आज चित्रकूट कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में 'सीएम डैशबोर्ड' के माध्यम से कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राजस्व प्राप्ति, खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने और न्यायालयी वादों के त्वरित निस्तारण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने जिला खनिज अधिकारी को प्रवर्तन दल के साथ नियमित रूप से क्षेत्र में निकलने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार जनपद में बिना रवन्ना (परिवहन प्रपत्र) के किसी भी खनिज वाहन का संचालन नहीं होना चाहिए, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। समस्त उप जिलाधिकारियों (SDM) और खनिज अधिकारी को संयुक्त रूप से ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खनिज अधिकारी को खदानों का औचक निरीक्षण करने तथा वहां स्थापित सीसीटीवी कैमरों व धर्मकांटों की क्रियाशीलता जांचने के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, मिट्टी खनन की अनुमति के संबंध में जिलाधिकारी ने 100 घन मीटर से अधिक के खनन पर नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य बताया। राजस्व न्यायालयों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि धारा-24 के सर्वाधिक लंबित मामले तहसील मऊ में हैं, जिस पर उन्होंने पूर्व में चलाए गए विशेष अभियान की तर्ज पर लगातार नियत तिथि लगाकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा-24 के अंतर्गत डिफाल्टर श्रेणी के वादों में सही और समयबद्ध फीडबैक से जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सकता है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री चंद्रशेखर को निर्देश दिया गया कि वे धारा-24 के अंतर्गत तीन माह, छह माह और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों की सूची तैयार कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को निस्तारण का स्पष्ट लक्ष्य दें, और इसी माह के भीतर लगातार सुनवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए कृषि विभाग के सहयोग की सराहना की और निर्देश दिया कि जिन किसान भाइयों के नाम धारा-24 के अंतर्गत दर्ज हो रहे हैं, उनकी शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराई जाए। अंश निर्धारण की समीक्षा में मानिकपुर तहसील का कार्य सर्वोत्तम रहा, जबकि मऊ तहसील का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने मऊ तहसील के संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने की कड़ी चेतावनी दी। विभागीय स्तर पर लंबित अन्य मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अगले माह होने वाली बैठक में इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी, अतः सभी विभाग अपनी पेंडेंसी को समय रहते शून्य करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री चंद्रशेखर, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
आज चित्रकूट कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में 'सीएम डैशबोर्ड' के माध्यम से कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राजस्व प्राप्ति, खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने और न्यायालयी वादों के त्वरित निस्तारण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने जिला खनिज अधिकारी को प्रवर्तन दल के साथ नियमित रूप से क्षेत्र में निकलने के निर्देश दिए, साथ ही स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार जनपद में बिना रवन्ना (परिवहन प्रपत्र) के किसी भी खनिज वाहन का संचालन नहीं होना चाहिए, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। समस्त उप जिलाधिकारियों (SDM) और खनिज अधिकारी को संयुक्त रूप से ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। खनिज अधिकारी को खदानों का औचक निरीक्षण करने तथा वहां स्थापित सीसीटीवी कैमरों व धर्मकांटों की क्रियाशीलता जांचने के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, मिट्टी खनन की अनुमति के संबंध में जिलाधिकारी ने 100 घन मीटर से अधिक के खनन पर नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य बताया। राजस्व न्यायालयों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि धारा-24 के सर्वाधिक लंबित मामले तहसील मऊ में हैं, जिस पर उन्होंने पूर्व में चलाए गए विशेष अभियान की तर्ज पर लगातार नियत तिथि लगाकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा-24 के अंतर्गत डिफाल्टर श्रेणी के वादों में सही और समयबद्ध फीडबैक से जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सकता है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री चंद्रशेखर को निर्देश दिया गया कि वे धारा-24 के अंतर्गत तीन माह, छह माह और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों की सूची तैयार कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को निस्तारण का स्पष्ट लक्ष्य दें, और इसी माह के भीतर लगातार सुनवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए कृषि विभाग के सहयोग की सराहना की और निर्देश दिया कि जिन किसान भाइयों के नाम धारा-24 के अंतर्गत दर्ज हो रहे हैं, उनकी शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराई जाए। अंश निर्धारण की समीक्षा में मानिकपुर तहसील का कार्य सर्वोत्तम रहा, जबकि मऊ तहसील का प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने मऊ तहसील के संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने की कड़ी चेतावनी दी। विभागीय स्तर पर लंबित अन्य मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अगले माह होने वाली बैठक में इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी, अतः सभी विभाग अपनी पेंडेंसी को समय रहते शून्य करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री चंद्रशेखर, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
- माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में, जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने हेतु एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, 20 जून, 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कपसेठी स्थित कर्वी थाना क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान, लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया, और साथ ही 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस कार्रवाई के फलस्वरूप, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कुल 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- चित्रकूट जनपद के ग्राम रामनगर में एक पैर से दिव्यांग बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि पिछले 15-20 दिनों से उनके घर की पानी की टोटी में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। बुजुर्ग ने बताया कि अपनी दिव्यांगता के कारण पानी की व्यवस्था करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के अन्य ग्रामीणों ने भी पुष्टि की है कि पेयजल संकट की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करें और नियमित जलापूर्ति बहाल करें, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।1
