उनियारा थाना क्षेत्र के ठीकरिया जाटान की एक विवाहिता का शव ठीकरिया गांव के जंगल में स्थित एक कुएं में मिला है। यह जानकारी बकरी चराने वाले लोगों द्वारा गांव में दी गई, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। शव की पहचान ठीकरिया जाटान निवासी हंसराज बैरवा की पत्नी खुशबू के रूप में हुई। खुशबू के पीहर पक्ष ने तीन दिन पहले उनियारा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसका पीहर हरचदेड़ा बंबोर, थाना सदर टोंक में है। शव को कुएं से निकालकर उनियारा चिकित्सालय लाया गया, जहाँ उनियारा की एसडीएम पूजा मीणा और थाना प्रभारी कप्तान सिंह मौके पर पहुँचे। उन्होंने दोनों पक्षों, यानी पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष के सामने बात रखी। इस दौरान दोनों पक्षों में शव को ले जाने को लेकर विवाद हो गया। पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विवाहिता खुशबू को जान से मारकर कुएं में फेंक दिया है। विवाहिता के भाई ने उनियारा पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ जान से मारने और शव को कुएं में फेंक देने की बात को लेकर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने बाद में ससुराल पक्ष की सहमति से पीहर पक्ष को शव ले जाने दिया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
उनियारा थाना क्षेत्र के ठीकरिया जाटान की एक विवाहिता का शव ठीकरिया गांव के जंगल में स्थित एक कुएं में मिला है। यह जानकारी बकरी चराने वाले लोगों द्वारा गांव में दी गई, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। शव की पहचान ठीकरिया जाटान निवासी हंसराज बैरवा की पत्नी खुशबू
के रूप में हुई। खुशबू के पीहर पक्ष ने तीन दिन पहले उनियारा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसका पीहर हरचदेड़ा बंबोर, थाना सदर टोंक में है। शव को कुएं से निकालकर उनियारा चिकित्सालय लाया गया, जहाँ उनियारा की एसडीएम पूजा मीणा और थाना प्रभारी कप्तान सिंह मौके पर पहुँचे। उन्होंने दोनों
पक्षों, यानी पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष के सामने बात रखी। इस दौरान दोनों पक्षों में शव को ले जाने को लेकर विवाद हो गया। पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विवाहिता खुशबू को जान से मारकर कुएं में फेंक दिया है। विवाहिता के भाई ने उनियारा
पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ जान से मारने और शव को कुएं में फेंक देने की बात को लेकर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने बाद में ससुराल पक्ष की सहमति से पीहर पक्ष को शव ले जाने दिया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
- इंद्रगढ़ की तरफ बारिश और तूफान आने की संभावना बनी हुई है।1
- सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बौंली नीलकमल मीना और वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता के सुपरविजन में, थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने झपटमारी कर सोने की मुरकी तोड़ने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रेकी कर वृद्ध व्यक्तियों को निशाना बनाता था और उनकी कान की मुरकियां तोड़कर फरार हो जाता था। पुलिस ने मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गैंग के सदस्यों की कोटा, दर्रा झालावाड़, भनपुरा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के दुधाखेड़ी माता में तलाश की। दिनांक 11 जून, 2026 को इस गैंग के तीन सदस्यों— संजय पुत्र मोहननाथ (उम्र 27 साल, निवासी खंडवा, थाना बरौनी, जिला टोंक), भोमा पुत्र काना नाथ (उम्र 28 साल, निवासी बालापुरा, थाना कनवास, जिला कोटा), और समीर पुत्र काना नाथ (उम्र 20 साल, निवासी गोगालवा लक्ष्मीपुरा, थाना टोडारायसिंहपुरा, जिला टोंक) — को मालपुरा रोड, जयपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद, दिनांक 12 जून, 2026 को उन्हें प्रकरण संख्या 161/26, धारा 304(बी) बीएनएस में बापर्दा गिरफ्तार किया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया है। इस गैंग ने राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों और जयपुर कमीशनरेट, जयपुर ग्रामीण, कोटा, भीलवाड़ा, टोंक में इस तरह की करीब 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इस गैंग की वारदातों का तरीका बेहद संगीन है। ये बदमाश रेकी के बाद रात में अपने वाहनों से वांछित जगह पर पहुंचकर वृद्ध व्यक्तियों की पहनी हुई मुरकियां लूट लेते हैं। विरोध की स्थिति में ये पीड़ित व्यक्ति पर पत्थरों और धारदार हथियारों से भी हमला कर उन्हें लहूलुहान कर देते हैं। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो जाते हैं और लूटे हुए माल को बेचकर मिली रकम को मौज-मस्ती और अय्याशी में उड़ा देते हैं। 24 मई, 2026 को रात करीब 2 बजे मिश्री लाल गाडिया लुहार के साथ हुई घटना ने इस गैंग का खुलासा करने में मदद की, जब तीन लड़के उनके कान की मुरकी तोड़कर पावर बाइक से भागे। रात्रि गश्त में थानाधिकारी मय जाप्ता ने पावर बाइक का पीछा किया, जिसके बाद बदमाश बाइक छोड़कर खेड़ा गांव थाना मित्रपुरा इलाके में भाग गए। बाइक के मालिक की पहचान दीपा कालबेलिया निवासी निवाई के रूप में हुई, जिसके भाई संजय उर्फ संजू कालबेलिया को साइबर सेल के तकनीकी विश्लेषण से इस गैंग का सरगना पाया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया पूर्व में भी इन्हीं अपराधों में 8 साल की जेल की सजा काट चुका है और वर्ष 2024 में ही जेल से छूटा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से इन्हीं अपराधों में संलिप्त हो गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और इनसे और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।1
