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लाखेरी कूलर में पानी भरते समय करंट लगने से युवक की हुई मौत परिजन युवक को लेकर गए अस्पताल जहाँ जाँच के बाद किया मृत घोषित म्रतक की पहचान करवाला की झोपडिया निवासी लालचंद मीणा के रूप में हुई
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लाखेरी कूलर में पानी भरते समय करंट लगने से युवक की हुई मौत परिजन युवक को लेकर गए अस्पताल जहाँ जाँच के बाद किया मृत घोषित म्रतक की पहचान करवाला की झोपडिया निवासी लालचंद मीणा के रूप में हुई
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- टोंक: देवली-उनियारा में गहराया जल संकट, नरेश मीणा ने किया अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान टोंक। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में पेयजल और बिजली की गंभीर किल्लत को लेकर राजनीति गर्मा गई है। किसान नेता नरेश मीणा ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। कल कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन नरेश मीणा ने बताया कि क्षेत्र में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। अपनी मांगों को लेकर वे कल दोपहर 12 बजे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया, तो वे वहीं अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। मंत्रियों पर साधा तीखा निशाना मीणा ने इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा: "यह विडंबना है कि कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के अपने गृह जिले में ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। उपचुनावों के दौरान जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज धरातल पर लोग बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" मुख्य मुद्दे और नाराजगी वादाखिलाफी: उपचुनाव के समय किए गए विकास के दावों का खोखला साबित होना। बिजली-पानी का संकट: भीषण गर्मी और जरूरतों के बीच सुचारू आपूर्ति न होना। प्रशासनिक उदासीनता: समस्याओं के बावजूद जिम्मेदार मंत्रियों और अधिकारियों की चुप्पी। नरेश मीणा के इस ऐलान के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि कल ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है या टोंक में एक बड़ा आंदोलन शुरू होता है।1
- चौथकाबरवाड़ा :गांव की चौपाल में ‘आम आदमी’ बनेंगे मुख्यमंत्री, भेडोला में रात्रि प्रवास की तैयारियां तेज1
- Village Gambhira sawai madhopur हैंडपंप not working 10 years यह हेड पंप विलेज गंभीर सवाई माधोपुर में है जिसे खराब हुए कम से कम 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब लाइट ना आए टंकी का पानी खत्म होने पर पानी की बहुत ज्यादा समस्या आती है तो अगर यह हेड पंप चालू होता है तो पानी की समस्या संपूर्ण रूप से सॉल्व हो जाती है लेकिन खराब होने के कारण बहुत ज्यादा प्रॉब्लम आती है गर्मियों में तो निवेदन है कि जल्दी से जल्दी इसे ठीक किया जाए2
- नैनवां में स्वर्णकार समाज की बड़ी बैठक, एकता और सशक्तिकरण पर जोर,#rajasthan #bundi #nainwanews नैनवां में स्वर्णकार समाज की बड़ी बैठक, एकता और सशक्तिकरण पर जोर,#rajasthan #bundi #nainwanews1
- सवाई माधोपुर में हरियाली पर संकट,अब तक 400 पेड़ो की हुई कटाई,पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश सवाई माधोपुर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ओर राजस्थान सरकार द्वारा हर वर्ष एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत देश भर में लाखों करोड़ों रूपये खर्च कर पौधारोपण किए जाते हे। वही पौधारोपण में प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री,विधायक,सांसद सहित उच्च अधिकारी भी इसका हिस्सा बनते हे,ओर पेड़ को बचाने व पौधारोपण करने के लिए आमजन को प्रेरित करते हैं। लेकिन सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर सड़क निर्माण के दौरान सैकड़ों पेड़ जो अनुमानित वर्षों पुराने पेड़ हे उनको काटकर धराशाई किया जा रहा हे। जहां पेड़ो की कटाई को लेकर स्थानीय नागरिकों,पर्यावरण प्रेमियों ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। हालांकि जिले पर बैठे उच्च अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं हे जबकि इससे पूर्व भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ओर आमजन ने पेड़ो की कटाई को लेकर जिला प्रशासन को अवगत कराया था लेकिन उसके बाउजूद आज भी मुख्यालय पर हरे पेड़ो पर आरी चलती हुई नजर आ रही हे। आपको बता दे इन्हीं लोगों के द्वारा बजरिया क्षेत्र में अब तक करीबन 400 पेड़ो की कटाई किए जाने का दावा किया गया है। जानकारी के अनुसार इससे पहले 311 पेड़ काटे गए थे,वही 5 मई से 9 मई के बीच लगभग 70 पेड़ काट दिए गए। जहां शनिवार रात को सिविल लाइन रोड की शोभा ओर हरियाली बढ़ा रहे कई सालों पुराने हरे पेड़ो को काट दिए गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना हे कि यह पूरी कार्यवाही केवल तहसीलदार की अनुमति के आधार पर की जा रही है। उनका कहना हे कि पर्यावरणीय कानून ओर न्यायिक निर्देशों के अनुसार इतनी भरी संख्या में पेड़ो की कटाई के लिए उच्च स्तरीय पर्यावरणीय एवं वन स्वीकृति आवश्यक होती है। कार्यकर्ताओं ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्र पीठ भोपाल के महत्वपूर्ण फैसले जब्बू लाल मीणा बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य के महत्वपूर्ण निर्णय का उल्लेख करते हुए भोपाल स्थित ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि केवल तहसीलदार द्वारा दी गई अनुमति को पर्यावरणीय दृष्टि से पर्याप्त नहीं माना जा सकता।