नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग: दवा स्टोर जलकर खाक, लाखों का नुकसान नवादा: बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के सदर अस्पताल परिसर स्थित दवा स्टोर (Medicine Store) में शुक्रवार (6 मार्च 2026) की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में अस्पताल के दवा भंडार में रखी लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं, सलाइन की बोतलें और अन्य चिकित्सीय उपकरण जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं। कैसे हुई घटना? प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 9 बजे सिविल सर्जन चैंबर के बगल में स्थित अस्थाई दवा स्टोर से अचानक धुआं निकलता देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था। मरीजों में मची अफरा-तफरी अस्पताल परिसर में आग की खबर फैलते ही भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल में लोग अपने मरीजों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सुरक्षा के लिहाज से पास के वार्डों (जैसे सर्जिकल वार्ड) को तुरंत खाली कराया गया और बिजली की आपूर्ति काट दी गई। नुकसान का आकलन दवाएं और सलाइन: स्टोर में करीब 200 प्रकार की दवाइयां मौजूद थीं। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक की सरकारी दवाओं का नुकसान हुआ है। अन्य सामग्री: दवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में सलाइन की बोतलें और जरूरी मेडिकल किट्स भी आग की भेंट चढ़ गईं। बचाव कार्य और कारण सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य के अनुसार, शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। बड़ी अपडेट: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अफरा-तफरी और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की वजह से एक महिला मरीज की मौत की खबर भी सामने आई है, जिससे परिजनों में काफी आक्रोश है।
नवादा सदर अस्पताल में भीषण आग: दवा स्टोर जलकर खाक, लाखों का नुकसान नवादा: बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के सदर अस्पताल परिसर स्थित दवा स्टोर (Medicine Store) में शुक्रवार (6 मार्च 2026) की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में अस्पताल के दवा भंडार में रखी लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं, सलाइन की बोतलें और अन्य चिकित्सीय उपकरण जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं। कैसे हुई घटना? प्रत्यक्षदर्शियों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 9 बजे सिविल सर्जन चैंबर के बगल में स्थित अस्थाई दवा स्टोर से अचानक धुआं निकलता देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे स्टोर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था। मरीजों में मची अफरा-तफरी अस्पताल परिसर में आग की खबर फैलते ही भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल में लोग अपने मरीजों
को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सुरक्षा के लिहाज से पास के वार्डों (जैसे सर्जिकल वार्ड) को तुरंत खाली कराया गया और बिजली की आपूर्ति काट दी गई। नुकसान का आकलन दवाएं और सलाइन: स्टोर में करीब 200 प्रकार की दवाइयां मौजूद थीं। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक की सरकारी दवाओं का नुकसान हुआ है। अन्य सामग्री: दवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में सलाइन की बोतलें और जरूरी मेडिकल किट्स भी आग की भेंट चढ़ गईं। बचाव कार्य और कारण सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य के अनुसार, शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं। बड़ी अपडेट: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अफरा-तफरी और ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने की वजह से एक महिला मरीज की मौत की खबर भी सामने आई है, जिससे परिजनों में काफी आक्रोश है।