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एक व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सरकारी अस्पताल में उनकी पत्नी को डिलीवरी के लिए ले जाया गया था, जहाँ उन्हें तीन एक्सपायर इंजेक्शन दिए गए। इन एक्सपायर इंजेक्शन के कारण उनकी पत्नी और उनके नवजात बच्चे, दोनों की जान चली गई। यह घटना संभल जिले के गुन्नौर तहसील स्थित केसरपुर ग्राम, पोस्ट गँवा और थाना राजपुरा से संबंधित है।

17 hrs ago
user_Rajkapur
Rajkapur
Local News Reporter Gunnaur, Sambhal•
17 hrs ago

एक व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक सरकारी अस्पताल में उनकी पत्नी को डिलीवरी के लिए ले जाया गया था, जहाँ उन्हें तीन एक्सपायर इंजेक्शन दिए गए। इन एक्सपायर इंजेक्शन के कारण उनकी पत्नी और उनके नवजात बच्चे, दोनों की जान चली गई। यह घटना संभल जिले के गुन्नौर तहसील स्थित केसरपुर ग्राम, पोस्ट गँवा और थाना राजपुरा से संबंधित है।

More news from Sambhal and nearby areas
  • एक पीड़ित व्यक्ति ने 'चंद्रशेखर भैया जी' से न्याय की गुहार लगाई है, आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी और नवजात बच्चे की मौत हो गई। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में उनकी पत्नी को तीन इंजेक्शन दिए गए, जिसके 5 मिनट के भीतर ही जच्चा और बच्चा दोनों की जान चली गई। घटना के 6 साल बाद भी उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिला है, और प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने इस मामले में थाने में दो तहरीर, चौकी में एक तहरीर और सीओ को भी दो तहरीरें दी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार गुमराह किया जा रहा है और इधर-उधर भटकाया जा रहा है। उन्होंने अपनी दो छोटी बेटियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे मां को याद कर-करके बहुत रो रही हैं, और वे घर में अकेले पड़ गए हैं, शायद इसी कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जाटव समाज से आते हैं, और उन्हें लगता है कि इसी वजह से उनके साथ यह अन्याय हो रहा है। पीड़ित ने 'भीम आदमी समर्थ' लोगों से बड़ी संख्या में आकर न्याय दिलाने में मदद करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वह अपने दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेंगे, और उसके बाद सभी लोग न्याय दिलाते रहें। पीड़ित ने आशंका जताई कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो कल को किसी और के साथ भी ऐसा ही हो सकता है।
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    एक पीड़ित व्यक्ति ने 'चंद्रशेखर भैया जी' से न्याय की गुहार लगाई है, आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी और नवजात बच्चे की मौत हो गई। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में उनकी पत्नी को तीन इंजेक्शन दिए गए, जिसके 5 मिनट के भीतर ही जच्चा और बच्चा दोनों की जान चली गई। घटना के 6 साल बाद भी उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिला है, और प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है।

