खाकी के अहंकार पर भारी पड़ा 'आम' आदमी: पुलिस एक्ट में संशोधन की उठी मांग जयपुर/राजस्थान | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के अनुसार, वर्दी के नशे में चूर एक पुलिसकर्मी ने सिविल ड्रेस (सफेद टी-शर्ट) में मौजूद व्यक्ति पर हाथ उठा दिया, लेकिन पासा तब पलट गया जब सामने वाला व्यक्ति भी पुलिस विभाग से ही निकला। इस घटना ने न केवल पुलिस के भीतर के आपसी तालमेल की कमी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि वर्दी पहनने के बाद कानून को 'जेब में' समझने की मानसिकता कितनी हावी हो चुकी है। मुख्य बिंदु: क्या पुलिस को मिला है 'उत्पीड़न' का अधिकार? तस्वीर में साझा किए गए विचारों के आधार पर कुछ प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं: वर्दी का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि पुलिसकर्मी आम जनता के साथ गाली-गलौज और मारपीट को अपना अधिकार समझने लगे हैं। डर का माहौल: आम आदमी पुलिस की मदद लेने के बजाय उनसे डरता है, क्योंकि उसे 'बंद करने' या 'फर्जी केस' में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। पुलिस एक्ट में संशोधन की मांग: जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अब समय आ गया है जब 'पुलिस एक्ट' में बड़े बदलाव किए जाएं ताकि शक्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लग सके। "अगर सफेद टी-शर्ट वाला व्यक्ति पुलिस में न होता, तो शायद वह इस अन्याय के खिलाफ हाथ नहीं उठा पाता। यह घटना संकेत है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस को सामाजिक आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।" डीजीपी और गृहमंत्री से जवाबदेही की मांग इस वायरल पोस्ट के माध्यम से राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृहमंत्री से सीधा सवाल पूछा गया है। क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वर्दी की आड़ में की गई इस गुंडागर्दी के लिए किसी की जवाबदेही तय की जाएगी? निष्कर्ष: कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, न कि कानून को अपने हाथ में लेकर जनता का दमन करना। यह घटना विभाग के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर्मियों को नैतिक व्यवहार और कानून की मर्यादा का पाठ पढ़ाएं।
खाकी के अहंकार पर भारी पड़ा 'आम' आदमी: पुलिस एक्ट में संशोधन की उठी मांग जयपुर/राजस्थान | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने राजस्थान पुलिस की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के अनुसार, वर्दी के नशे में चूर एक पुलिसकर्मी ने सिविल ड्रेस (सफेद टी-शर्ट) में मौजूद व्यक्ति पर हाथ उठा दिया, लेकिन पासा तब पलट गया जब सामने वाला व्यक्ति भी पुलिस विभाग से ही निकला। इस घटना ने न केवल पुलिस के भीतर के आपसी तालमेल की कमी को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि वर्दी पहनने के बाद कानून को 'जेब में' समझने की मानसिकता कितनी हावी हो चुकी है। मुख्य बिंदु: क्या पुलिस को मिला है 'उत्पीड़न' का अधिकार? तस्वीर में साझा किए गए विचारों के आधार पर कुछ प्रमुख मुद्दे सामने आए हैं: वर्दी का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि पुलिसकर्मी आम जनता के साथ गाली-गलौज और मारपीट को अपना अधिकार समझने लगे हैं। डर का माहौल: आम आदमी पुलिस की मदद लेने के बजाय उनसे डरता है, क्योंकि उसे 'बंद करने' या 'फर्जी केस' में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। पुलिस एक्ट में संशोधन की मांग: जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अब समय आ गया है जब 'पुलिस एक्ट' में बड़े बदलाव किए जाएं ताकि शक्तियों के दुरुपयोग पर लगाम लग सके। "अगर सफेद टी-शर्ट वाला व्यक्ति पुलिस में न होता, तो शायद वह इस अन्याय के खिलाफ हाथ नहीं उठा पाता। यह घटना संकेत है कि अगर सुधार नहीं हुआ, तो पुलिस को सामाजिक आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।" डीजीपी और गृहमंत्री से जवाबदेही की मांग इस वायरल पोस्ट के माध्यम से राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृहमंत्री से सीधा सवाल पूछा गया है। क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वर्दी की आड़ में की गई इस गुंडागर्दी के लिए किसी की जवाबदेही तय की जाएगी? निष्कर्ष: कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, न कि कानून को अपने हाथ में लेकर जनता का दमन करना। यह घटना विभाग के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर्मियों को नैतिक व्यवहार और कानून की मर्यादा का पाठ पढ़ाएं।
- A Kumawatजयपुर, जयपुर, राजस्थानgal ti police wale ki he2 min ago
