राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी *"राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है। और रायबरेली उनका घर है। उन्होंने कहा रायबरेली और अमेठी घर है, वो पारिवारिक रिश्ते हैं। उनका इस समय गढ़ तो पूरा देश है। पूरे देश में अगर किसी का दबदबा कायम है, तो उसका नाम राहुल गांधी है।"* - अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस *कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी हत्या की साजिश, बहू निकली निर्दोष !* पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे का बड़ा कबूलनामा। 45 लाख कर्ज, जायदाद छिनने के डर से साजिश, 2 लाख की सुपारी दी। पिता के अन्य महिलाओं से संबंध थे। डर था वो जायदाद किसी और को ना दे दें। कर्ज के चक्कर से भी मुक्त होना चाहता था बेटा, कर्ज के चक्कर में दुकान से माल भी चुराता था। बेटे सुब्रत ने ही नौकर को दी थी सुपारी, (बहू) को कुछ नही था पता।
राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी *"राहुल गांधी का अब गढ़ पूरा देश है। और रायबरेली उनका घर है। उन्होंने कहा रायबरेली और अमेठी घर है, वो पारिवारिक रिश्ते हैं। उनका इस समय गढ़ तो पूरा देश है। पूरे देश में अगर किसी का दबदबा कायम है, तो उसका नाम राहुल गांधी है।"* - अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस *कर्ज और संपत्ति विवाद में बेटे ने ही रची थी हत्या की साजिश, बहू निकली निर्दोष !* पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे का बड़ा कबूलनामा। 45 लाख कर्ज, जायदाद छिनने के डर से साजिश, 2 लाख की सुपारी दी। पिता के अन्य महिलाओं से संबंध थे। डर था वो जायदाद किसी और को ना दे दें। कर्ज के चक्कर से भी मुक्त होना चाहता था बेटा, कर्ज के चक्कर में दुकान से माल भी चुराता था। बेटे सुब्रत ने ही नौकर को दी थी सुपारी, (बहू) को कुछ नही था पता।
- जौनपुर जलालपुर के खुशी होटल में गरजे ओमप्रकाश राजभर, सुभासपा नेता अर्जुन यादव ने दिया पर्यावरण का अनोखा तोहफा जौनपुर। जलालपुर क्षेत्र के खुशी होटल में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की कार्यकर्ता के साथ मीटिंग हुई। इस दौरान जौनपुर के जिला महासचिव अर्जुन यादव ने उन्हें एक अनोखा तोहफा दिया। अर्जुन यादव जो मां शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक व अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने मंत्री जी को चिड़िया वाला घोंसला भेंट किया। घोंसला देते हुए अर्जुन यादव ने कहा कि पहले चिड़ियाँ कच्चे घरों में रहती थीं, अब पक्के मकान बनने से उनका बसेरा खत्म हो रहा है। अर्जुन यादव की अपील हम लोग तो अपना घर बना लिए, लेकिन चिड़ियों का घर नहीं बना पाए। मंत्री जी से निवेदन है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर गांव में चिड़िया घर लगाने का अभियान चलाया जौनपुर जलालपुर के खुशी होटल में गरजे ओमप्रकाश राजभर, सुभासपा नेता अर्जुन यादव ने दिया पर्यावरण का अनोखा तोहफा जौनपुर। जलालपुर क्षेत्र के खुशी होटल में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की कार्यकर्ता के साथ मीटिंग हुई। इस दौरान जौनपुर के जिला महासचिव अर्जुन यादव ने उन्हें एक अनोखा तोहफा दिया। अर्जुन यादव जो मां शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक व अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने मंत्री जी को चिड़िया वाला घोंसला भेंट किया। घोंसला देते हुए अर्जुन यादव ने कहा कि पहले चिड़ियाँ कच्चे घरों में रहती थीं, अब पक्के मकान बनने से उनका बसेरा खत्म हो रहा है। अर्जुन यादव की अपील हम लोग तो अपना घर बना लिए, लेकिन चिड़ियों का घर नहीं बना पाए। मंत्री जी से निवेदन है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर गांव में चिड़िया घर लगाने का अभियान चलाया जाए।" मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सोच पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है और इसे पार्टी के स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर सुभासपा के तमाम कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- सतीश पाल का नवरात्री #song#दवीगीत#2026#भक्ती#र्पव#जय#माॅ दुर्गा #भक्ति#song#jbj#muick#up#vayralrel1