पीड़ित के अनुसार, उन्होंने इस मामले में थाने में दो तहरीर, चौकी में एक तहरीर और सीओ को भी दो तहरीरें दी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन्हें लगातार गुमराह किया जा रहा है और इधर-उधर भटकाया जा रहा है। उन्होंने अपनी दो छोटी बेटियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे मां को याद कर-करके बहुत रो रही हैं, और वे घर में अकेले पड़ गए हैं, शायद इसी कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जाटव समाज से आते हैं, और उन्हें लगता है कि इसी वजह से उनके साथ यह अन्याय हो रहा है। पीड़ित ने 'भीम आदमी समर्थ' लोगों से बड़ी संख्या में आकर न्याय दिलाने में मदद करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वह अपने दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेंगे, और उसके बाद सभी लोग न्याय दिलाते रहें। पीड़ित ने आशंका जताई कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो कल को किसी और के साथ भी ऐसा ही हो सकता है।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Local News Reporter Gunnaur, Sambhal•
    4 hrs ago
  • स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि सड़क के आधे हिस्से पर कचरा जमा होने के कारण जल निकासी की समस्या बढ़ गई है। यह स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब आंधी-तूफान आता है, जिससे यह कचरा उड़कर नालियों और घरों तक पहुँच जाता है, जिससे निवासियों को काफी परेशानी होती है। लोगों ने अधिकारियों से इस कचरे को जल्द से जल्द हटवाने और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
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    स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि सड़क के आधे हिस्से पर कचरा जमा होने के कारण जल निकासी की समस्या बढ़ गई है। यह स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब आंधी-तूफान आता है, जिससे यह कचरा उड़कर नालियों और घरों तक पहुँच जाता है, जिससे निवासियों को काफी परेशानी होती है। लोगों ने अधिकारियों से इस कचरे को जल्द से जल्द हटवाने और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
    user_Faiz chaudhary
    Faiz chaudhary
    देबाई, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र में गर्भपात के बाद एक महिला की कथित झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के दौरान मौत होने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मिरगौला निवासी 40 वर्षीय कुसुमा देवी पत्नी ओमप्रकाश का गर्भपात के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, करीब दो माह पहले कुसुमा देवी का गर्भपात हुआ था। परिजनों का आरोप है कि गर्भपात के बाद महिला का इलाज कथित झोलाछाप डॉक्टर से कराया गया और 25 जून को गर्भाशय की सफाई (डी एंड सी) भी की गई, जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। पहले उन्हें छर्रा ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने महिला की आँत फटी होने की बात बताई। इलाज के दौरान शनिवार देर शाम कुसुमा देवी की मृत्यु हो गई। मृतका अपने पीछे तीन बेटियाँ और एक बेटा छोड़ गई हैं, जिससे परिवार में गहरा सदमा है। महिला की मौत के बाद, परिजन शव लेकर गंगीरी थाने पहुँचे और कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में संचालित कई कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर बंद हो गए, जिससे पूरे इलाके में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा और झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
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    अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र में गर्भपात के बाद एक महिला की कथित झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के दौरान मौत होने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मिरगौला निवासी 40 वर्षीय कुसुमा देवी पत्नी ओमप्रकाश का गर्भपात के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान महिला की मृत्यु हो गई।

जानकारी के अनुसार, करीब दो माह पहले कुसुमा देवी का गर्भपात हुआ था। परिजनों का आरोप है कि गर्भपात के बाद महिला का इलाज कथित झोलाछाप डॉक्टर से कराया गया और 25 जून को गर्भाशय की सफाई (डी एंड सी) भी की गई, जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। पहले उन्हें छर्रा ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने महिला की आँत फटी होने की बात बताई। इलाज के दौरान शनिवार देर शाम कुसुमा देवी की मृत्यु हो गई। मृतका अपने पीछे तीन बेटियाँ और एक बेटा छोड़ गई हैं, जिससे परिवार में गहरा सदमा है।

महिला की मौत के बाद, परिजन शव लेकर गंगीरी थाने पहुँचे और कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में संचालित कई कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर बंद हो गए, जिससे पूरे इलाके में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा और झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
    user_Deepak Kushwaha
    Deepak Kushwaha
    अतरौली, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अलीगढ़ से मिली ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में एक अज्ञात व्यक्ति या स्थिति को लेकर अलीगढ़ पुलिस को पूरी तरह से एलर्ट कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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    अलीगढ़ से मिली ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में एक अज्ञात व्यक्ति या स्थिति को लेकर अलीगढ़ पुलिस को पूरी तरह से एलर्ट कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
    user_Pranali yadav
    Pranali yadav
    Farmer अतरौली, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • संपूर्ण उत्तर प्रदेश में गौ-वंश की रक्षा और संवर्धन के लिए 'गविष्टि यात्रा' (गौ-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) की अलख जगा रहे परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती '१००८' जी महाराज का सहसवान विधानसभा के राव फार्म हाउस दहगवां में मंगल पदार्पण हुआ। इस आगमन को क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य का क्षण बताया गया। महाराज जी के पावन चरणों की धूलि पाकर यह क्षेत्र धन्य हो गया। उनके ओजस्वी मार्गदर्शन ने सभी गौभक्तों की चेतना को जागृत किया, जिससे यह संदेश सुदृढ़ हुआ कि गौ-माता की रक्षा केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारा परम धर्म है। पूज्य गुरुदेव का यह राष्ट्रव्यापी संकल्प सभी के लिए प्रेरणा का एक महान पुंज है। पूज्य महाराज श्री के चरणों में साष्टांग दंडवत प्रणाम एवं कोटिशः नमन अर्पित करते हुए, सभी से उनके इस महान संकल्प के सहभागी बनने का आह्वान किया गया।
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    संपूर्ण उत्तर प्रदेश में गौ-वंश की रक्षा और संवर्धन के लिए 'गविष्टि यात्रा' (गौ-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) की अलख जगा रहे परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती '१००८' जी महाराज का सहसवान विधानसभा के राव फार्म हाउस दहगवां में मंगल पदार्पण हुआ। इस आगमन को क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य का क्षण बताया गया।

