महोबा के थाना श्रीनगर पुलिस ने 23 जून को हुई एक लूट की घटना का मात्र 12 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से लूटी गई ₹55,200 की नकदी, अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को ग्राम बरा रोड पर स्थित एक देशी शराब ठेके के मुंशी शैलेंद्र कुमार को बाइक सवार बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। इस संबंध में थाना श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश पर गठित एक संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने बरा-तिगैला से चंडीपुरा-सिजहरी मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन पुल के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए और सभी चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 21 वर्षीय प्रदीप यादव निवासी मिरतला, कोतवाली नगर, महोबा (जो घायल है); 22 वर्षीय गोलू कुमार निवासी मुहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) (जो घायल है); 19 वर्षीय विकास राजपूत उर्फ कल्लू निवासी ग्राम बरा, थाना श्रीनगर, महोबा; और 20 वर्षीय आयुष नौपाने निवासी कपिलवस्तु, नेपाल (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) शामिल हैं। पुलिस ने लूटी गई ₹55,200 नकद राशि के साथ-साथ पीड़ित का आधार कार्ड और पैन कार्ड, देशी शराब ठेके से संबंधित हिसाब-किताब के दस्तावेज, दो अवैध .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने लूट की वारदात को स्वीकार कर लिया और बताया कि वे लूटी गई रकम का बंटवारा करने के लिए इकट्ठा हुए थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
महोबा के थाना श्रीनगर पुलिस ने 23 जून को हुई एक लूट की घटना का मात्र 12 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से लूटी गई ₹55,200 की नकदी, अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को ग्राम बरा रोड पर स्थित एक देशी शराब ठेके के मुंशी शैलेंद्र कुमार को बाइक सवार बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। इस संबंध में थाना श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देश पर गठित एक संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने बरा-तिगैला से चंडीपुरा-सिजहरी मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन पुल के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में दो आरोपी घायल हो गए और सभी चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 21 वर्षीय प्रदीप यादव निवासी मिरतला, कोतवाली नगर, महोबा (जो घायल है); 22 वर्षीय गोलू कुमार निवासी मुहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) (जो घायल है); 19 वर्षीय विकास राजपूत उर्फ कल्लू निवासी ग्राम बरा, थाना श्रीनगर, महोबा; और 20 वर्षीय आयुष नौपाने निवासी कपिलवस्तु, नेपाल (वर्तमान पता रोहिणी, नई दिल्ली) शामिल हैं। पुलिस ने लूटी गई ₹55,200 नकद राशि के साथ-साथ पीड़ित का आधार कार्ड और पैन कार्ड, देशी शराब ठेके से संबंधित हिसाब-किताब के दस्तावेज, दो अवैध .315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने लूट की वारदात को स्वीकार कर लिया और बताया कि वे लूटी गई रकम का बंटवारा करने के लिए इकट्ठा हुए थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
- महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के शेखूनगर मोहल्ले में एक बड़ी चोरी की वारदात से हड़कंप मच गया है। अज्ञात चोरों ने देर रात लकड़ी टाल संचालक शिवराम पाल के मकान का ताला तोड़कर उसमें प्रवेश किया। चोरों ने अलमारी का लॉक तोड़कर करीब 3 लाख रुपये नकद और लगभग एक किलो चांदी के जेवरात चुरा लिए। चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के बाद चोर मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोगों को घटना की जानकारी हुई, तो उन्होंने घर में सामान बिखरा हुआ पाया। चोरी की सूचना फैलते ही पूरे मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चोरों की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।1
- बाँदा शहर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) / सचिव बीडीए, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की एक संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों पर छापा मारा, जिसमें पाँच सेंटर बिना मान्यता के चलते पाए गए। इन सभी अवैध सेंटरों को मौके पर ही बंद करा दिया गया, जबकि एक सेंटर को ताला लगाकर सील भी किया गया है। निरीक्षण के दौरान जिन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई हुई, उनमें मैथमैटिक्स बाई अंकित गुप्ता, फिजिक्स बाई इ० आदित्य, मैथमैटिक्स बाई आदित्य, इंग्लिश बाई जी०डी० और बायलॉजी बाई अनिल द्विवेदी शामिल हैं। इन सेंटरों में बच्चों के आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और कोई अलग निकास द्वार नहीं था। इसके अतिरिक्त, आग बुझाने का एक भी उपकरण उपलब्ध नहीं था और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं लिया गया था, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। सभी पाँच अवैध कोचिंग सेंटरों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया और एक सेंटर को सील कर दिया गया। इसी अभियान के तहत टीम ने बिजली खेड़ा में एक लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। लाइब्रेरी में पाई गई कमियों को तुरंत ठीक करने अथवा उसे बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लाइब्रेरी संचालक ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इन कमियों को दूर कर देगा। प्रशासन ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को किसी भी कोचिंग संस्थान में भेजने से पहले उसका पंजीकरण और सभी सुरक्षा इंतजामों की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।2
