फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।
फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।
- फर्रुखाबाद में सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने एक थाने का औचक निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।1
- फर्रुखाबाद शहर के उपभोक्ताओं को झूलती हुई बिजली की केबलों से जल्द ही राहत मिलने वाली है।1
- जनपद फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने और शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग की टीम ने देसी और विदेशी मदिरा की दुकानों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, आबकारी निरीक्षक सुधांशु चौधरी ने कांस्टेबल योगेश चौधरी और दिलीप कुमार तोमर के साथ मिलकर विभिन्न शराब की दुकानों का दौरा किया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख, बारकोड, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस संबंधी सभी दस्तावेजों की बारीकी से जाँच की। साथ ही, दुकानदारों को दुकानों पर निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आबकारी निरीक्षक ने दुकान संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध शराब की बिक्री, या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी दुकानदारों को शासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए भी निर्देशित किया।1
- एक अज्ञात वारदात से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए पाठकों से पूरी खबर पढ़ने का आह्वान किया गया है। यह पोस्ट घटना के संपूर्ण विवरण को जानने और समझने पर जोर देती है, जिससे पाठकों को उस विशेष वारदात के सभी पहलुओं से अवगत होने का अवसर मिल सके और वे इससे जुड़ी हर जानकारी प्राप्त कर सकें।1
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- नवाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित सुस्त कार्यप्रणाली के कारण चोरों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जहाँ चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में, ग्राम बबूरारा में चोरों ने एक परचून की दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नकदी और जेवरात चुरा लिए, जिससे पुलिस को खुली चुनौती मिल गई है। यह वारदात दो दिन पहले मुख्य चौराहे से एक बाइक चोरी होने के मामले के बाद हुई है, जो अभी शांत भी नहीं हुआ था। बबूरारा गांव निवासी राजू, जो अपने घर में ही परचून की दुकान चलाते हैं, बुधवार रात करीब 11 बजे दुकान बंद कर सो गए थे। गुरुवार सुबह एक ग्राहक के सामान खरीदने आने पर जब राजू ने पैसे वापस करने के लिए दुकान की गोलक (गल्ले) की ओर देखा, तो वह टूटी और उल्टी पड़ी थी, और उसमें रखी नकदी व कीमती सामान गायब था। पीड़ित राजू के अनुसार, चोरों ने दुकान के दरवाज़े की कमज़ोरी का फायदा उठाया, जहाँ उसे आगे-पीछे करने पर बीच में थोड़ी जगह (झिरी) बन जाती है, और रात में दरवाज़ा खोलकर भीतर दाखिल हो गए। चोरों ने गोलक में रखे लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये, सोने के एक जोड़ी कुंडल और एक सोने की अंगूठी चुरा ली। इसके अतिरिक्त, पास रखे एक छोटे डिब्बे से करीब 7 हजार रुपये और कोल्ड स्टोरेज में जमा आलू की पर्ची भी गायब थी। घटना की जानकारी होते ही पीड़ित राजू ने तुरंत यूपी 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और राजू से जानकारी जुटाई, जिसके बाद उन्हें थाने आकर लिखित तहरीर देने को कहा गया। दुकान से लाखों रुपये और जेवरात चोरी होने से पीड़ित परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नवाबगंज थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों का खुलासा करने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उनकी मानें तो, चाहे दो दिन पहले हुई बाइक चोरी हो या उससे पहले की वारदातें, पुलिस का रवैया बेहद ढीला रहा है, और इसी सुस्ती का फायदा उठाकर चोर बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे व्यापारियों और आम जनता में भय और आक्रोश का माहौल है।2
- सिटी न्यूज़ के अनुसार, अपना दल (एस) ने जनसुनवाई दिवस का आयोजन किया है। यह आयोजन फर्रुखाबाद जिले में किया गया।1
- फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज क्षेत्र में ग्रामीणों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।1
- फर्रुखाबाद शहर के साहेबगंज मुख्य चौराहे पर नाले के ऊपर लगा लोहे का गाटर पिछले कई दिनों से टूटा पड़ा है, जिसके कारण रोजाना यहां से गुजरने वाले ई-रिक्शा, कार, बाइक और अन्य छोटे-बड़े वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह टूटा गाटर लगातार हादसों का कारण बन रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नगर पालिका की अनदेखी को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन कई बार इस टूटे गाटर में फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मौके पर देखा जा सकता है कि गाटर टूटने के कारण सड़क का एक हिस्सा भी धंस गया है, जिसके चलते वाहन चालकों को बेहद सावधानी से निकलना पड़ता है। कई बार ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। राहगीरों और व्यापारियों ने चेताया है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी की जान भी जा सकती है। नागरिकों ने बताया कि इस समस्या के बारे में संबंधित अधिकारियों और नगर पालिका को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पालिका की इस लापरवाही के कारण क्षेत्रवासियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और नगर पालिका से तत्काल साहेबगंज मुख्य चौराहे पर टूटे हुए लोहे के गाटर की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन मिल सके तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।2