महाराज जी के पावन चरणों की धूलि पाकर यह क्षेत्र धन्य हो गया। उनके ओजस्वी मार्गदर्शन ने सभी गौभक्तों की चेतना को जागृत किया, जिससे यह संदेश सुदृढ़ हुआ कि गौ-माता की रक्षा केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारा परम धर्म है। पूज्य गुरुदेव का यह राष्ट्रव्यापी संकल्प सभी के लिए प्रेरणा का एक महान पुंज है।

पूज्य महाराज श्री के चरणों में साष्टांग दंडवत प्रणाम एवं कोटिशः नमन अर्पित करते हुए, सभी से उनके इस महान संकल्प के सहभागी बनने का आह्वान किया गया।
    user_Vivek Yadav Aligarh
    Vivek Yadav Aligarh
    Voice of people अतरौली, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बदायूं-बिजनौर स्टेट हाईवे पर स्थित गांव चाचीपुर के निकट सड़क किनारे एक खाई में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी जितेंद्र चंदेल के रूप में हुई है, जो पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के तहत जल जीवन मिशन परियोजना में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वे पिछले लगभग एक साल से बदायूं में तैनात थे। मौके पर उनकी बाइक भी मिली है, जिसमें उनका शव फंसा हुआ था। जितेंद्र चंदेल इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चरसौरा गांव में जल जीवन मिशन के कार्य की गुणवत्ता जांचने गए थे, जिसके बाद से वे लापता थे। उनके शव के चेहरे पर रगड़ने के निशान साफ दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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    बदायूं-बिजनौर स्टेट हाईवे पर स्थित गांव चाचीपुर के निकट सड़क किनारे एक खाई में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी जितेंद्र चंदेल के रूप में हुई है, जो पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के तहत जल जीवन मिशन परियोजना में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वे पिछले लगभग एक साल से बदायूं में तैनात थे। मौके पर उनकी बाइक भी मिली है, जिसमें उनका शव फंसा हुआ था।