उक्त मामले में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ो की कटाई पर एनजीटी ने सेटेलाइट इमेजरी के आधार पर वास्तविक क्षति का आकलन करते हुए दो हजार पेड़ लगाने के निर्देश दिए थे। पर्यावरण प्रेमियों का कहना हे कि सवाई माधोपुर का मामला ओर भी संवेदनशील हे जहां महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की अनदेखी कर बेड़े पैमाने पर पेड़ो की कटाई की जा रही है।उनका कहना हे कि न्यायलय में भी वास्तविक स्थिति ओर पूर्ण तथ्य प्रस्तुत नहीं किए जा रहे है।उनका कहना हे कि वर्तमान में यह मामला स्थाई लोक अदालत में विचाराधीन है लेकिन उसके बाउजूद पेड़ो की कटाई लगातार जारी है जिसके चलते लोगों में रोष व्याप्त है। वही मामले से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश भूप्रेमी,रत्नाकर गोयल,राजेश पहाड़िया,अवधेश शर्मा सहित लोगो का कहना हे कि पिछले दो महीनों में ज्ञापन,शिकायतें ओर कानूनी प्रयास किए जा रहे हे।लेकिन जिला प्रशासन,पुलिस विभाग,वन विभाग ओर जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की हे कि तत्काल प्रभाव से पेड़ो की कटाई पर रोक लगाई जाए,संपूर्ण परियोजना की सार्वजनिक जानकारी जारी की जाए ओर पर्यावरण व वन विभाग की अनुमति सार्वजनिक की जाए वही जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना हे कि यदि स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो मामले को NGT ओर सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा।1
- कोटा, 448 वे दिन भी जारी रहा जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व मजदूरों कर्मचारियों के बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अनिश्चित कालीन धरना। कोटा, 10 मई 2026/ जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने सीटू के बैनर तले जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह के संयुक्त नेतृत्व में 18 फरवरी 2025 से जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के पूर्व 4200 मजदूरों/कर्मचारियों की मेहनत का 29 साल से फैक्ट्री की तरफ बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने की मांग को लेकर चल अनिश्चित कालीन धरना आज रविवार को भी जारी रहा कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि आज भी सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और सीटू कार्यकर्ताओं जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों के परिवार की सैकड़ों महिलाएं बच्चे बुजुर्ग जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे धरने में उपस्थित रहे इस दौरान धरने को मजदूर नेता कामरेड हबीब खान कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड उमाशंकर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा मजदूरों को कारपोरेट घरानों के गुलाम बनाने की नीति से जबरदस्ती कारपोरेट घरानों के पक्ष वाले चार लेबर कोड मजदूरों पर थोपने का काम किया है जो अब कानून बन गए हैं लेकिन सीटू इन मजदूर विरोधी लेबर कोड बिल को मजदूरों पर लागू नहीं होने देगा आने वाली दिनांक 12 मई 2026 को लेबर कोड बिल चारों श्रम संहिताओ को रद्द करवाने के लिए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने सभी मजदूरों और सीटू से संबंधित मजदूर/कर्मचारी महिलाओं छात्रों नौजवानों के संगठनों से अनुरोध किया कि 12 मई 2026 को सभी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।। इस दौरान धरने व प्रदर्शन में कामरेड हबीब खान कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड उमाशंकर कामरेड कालीचरण सोनी कामरेड महावीर प्रसाद कामरेड गुलाबशंकर कामरेड गिरजाशंकर पांडे कामरेड तुलसीराम कामरेड सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और सीटू कार्यकर्ता मौजूद रहे सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा 18 फरवरी 2025 से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे धरने में उपस्थित मजदूरों का बकाया वेतन सरकार द्वारा जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना करके किया जाए साथ ही 1997 में बंद हुई जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को वापस चालू कराकर युवाओं मजदूरों को रोजगार दिलाने का काम करे।1
- नल नहीं आने की समस्या को लेकर हमने सरपंच साहब को भी अवगत कराया और नल खोलने वाले को भी बालूंन्दा मोड की तरफ नल नहीं आते कीहैं नल खोलने वाले बोलता में खोलता हु लेकिन आप की तरफ पानी नहीं आता इस के बारे में कुछ नहीं कर सकता ओर हम ने सब से बात की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ1
- उन्नीयारा के ककोड गांव में जैन मुनि ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र 'जय जिनेंद्र' के जयघोषों से गूंज उठा। बैंड-बाजों और पुष्पवर्षा के साथ श्रद्धालुओं ने उनका भावभीना स्वागत किया। अब 12 मई से यहां तीन दिवसीय भव्य जिनबिंब स्थापना महोत्सव मनाया जाएगा, जिसे लेकर भारी उत्साह है।3