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AISA ki अध्यक्ष नेहा बोरा ने उप के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना जो इस बात का दंभ भरते हैं की यहाँ बाबा का राज है, बाबा के इजाज़त के बिना एक पत्ता नहीं हिलता उन्हें हम खुली चुनौती देते हैं कि आने वाले चुनाव में दिखा देंगे की बाबा का राज नहीं बल्कि बाबा साहेब का राज है। :- नेहा बोरा
ATISH KUMAR
AISA ki अध्यक्ष नेहा बोरा ने उप के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना जो इस बात का दंभ भरते हैं की यहाँ बाबा का राज है, बाबा के इजाज़त के बिना एक पत्ता नहीं हिलता उन्हें हम खुली चुनौती देते हैं कि आने वाले चुनाव में दिखा देंगे की बाबा का राज नहीं बल्कि बाबा साहेब का राज है। :- नेहा बोरा
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- प्रशासनिक मिली भगत से सैदुलाजाब मैंन रोड पर अबैध निर्माण1
- सुप्रीम कोर्ट ने SC आरक्षण के उप वर्गीयकरण के हित में सुनाया फैसला SCs का सब-क्लासिफिकेशन न तो सामाजिक न्याय है और न ही समान न्याय; यह इस देश के इतिहास में दलितों की एकता के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी साजिश है। सब-क्लासिफिकेशन बिल्कुल भी सामाजिक न्याय नहीं है, यह दलित समुदाय के खिलाफ साजिश का एक खुला कृत्य है। सभी धोखेबाज राजनीतिक दलों का मुख्य उद्देश्य यह है कि हम दलित समुदायों के लोग आरक्षण के नाम पर फेंके गए मामूली हिस्से के लिए आपस में लड़ें, और साथ ही हम इस देश में स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति हासिल करने के बारे में कभी न सोचें; यहाँ तक कि सपनों में भी हमें स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति हासिल करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। सभी राजनीतिक दल सब-क्लासिफिकेशन और सामाजिक न्याय की आड़ में हमारे सामाजिक वर्गों को निशाना बना रहे हैं और उनका दमन कर रहे हैं; हम अब तक इस साजिश का ठीक से विरोध करने में असमर्थ रहे हैं। कम से कम अब तो हम अपनी आँखें खोलें और इस गंभीर मुद्दे का शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करें। दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि आरक्षण का लाभ लगभग 100 SC लोगों में से केवल 2 को ही मिलता है? यह भी एक अनुमानित आंकड़ा है। तो फिर ये मुख्यमंत्री, सौ में से दो लोगों को मिलने वाले इन 2 लाभों को तेलुगु राज्यों की सभी 59 अनुसूचित जातियों में समान रूप से कैसे बांटेंगे? कर्नाटक में सब-क्लासिफिकेशन और सामाजिक न्याय के नाम पर 107 जातियों के बीच? साथ ही, मोदी जी और राहुल जी देश भर की सभी 1108 अनुसूचित जातियों में इन 2 लाभों को समान रूप से कैसे बांट सकते हैं? क्या यह संभव है? क्या यह दलितों की एकता के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश नहीं है? दोस्तों, अगर मोदी जी, राहुल जी और दूसरे नेता सच में SC लिस्ट में दूसरी जातियों को शामिल करना चाहते हैं, तो उन्हें आरक्षण 10% और बढ़ा देना चाहिए और उन्हें यह देना चाहिए; हमें इसमें कोई दिक्कत या आपत्ति नहीं है। साथ ही, उन्हें आगे लाने के और भी कई तरीके हैं; यही इस समस्या को हल करने का असली तरीका है। ऐसा किए बिना, आरक्षण के नाम पर मूंगफली और बचा-खुचा चावल फेंककर अगर वे हमसे इसके हिस्से के लिए आपस में लड़ने को कहें, तो ऐसा कभी नहीं होगा, यह बात याद रखें। इसके अलावा दोस्तों, हाल ही में पास किए गए सब-क्लासिफिकेशन (उप-वर्गीकरण) कानून सिर्फ़ अस्थायी हैं; उन्हें कभी भी वापस लेना पड़ सकता है! #1
