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सरयू प्रखंड मे धड़ल्ले से चल रहे 6-7 अवैध ईट भट्ठे प्रशासन मौन गारू : सरयू प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध ईंट भट्ठों का काला खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रखंड के अलग अलग इलाकों में करीब 6 से 7 ईंट भट्ठे बिना वैध कागजात और अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर भट्ठों का संचालन होने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई अब तक नजर नहीं आ रही है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।इन भट्ठों से निकलने वाला घना धुआं आसपास के गांवों के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि लगातार उठ रहे धुएं से फसल और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार को मिलने वाले राजस्व की भी खुलेआम क्षति हो रही है।सूत्रों के अनुसार कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में अवैध भट्ठों का संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई है।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस पूरे मामले में कब संज्ञान लेते हैं और अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्ठों के मालिकों पर कब तक कार्रवाई होती है, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

on 10 March
user_निरंजन प्रसाद
निरंजन प्रसाद
Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
on 10 March
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सरयू प्रखंड मे धड़ल्ले से चल रहे 6-7 अवैध ईट भट्ठे प्रशासन मौन गारू : सरयू प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध ईंट भट्ठों का काला खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रखंड के अलग अलग इलाकों में करीब 6 से 7 ईंट भट्ठे बिना वैध कागजात और अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर भट्ठों का संचालन होने के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई अब तक नजर नहीं आ रही है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।इन भट्ठों से निकलने वाला घना धुआं आसपास के गांवों के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि लगातार उठ रहे धुएं से फसल और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार को मिलने वाले राजस्व की भी खुलेआम क्षति हो रही है।सूत्रों के अनुसार कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में अवैध भट्ठों का संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई है।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस पूरे मामले में कब संज्ञान लेते हैं और अवैध रूप से चल रहे ईंट भट्ठों के मालिकों पर कब तक कार्रवाई होती है, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

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  • मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे
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    मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था
वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान  जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया
तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    54 min ago
  • महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा। हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
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    महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए 
घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा।
हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया।
संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
  • Post by Abhay Kumar
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    Post by Abhay Kumar
    user_Abhay Kumar
    Abhay Kumar
    मनिका, लातेहार, झारखंड•
    20 hrs ago
  • मुझे दो रस्ता दिखाई देता यार 1 सम्भालने दिल को 2 सुसाइड करने वाले
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    मुझे दो रस्ता दिखाई देता यार 
1 सम्भालने  दिल को 
2 सुसाइड करने वाले
    user_Manoj💔💔🙏👍❤️‍🩹🥀🥀
    Manoj💔💔🙏👍❤️‍🩹🥀🥀
    भंडरिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • Post by Sunil singh
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    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया
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    टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में रायडीह अंचल अंतर्गत “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। यह शिविर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा उससे संबंधित त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिससे आमजनों को उनकी भूमि से संबंधित सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें।शिविर का आयोजन रायडीह अंचल के कांसिर पंचायत अंतर्गत पंचायत भवन में किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता गुमला, शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी रायडीह सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।प्रथम दिन ग्रामवासियों से कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत जमा किया गया। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से रकबा सुधार, नाम सुधार एवं प्लॉट विवरण में सुधार से संबंधित मामले शामिल थे। इन आवेदनों का प्राथमिक सत्यापन करते हुए कई मामलों में ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा शेष मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।अपर समाहर्ता द्वारा शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा गया कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विवाद एवं त्रुटियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी रैयतों से अपील की कि वे अपने भूमि संबंधी सभी लंबित कार्यों को शिविर के माध्यम से अद्यतन एवं डिजिटाइज करवा लें, ताकि सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान एवं डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित त्रुटियों का सुधार, रैयत के नाम, पता एवं अन्य विवरणों में संशोधन, प्लॉट संख्या एवं रकबा में सुधार, भूमि के प्रकार से संबंधित त्रुटियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे कार्य किए जा रहे हैं।ज्ञात हो कि शिविर का आयोजन 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व ग्रामों में किया जा रहा है, जिसके उपरांत 17 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा तथा 24 अप्रैल 2026 को शेष कार्यों का निष्पादन कर शिविर का समापन किया जाएगा।शिविर के सफल संचालन हेतु प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर टीमों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन, डिजिटलीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही आमजनों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपनी भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं तथा “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
