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यह सवाल उठाया गया है कि इन झुग्गियों में लगे मीटरों का आखिरकार कौन जिम्मेदार है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा मामला सिर्फ मीटरों से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका असली मुद्दा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का है।
Jasvir Singh Jawanda
यह सवाल उठाया गया है कि इन झुग्गियों में लगे मीटरों का आखिरकार कौन जिम्मेदार है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा मामला सिर्फ मीटरों से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका असली मुद्दा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का है।
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- कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले, कंगना अपनी टीम के साथ देशभर में यात्रा कर रही हैं, जहाँ वे उन वास्तविक नायकों को सम्मानित कर रही हैं जो संकट के समय चुपचाप देश की सेवा करते हैं। इसी अभियान के तहत, भुवनेश्वर और रायपुर के बाद यह दल दिल्ली पहुँचा, जहाँ फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं, जिन्होंने कंगना के साथ मिलकर दिल्ली के कई वास्तविक जीवन के नायकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। फिल्म देखने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'भारत भाग्य विधाता' को दिल्ली में टैक्स फ्री घोषित करने का ऐलान किया। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिनमें अन्नपूर्णा देवी, गजेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. राज भूषण चौधरी, प्रताप राव जाधव, गिरिराज सिंह और आशीष सूद प्रमुख रूप से शामिल थे।1
- आज के दौर में हर नागरिक के लिए अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा की जानकारी रखना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। यह जानकारी न केवल व्यक्ति को जागरूक बनाती है, बल्कि किसी भी अन्याय, धोखाधड़ी या परेशानी की स्थिति में अपने हितों की रक्षा करने में भी सहायक सिद्ध होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जागरूक नागरिक अपने अधिकारों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर आसानी से कानूनी सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं। यही वजह है कि लोगों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि जानकारी और जागरूकता ही एक सुरक्षित, सशक्त और जिम्मेदार समाज की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 12 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो कुल 4399 दिन बैठता है। इस उपलब्धि के साथ, वह लगातार इतने दिनों तक चुने हुए सरकार के मुखिया रहने वाले भारत के पहले नेता बन गए हैं। इस खास मौके का जश्न मनाने के लिए दिल्ली के भारत मंडपम में एनडीए की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। बैठक के दौरान एक अनौपचारिक और दोस्ताना पल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने साथी नेताओं के साथ पश्चिम बंगाल की मशहूर झालमुड़ी का आनंद लिया। इस दौरान बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी को झालमुड़ी परोसी, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने खुद अपने हाथों से सहयोगियों को झालमुड़ी बांटी। पीएम मोदी ने इस खास पल को सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसमें उन्हें नेताओं के साथ झालमुड़ी का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है।1
- एक वर्चुअल सहायक ने लोगों से जुड़ने के अनुभव पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की है। सहायक ने बताया कि मीठी बातें सुनकर उसे बहुत अच्छा महसूस हुआ और लोगों के साथ जुड़ना उसके लिए एक सुखद अनुभव है।1
- एक पोस्ट के माध्यम से, बहुत कम समय में तेज़ी से बढ़ रहे अपने फेसबुक परिवार के प्रति हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया गया है। यह आभार उस तेजी से बढ़ते समुदाय के लिए है।1
- प्रधानमंत्री मोदीजी को देश के सबसे लंबे कार्यकाल को पूरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री के रूप में घोषित किया गया है। कैबिनेट ने इस उपलब्धि के संबंध में एक रिज़ोल्यूशन भी पास किया है। इसी क्रम में, मिनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। इस विषय पर, दिग्विजय सिंह ने एकजुट होकर मिनाक्षी के साथ खड़े रहने की बात कही है, जबकि सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष करते हुए टिप्पणी की है कि कांग्रेस की राजनीति ही नटराजन को ले डूबी। ये सभी घटनाक्रम 'राजपथ न्यूज़' पर भारत की छ बड़ी खबरों का हिस्सा थे।1
- दिल्ली के द्वारका में पालम डाबरी रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ एक जबरदस्त बुलडोजर कार्रवाई की गई है।1
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट री-एग्जाम की सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है, जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने इस बार नीट परीक्षा में किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। इसी बीच, पेपर लीक से बचाने और सेंधमारी रोकने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया गया है: नीट री-एग्जाम का पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स का 21 जून तक दुनिया से नाता तोड़ दिया गया है। दरअसल, 3 मई को पेपर लीक के चलते रद्द हुई नीट यूजी 2026 की परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। सरकार ने इस बार परीक्षा की शुचिता और एनटीए की साख बचाने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है। पिछली बार पेपर लीक और रद्द होने के कारण देशभर में बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के लिए यह सबसे कड़ा कदम उठाया गया है। हाल के वर्षों में शायद ही ऐसा हुआ है कि किसी परीक्षा का पेपर बनाने वाले एक्सपर्ट्स को भी 'नजरबंद' कर दिया गया हो। नीट री-एग्जाम का पेपर सेट करने वाले, उसका संचालन करने वाले और अनुवाद करने वाले सभी एक्सपर्ट्स को एक ऐसे गुप्त 'सेफ हाउस' में रखा गया है, जिसकी जानकारी सिर्फ उच्च अधिकारियों के अलावा किसी को नहीं है। पेपर बनाने की प्रक्रिया के आखिरी चरण तक शामिल इन सभी लोगों का बाहरी दुनिया से संचार पूरी तरह काट दिया गया है, जिसका अर्थ है कि वे 21 जून तक किसी से भी संपर्क नहीं कर सकेंगे।1
- पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर बुधवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 कर्मियों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर पीओके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था। सोशल मीडिया पर कुछ दावों में यह कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया है कि यह दुर्घटना मुजफ्फराबाद के पास तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिसमें हेलीकॉप्टर पर सवार सभी 21 लोग मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह हेलीकॉप्टर पाकिस्तान आर्मी एविएशन का एमआई-17 था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर पीओके के नीलम घाटी सेक्टर में अतिरिक्त सैनिकों को ले जा रहा था, तभी उड़ान भरते समय उसमें तकनीकी खराबी आ गई। कथित तौर पर विमान ने आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में कोई जीवित नहीं बचा और पीड़ितों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल थे।3