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भागलपुर के रंगरा थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर बड़े भाई की हत्या कर शव शौचालय टैंक में छिपाने वाले आरोपी छोटे भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक महिला अभियुक्त पहले ही आत्मसमर्पण कर चुकी है और हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी भी बरामद हुई है।
समर्थ कुमार
भागलपुर के रंगरा थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर बड़े भाई की हत्या कर शव शौचालय टैंक में छिपाने वाले आरोपी छोटे भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक महिला अभियुक्त पहले ही आत्मसमर्पण कर चुकी है और हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी भी बरामद हुई है।
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- एक तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री का ध्यान गुजरात से संबंधित चिंताओं पर अधिक केंद्रित है। इस प्रश्न के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया है कि प्रशांत किशोर ने पहले जो कहा था, वह अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सच होता दिख रहा है। यह पूरी चर्चा प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान और बिहार के संदर्भ में की गई है।1
- भागलपुर में नगर निगम की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ इसे अब 'नरक-निगम' कहा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर निगम का आयुक्त कमीशन पर विशेष ध्यान देता है। इसी का परिणाम है कि निगम क्षेत्र में नाले हमेशा जाम रहते हैं और पुलों के नीचे लगातार गंदा पानी जमा रहता है, जिससे क्षेत्र की हालत बद से बदतर हो गई है।1
- लखीसराय जिले के मननपुर बाजार में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जमीनी स्तर पर नहीं हो सकी, जिसके चलते वे वर्तमान नोटिस को लेकर भी संशय में हैं। वे सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी 'दाना पानी' लेकर शांत हो जाते हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण है, जिसमें कई जगहों पर स्थायी निर्माण भी कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि वास्तविक कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अभियान चलाने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली होती है, तो बाजार की व्यवस्था सुधरेगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।3
- मथुरापुर और प्यालापुर क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई हैं। यह स्थिति कल शाम लगभग 5:30 बजे आई जोरदार बारिश और आंधी-तूफान के कारण उत्पन्न हुई, जिसमें गरज के साथ पानी बरसा। लोगों और बच्चों को आंधी-तूफान और बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, साथ ही यह भी अपील की गई है कि बारिश होने पर घर से बाहर न निकलें।1
- खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से सनसनी फैल गई है। विवाहिता का शव उसके ससुराल के घर में फांसी के फंदे से लटका मिला है। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दहेज प्रताड़ना और हत्या का दावा किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने तत्काल एफएसएल (FSL) टीम को घटनास्थल पर बुलाया और साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आगामी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।3
- गिग वर्कर्स को कर्मचारियों के समान अधिकार दिलाने के लिए इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने अपनी सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है। इस मुहिम के तहत इंदिरा भवन में 'गिग वर्कर न्याय अभियान कॉन्क्लेव' का आयोजन किया गया, जिसमें वे गिग वर्कर्स एकजुट हुए जो प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर लोगों के घरों तक सुविधाएँ और खुशियाँ पहुँचाते हैं। अब यह मांग उठाई जा रही है कि इन गिग वर्कर्स को 'पार्टनर' के बजाय 'कर्मचारी' के तौर पर सामाजिक सुरक्षा, बीमा, स्वास्थ्य लाभ और श्रम अधिकार दिए जाएँ। IYC का कहना है कि जो लोग हर मौसम में अपनी सेवाएँ देते हैं, उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का समय आ गया है।1
- लखीसराय ज़िले के मननपुर बाज़ार में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है; पहले भी कई बार ऐसे नोटिस जारी हुए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बाज़ार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी ज़मीन पर वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है, और कई जगहों पर तो स्थायी निर्माण तक कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि पिछली बार की तरह, इस बार भी प्रशासन “दाना पानी लेकर शांत” हो सकता है, जिससे वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा। वे मौजूदा नोटिस को लेकर भी संशय में हैं और कहते हैं कि असली कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीक़े से अभियान चलाने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली हो जाती है, तो बाज़ार की व्यवस्था में सुधार होगा और आम लोगों को रोज़मर्रा की सहूलियत मिलेगी।4
- एक गांव के निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्य 'घूसखोर' और 'कामचोर' हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनके गांव की एक नाली पिछले पूरे पाँच सालों से भरी हुई है, लेकिन न तो मुखिया और न ही वार्ड सदस्य ने कभी इसकी सफाई करवाई है। शिकायत है कि पिछले पाँच सालों में एक बार भी इन प्रतिनिधियों ने गांव की समस्याओं को देखने तक की कोशिश नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया और वार्ड दोनों को उनकी परेशानियों की कोई चिंता नहीं है।3
- ओडिशा के पुरी में एक घटना सामने आई है जहाँ अधिकारियों द्वारा एक ठेलेवाले को अवैध वेंडिंग के आरोप में हटाए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने उसकी खाजा मिठाइयों को लूट लिया।1