आज के व्यस्त दौर में, जब अक्सर लोग दूसरों की परेशानियों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मानवता की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ कुछ समाजसेवी और जागरूक नागरिक अपने वाहन से मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहाँ मौजूद ज़रूरतमंद मरीज़ों के परिजनों, असहाय लोगों और भूखों को भोजन वितरित किया। यह पहल ऐसे समय में की गई, जब दूर-दराज़ से आने वाले कई मरीज़ों के तीमारदार आर्थिक तंगी के कारण समय पर भोजन नहीं कर पाते। इस मानवीय पहल ने ज़रूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। भोजन प्राप्त करने वाले लोगों ने समाजसेवियों के इस कार्य की जमकर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नेक कार्य समाज में इंसानियत को जीवित रखते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोजन वितरण के दौरान सभी को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया और किसी को भी भूखा नहीं रहने दिया गया। इस दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद लोग भावुक हो उठे और उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी ज़रूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। यह उल्लेखनीय है कि चिकित्सा संस्थानों में मरीज़ों और उनके परिजनों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन समय-समय पर आगे आते रहे हैं। गोरखपुर क्षेत्र में भी ज़रूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने की कई मानवीय पहलें पहले से संचालित हैं। यह घटना मानवता का यही संदेश देती है कि यदि कोई सक्षम है, तो उसे किसी भूखे को भोजन अवश्य कराना चाहिए, क्योंकि किसी की भूख मिटाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है।
आज के व्यस्त दौर में, जब अक्सर लोग दूसरों की परेशानियों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मानवता की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ कुछ समाजसेवी और जागरूक नागरिक अपने वाहन से मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहाँ मौजूद ज़रूरतमंद मरीज़ों के परिजनों, असहाय लोगों और भूखों को भोजन वितरित किया। यह पहल ऐसे समय में की गई, जब दूर-दराज़ से आने वाले कई मरीज़ों के तीमारदार आर्थिक तंगी के कारण समय पर भोजन नहीं कर पाते। इस मानवीय पहल ने ज़रूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। भोजन प्राप्त करने वाले लोगों ने समाजसेवियों के इस कार्य की जमकर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नेक कार्य समाज में इंसानियत को जीवित रखते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोजन वितरण के दौरान सभी को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया और किसी को भी भूखा नहीं रहने दिया गया। इस दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद लोग भावुक हो उठे और उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी ज़रूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। यह उल्लेखनीय है कि चिकित्सा संस्थानों में मरीज़ों और उनके परिजनों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन समय-समय पर आगे आते रहे हैं। गोरखपुर क्षेत्र में भी ज़रूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने की कई मानवीय पहलें पहले से संचालित हैं। यह घटना मानवता का यही संदेश देती है कि यदि कोई सक्षम है, तो उसे किसी भूखे को भोजन अवश्य कराना चाहिए, क्योंकि किसी की भूख मिटाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है।
- महराजगंज के परसामीर गांव में सिंदुरिया पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान, पुलिस ने एक न्यू हॉलैण्ड ट्रैक्टर और एक लोडर को सीज कर दिया। बताया गया है कि वाहन चालक वैध दस्तावेज पेश करने में असमर्थ रहा। इस पूरे मामले की रिपोर्ट खनन विभाग को भेज दी गई है।1
- पूर्वांचल गांधी डॉक्टर संपूर्णानंद मल्ल बिछिया जेल से रिहा हो गए हैं, हालांकि वे भीतर से काफी आहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने शाहपुर थाने की पुलिस पर मनगढ़ंत कहानी बनाकर उन्हें जेल भेजने का आरोप लगाया है, और अपनी आपबीती भी साझा की है। इस घटना के बाद अब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जवाबदेही तय मानी जा रही है। मीडिया गलियारों में भी इस मामले के कई बिंदुओं पर चर्चा और बहस छिड़ने की उम्मीद जोर पकड़ चुकी है।1