- चित्रकूट आबकारी विभाग जनपद में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष प्रवर्तन अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई माननीय आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आदेशानुसार और जिलाधिकारी चित्रकूट, श्री पुलकित गर्ग के कुशल निर्देशन में की जा रही है। इसी क्रम में, जिला आबकारी अधिकारी, चित्रकूट के नेतृत्व में आबकारी टीम ने कर्वी थाना क्षेत्र के ग्राम कपसेठी में मंदाकिनी नदी के किनारे संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान लगभग 600 किलोग्राम लहन बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही विधिपूर्वक नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, दबिश में 40 लीटर अवैध शराब भी जब्त की गई। इस संबंध में, संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 (यथा संशोधित) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 3 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद में अवैध मदिरा के व्यापार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कठोर कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने भगवान परशुराम का अपमान किए जाने पर अपनी आपत्ति जताई है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।1
- देश की महामहिम द्रौपदी मुर्मू का जबलपुर में आगमन हुआ। उनके जबलपुर पहुँचने पर, सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।1
- रीवा जिले की जवा तहसील के डभौरा नगर परिषद में अपने पिता फूलचंद आरख का पता न लगा पाने से परेशान दो बालिकाएँ आज, 20 जून 2026 से डभौरा थाने के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गई हैं। इन बालिकाओं का कहना है कि 27 मई 2026 को उनके पिता फूलचंद आरख को गायब कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन डभौरा पुलिस आज तक उनका पता नहीं लगा पाई है। बालिकाओं ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक रीवा, डीआईजी, कलेक्टर रीवा, एसडीएम, एसडीओपी और थाना प्रभारी डभौरा को भी ज्ञापन सौंपे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक उनके पिता फूलचंद आरख को जिंदा या मुर्दा नहीं लाया जाता, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी और अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही की भी मांग की है। उनके अनशन स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव ने पहुँचकर समर्थन व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर न्याय नहीं मिला, तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करेगी। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक रीवा इन अनशनकारी बालिकाओं को कितने समय में न्याय दिलाते हैं और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करते हैं।4
- सतना में ज़िला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार और पिछले 26 वर्षों से क्रिमिनल लॉयर के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट प्रदीप पांडे ने 'उद्घोष समय' न्यूज़ चैनल से खास बातचीत में अपना विजन और घोषणा पत्र साझा किया। उन्होंने पूर्व पदाधिकारियों पर वकीलों की मूलभूत समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकाल के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पांडे ने युवा अधिवक्ताओं की आर्थिक सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने वादा किया कि वकालत के शुरुआती 1 से 12 वर्षों तक आर्थिक संकट का सामना करने वाले युवा वकीलों को, यदि वे अपनी निजी ज़रूरतों के लिए पर्याप्त कमाई न कर पाने का घोषणा पत्र देते हैं, तो संघ की ओर से ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उन्होंने चैंबरों की भारी कमी को दूर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के महज़ 5 दिन के भीतर ही अधिवक्ता चैंबर निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वृद्धावस्था में वकीलों की सुरक्षा के लिए, उन्होंने 35 वर्ष की प्रैक्टिस पूरी करने या लाइसेंस सरेंडर करने वाले वकीलों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि और ₹15,000 से ₹25,000 प्रति माह पेंशन दिलाने के लिए शासन पर दबाव बनाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पारिवारिक पेंशन योजना लागू करने और आकस्मिक मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में राज्य परिषद द्वारा दी जाने वाली ₹2-₹10 लाख की सहायता राशि को राज्य सरकार के समक्ष बढ़ाकर दिलाने की पुरज़ोर मांग रखने की बात कही। उन्होंने न्यायालय परिसर में पानी की निकासी, नालियों, पीने के पानी और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए इन्हें दुरुस्त करने को प्राथमिकता बताया। अंत में, एडवोकेट प्रदीप पांडे ने सभी अधिवक्ताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पूर्व पदाधिकारियों ने वकीलों को वे सहयोग और सुविधाएं नहीं दीं जिनके वे हक़दार थे। पांडे ने भरोसा दिलाया कि वे चुनाव जीतने के बाद 'पदाधिकारी नहीं, बल्कि हर अधिवक्ता के पास एक 'सेवक' के रूप में उपस्थित रहेंगे।2
- सतना शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नेक्टर झील से लगे क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि खनिज माफिया बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहे हैं, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों की निजी जमीनों पर भी अवैध खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर डंपर दिन-रात दौड़ रहे हैं, लेकिन यह पूरा अवैध खेल पुलिस और खनिज विभाग की आंखों के सामने चल रहा है। ऐसे में खनिज विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग को रिश्वत देकर कहीं भी, किसी की निजी जमीन पर या सरकारी जमीन में अवैध खनन किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नेक्टर झील के आसपास बड़े पैमाने पर मिट्टी, मुरुम और अन्य खनिजों का उत्खनन किया गया है। इस अवैध उत्खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों की जमीन, सुरक्षा और भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश है। रहवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें अवैध उत्खनन की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जाएगी। एनडी न्यूज़ चैनल सतना इस मुद्दे पर अपनी नज़र बनाए रखेगा और यह जानकारी देता रहेगा कि अवैध उत्खनन के इस पूरे खेल में कौन-कौन शामिल है, किसके संरक्षण में यह कारोबार चल रहा है और कब कार्रवाई होगी।2