- बांदा के कमासिन ब्लॉक की मऊ और सयोहट ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार का जिला पंचायती राज अधिकारी राजेंद्र कुमार ने संज्ञान लिया है, जिसके बाद अब जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने की उम्मीद है। यह संज्ञान खबर चलने के बाद प्रशासन के हरकत में आने से लिया गया है। आरोप है कि मऊ ग्राम पंचायत में सचिव और जेई ने मिलकर अंत्येष्टि स्थल की रंगाई-पुताई के नाम पर दोबारा फर्जी तरीके से पैसा निकाल लिया। वहीं, सयोहट ग्राम पंचायत में दो साल पहले बना अंत्येष्टि स्थल बेकार हो गया है, जिससे लाखों का सरकारी पैसा बर्बाद हो गया। DPRO राजेंद्र कुमार द्वारा इस मामले का संज्ञान लेने के बाद, दोनों ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में पुलिस ने एक दुकान का ताला तोड़कर लैपटॉप और अन्य उपकरण चोरी करने वाले आरोपी को महज 14 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अतर्रा पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत की गई, जिससे चोरी की घटना का खुलासा हुआ। तहसील के सामने स्थित एक दुकान से लैपटॉप, फिंगर प्रिंट डिवाइस, की-बोर्ड और अन्य सामान की चोरी हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी राजेश को गल्ला मंडी के पीछे से पकड़ा। पुलिस ने आरोपी राजेश के कब्जे से चोरी किया गया सारा सामान और ताला तोड़ने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।2
- महोबा जिले के कबरई ब्लॉक में राज्य महिला आयोग की सदस्या अनुपमा सिंह लोधी द्वारा एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया।1
- हमीरपुर जिला अस्पताल के महिला वार्ड के शौचालय में मंगलवार सुबह एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। सफाई कर्मचारी ने सुबह करीब 8 बजे डस्टबिन में पॉलिथीन में लिपटा शव देखा, जिसके बाद उसने तुरंत वार्ड इंचार्ज और अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राथमिक जांच में नवजात को 1-2 दिन का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. एके रावत जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इसे "बेहद गंभीर मामला" बताया। उन्होंने इमरजेंसी, महिला वार्ड और शौचालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तुरंत खंगालने के निर्देश दिए हैं, ताकि शव छोड़कर जाने वाले दोषी का पता लगाया जा सके और उस पर सख्त कार्रवाई की जा सके। जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह नवजात का शव मिलना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का पूछना है कि बिना किसी की नजर में आए शव शौचालय तक कैसे पहुंचा और अस्पताल में आने-जाने वालों की निगरानी क्यों नहीं की गई। इस घटना से तीमारदारों में भी दहशत का माहौल है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की है।1
- बाँदा में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल की सख्ती रंग लाई है, जहाँ कोतवाली देहात पुलिस ने चटगन खदान में हुई खूनी लूट के दो और फरार वांछित बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों खदानकर्मियों को पीट-पीटकर लहूलुहान करने और लाइसेंसी रायफल लूटने के मामले में वांछित थे। इस घटना की रिपोर्ट खदान मैनेजर ने 3 मई को दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 1 मई की शाम चारपहिया वाहन से आए बदमाशों ने खदान पर धावा बोला था। उन्होंने कर्मियों को बुरी तरह पीटा, एक की लाइसेंसी रायफल छीन ली और उनकी जेब से रुपए निकालकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भूरा को 4 मई को ही लूट की रायफल के साथ पहले ही पकड़ लिया था। मुखबिर की सूचना मिलने पर पुलिस ने पहले अनुराग को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे बांदा रोड से गिरफ्तार किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर अनुराग ने अपना जुर्म कबूल किया और अपने साथी का नाम भी बताया। इसके बाद पुलिस ने गोविंद को कटरा बलखंडीनाका स्थित उसके घर से धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए लुटेरों में अनुराग पुत्र राकेश, जो जंगल दफ्तर सिविल लाइन का निवासी है और जिसका स्थायी पता करहिया कोतवाली देहात है, तथा गोविंद पुत्र प्रकाश चंद्र, जो कटरा बलखंडीनाका, कोतवाली नगर का निवासी है, शामिल हैं। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार लुटेरों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।1
- हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे में बेरी तिराहे के पास मंगलवार को दो युवकों के बीच सरेराह मारपीट का मामला सामने आया है। मामूली कहासुनी के बाद शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने दूसरे पर चप्पलें बरसानी शुरू कर दीं। इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक सड़क पर एक-दूसरे से उलझे हुए हैं, और बहस के दौरान एक युवक अपना आपा खोकर सामने वाले को चप्पल से पीट रहा है। आस-पास खड़े लोग तमाशबीन बने रहे, हालांकि कुछ ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक आरोपी युवक कई चप्पलें मार चुका था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक बाइक से आमने-सामने आ गए थे और साइड देने को लेकर उनकी कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक कुरारा कस्बे के ही रहने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कुरारा थाना पुलिस हरकत में आई है। थाना प्रभारी ने जानकारी दी है कि वीडियो उनके संज्ञान में है और दोनों युवकों की पहचान कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष ने इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है, लेकिन तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की मारपीट शांति भंग करने का मामला है। सरेराह हुई इस मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। लोगों का कहना है कि पुलिस को बाजार और तिराहों पर गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।1