डीआईओएस श्रवण गुप्त लोकायुक्त जांच के घेरे में, होगे बेनकाब लोकायुक्त का शिकंजा: डीआईओएस की घोटालों की परतें खुलने को तैयार, कार्यालय मे मचा हड़कंप खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मे भ्रष्टाचार व घोटालो की आंच अब सीधे राजधानी के प्रशासनिक गलियारों में पहुंच चुकी है। मजे की बात यह है कि इस बार डीआईओएस के उपर लगे आरोप सिर्फ आरोपो तक सीमित नही है बल्कि अधिकारिक जांच के घेरे में आ गया है। नियमो को ताक पर रखकर, तत्थ गोपन कर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले शिक्षको को संरक्षण देने, बिना कार्य किये लाखो रुपये का एरियर भुगतान कराने व पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त अब लोकायुक्त के जांच के घेरे में आ गये है जिससे बचना अब डीआईओएस के लिए आसान नही होगा। बताया जाता है कि डीआईओएस के खिलाफ जांच के आदेश के बाद कार्यालय सहित फर्जी कार्यो लिप्त शिक्षको व कर्मचारियों की नींद उड़ गयी है।सूत्रो के अनुसार लोकायुक्त कार्यालय से जारी पत्र संख्या 68-2026/06, दिनांक 8 अप्रैल 2026 ने जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त की नींद उडा दी है। सबब यह है कि इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कुशीनगर निवासी परिवादी विरेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत 61 पन्नों के परिवाद और सीडी साक्ष्य के आधार पर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाए। पत्र के मुताबिक जिलाधिकारी कुशीनगर की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक त्रिसदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। इस समिति में एक वित्त एवं लेखाधिकारी तथा एक शिक्षा विभाग के अधिकारी को शामिल करने की बात कही गई है, ताकि जांच केवल औपचारिक न होकर वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं से गहराई तक जांच की जा सके।सबसे अहम निर्देश यह है कि जांच में परिवादी की सहभागिता सुनिश्चित की करने की बात दोहरायी गयी है मतलब यह कि शिकायतकर्ता भी सीधे जांच प्रक्रिया का हिस्सा होगा। साथ ही साथ साफ शब्दों में यह भी कहा गया है कि पूरी जांच आख्या 30 अप्रैल 2026 तक लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाए।कहना ना होगा कि अब तक जो आरोप फाइलों और चर्चाओं में सीमित थे, वे अब दस्तावेजी जांच और जवाबदेही के दायरे में आ गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त पर आरोप है कि विभाग में नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले शिक्षकों को संरक्षण दिया गया और उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा जिले के कप्तानगंज स्थित कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के सहायक अध्यापक श्याम नरायण पाण्डेय और विरेंद्र पाण्डेय से जुडा एरियर भुगतान कराने व महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सखवनिया मे नियम विरुद्ध नियुक्त मृतक आश्रित लिपिक अविनाश गुप्ता का मामला भी चर्चा मे है। आरोप है कि इन शिक्षको द्वारा दो वर्षों तक कार्य न करने के बावजूद करीब दस-दस लाख रुपये का एरियर दिलाया गया, जो सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। मामला यहीं खत्म नहीं होता। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वेतन निर्धारण, सेवा पुस्तिका में संशोधन, नियुक्तियों की वैधता और स्थानांतरण जैसे मामलों में भी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। विभाग के भीतर “रेट तय” होने और बिना लेन-देन के फाइल आगे न बढान की चर्चा ने इस पूरे सिस्टम को संदेह के घेरे में ला दिया है। डीआईओएस पर सबसे गंभीर आरोप आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पद का दुरुपयोग कर जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने अकूत संपत्ति खड़ी की है, जिसकी जांच अब इस त्रिसदस्यीय समिति के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।अब देखना दिलचस्प होगा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच करने वाली समिति को डीआईओएस सहयोग करते है यह फिर मामले को लीपापोती करने के लिए मैनेज करते है। हालाकि जानकारों का कहना है कि लोकायुक्त के जांच से बचना डीआईओएस के लिए मुश्किल होगा।
डीआईओएस श्रवण गुप्त लोकायुक्त जांच के घेरे में, होगे बेनकाब लोकायुक्त का शिकंजा: डीआईओएस की घोटालों की परतें खुलने को तैयार, कार्यालय मे मचा हड़कंप खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मे भ्रष्टाचार व घोटालो की आंच अब सीधे राजधानी के प्रशासनिक गलियारों में पहुंच चुकी है। मजे की बात यह है कि इस बार डीआईओएस के उपर लगे आरोप सिर्फ आरोपो तक सीमित नही है बल्कि अधिकारिक जांच के घेरे में आ गया है। नियमो को ताक पर रखकर, तत्थ गोपन कर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले शिक्षको को संरक्षण देने, बिना कार्य किये लाखो रुपये का एरियर भुगतान कराने व पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों से घिरे जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त अब लोकायुक्त के जांच के घेरे में आ गये है जिससे बचना अब डीआईओएस के लिए आसान नही होगा। बताया जाता है कि डीआईओएस के खिलाफ जांच के आदेश के बाद कार्यालय सहित फर्जी कार्यो लिप्त शिक्षको व कर्मचारियों की नींद उड़ गयी है।सूत्रो के अनुसार लोकायुक्त कार्यालय से जारी पत्र संख्या 68-2026/06, दिनांक 8 अप्रैल 2026 ने जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त की नींद उडा दी है। सबब यह है कि इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कुशीनगर निवासी परिवादी विरेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत 61 पन्नों के परिवाद और सीडी साक्ष्य के आधार पर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाए। पत्र के मुताबिक जिलाधिकारी कुशीनगर की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक त्रिसदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। इस समिति में एक वित्त एवं लेखाधिकारी तथा एक शिक्षा विभाग के अधिकारी को शामिल करने की बात कही गई है, ताकि जांच केवल औपचारिक न होकर वित्तीय और प्रशासनिक दोनों पहलुओं से गहराई तक जांच की जा सके।