बीमारी से जूझ रहे शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का निधन, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन खबर है वाराणसी के चोलापुर विकासखंड के कौवापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान बीमारी के कारण हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार शेख मोहम्मद असगर पिछले कुछ समय से पीलिया से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने 14 तारीख को प्रार्थना पत्र देकर ड्यूटी से राहत की मांग की थी। इसके बाद 16 तारीख को एईआरओ चोलापुर द्वारा उनकी एसआईआर ड्यूटी समाप्त कर दी गई थी। उनकी जगह सुपरवाइजर के रूप में जितेंद्र कुमार तथा सहयोगी के रूप में बिरनाथीपुर के सहायक अध्यापक राम जन्म की ड्यूटी लगा दी गई थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव सहयोग के लिए परिवार के साथ खड़ा है। वहीं दिवंगत शिक्षामित्र के भाई एवं पूर्व प्रधान ने भी बताया कि शेख मोहम्मद असगर लंबे समय से बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को निराधार बताते हुए सरकार से परिवार की मदद की अपील की है। इधर शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। टीएससीटी चोलापुर के प्रभारी चंदन विश्वकर्मा के नेतृत्व में करीब 20 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने एकत्रित की गई धनराशि परिवार को सौंपी और आगे भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान योगेंद्र यादव, बसंत यादव, बनारसी यादव, दुर्गेश चौबे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया।देखे हमारे संवादाता लईक आफताब की खास रिपोर्ट
बीमारी से जूझ रहे शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का निधन, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन खबर है वाराणसी के चोलापुर विकासखंड के कौवापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान बीमारी के कारण हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार शेख मोहम्मद असगर पिछले कुछ समय से पीलिया से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने 14 तारीख को प्रार्थना पत्र देकर ड्यूटी से राहत की मांग की थी। इसके बाद 16 तारीख को एईआरओ चोलापुर द्वारा उनकी एसआईआर ड्यूटी समाप्त कर दी गई थी। उनकी जगह सुपरवाइजर के रूप में जितेंद्र कुमार तथा सहयोगी के रूप में बिरनाथीपुर के सहायक अध्यापक राम जन्म की ड्यूटी लगा दी गई थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव सहयोग के लिए परिवार के साथ खड़ा है। वहीं दिवंगत शिक्षामित्र के भाई एवं पूर्व प्रधान ने भी बताया कि शेख मोहम्मद असगर लंबे समय से बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को निराधार बताते हुए सरकार से परिवार की मदद की अपील की है। इधर शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। टीएससीटी चोलापुर के प्रभारी चंदन विश्वकर्मा के नेतृत्व में करीब 20 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने एकत्रित की गई धनराशि परिवार को सौंपी और आगे भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान योगेंद्र यादव, बसंत यादव, बनारसी यादव, दुर्गेश चौबे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया।देखे हमारे संवादाता लईक आफताब की खास रिपोर्ट
- गोमती जीवन यात्रा का वाराणसी में भव्य स्वागत, नदी संरक्षण का लिया संकल्प वाराणसी में माँ गोमती के संरक्षण और जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही गोमती जीवन यात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। “यूथ इन एक्शन इंडिया” के राष्ट्रीय संयोजक शत्रुद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में चल रही इस यात्रा के दौरान चिरईगांव, स्वर्वेद महामंदिर धाम और एसएसआई पब्लिक स्कूल कटेसर कलां में कार्यक्रम आयोजित हुए। चिरईगांव में संजय गुप्ता के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और नदियों के संरक्षण का संकल्प लिया। वहीं स्वर्वेद महामंदिर धाम में आध्यात्मिक वातावरण में माँ गोमती के महत्व पर चर्चा की गई। इसके बाद चौबेपुर के एसएसआई पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के बीच संगोष्ठी आयोजित कर उन्हें जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। गौरतलब है कि यह गोमती जीवन यात्रा पीलीभीत के फुलहर झील से शुरू होकर वाराणसी के कैथी स्थित महादेव मंदिर पर समाप्त होगी, जहां माँ गोमती और माँ गंगा का पावन संगम है।देखे हमारे संवादाता लईक आफताब की खास रिपोर्ट1
