तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, वे अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। चुनावी रुझानों में TVK को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे राज्य की पारंपरिक पार्टियां—M. K. Stalin की DMK और AIADMK—दोनों दबाव में आ गई हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने पहले ही दावा किया था कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो वे सिर्फ सीटें ही नहीं बल्कि पूरा तमिलनाडु जीतने की क्षमता रखते हैं। अब जब शुरुआती रुझान उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं, तो यह बयान और भी चर्चा में आ गया है। रुझानों के अनुसार, TVK करीब 100 सीटों पर आगे चल रही है और चेन्नई जैसे बड़े इलाकों में भी मजबूत पकड़ बनाती दिख रही है। वहीं DMK गठबंधन उम्मीद से काफी पीछे है और AIADMK भी मुकाबले में पिछड़ती नजर आ रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है, जहां दशकों पुराना DMK-AIADMK का दबदबा टूटता नजर आएगा। तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, वे अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। चुनावी रुझानों में TVK को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे राज्य की पारंपरिक पार्टियां—M. K. Stalin की DMK और AIADMK—दोनों दबाव में आ गई हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने पहले ही दावा किया था कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो वे सिर्फ सीटें ही नहीं बल्कि पूरा तमिलनाडु जीतने की क्षमता रखते हैं। अब जब शुरुआती रुझान उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं, तो यह बयान और भी चर्चा में आ गया है। रुझानों के अनुसार, TVK करीब 100 सीटों पर आगे चल रही है और चेन्नई जैसे बड़े इलाकों में भी मजबूत पकड़ बनाती दिख रही है। वहीं DMK गठबंधन उम्मीद से काफी पीछे है और AIADMK भी मुकाबले में पिछड़ती नजर आ रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है, जहां दशकों पुराना DMK-AIADMK का दबदबा टूटता नजर आएगा।
तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, वे अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। चुनावी रुझानों में TVK को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे राज्य की पारंपरिक पार्टियां—M. K. Stalin की DMK और AIADMK—दोनों दबाव में आ गई हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने पहले ही दावा किया था कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो वे सिर्फ सीटें ही नहीं बल्कि पूरा तमिलनाडु जीतने की क्षमता रखते हैं। अब जब शुरुआती रुझान उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं, तो यह बयान और भी चर्चा में आ गया है। रुझानों के अनुसार, TVK करीब 100 सीटों पर आगे चल रही है और चेन्नई जैसे बड़े इलाकों में भी मजबूत पकड़ बनाती दिख रही है। वहीं DMK गठबंधन उम्मीद से काफी पीछे है और AIADMK भी मुकाबले में पिछड़ती नजर आ रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है, जहां दशकों पुराना DMK-AIADMK का दबदबा टूटता नजर आएगा। तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK को लेकर जो कभी सिर्फ अटकलें थीं, वे अब हकीकत बनती नजर आ रही हैं। चुनावी रुझानों में TVK को जबरदस्त बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे राज्य की पारंपरिक पार्टियां—M. K. Stalin की DMK और AIADMK—दोनों दबाव में आ गई हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने पहले ही दावा किया था कि अगर विजय अकेले चुनाव लड़ते हैं, तो वे सिर्फ सीटें ही नहीं बल्कि पूरा तमिलनाडु जीतने की क्षमता रखते हैं। अब जब शुरुआती रुझान उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं, तो यह बयान और भी चर्चा में आ गया है। रुझानों के अनुसार, TVK करीब 100 सीटों पर आगे चल रही है और चेन्नई जैसे बड़े इलाकों में भी मजबूत पकड़ बनाती दिख रही है। वहीं DMK गठबंधन उम्मीद से काफी पीछे है और AIADMK भी मुकाबले में पिछड़ती नजर आ रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है, जहां दशकों पुराना DMK-AIADMK का दबदबा टूटता नजर आएगा।
- Post by Pro hindustan tv1
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- Tamil Nadu में सियासी बदलाव का बड़ा संदेश तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पहली बार चुनावी मैदान में उतरे Thalapathy Vijay की पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर नया अध्याय लिख दिया है। इस जीत के साथ ही मुख्यमंत्री M. K. Stalin की DMK सत्ता से बाहर हो गई है। जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में खुलकर मतदान किया, जिसमें खासकर युवाओं की बड़ी भूमिका रही। “मक्कल की राजनीति” के नारे के साथ उतरी विजय की पार्टी को भारी समर्थन मिला, जिसने पारंपरिक सियासी समीकरण बदल दिए। इस जीत पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता Vijay Deverakonda ने भी विजय को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य और राज्य की तरक्की की कामना की है। तमिलनाडु अब एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां जनता ने बदलाव को खुलकर अपनाया है।1
- Muradabad: बुर्काधारी महिला से अश्लीलता करने वाले मौलवी नौशाद पर क्या बोले मुसलमान.?1
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- US-Iran टेंशन के बीच गोल्ड का शांत रुख, होर्मुज प्लान पर टिकी बाजार की नजर US-Iran तनाव के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है. निवेशक ट्रंप के होर्मुज प्लान और शांति वार्ता पर नजर रखे हुए हैं. ऊर्जा कीमतों और ब्याज दरों की अनिश्चितता के बीच गोल्ड का बाजार फिलहाल सतर्क लेकिन स्थिर दिखाई दे रहा है. सोने की मौजूदा कीमत सोने की कीमत लगभग $4,620 प्रति औंस के आसपास बनी हुई है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का ताजा शांति प्रस्ताव शायद पर्याप्त नहीं है. इस अनिश्चितता ने बाजार में सावधानी का माहौल बना दिया है. ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ा है. ऐसे में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं, जो गोल्ड के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता. फिर भी, लंबी अवधि में सोने के प्रति निवेशकों का भरोसा बना हुआ है. World Gold Council के अनुसार, पहली तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने एक साल से अधिक समय में सबसे तेजी से सोने की खरीद की है. इसके अलावा, निजी संस्थान भी लगातार खरीदारी कर रहे हैं. अन्य धातुओं की बात करें तो चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम में हल्की तेजी देखी गई है. वहीं डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट आई है. आने वाले दिनों में निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी के उधारी प्लान, फेडरल रिजर्व के बयान और रोजगार आंकड़ों पर नजर रखेंगे, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.1
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