- अलीगढ़ के खेड़ली के पास मौसम अचानक खराब हो गया है। यहाँ बहुत तेज गति से आंधी चल रही है और इसके साथ ही हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है। इस बदली हुई मौसमी गतिविधि के कारण इलाके में तेज हवाएँ भी चल रही हैं।1
- शुक्रवार को सारसोप गांव में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को तत्काल राहत दिलाई, जिससे पूरा क्षेत्र सुहावना हो गया। हालांकि, तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियाँ टूटकर सड़कों पर आ गिरीं, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। इस बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेतों में जरूरी नमी बढ़ेगी। ग्रामीणों ने भी गर्मी से राहत महसूस की और बच्चों ने बारिश का खूब आनंद लिया। वहीं, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी। मौसम में आई ठंडक के चलते बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह अच्छी बारिश होती रहेगी, जिससे कृषि कार्यों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र के जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।1
- टोंक शहर के मोदी की चौकी चौराहे पर बजरी से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद ट्रैक्टर बेकाबू होकर एक ई-मित्र की दुकान में जा घुसा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। इस घटना से गुस्साए लोगों की भीड़ ने मौके पर ही ट्रैक्टर चालक की जमकर धुनाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत करने और उनसे मोटी वसूली करने का सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अभय कमांड के कैमरों में घटना के फुटेज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर स्थिति को शांत कराया। इस पूरी घटना ने टोंक जिले में बजरी माफियाओं के आतंक और बेलगाम ट्रैक्टरों के कोहराम को एक बार फिर उजागर कर दिया है।1
- यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत की युवा शक्ति ने न केवल सपने देखना सीखा है, बल्कि उन्हें साकार भी किया है। कभी अवसरों की तलाश में भटकने वाला युवा आज नवाचार का नेतृत्व कर रहा है, वहीं रोजगार खोजने वाला युवा अब रोजगार सृजित कर रहा है। खेल के मैदानों से लेकर वैश्विक मंचों तक, भारत का तिरंगा नई ऊंचाइयों पर लहरा रहा है। नई शिक्षा व्यवस्था, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और खेलों को मिले अभूतपूर्व प्रोत्साहन ने करोड़ों युवाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और सफलता के नए अध्याय लिखे हैं। यह केवल बीते 12 वर्षों की यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों युवा सपनों के साकार होने की कहानी है। यही युवा शक्ति आज विकसित भारत के अमृतकाल की सबसे बड़ी ताकत और सबसे मजबूत आधारशिला है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक पुलिस बाइक को जोरदार टक्कर मार दी गई, जिससे उस पर सवार एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- गाँव के माहौल में एक शादी का जमकर आनंद लिया जा रहा है। यह शादी कॉलेज से संबंधित है, और इस अवसर पर सभी लोग खूब मजे कर रहे हैं।4
- सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ने एक प्रेस वार्ता में मुरकी लूट प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस थाना बौली की टीम ने लूट की वारदातों में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया है, जो हाल ही में लगभग आठ साल जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर आया था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि जेल से बाहर आने के बाद, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पावर बाइक का इस्तेमाल करते हुए लगभग एक दर्जन वारदातों को अंजाम दिया। यह गिरोह विशेष रूप से वृद्धजनों को निशाना बनाता था और उनके गहने तथा अन्य कीमती सामान लूट लेता था। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में करीब 900 किलोमीटर तक पीछा किया। लगातार तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस तीनों आरोपियों को दबोचने में सफल रही। पुलिस ने अब आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और गिरोह द्वारा की गई अन्य वारदातों के संबंध में भी जांच जारी है। इस कार्रवाई के लिए क्षेत्र में पुलिस की सराहना की जा रही है।1