- बनारस के पांडेपुर हुकुल गंज मे आज अचानक अफरातफरी मच गयी जब कुछ लोगो ने एक युवक पर हमला कर दिया और मार कर फरार भी हो गये। varanasi varanasi News varanasi local News1
- Post by डॉ सतीश कुमार कसेरा1
- अंबरनाथ कंपनी स्फोटाचा मुद्दा विधानसभेत गाजला नागरिकांच्या भीतीवर ज्ञानेश्वर म्हात्रे यांनी अधिवेशन मध्ये आवाज उठवला1
- अगर आप यह जानना चाहते हैं कि: बिजली कब गई थी या कब आएगी शिकायत दर्ज करनी है कटौती/फॉल्ट की जानकारी चाहिए तो आप इन तरीकों से चेक कर सकते हैं: 📞 बिजली शिकायत नंबर (UPPCL): 1912 📱 UPPCL मोबाइल ऐप: UPPCL Consumer App या मुझे बताइए: क्या अभी फिर से बिजली चली गई है? या आप आज की कटौती का समय जानना चाहते हैं? मैं वाराणसी कश्मीरीगंज का आज का बिजली शेड्यूल भी देख कर बता सकता हूँ। ⚡1
- भूमि माफिया के द्वारा स्टे लगे हुए भूमि पर कब्जा किए हुए लोग1
- वाराणसी: सीमांकन के बाद भी रास्ते के नाम पर जमीन में घुसकर कब्जे का आरोप, गांव में बढ़ा विवाद वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र के कोटवां गांव में बुधवार को राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में 10 कड़ी चौड़े रास्ते का सीमांकन कराया गया था। टीम ने मौके पर रास्ते की सीमा चिन्हित करते हुए निशान भी लगा दिए थे। इसके बावजूद आरोप है कि सीमांकन के बाद भी बहुसंख्यक समाज के कुछ लोगों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की जमीन में घुसकर काम कराया जा रहा है, जिससे गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार सीमांकन के दौरान राजस्व टीम और पुलिस की निगरानी में रास्ते की स्पष्ट पहचान कर दी गई थी, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान और क्षेत्र के बीडीसी सदस्य पर आरोप लगा कि वे रास्ते के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय की जमीन को खराब कर उसमें कब्जा कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में प्रधान पति रिजवान ने बताया कि उक्त निर्माण कार्य ब्लॉक प्रमुख की निधि से कराया जा रहा है और इसे बीडीसी सदस्य की ओर से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस काम की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। गांव में जमीन और रास्ते को लेकर चल रहे इस विवाद को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सीमांकन के बावजूद निर्माण कराया गया तो विवाद और बढ़ सकता है।4
- बीमारी से जूझ रहे शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का निधन, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन खबर है वाराणसी के चोलापुर विकासखंड के कौवापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान बीमारी के कारण हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार शेख मोहम्मद असगर पिछले कुछ समय से पीलिया से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने 14 तारीख को प्रार्थना पत्र देकर ड्यूटी से राहत की मांग की थी। इसके बाद 16 तारीख को एईआरओ चोलापुर द्वारा उनकी एसआईआर ड्यूटी समाप्त कर दी गई थी। उनकी जगह सुपरवाइजर के रूप में जितेंद्र कुमार तथा सहयोगी के रूप में बिरनाथीपुर के सहायक अध्यापक राम जन्म की ड्यूटी लगा दी गई थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव सहयोग के लिए परिवार के साथ खड़ा है। वहीं दिवंगत शिक्षामित्र के भाई एवं पूर्व प्रधान ने भी बताया कि शेख मोहम्मद असगर लंबे समय से बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को निराधार बताते हुए सरकार से परिवार की मदद की अपील की है। इधर शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। टीएससीटी चोलापुर के प्रभारी चंदन विश्वकर्मा के नेतृत्व में करीब 20 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने एकत्रित की गई धनराशि परिवार को सौंपी और आगे भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान योगेंद्र यादव, बसंत यादव, बनारसी यादव, दुर्गेश चौबे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया।देखे हमारे संवादाता लईक आफताब की खास रिपोर्ट1