- कुशीनगर में 15 जून को केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भारत संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत एक प्रबुद्ध जन गोष्ठी हुई। इसमें उत्तर प्रदेश के कारागार विभाग के मंत्री और जनपद कुशीनगर के प्रभारी मंत्री श्री दारा सिंह चौहान ने प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के बुद्धिजीवी वर्ग ने जनजागरण और सकारात्मक संवाद के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को एक स्थिर और सशक्त सरकार मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं ने गरीबों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लाए हैं। मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों तक सफलतापूर्वक नेतृत्व करने को उनकी लोकप्रियता, जनविश्वास और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के जागरूक नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध वर्ग के सहयोग से ही संभव हो पाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की रही है। इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की गई, जिसने करोड़ों गरीब परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा। आज गरीब से गरीब व्यक्ति का भी शून्य बैलेंस पर बैंक खाता खुल चुका है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते में पहुंच रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था ने भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया है, जिससे किसान सम्मान निधि सहित अनेक योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचकर पारदर्शिता और विश्वास दोनों को बढ़ा रही है। उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों की सबसे बड़ी चिंता, यानी स्वास्थ्य सुरक्षा को समझते हुए आयुष्मान भारत योजना लागू की, जिससे करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। यह योजना इस बात का प्रमाण है कि अब गरीब व्यक्ति इलाज के लिए आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंच की मांग करता है। मंत्री चौहान ने सौभाग्य योजना के तहत गांव-गांव बिजली पहुंचाने, उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को पक्का घर देने और स्वच्छ भारत मिशन से सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी सराहना की, कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर पात्र व्यक्तियों तक उनका लाभ पहुंचाया है। केंद्र और प्रदेश सरकार की 'डबल इंजन' व्यवस्था ने विकास और जनकल्याण को नई गति दी है। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनसेवा के नए आयाम स्थापित किए हैं, जिससे भारत आज विश्व पटल पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। इस अवसर पर कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दुबे, राज्य सभा सांसद आर पी एन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, विधायक मनीष जायसवाल (पडरौना), विवेकानंद पांडेय (खड्डा), विनय प्रकाश (रामकोला), मोहन वर्मा (हाटा), पीएन पाठक (कुशीनगर), भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार राय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन तथा जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।2
- समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कुशीनगर के पडरौना में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की विभिन्न समस्याओं के विरोध में एक धरना-प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को ज़ोरदार ढंग से उठाया। धरने को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से बुरी तरह परेशान है, जबकि किसानों को भी उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाजवादी पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की। यह धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- गोरखपुर पुलिस ने शहर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अनोखे गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का सरगना अरवाज खान अपनी मां के सलवार-सूट और चुनरी पहनकर चोरी करने जाता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पूछताछ में यह सामने आया है कि अरवाज को यह तरीका अपनाने की सलाह उसकी मां ने ही दी थी। इस सलाह के बाद अरवाज ने अपने साथियों रियास उर्फ इमरान और राशिद खान के साथ मिलकर कई चोरियों को अंजाम दिया। शक से बचने के लिए अरवाज ने अपने बाल भी लंबे कर रखे थे और चुनरी से चेहरा ढंककर वह लड़की जैसा दिखता था। वहीं, राशिद खान चोरी की वारदातों के दौरान ई-रिक्शा से आरोपियों को घटनास्थल तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में जांच जारी है और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि सरगना की मां को भी आरोपी बनाया जा सकता है।1
- कुशीनगर में नव नियुक्त प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने पहली बार जनपद का दौरा किया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री कटेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन एवं गोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने कप्तानगंज में एक तीन दिवसीय शिविर का भी शुभारम्भ किया। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में दारा सिंह चौहान ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले पर अपनी टिप्पणी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।4
