चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में शुक्रवार रात महज डेढ़ फीट जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो लोगों की जान चली गई, वहीं एक महिला सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले में दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। मृतक राजनाथ सिंह के बेटे लालबाबू सिंह ने जालंधर सिंह के पक्ष के 20 लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया है। दूसरी ओर, जालंधर सिंह ने भी राजनाथ सिंह के पक्ष के 16 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस तरह कुल 36 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के चार-चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जालंधर पक्ष से जिलेंदर सिंह, हरेराम सिंह, सत्यनारायण सिंह और जालंधर सिंह शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से लालबाबू सिंह, अवधेश सिंह, गोरखनाथ सिंह और राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। रविवार शाम करीब 5 बजे थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में शुक्रवार रात महज डेढ़ फीट जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो लोगों की जान चली गई, वहीं एक महिला सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले में दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। मृतक राजनाथ सिंह के बेटे लालबाबू सिंह ने जालंधर सिंह के पक्ष के 20 लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया है। दूसरी ओर, जालंधर सिंह ने भी राजनाथ सिंह के पक्ष के 16 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस तरह कुल 36 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के चार-चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जालंधर पक्ष से जिलेंदर सिंह, हरेराम सिंह, सत्यनारायण सिंह और जालंधर सिंह शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से लालबाबू सिंह, अवधेश सिंह, गोरखनाथ सिंह और राकेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। रविवार शाम करीब 5 बजे थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
- देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है, जिससे पीरो अनुमंडल मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि इस मूल्यवृद्धि से केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा है, क्योंकि लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि ईंधन के दाम बढ़ने से केवल गाड़ियों का सफर ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि इसका सीधा असर मालभाड़े पर पड़ा है। मालभाड़ा बढ़ने के कारण हरी सब्जियां, राशन और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। बेवफाई संतोष सिंह के अनुसार, भाजपा सरकार 'महंगाई की सरकार' बन चुकी है जो अच्छे दिनों का सपना दिखाकर जनता की जेब पर डाका डाल रही है। डीजल महंगा होने से किसानों की सिंचाई लागत बढ़ी है, और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम आदमी की बाइकों को घरों में खड़ा करने पर मजबूर कर दिया है। तेल की कीमतों में लगी इस 'आग' ने स्थानीय राजनीति में विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। महागठबंधन और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का आरोप है कि सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देकर देश की जनता को लूट रही है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। पीरो के युवाओं और नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि एक तरफ आमदनी घट रही है, वहीं दूसरी तरफ खर्च लगातार बढ़ रहा है। लोगों के बीच हो रही चर्चाओं से स्पष्ट है कि यदि सरकार ने जल्द ही तेल की कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया या टैक्स में कटौती कर जनता को राहत नहीं दी, तो आने वाले समय में यह आक्रोश सड़कों पर उतर सकता है और इसका खामियाजा आगामी चुनावों में भुगतना पड़ सकता है।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- यह पोस्ट फिटनेस और जिम से संबंधित प्रेरणा और उत्साह को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसमें जीवन में आगे बढ़ने और शारीरिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रेरित रहने के महत्व पर जोर दिया गया है।1
- जनतंत्र आवाज पार्टी ने भारत की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार मुगलों और अंग्रेजों से भी अधिक कष्ट दे रही है। पार्टी के अनुसार, देश की जनता को ऐतिहासिक मुगल और ब्रिटिश शासकों के शासनकाल से भी कहीं ज्यादा पीड़ा मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से झेलनी पड़ रही है।1
- आरा-पटना बाईपास पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्पेशल ब्रांच के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) राजीव रंजन सिंह की मौत हो गई। यह घटना आरा में तब हुई जब ASI राजीव रंजन सिंह अपने दादा के श्राद्ध कर्म के बाद पटना में अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। उन्हें एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने उनकी स्कूटी समेत रौंद दिया। इस दुखद घटना के बाद उनके पूरे परिवार में गहरा मातम पसर गया है।1
- जगदीशपुर नगर के वार्ड नंबर 17 स्थित पूरब मोहल्ला नंबर दो स्कूल के पास लाखों रुपये की लागत से दीदिया माई और दीदिया बाबा मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। समाजसेवी अंजनीकांत मिश्रा ने बताया कि यह मंदिर एक प्राचीन स्थान पर बन रहा है और इसे भक्ति तथा आस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मिश्रा ने आगे जानकारी दी कि यह एक मंजिला मंदिर होगा और इसके निर्माण में उनके अपने समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य लोग भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मंदिर एक भव्य रूप धारण करेगा, जो क्षेत्र में श्रद्धा का महत्वपूर्ण स्थल बनेगा।3
- काराकाट प्रखंड के अमौना पैक्स में चल रहे कृषि साख सहयोग समिति के चुनाव में अब मुकाबला आमने-सामने होने का आसार दिख रहा है। मुखिया प्रतिनिधि चिंटू सिंह ने अध्यक्ष पद के लिए विशाल सिंह की दावेदारी को मजबूत करते हुए उनके पक्ष में एक बड़ी बात कही है।2
- भोजपुर के पीरो प्रखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। आगामी 26 मई को पीरो के 13 अलग-अलग स्थानों पर नवस्थापित स्वास्थ्य केंद्रों का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा और भोजपुर के सिविल सर्जन शिवेंद्र कुमार उपस्थित रहेंगे और फीता काटकर इन केंद्रों का शुभारंभ करेंगे। रविवार शाम 6:00 बजे के करीब मिली जानकारी के अनुसार, जिन स्थानों पर ये नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं, उनमें अमई, बम्हवार, बसावन टोला, कटरिया, अंगारा, खीरीकौन, सुकरौली, नायक टोला, जंगल महाल, राजापुर, रजेया, सुखरौली और तेलाढ़ शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों के लोगों को अब बेहतर और नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उद्घाटन समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं; संबंधित विभागों द्वारा सभी केंद्रों को पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि उद्घाटन के बाद तुरंत सेवाएं शुरू की जा सकें। स्थानीय लोगों में इस पहल को लेकर जबरदस्त उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि इन स्वास्थ्य केंद्रों के शुरू होने से अब छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़ेगा और समय पर इलाज मिल पाएगा, जिसे पीरो में स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।1