- मुरादाबाद के मूंढापांडे में मुख्यमंत्री विवाह योजना में मिले लाभ के पैसे सीएचसी संचालक पर हड़पने का आरोप मुरादाबाद के मूंढापांडे में मुख्यमंत्री विवाह योजना में मिले लाभ के पैसे सीएचसी संचालक पर हड़पने का आरोप मूंढापांडे थाना क्षेत्र के ग्राम दोलारी का मजरा निवासी पांच महिलाओं ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सहायता राशि में धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सीएचसी संचालक पर लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र के अनुसार, गांव के ही राशिद पुत्र नौशे अली ने अपनी टीम के साथ शिकायतकर्त्ताओ की बेटियों का मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण कराने में मदद की थी। आरोप है कि योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में 55-55 हजार रुपये की सहायता राशि पहुंची। और इसके बाद सरकारी कागजी कार्रवाई पूरी कराने के नाम पर महिलाओं से बायोमैट्रिक डिवाइस के जरिए अंगूठा लगवाकर कथित रूप से प्रत्येक महिला के खाते से 30-30 हजार रुपये निकाल लिए गए। महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे मांगे तो आरोपी ने जल्द रुपये लौटाने की बात कहकर उन्हें किसी से शिकायत न करने के लिए कहा। उसके बाद काफी समय बीतने के बाद भी जब रुपये वापस नहीं किए गए तो महिलाओं का कहना है कि 30 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे रुपये वापस मांगने पर सीएचसी संचालक ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। पीड़ित परिवार वालो का दावा है कि आरोपी सपा से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ताओं पर फैसले का दबाव बना रहा है। पीड़ित महिलाओं ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल आई जी आर एस एव जिलाधकारी मुरादाबाद से करते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।शिकायतकर्ता श्रीमती शाहजहां पत्नी जाफर अली, आसिया बेगम पत्नी नवासे, परवीन पत्नी मकसूद, शकिला पत्नी नवी जान और नसीम जहां पत्नी कासम अली।1
- रेखा सिंह दिल्ली दोस्तों यह बताओ क्या खा रही हूं मैं अगर आपको पता है तो बताओ कमेंट में बताओ और यह बताओ आप लोगों को अच्छा लगता है मेरे को बहुत अच्छा लगता है गुड नाइट1
- दिल्ली से संवाददाता रजनी गुप्ता की रिपोर्ट ‘दिल्ली का महाराजा’ में दिखेगा विकसित भारत का भव्य स्वरूप दिल्ली के लक्ष्मी नगर में ‘दिल्ली का महाराजा’ गणेश महोत्सव इस बार अपने 25वें यानी सिल्वर जुबली वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता—25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित भारत का संकल्प’ थीम पर आयोजित महोत्सव में द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर आधारित भव्य पंडाल तैयार किया गया है। गणपति बप्पा के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल और सेमीकंडक्टर आकर्षण का केंद्र होंगे। 14 से 25 सितंबर तक होने वाले महोत्सव में भारत की संस्कृति, तकनीक और 2047 के विकसित भारत की झलकियां दिखाई जाएंगी।4
- दिल्ली में अंतरराज्यीय अपराधी को किया गिरफतार , अपराधी के खिलाफ वॉरेंट दिल्ली में अंतरराज्यीय अपराधी को किया गिरफतार1
- कोई मुझे बताऐगा भाजपा सरकार से पहले कौन सी सरकार थी.. 👇👇 नहीं तो चलो मैं बताता हूं अय्याश पार्टी आप पार्टी शराब माफिया की सरकार थी।उससे पहले 15 साल मुगलों और अंग्रेजों के दलालों की सरकार थी लेकिन 5 मंजिला अवैध निर्माण की जिम्मेदारी एक साल पहले बनी सरकार की मानी जाएगी । जबकि पांच मंजिला इमारत बनने में ही डेढ़ से 2 साल लग जाते हैं तभी तो चुप्पी साधे बैठा है पलटू मीडिया कहीं बात उनके सामने हड्डी फेंकने वाले मालिकों के ऊपर ही ना बन जाए अपनी गणित ठीक कर लो फिर किसी पर भी उंगली उठाओ नहीं तो कोई मानहानि का दावा ठोक देगा सब पता चल जाएगा2