- महराजगंज सदर तहसील के भैंसी गांव में तैनात एक महिला लेखपाल पर ग्रामीणों ने रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह महिला लेखपाल जमीन की पैमाइश, वरासत और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए पैसे की मांग करती हैं। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है, जिसके बाद सदर एसडीएम को इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।1
- सोमवार (15 जून) को दांबुला के दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए ट्राई सीरीज के मुकाबले में इंडिया-ए को श्रीलंका-ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद मैदान पर जमकर बखेड़ा हुआ, जहां भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंकाई खिलाड़ियों से झगड़ा हो गया और स्थिति हाथापाई तक पहुँचने की नौबत आ गई। मुकाबले में श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंडिया-ए केवल 10 रन ही बना सका। इंडिया-ए की ओर से सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी करने उतरे थे, लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला पाए। श्रीलंका-ए की जीत के बाद मैदान पर जश्न मना रहे खिलाड़ियों और वैभव सूर्यवंशी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इस दौरान वैभव का एक श्रीलंकाई फील्डर से झगड़ा हो गया, जिसे उनके साथी शेडगे ने 'बेबी बॉस' कहकर वापस खींचने की कोशिश की। हालांकि, 15 वर्षीय वैभव मैदान छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे थे। श्रीलंका की ओर से कुगाथास मथुलन ने सुपर ओवर में गेंदबाजी की थी, जहां पहली तीन गेंदों पर सूर्यांश शेडगे ने 3 रन बनाए थे। इसके बाद स्ट्राइक पर आए वैभव सूर्यवंशी ने चौथी गेंद पर 2 रन, पाँचवीं पर चौका लगाया, लेकिन आखिरी गेंद पर कोई रन नहीं बन सका, और इंडिया-ए लक्ष्य से 6 रन दूर रह गई। इससे पहले, मुख्य मुकाबले में इंडिया-ए ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए थे, जिसमें सूर्यांश शेडगे ने 72 और विप्रज निगम ने 51 रनों का योगदान दिया, जबकि वैभव सूर्यवंशी 21 रन बनाकर आउट हो गए थे। श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट लिए। जवाब में, श्रीलंका-ए ने भी निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 265 रन बनाए, जिससे मुकाबला टाई होकर सुपर ओवर में चला गया। श्रीलंका की पारी में सदीरा समरविक्रमा ने शानदार 93 रन बनाए, लेकिन आखिरी ओवर में उनके आउट होने से टीम मुश्किल में आ गई। इंडिया-ए के लिए अरशद खान ने आखिरी ओवर फेंका था, जिसमें उन्होंने केवल 4 रन दिए थे।1
- संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, 'मित्र पुलिस' की छवि को मजबूत करने और भयमुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU) सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सोमवार को थाना मेंहदावल के कस्बा मेंहदावल और ग्राम सभा बेलवनिया में एक बड़े जनसंवाद बैठक शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत पुलिस टीम ने खुद आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना और उनका संज्ञान लिया। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान, सीपीयू अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वृद्धजनों और दिव्यांगजनों से उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि समाज के इन सम्मानित वर्गों की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस चौबीसों घंटे तत्पर है, और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में थाने या चौकी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। बैठक में उपस्थित सैकड़ों नागरिकों को बढ़ते साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए और महिलाओं की सुरक्षा हेतु संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। सीपीयू टीम ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। इस वृहद चौपाल/बैठक में थाना मेंहदावल क्षेत्र के सैकड़ों संभ्रांत नागरिकों, युवाओं और डिजिटल वॉलिंटियर्स ने भाग लिया। ग्रामीणों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे की जमकर सराहना की, जिसमें बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता देते हुए उनकी समस्याओं को सुना गया। कार्यक्रम के समापन पर, सीपीयू प्रभारी ने उपस्थित सभी लोगों के साथ त्वरित संपर्क के लिए पुलिस के सीयूजी (CUG) नंबर और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर साझा किए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, प्रभारी निरीक्षक मेंहदावल राकेश कुमार सिंह, सीपीयू प्रभारी उप-निरीक्षक जयनाथ यादव, कॉन्स्टेबल अनुराग सिंह, महिला कॉन्स्टेबल अनामिका सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1