- चोलापुर में खुला शादाब होंडा शोरूम, स्नातक एमएलसी और पूर्व सांसद ने किया उद्घाटन1
- लगता है यूपी का सुल्तान बदलने वाला है, ये भीड़ आज रायबरेली की है जहां अखिलेश जी सिर्फ चाय पीने गए हैं। #UttarPradesh वीडियो 📩 लगता है यूपी का सुल्तान बदलने वाला है, ये भीड़ आज रायबरेली की है जहां अखिलेश जी सिर्फ चाय पीने गए हैं। #UttarPradesh वीडियो 📩1
- पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर चोट: वरिष्ठ पत्रकार से अभद्रता,बारिश में भीगते रहे पत्रकार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जिस बनारस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने पर गर्व है,उसी काशी में कल शाम लोकतंत्र का चौथा स्तंभ लहूलुहान हुआ। लालपुर पांडेयपुर थाने पर ड्यूटी के दौरान अत्यंत सहयोगी और वरिष्ठ पत्रकार भाई के साथ एक पुलिस सिपाही ने बेहद अमर्यादित और अभद्र व्यवहार किया। एक कलमकार, जो दिन-रात सच दिखाता है, उसी के सम्मान को वर्दी के नशे में रौंद दिया गया।बारिश में भीगता रहा चौथा स्तंभ घटना की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते बनारस के सम्मानित पत्रकार साथियों का हुजूम पांडेयपुर थाने पर उमड़ पड़ा। ऊपर से इंद्र देव की मूसलाधार बारिश और नीचे थाने के बाहर जमीन पर बैठे हमारे पत्रकार साथी... ये तस्वीर पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ी कर रही थी। लेकिन पत्रकार डिगे नहीं, बारिश में भीगते हुए अपने साथी के सम्मान की लड़ाई लड़ते रहे। ये लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, पूरे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की थी।1
- शहाबगंज पुलिस की कार्रवाई, 28 पाउच देशी शराब के साथ युवक गिरफ्तार जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1
- वायरल है इसे एकदम सच ही मत समझो गुजरात में घर की छत पर दिखे 6 शेर, भारी बारिश से बचने पहुंचे गुजरात में घर की छत पर दिखे 6 शेर, भारी बारिश से बचने पहुंचे गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के झुंड गांव में भारी बारिश के दौरान घर की छत पर एक शेर, तीन शेरनियां और दो शावक आराम करते नजर आए.1
- बीमारी के बावजूद ड्यूटी कराने का आरोप, दिव्यांशी की मौत के बाद KGMU में छात्रों का धरना जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार वाराणसी1
- कलम के तेज धार से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग DM बोले - अतिक्रमण हटाया, हाईकोर्ट का आदेश था, अब सियासत अपने चरम पर अयोध्या। जनौरा नाका पर बुलडोजर के पहिए थमे नहीं कि सियासत का पारा चढ़ गया, तो आखिरकार जिला प्रशासन को सामने आना पड़ा। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने साफ कहा भैया, यह कोई मनमानी नहीं है। डीएम के 3 बड़े प्वाइंट 1. सर्वे के बाद कार्रवाई पहले कमेटी बनी, कमेटी ने सर्वे किया, फिर संस्तुति दी, तब जाकर अतिक्रमण हटाया गया। 2. हाईकोर्ट का डायरेक्शन यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर हुई है, प्रशासन की मर्जी से नहीं। 3. मुआवजे का भरोसा जिनके मकान जद में आए हैं, उन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया है। बात सुनी जा रही है, जल्द मुआवजा दिया जाएगा। डीएम का बयान आते ही सियासी तस्वीर भी साफ हो गई। एक तरफ प्रशासन कह रहा है "हमने अतिक्रमण हटाया है", दूसरी तरफ सपा सांसद अवधेश प्रसाद मलबे पर ही धरने पर बैठ गए हैं और कह रहे हैं "यह दमन है।" अब अयोध्या में दो धाराएं चल रही हैं। एक प्रशासन की फाइल वाली धार, दूसरी सियासत की कलम वाली धार। देखना यह है कि पीड़ित परिवारों को पहले मुआवजा मिलता है या सियासी बयानबाजी।1