- और आजकल लोग व्यक्तित्व लड़ाई में आपस की लड़ाई में धर्म को बिच में अटका देते हैं जिसमें हिंदू मुसलमानों की लड़ाई हो. शराब के ठेके पर 10 साल के लड़के को बिना आधार कार्ड के शराब दे दी जाती है लेकिन 40 साल के किसान को बिना आधार कार्ड और बिना बायोमेट्रिक के खाद नहीं दिया जाता है ऐसा क्यों ?शराब के ठेके पर 10 साल के लड़के को बिना आधार कार्ड के शराब दे दी जाती है लेकिन 40 साल के किसान को बिना आधार कार्ड और बिना बायोमेट्रिक के खाद नहीं दिया जाता है ऐसा क्यों ? हाजी सलमान एक अच्छा लड़का है उसका कसूर यही है जाती से मुसलमान है दूसरा कसूर यह है जो लोनी में पानी भरा हुआ था कम नहीं हुआ था. सफाई कर्मचारियों को सलाम कोरोना महामारी के कठिन समय में सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर देश और समाज को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी मेहनत, सेवा और समर्पण को देश हमेशा याद रखेगा। सफाई कर्मियों का सम्मान, समाज का सम्मान है। Ministry of Housing and Urban Affairs +1 शिक्षा और रोजगार पर सवाल बीजेपी सरकार किसी भी क्षेत्र को देख लो, जब शिक्षा और रोजगार की बात आती है तो चुप्पी साध लेती है, लेकिन हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर राजनीति करने में सबसे आगे रहती है। हमें चाहिए- अच्छी शिक्षा | युवाओं को रोजगार बेहतर अस्पताल किसानों का सम्मान | महिलाओं की सुरक्षा विकास और बराबरी के अवसर बॉबी चौहान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सर्वजन आम पार्टी (S.A.P.) सत्य निकेतन घटना में मारे गए अभिषेक कर गए सबसे बड़ा दान दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे ने चंदौली के एक परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया। सदर थाना क्षेत्र के झांसी गांव निवासी 20 वर्षीय अभिषेक कुमार की इस दुर्घटना में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अभिषेक ने अपनी आंखें दान करने का इच्छा जताया था। बेटे की इच्छानुसार घरवालों ने अंतिम संस्कार से पहले उसकी आंखें दान कर दिया।😭😭😭😭🙏🙏🙏🇮🇳🇮🇳4
- गुरुग्राम-दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया गुरुग्राम बसई रोड पर युवक की प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर सनसनीखेज हत्या पीछे से आए बाइक सवार हमलावर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से पेट में दागी गोली पुरानी रंजिश में दिया गया वारदात को अंजाम हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस साइबर सिटी गुरुग्राम का बसई रोड सुबह-सुबह गोलियों की गूंज और चीख-पुकार से दहल उठा, जब बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े हत्याकांड की खूनी वारदात को अंजाम दे दिया। मिली जानकारी के अनुसार बसई गांव का रहने वाला महेंद्र नाम का युवक जैसे ही अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, घात लगाए बैठे कातिलों ने उसे अपना निशाना बना लिया। सुबह करीब 9 बज के 20 मिंट पर हुई इस भीषण वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और आसपास के लोग सहम गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार महेंद्र जब सड़क से गुजर रहा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए नकाबपोश बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने बिना संभलने का मौका दिए अत्यंत नजदीक (प्वाइंट ब्लैंक रेंज) से महेंद्र पर सीधा फायर झोंक दिया। गोली सीधे महेंद्र के पेट में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर ही तड़पने लगा और कुछ ही पलों में उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर हथियार लहराते हुए घटनास्थल से फरार हो गए। शुरुआती तफ्तीश में इस खूनी वारदात के पीछे पुरानी आपसी रंजिश होने की बात सामने आ रही है। दिनदहाड़े मुख्य मार्ग पर हुई इस हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। दिनदहाड़े हुई इस निर्मम हत्या के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और पुलिस हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।2