मध्यप्रदेश बजट 2026-27: सिंचाई के लिए 14,742 करोड़ रुपये का भारी निवेश; 27 लाख से अधिक किसानों को होगा लाभ भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने अपने 'बजट 2026-27' में कृषि और सिंचाई क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता दी है। "सिंचित खेती, खुशहाल किसान" के संकल्प के साथ सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए 14,742 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना और पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं का विवरण: बजट घोषणा के अनुसार, राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य चल रहा है: निर्माणाधीन परियोजनाएं: वर्तमान में प्रदेश में 40 वृहद (बड़ी), 60 मध्यम और 273 लघु सिंचाई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नदी जोड़ो अभियान: जल प्रबंधन को नई दिशा देते हुए, 2 राष्ट्रीय परियोजनाओं के माध्यम से 5 बड़ी नदियों को जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। किसानों पर प्रभाव: सरकार का दावा है कि इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राज्य के 27 लाख 17 हजार किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इससे न केवल सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय और फसल उत्पादन में भी भारी वृद्धि की उम्मीद है। "समावेशी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के लक्ष्य की ओर यह एक बड़ा कदम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगा।"
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- श्री नंदेश्वर धाम मंदिर में जिंदा सांपों से भगवान शिव का शृंगार, सुबह-सुबह कीजिए दिव्य दर्शन शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट #LordShiva | #Snake | #ViralVideo |1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने स्पष्ट किया है कि क्लाइमेट चेंज से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश अब बातों से आगे बढ़कर "ठोस और समयबद्ध समाधान" पर काम कर रहा है। 📍 क्यों है MP नंबर 1? 🔹 एशिया के सबसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स की मेजबानी। 🔹 दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट (ओंकारेश्वर)। 🔹 सांची के रूप में देश की पहली सोलर सिटी। हम सिर्फ बिजली नहीं बना रहे, हम भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। 🌍✨1
- मैहर: आदिवासियों की साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन हड़पने का पर्दाफाश; EOW ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला रीवा/मैहर: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में आदिवासियों की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए बेचने और करोड़ों रुपये के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने इस संबंध में राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? EOW रीवा के एसपी डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला मैहर जिले के ग्राम बदनपुर का है। यहाँ अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के समीप स्थित आदिवासियों की लगभग 3.5 हेक्टेयर (साढ़े तीन हेक्टेयर) जमीन को फर्जी तरीके से हड़प लिया गया।1
- जनपद पंचायत उचेहरा की ग्राम पंचायत में घटिया सामग्री की सप्लाई1
- मां शारदा शक्तिपीठ मैहर सेआज दिनांक,19,,02,,2026,, दिन गुरुवार के प्रातः कालीन दर्शन आरती1
- जिला रीवा शहर में सवर्ण समाज द्बारा एक संगोष्ठी रखा गया जिसमें ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य कैयस्थ के सभी संगठनों के द्बारा यूजीसी के विरोध में एक साथ विरोध करने का ऐलान किया है2
- सतना जिले के कोलगवा थाना क्षेत्र के बाबूपुर चौकी अंतर्गत नैना सगमनिया बाईपास में खुलेआम जारी है पत्थर का अवैध खनन। हाल में चल रहे उक्त अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को कार्यवाही से है परहेज।1