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    गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में रायडीह अंचल अंतर्गत “आपन जमीन, आपन अधिकार” शिविर (पायलट प्रोजेक्ट) का आज दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। यह शिविर भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा उससे संबंधित त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिससे आमजनों को उनकी भूमि से संबंधित सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें।शिविर का आयोजन रायडीह अंचल के कांसिर पंचायत अंतर्गत पंचायत भवन में किया गया, जिसमें अपर समाहर्ता गुमला, शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी रायडीह सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।प्रथम दिन ग्रामवासियों से कुल 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 आवेदनों को विधिवत जमा किया गया। प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से रकबा सुधार, नाम सुधार एवं प्लॉट विवरण में सुधार से संबंधित मामले शामिल थे। इन आवेदनों का प्राथमिक सत्यापन करते हुए कई मामलों में ऑन-स्पॉट निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा शेष मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।अपर समाहर्ता द्वारा शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा गया कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विवाद एवं त्रुटियों से बचा जा सके। उन्होंने सभी रैयतों से अपील की कि वे अपने भूमि संबंधी सभी लंबित कार्यों को शिविर के माध्यम से अद्यतन एवं डिजिटाइज करवा लें, ताकि सरकारी सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।इस अभियान के तहत ऑनलाइन खतियान एवं डिजिटाइज्ड जमाबंदी से संबंधित त्रुटियों का सुधार, रैयत के नाम, पता एवं अन्य विवरणों में संशोधन, प्लॉट संख्या एवं रकबा में सुधार, भूमि के प्रकार से संबंधित त्रुटियों का निराकरण तथा छूटे हुए जमाबंदी की ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे कार्य किए जा रहे हैं।ज्ञात हो कि शिविर का आयोजन 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को विभिन्न राजस्व ग्रामों में किया जा रहा है, जिसके उपरांत 17 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा तथा 24 अप्रैल 2026 को शेष कार्यों का निष्पादन कर शिविर का समापन किया जाएगा।शिविर के सफल संचालन हेतु प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर टीमों का गठन किया गया है, जिनके माध्यम से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन, डिजिटलीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही आमजनों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपनी भूमि से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं तथा “आपन जमीन, आपन अधिकार” अभियान को सफल बनाएं।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • बरवाडीह(लातेहार): लातेहार जिला अंतर्गत बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत स्थित ग्राम केचकी में बखोरीडेरा स्कूल से औरंगा नदी तक बन रही पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से बाहर से मंगाई गई “राजन मार्का” ईंट को सोलिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। साथ ही, ईंट सोलिंग भी नियमों के अनुसार नहीं की गई है और पीसीसी ढलाई में भी गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन योजना स्थल पर लगाया गया शिलापट्ट पहले ही हटा दिया गया है, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिलापट्ट हटाना पूरी तरह गलत है और इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। मौके पर ग्रामीणों रनवीर सिंह, सहादेव यादव, सुशील सिंह, आशिष सिंह, श्रीराम सिंह, लालधारी यादव, योगेंद्र यादव, चंदन सिंह, शीला देवी, सुनीता देवी, सुमन देवी, बाबूराम सिंह, सोनू यादव, सूरज यादव, गुड्डू यादव, कोमल सिंह, गुलशन सिंह, बनवारी यादव, आशिष यादव, शांति देवी समेत कई लोगों ने विरोध जताते हुए पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी ईमानदार अधिकारी मौके पर आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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    बरवाडीह(लातेहार): लातेहार जिला अंतर्गत बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत स्थित ग्राम केचकी में बखोरीडेरा स्कूल से औरंगा नदी तक बन रही पीसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष रूप से बाहर से मंगाई गई “राजन मार्का” ईंट को सोलिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। साथ ही, ईंट सोलिंग भी नियमों के अनुसार नहीं की गई है और पीसीसी ढलाई में भी गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य अभी पूर्ण भी नहीं हुआ है, लेकिन योजना स्थल पर लगाया गया शिलापट्ट पहले ही हटा दिया गया है, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिलापट्ट हटाना पूरी तरह गलत है और इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। मौके पर ग्रामीणों रनवीर सिंह, सहादेव यादव, सुशील सिंह, आशिष सिंह, श्रीराम सिंह, लालधारी यादव, योगेंद्र यादव, चंदन सिंह, शीला देवी, सुनीता देवी, सुमन देवी, बाबूराम सिंह, सोनू यादव, सूरज यादव, गुड्डू यादव, कोमल सिंह, गुलशन सिंह, बनवारी यादव, आशिष यादव, शांति देवी समेत कई लोगों ने विरोध जताते हुए पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी ईमानदार अधिकारी मौके पर आकर जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
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