- वीरेंद्र राठौड़,जयपुर, पुलिस की वर्दी शरीर पर हो तो आदमी कानून को अपनी जेब में समझता है, यही इस घटनाक्रम में हुआ पुलिस वाले ने सफेद टी-शर्ट वाले पर हाथ उठा दिया..उसे क्या पता था वह भी पुलिस वाला है..उसने वापस हाथ उठा दिया और फिर जो हुआ वह इस वीडियो में दिख रहा है, अगर सफेद टी-शर्ट वाला पुलिस नहीं होता तो बदले में हाथ नहीं उठाता.. और पुलिस किसी पर भी हाथ उठा सकती है.. चाहे जैसी गाली दे सकती है बंद करने की घोषणा कर सकती है, यही तो हथियार है जिससे आम आदमी पुलिस से डरता है, पुलिस को यह अधिकार किसने दिया..? इसीलिए तो बार-बार कहा जाता है.. पुलिस एक्ट में संशोधन होना चाहिए.., कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस को मिले अधिकार का दुरुपयोग होने लगा है, इसलिए पुलिस एक्ट में संशोधन की जरूरत बहुत जरूरी हो गई है..! अन्यथा सामाजिक हिंसा का सामना पुलिस को भी करना पड़ेगा, यह घटना इसका संकेत है..! क्या राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजस्थान के गृहमंत्री तक यह विषय पहुंचेगा और जांच करके किसी की जवाब देही सुनिश्चित होगी..?🌹🙏1
- मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवे,युवती के अपहरण पर ग्रामीणों का विरोध#सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचे, NH148 जसोदा गांव रोड से एक लड़की को किडनैप किया। अनजान लोगों ने उठाया। लड़कियों को रोड पर ना भेजे। 2 घंटे जाम रहा,गांव वालों ने किया रोड जाम।1
- जयपुर : गौ माता की सेवा और संरक्षण के पावन उद्देश्य के साथ कार्यरत श्री राधे गोविन्द गौ सेवा समिति इन दिनों अपने सेवा संकल्प को और अधिक विस्तार दे रही है। समिति का लक्ष्य है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में निराश्रित, बीमार एवं घायल गौवंश को समय पर चारा, दवा और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जहाँ भी चारे और दवा की कमी की सूचना मिलती है, वहाँ स्वयंसेवकों की टीम तुरंत पहुँचकर आवश्यक सहायता प्रदान करती है। सेवा, समर्पण और संस्कार की भावना से प्रेरित यह संगठन नियमित रूप से गौशालाओं में हरा चारा वितरण, चिकित्सा शिविर और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसी सोच के साथ समिति समाज के सभी वर्गों को इस पुण्य कार्य से जुड़ने का आह्वान कर रही है। गौरवपूर्ण सफर तय कर रही श्री राधे गोविन्द गौ सेवा समिति आज जयपुर में गौसेवा की एक मिसाल बन चुकी है, जहाँ सेवा भाव ही सबसे बड़ा संकल्प है।1
- यह वीडियो चूरू जिले के रतनगढ़ का है, जहाँ राजस्थान सरकार के एक RTO इंस्पेक्टर द्वारा एक ट्रक ड्राइवर को मारपीट कर घायल कर दिया गया। स्वतंत्र देश में किसी भी सरकारी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी आम नागरिक के जीने और सम्मान के अधिकार को कुचले। #RTOJaunpur1
- ईरान-इजरायल युद्ध अपडेट: खामेनेई की मौत के बाद लखनऊ और कश्मीर में प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई मौत के बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लखनऊ में प्रदर्शन: लखनऊ के पुराने शहर में शिया समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध मार्च निकाला। एक प्रदर्शनकारी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा: "वे (US) बातचीत से धोखा देते रहे और युद्ध की धमकी देते रहे, लेकिन हमारे लीडर डरे नहीं और झुके नहीं... अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे और यह युद्ध जारी रहेगा... ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते।" जम्मू-कश्मीर का हाल: श्रीनगर, बडगाम और कारगिल में भी लोग सड़कों पर उतरे। काले झंडे और खामेनेई की तस्वीरों के साथ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान ने इस हमले के जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 'मिसाइल और ड्रोन' हमलों की झड़ी लगा दी है। ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। भारत सरकार की सतर्कता: पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है और वहां रह रहे भारतीयों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है। #Lucknow #JammuAndKashmir #Iran #AliKhamenei #IsraelIranWar Trump ZeeNews Talkaaj DeshTak1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- जयपुर। यूजीसी के खिलाफ रविवार को दौसा और गंगापुर सिटी में विशाल रैली और महापंचायत । दोनों जगह सवार समाज के नेताओं ने पहुंचकर यूजीसी के खिलाफ हुंकार भरी , तो वही 8 मार्च को दिल्ली कूच के लिए आह्वान किया गया1
- जयपुर: खाटू श्याम जी फाल्गुन मिले पर थिरपाली बड़ी श्याम मंदीर से पहुँचे बाबा श्याम के निसान को बाबा के चरणों में अर्पित किया गया, इस दोरान् पद यात्रा मे आये सकड़ों श्याम भक्त मौजूद रहे,1
- जयपुर जिले के भोमिया महाराज मंदिर देवन माधोकाबास शाहपुरा में आयोजित वार्षिक मेलों और विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। भक्तों ने धोक लगाकर बाबा का आशीर्वाद लिया,कलश यात्रा निकाली और भजन संध्या के बीच प्रसादी ग्रहण की जिससे माहौल भक्तिमय हो गया1