलाफ विरोध जताया। इस पूरे मामले को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि अपनी फरियाद लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुँचने की कोशिश करने वाले आम नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार कहाँ तक उचित है।1
- अयोध्या की बीकापुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर और बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का सख्त रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने चार अधिकारियों का वेतन रोकने और अनुपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 350 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। गौरा निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की चकमार्ग पटाई से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीकापुर के एसडीएम और तारुन के बीडीओ को सोमवार तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता रजत पाण्डेय की शिकायत के आधार पर एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, बड़नपुर निवासी मीरा देवी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में लेखपाल राकेश सिंह, अभिषेक भारती और अतुल सिंह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए, जबकि विधायक ने अधिकारियों से जनहित के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन कई फरियादियों को जिलाधिकारी से मिल न पाने का मलाल रहा और उन्हें उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर संतोष करना पड़ा। तहसील दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लापरवाही पर चार का वेतन रोके जाने और अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश की जानकारी दी।3
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1
- आम आदमी पार्टी ने चंपत राय के विरोध में एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिया गया ज्ञापन स्वीकार कर लिया।1
- अयोध्या जिले के ग्राम सभा पाली अचलपुर में तेज आंधी-पानी के कारण एक पेड़ गिर गया। इस घटना से एक घर को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। घटना से संबंधित एक वीडियो भी उपलब्ध है।1
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में बेलगाम खनन माफियाओं द्वारा अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात जेसीबी और मिट्टी से लदे डंपरों के ज़रिए बड़े पैमाने पर क्षेत्र का “सीना चीरने” का काम जारी है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर “आँखें मूँदे बैठा है”, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस अवैध खनन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता यह सवाल उठा रही है कि आखिर यह अवैध खनन किसके संरक्षण में चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके साथ ही, सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और “ईमानदार प्रशासनिक छवि” वाले जिलाधिकारी और एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कौन कर रहा है, जैसे प्रश्न भी पूछे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस “अवैध खनन के खेल” पर कब लगाम लगती है।1
- अयोध्या में आम आदमी पार्टी (आप) ने श्री राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चंपत राय पर धावा बोला और उनके विरुद्ध अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सड़क पर ही रोक दिया और उनका ज्ञापन स्वीकार किया।1