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सिंगरौली जिले में विकास कार्यों की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है, जहाँ सड़क पर बेतरतीब ढंग से बिखरी निर्माण सामग्री के कारण भीषण यातायात जाम लग गया। इस गंभीर जाम की वजह से एक एंबुलेंस भी घटनास्थल से आगे नहीं निकल सकी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विकास के नाम पर हो रहे कार्यों ने आम लोगों और आवश्यक सेवाओं को कैसे बाधित किया है।
उपसंपादक जय प्रकाश द्विवेदी
सिंगरौली जिले में विकास कार्यों की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है, जहाँ सड़क पर बेतरतीब ढंग से बिखरी निर्माण सामग्री के कारण भीषण यातायात जाम लग गया। इस गंभीर जाम की वजह से एक एंबुलेंस भी घटनास्थल से आगे नहीं निकल सकी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विकास के नाम पर हो रहे कार्यों ने आम लोगों और आवश्यक सेवाओं को कैसे बाधित किया है।
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- सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र में मारपीट और लूट का एक मामला सामने आया है, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि शादी समारोह से लौट रहे इन तीनों युवकों को रास्ते में रोककर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग नौ लोगों ने तीन बाइकों पर सवार होकर लाठी-डंडों से उन पर हमला किया और नकदी लूट ली। घटना की सूचना मिलने पर जुगैल पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने घायल युवकों को सीएचसी चोपन में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया। पुलिस अब पीड़ितों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- सोनभद्र जनपद के जुगैल वन रेंज अंतर्गत सेमिया गांव के छितीरपुरवा टोला स्थित एक चेकडैम में शनिवार को लोगों में उस समय कौतूहल फैल गया, जब एक साथ करीब 35 मगरमच्छों के शिशु दिखाई दिए। यह दुर्लभ दृश्य देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, चेकडैम में पानी का स्तर कम होने के बाद मगरमच्छों के बच्चों की आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि चेकडैम के किनारे बड़ी संख्या में मगरमच्छों के नवजात शिशु मौजूद थे, जिसके बाद यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों के सहयोग से सभी शिशु मगरमच्छों का बेहद सावधानी और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मगरमच्छ शिशुओं को उनके प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए सोन नदी के गहरे जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या उसके शिशु दिखाई दें तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने वन्यजीवों के संरक्षण में आमजन के सहयोग को अत्यंत आवश्यक बताया है।2
- उत्तर प्रदेश के बरगढ़ निवासी 21 वर्षीय सोनू खान, जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ इतमा वाटरफॉल घूमने आया था, सेल्फी लेने के दौरान फिसलकर गहरे पानी में समा गया। यह दुखद घटना तब हुई जब सोनू वाटरफॉल के पास सेल्फी लेने का प्रयास कर रहा था और अचानक संतुलन खो बैठा, जिससे वह नीचे गिर गया और पानी की गहराइयों में ओझल हो गया। चौकी प्रभारी एएसआई महेंद्र बागरी को घटना की सूचना मिलने के बाद, एसडीईआरएफ के उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई की। टीम सुबह 6 बजे से घटनास्थल पर पहुंचकर डूबे हुए युवक की तलाश में सर्चिंग ऑपरेशन चला रही है।1
- रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में स्थित ग्राम अमवा का एक युवक हाल ही में साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गया। पीड़ित युवक ने मीडिया के सामने आकर अपने साथ हुई इस घटनाक्रम की पूरी आपबीती साझा की।1
- सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवा गांव में एक पागल कुत्ते के हमले से हड़कंप मच गया है। घटना के दौरान, पेड़ के नीचे खेल रहे पाँच बच्चों पर कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वे सभी घायल हो गए। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से कुत्ते को भगाकर स्थिति को संभाला। सभी घायल बच्चों को तुरंत घोरावल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहाँ से, तीन बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- रविवार को रीवा शहर के ढेकहा क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित प्री-स्कूल ब्रांड 'फर्स्ट क्राई प्री स्कूल' की एक नई शाखा का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह नया केंद्र बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, और विशेष रूप से स्क्रीन-फ्री व स्मार्ट लर्निंग पर जोर देता है, ताकि बच्चों का भविष्य आधुनिक शिक्षा के माध्यम से तैयार हो सके। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यहाँ बच्चों की शिक्षा मोबाइल, टीवी या एलईडी स्क्रीन के बजाय गतिविधियों, खेल और प्रैक्टिकल लर्निंग के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे वे स्क्रीन की लत से दूर रहें और उनका मानसिक तथा शारीरिक विकास बेहतर हो सके। इस नई शाखा में बच्चों के लिए सुरक्षित और आकर्षक क्लासरूम, एक्टिविटी ज़ोन, प्ले एरिया, अनुभवी शिक्षकों की टीम और आयु के अनुरूप लर्निंग सिस्टम विकसित किया गया है। एडमिशन लेने वाले बच्चों को इंटरएक्टिव लर्निंग, क्रिएटिव एक्टिविटीज़, कहानी, संगीत, आर्ट एंड क्राफ्ट के साथ खेल भी सीखने का अवसर मिलेगा। प्रबंधन का उद्देश्य डिजिटल स्क्रीन से दूर रखते हुए बच्चों की कल्पनाशक्ति, सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास को विकसित करना है, जिससे वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें। 'फर्स्ट क्राई प्री स्कूल' के डायरेक्टर प्रियेश कनौडिया और उनकी पत्नी शीतल कनौडिया ने बताया कि यह स्कूल उनके लिए केवल आय का स्रोत नहीं है, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल उनके पिता जुगल किशोर कनौडिया के सपने को पूरा करने के लिए की गई है, जिनका सपना था कि क्षेत्र में बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए स्मार्ट स्कूल खोले जाएँ। इस तरह, देशभर में अपनी पहचान बना चुके 'फर्स्ट क्राई प्री स्कूल' की यह नई शाखा रीवा में अभिभावकों के लिए एक स्क्रीन-फ्री और गतिविधि-आधारित शिक्षा का नया विकल्प प्रस्तुत करती है।1
- Post by Samrt kushwaha4
- स्कूल में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई है। इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर 'जंगलराज' फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1