सबसे अहम निर्देश यह है कि जांच में परिवादी की सहभागिता सुनिश्चित की करने की बात दोहरायी गयी है मतलब यह कि शिकायतकर्ता भी सीधे जांच प्रक्रिया का हिस्सा होगा। साथ ही साथ साफ शब्दों में यह भी कहा गया है कि पूरी जांच आख्या 30 अप्रैल 2026 तक लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाए।कहना ना होगा कि अब तक जो आरोप फाइलों और चर्चाओं में सीमित थे, वे अब दस्तावेजी जांच और जवाबदेही के दायरे में आ गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त पर आरोप है कि विभाग में नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले शिक्षकों को संरक्षण दिया गया और उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा जिले के कप्तानगंज स्थित कनोडिया इंटरमीडिएट कालेज के सहायक अध्यापक श्याम नरायण पाण्डेय और विरेंद्र पाण्डेय से जुडा एरियर भुगतान कराने व महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सखवनिया मे नियम विरुद्ध नियुक्त मृतक आश्रित लिपिक अविनाश गुप्ता का मामला भी चर्चा मे है। आरोप है कि इन शिक्षको द्वारा दो वर्षों तक कार्य न करने के बावजूद करीब दस-दस लाख रुपये का एरियर दिलाया गया, जो सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। मामला यहीं खत्म नहीं होता। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वेतन निर्धारण, सेवा पुस्तिका में संशोधन, नियुक्तियों की वैधता और स्थानांतरण जैसे मामलों में भी कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। विभाग के भीतर “रेट तय” होने और बिना लेन-देन के फाइल आगे न बढान की चर्चा ने इस पूरे सिस्टम को संदेह के घेरे में ला दिया है। डीआईओएस पर सबसे गंभीर आरोप आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पद का दुरुपयोग कर जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्त ने अकूत संपत्ति खड़ी की है, जिसकी जांच अब इस त्रिसदस्यीय समिति के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।अब देखना दिलचस्प होगा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच करने वाली समिति को डीआईओएस सहयोग करते है यह फिर मामले को लीपापोती करने के लिए मैनेज करते है। हालाकि जानकारों का कहना है कि लोकायुक्त के जांच से बचना डीआईओएस के लिए मुश्किल होगा।
- कुशीनगर में मारपीट का वीडियो सोसल मीडिया वायरल,गाड़ी साइड करने को लेकर हुआ विवाद,जमकर दो पक्षों में हुई मारपीट,मारपीट में 2 युवक हुए घायल,दोनो का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज,घटना 19 अप्रैल की रात की बताई जा रही,पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच में जुटी,पड़रौना कोतवाली अंतर्गत सिधुवा बाजार का मामला।1
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित मां धूप काली मंदिर में भगवान शिव एवं पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को विधि-विधानपूर्वक कराई गई । यह आयोजन 18 अप्रैल दिन शनिवार से 20 अप्रैल दिन सोमवार तक चला। इस आयोजन में कलश यात्रा, शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति स्थापना और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, धूप काली मां मंदिर समिति के सदस्यों, नवयुवक साथियों और मातृ शक्तियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी के सामूहिक सहयोग से मां धूप काली मंदिर में मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। आयोजन को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने में धर्मेंद्र सिंह मिंटू, अजय गुप्ता, संतोष मिश्रा, दीपक त्रिपाठी, आशुतोष दिक्षित, गुद्दर शाह, बिपिन जायसवाल, रमाशंकर शाह, अजय शाह, शेषनाथ शाह, अशोक सिंह, राहुल शाह, अनूप, रत्नेश सहित दर्जनों लोगों का सहयोग सराहनीय रहा।1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- ये है जीरो टॉलरेंस की योगी सरकार, जनता त्रस्त, अधिकारी मस्त कुशीनगर। जिले के पड़रौना तहसील परिसर से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां तैनात कानूनगो हीरालाल का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जमीन की पैमाइश के नाम पर खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं। आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से इस तरह की वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि तहसील स्तर पर ही अगर इस तरह का भ्रष्टाचार होगा, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन लोगों की नजर इस पर टिकी है कि क्या वाकई सख्त कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। 👉 फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- Post by Abulaish Ansari Kushinagr News1
- श्री श्री यूपी काली माई मंदिर पर आज भगवान शंकर वी पंचमुखी हनुमान जी के प्रतिमा का प्रतिष्ठा कार्यक्रम किया गया इसी क्रम में पूजा अर्चना के बाद हवन का कार्यक्रम किया गया और हवन पूजन के बाद महा भंडारा वा जगराता का भी कार्यक्रम किया जा रहा है का भी आयोजित किया जा रहा है इसी क्रम में हवन पूजन में मौजूद पडरौना के नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनय जायसवाल संतोष कुमार मिश्रा आशुतोष कुमार दीक्षित उर्फ बड़े अजय शाह शुगर शाह रमाशंकर शाह अशोक सिंह शेषनाथ शाह राहुल शाह अनूप तिवारी मंटू सिंह अजय गुप्ता सजन शाह गुड्डू शाह आदि श्रधांलू गण मौजूद रहे4
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1