जितेंद्र चंदेल इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चरसौरा गांव में जल जीवन मिशन के कार्य की गुणवत्ता जांचने गए थे, जिसके बाद से वे लापता थे। उनके शव के चेहरे पर रगड़ने के निशान साफ दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Chunmun Gupta पत्रकार
    Chunmun Gupta पत्रकार
    Building consultant बिल्सी, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को एक भावुक निमंत्रण लिखते हुए बताया है कि कैसे एक सरकारी अस्पताल की कथित लापरवाही से उसकी पत्नी और बच्चे दोनों की जान चली गई, और 18 दिन बीत जाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा है। व्यक्ति के अनुसार, वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सरकारी अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टर और आशा ने नॉर्मल डिलीवरी का आश्वासन दिया। उसने डॉक्टरों से साफ़ कहा था कि यदि नॉर्मल डिलीवरी संभव न हो तो उसे सूचित करें ताकि वह अपनी पत्नी को किसी निजी अस्पताल ले जा सके और कोई इंजेक्शन न लगाया जाए। इसके बावजूद, रात 9:45 बजे उसकी पत्नी को तीन एक्सपोर इंजेक्शन दिए गए, जिसके 5 मिनट के भीतर ही उसकी पत्नी और नवजात शिशु दोनों की मृत्यु हो गई। बाद में, एक डॉक्टरनी ने बाहर आकर उसे गुमराह करते हुए बताया कि उसकी पत्नी ठीक है। जब वह अंदर गया, तो उसने अपनी पत्नी और बच्चे दोनों को मृत पाया, और मौके से आशा सहित सभी स्टाफ सदस्य भाग गए। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि इस घटना के 18 दिन हो चुके हैं, और इस दौरान उसने चौकी में एक, थाने में दो तहरीरें दी हैं, और शिव साहब के पास भी कागजात जमा कराए हैं, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। उसे लगातार गुमराह किया जा रहा है। पीड़ित ने चंद्रशेखर आजाद से आग्रह किया है कि वह उसे भी न्याय दिलाएं, क्योंकि उसके साथ बहुत गलत हुआ है। उसने यह भी दुख व्यक्त किया कि वह जाटव समाज से आता है और उसकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है, और न ही भीम आर्मी का कोई सदस्य उससे मिलने आया या उसकी समस्या जानने की कोशिश की। उसने चंद्रशेखर आजाद से अपील की है कि वे उसका निमंत्रण स्वीकार करें और उससे बात करें, जिसके लिए वह अपना मोबाइल नंबर भी स्क्रीन पर देने को तैयार है।
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    एक व्यक्ति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को एक भावुक निमंत्रण लिखते हुए बताया है कि कैसे एक सरकारी अस्पताल की कथित लापरवाही से उसकी पत्नी और बच्चे दोनों की जान चली गई, और 18 दिन बीत जाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा है। व्यक्ति के अनुसार, वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से सरकारी अस्पताल ले गया था, जहाँ डॉक्टर और आशा ने नॉर्मल डिलीवरी का आश्वासन दिया। उसने डॉक्टरों से साफ़ कहा था कि यदि नॉर्मल डिलीवरी संभव न हो तो उसे सूचित करें ताकि वह अपनी पत्नी को किसी निजी अस्पताल ले जा सके और कोई इंजेक्शन न लगाया जाए।

इसके बावजूद, रात 9:45 बजे उसकी पत्नी को तीन एक्सपोर इंजेक्शन दिए गए, जिसके 5 मिनट के भीतर ही उसकी पत्नी और नवजात शिशु दोनों की मृत्यु हो गई। बाद में, एक डॉक्टरनी ने बाहर आकर उसे गुमराह करते हुए बताया कि उसकी पत्नी ठीक है। जब वह अंदर गया, तो उसने अपनी पत्नी और बच्चे दोनों को मृत पाया, और मौके से आशा सहित सभी स्टाफ सदस्य भाग गए। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि इस घटना के 18 दिन हो चुके हैं, और इस दौरान उसने चौकी में एक, थाने में दो तहरीरें दी हैं, और शिव साहब के पास भी कागजात जमा कराए हैं, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। उसे लगातार गुमराह किया जा रहा है।

पीड़ित ने चंद्रशेखर आजाद से आग्रह किया है कि वह उसे भी न्याय दिलाएं, क्योंकि उसके साथ बहुत गलत हुआ है। उसने यह भी दुख व्यक्त किया कि वह जाटव समाज से आता है और उसकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है, और न ही भीम आर्मी का कोई सदस्य उससे मिलने आया या उसकी समस्या जानने की कोशिश की। उसने चंद्रशेखर आजाद से अपील की है कि वे उसका निमंत्रण स्वीकार करें और उससे बात करें, जिसके लिए वह अपना मोबाइल नंबर भी स्क्रीन पर देने को तैयार है।
    user_Rajkapur
    Rajkapur
    Local News Reporter Gunnaur, Sambhal•
    10 hrs ago
  • बुलंदशहर के सिकंदराबाद में NH-34 पर जाट चौक के पास नेशनल हाईवे पर दौड़ती हुई एक बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में आग लगते ही चालक, परिचालक और उसमें सवार यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरातफरी का माहौल बन गया और यातायात भी बाधित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया।
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    बुलंदशहर के सिकंदराबाद में NH-34 पर जाट चौक के पास नेशनल हाईवे पर दौड़ती हुई एक बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में आग लगते ही चालक, परिचालक और उसमें सवार यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरातफरी का माहौल बन गया और यातायात भी बाधित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया।
    user_रीशू कुमार
    रीशू कुमार
    Local News Reporter शिकारपुर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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