भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में शांति, और आध्यात्मिक उन्नति भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में शांति, और आध्यात्मिक उन्नति जारी,प्रयागराज ।श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गोवर्धन पूजा प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने धाराप्रवाह तरीके से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और सदाचार का महत्व विस्तार से बताया। कथा सुनाई। उपस्थित जनसमूह ने उनकी प्रस्तुति की खूब सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से कथा व्यास जी का उत्साहवर्धन भी किया।कथा पंडाल में प्रतिदिन की तरह माताओं, बहनों और बच्चों की संतोषजनक उपस्थिति दर्ज की गई। इस अवसर पर इंद्रनाथ मिश्रा,ब्लाक प्रमुख कौंधियारा,कन्हैयालाल मिश्र,गोपालमिश्र, अनिल मिश्रा,संतोष मिश्रा,मनमोहन मिश्रा शास्त्री,सत्यदेव मिश्रा ,के०डी० पांडेय,देवेंद्र उपाध्याय, रमा निवास पांडेय आदि उपस्थित रहे। फोटो - यमुना तट स्थित बरमबाबा धाम पर कथा कहते पं श्याम सुंदर त्रिपाठी।
भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में शांति, और आध्यात्मिक उन्नति भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जीवन में शांति, और आध्यात्मिक उन्नति जारी,प्रयागराज ।श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्याम सुंदर त्रिपाठी ने गोवर्धन पूजा प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने धाराप्रवाह तरीके से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और सदाचार का महत्व विस्तार से बताया। कथा सुनाई। उपस्थित जनसमूह ने उनकी प्रस्तुति की खूब सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से कथा व्यास जी का उत्साहवर्धन भी किया।कथा पंडाल में प्रतिदिन की तरह माताओं, बहनों और बच्चों की संतोषजनक उपस्थिति दर्ज की गई। इस अवसर पर इंद्रनाथ मिश्रा,ब्लाक प्रमुख कौंधियारा,कन्हैयालाल मिश्र,गोपालमिश्र, अनिल मिश्रा,संतोष मिश्रा,मनमोहन मिश्रा शास्त्री,सत्यदेव मिश्रा ,के०डी० पांडेय,देवेंद्र उपाध्याय, रमा निवास पांडेय आदि उपस्थित रहे। फोटो - यमुना तट स्थित बरमबाबा धाम पर कथा कहते पं श्याम सुंदर त्रिपाठी।
- प्रयागराज से 120 किलोमीटर दूरवाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र मे एक भाई ने दूसरे भाई पर किया जानलेवा हमला,पति पत्नी ने पहले तो सीढी चढ़ रहे भाई को खींच कर पहले तो कमरे मे बंद किया फिर लात घूँसे,लाठी व लोहे की रॉड से कई वार कर बुरी तरह घायल कर दिया। परिवार के बाकी सदस्यों ने जब दरवाज़ा पीटना और चिल्लाना शुरू किया तब जाकर भाई की बच पायी जान।1
- प्रयागराज कटरा जगराम चौराहा आशीर्वाद गेस्ट हाउस इलाके की रहने वाली एस्ट्रोलॉजर अंबुजा बता रही है राशियों के टिप्स। पवनदेव,लोकप्रिय,टीवी पत्रकार,प्रयागराज।1
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- *नाली विवाद में दो पक्षों में मारपीट, युवक गंभीर घायल* *कौशांबी संवाददाता* *कौशांबी। जनपद* कोखराज थाना क्षेत्र के चक चमरूपुर गांव में नाली को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मारपीट के दौरान मानसिंह पुत्र शुगर कुमार यादव को गंभीर चोट लग गई, जिससे उनके सिर और शरीर से काफी खून बहने लगा। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।बताया जा रहा है कि घायल की हालत गंभीर बनी हुई है और लोगों द्वारा उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- प्रयागराज के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल स्वरूप रानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय में अव्यवस्था लगातार बनी हुई है। यहां आने वाले गंभीर मरीज और उनके तीमारदार खामियों के चलते बेहाल हैं। अस्पताल की लिफ्ट लंबे समय से खराब है। मंगलवार को सुलेम सराय के रहने वाले अमृत पटेल अपने परिजनों के साथ डॉक्टर को दिखाने पहुंचे थे।1
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- Post by गुरु ज्ञान1
- कुम्भ-2031 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के मध्य समन्वय बैठक आयोजित। प्रयागराज। आगामी कुम्भ-2031 की तैयारियों को सुव्यवस्थित एवं समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आज दिनांक 10.03.2026 को प्रयागराज मण्डल कार्यालय के संकल्प सभागार में मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में रेलवे प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुम्भ-2031 के दौरान संभावित विशाल यात्री एवं श्रद्धालु आवागमन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक, मध्यम अवधि तथा अल्पकालिक विकास कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी/प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा तथा अपर मण्डल रेल प्रबन्धक/सा. प्रशा. दीपक कुमार, उपाध्यक्ष PDA ऋषि राज सहित रेलवे एवं सिविल प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रयागराज क्षेत्र के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। इस क्रम में वर्तमान अवसंरचना का गैप एनालिसिस करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने पर सहमति बनी। इसके अंतर्गत प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ सूबेदारगंज, नैनी, छिवकी, झूंसी तथा फाफामऊ स्टेशनों को भी आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। साथ ही प्लेटफार्म विस्तार, फुटओवर ब्रिज निर्माण, प्रवेश-निकास मार्गों के सुदृढ़ीकरण तथा सर्कुलेटिंग एरिया के विकास जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टेशनों और मेला क्षेत्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। इस दिशा में बस, ई-रिक्शा एवं अन्य परिवहन साधनों के समन्वित संचालन के साथ एक डेडिकेटेड सर्कुलर रोड कॉरिडोर विकसित करने पर चर्चा की गई, जिससे मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डों के बीच आवागमन और अधिक सुगम बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र और स्टेशनों के मध्य स्थायी यात्री आश्रय स्थलों के निर्माण का भी सुझाव दिया गया। भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया, जिससे मेला अवधि के दौरान यात्रियों की संख्या का सटीक आकलन कर व्यवस्थाओं को उसी अनुरूप संचालित किया जा सके। साथ ही यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए समेकित संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया, जिसमें घोषणाएँ, साइनेज, डिजिटल डिस्प्ले एवं अन्य सूचना प्रणालियाँ शामिल होंगी। अवसंरचनात्मक विकास के अंतर्गत यमुना नदी पर नए रेलवे नैनी ब्रिज का निर्माण, प्रयागराज क्षेत्र में इरादतगंज तथा पानी की टंकी के समीप नए ROB/RUB, जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सूबेदारगंज स्टेशन को जी.टी. रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण, सिविल लाइंस साइड स्थित नवाब यूसुफ रोड के चौड़ीकरण तथा रेलवे अस्पताल चौराहा पर गोल चक्कर के निर्माण जैसे विषय भी विचाराधीन रहे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कुम्भ-2031 के लिए बाह्य एवं आंतरिक यातायात योजना को कम से कम एक वर्ष पूर्व अंतिम रूप दिया जाएगा तथा सभी कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन और नियमित प्रगति समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के अंत में दोनों प्रशासनिक तंत्रों ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से कुम्भ-2031 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।1
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