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उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में 10% की वृद्धि होने जा रही है, जिससे राज्य में बिजली अब और महँगी मिलेगी। इस निर्णय से जनता पर महँगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान है।

7 hrs ago
user_BALRAM
BALRAM
पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
7 hrs ago
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उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में 10% की वृद्धि होने जा रही है, जिससे राज्य में बिजली अब और महँगी मिलेगी। इस निर्णय से जनता पर महँगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Narbada Rajwade
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    Post by Narbada Rajwade
    user_Narbada Rajwade
    Narbada Rajwade
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सपा कार्यकर्ताओं ने अम्बेडकर नगर जिला मुख्यालय पर एक जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान, सपा नेता जंग बहादुर यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर पीएम मोदी को राम में आस्था है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यकर्ताओं का यह जबर्दस्त प्रदर्शन उनकी इस मांग को उजागर करता है।
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    सपा कार्यकर्ताओं ने अम्बेडकर नगर जिला मुख्यालय पर एक जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान, सपा नेता जंग बहादुर यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर पीएम मोदी को राम में आस्था है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कार्यकर्ताओं का यह जबर्दस्त प्रदर्शन उनकी इस मांग को उजागर करता है।
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • अकबरपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मामा-मामी पर अपनी ही भांजी को एक लाख रुपए में बेचने का आरोप लगा है। इस गंभीर मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुलिस थाने पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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    अकबरपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मामा-मामी पर अपनी ही भांजी को एक लाख रुपए में बेचने का आरोप लगा है। इस गंभीर मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुलिस थाने पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
    user_रिपोर्टर Goswami
    रिपोर्टर Goswami
    Advertising agency अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर में समाजवादी पार्टी द्वारा पेट्रोल, डीजल और गैस सहित पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों और समग्र महंगाई के विरोध में एक प्रदर्शन आयोजित किया गया।
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    अम्बेडकरनगर में समाजवादी पार्टी द्वारा पेट्रोल, डीजल और गैस सहित पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती कीमतों और समग्र महंगाई के विरोध में एक प्रदर्शन आयोजित किया गया।
    user_Utkarsh Kumar Priyadarshi
    Utkarsh Kumar Priyadarshi
    Akbarpur, Ambedkar Nagar•
    14 hrs ago
  • विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने दावा किया है कि शीर्ष प्रबंधन के एकतरफा और अव्यावहारिक फैसलों ने राज्य की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में उपभोक्ता बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि बिजली कर्मी अत्यधिक कार्यभार, संसाधनों की कमी और उत्पीड़नात्मक नीतियों के बीच काम करने को विवश हैं। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि पहले संबंधित जेई या एसडीओ किसी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था के लिए सीधे जवाबदेह होते थे, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान त्वरित होता था। हालांकि, वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यों को विभिन्न विंगों में बांट दिया गया है, जिससे जवाबदेही लगभग खत्म हो गई है। उपभोक्ता अब यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी समस्या के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है। नई व्यवस्था ने शिकायत निस्तारण को केवल 1912 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टलों तक सीमित कर दिया है, जहाँ शिकायतें तो दर्ज होती हैं लेकिन उनका समयबद्ध समाधान नहीं हो पाता। गलत बिलिंग, मीटर संबंधी समस्याएं, लंबे विद्युत अवरोध और तकनीकी खामियों के कारण आम जनता को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। समिति के पदाधिकारी ई0 राम करण ने बताया कि ग्राउंड लेवल पर समन्वय पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे छोटे-छोटे कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को कई स्तरों पर भटकना पड़ता है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि शीर्ष प्रबंधन जमीनी वास्तविकताओं से पूरी तरह कटा हुआ है और कर्मचारियों तथा अभियंताओं के अनुभवों एवं सुझावों की उपेक्षा करते हुए 'तुगलकी निर्णय' थोप रहा है। वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के साथ-साथ 20-25 वर्षों का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मियों को भी काम से बाहर कर दिया गया है, जिसके दुष्परिणाम अब विद्युत व्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों को भुगतने पड़ रहे हैं। समिति के पदाधिकारी संजय यादव ने बताया कि भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश की विद्युत मांग देश में सर्वाधिक स्तर पर पहुँच चुकी है। ऐसे में प्रदेश के बिजली कर्मचारी और अभियंता माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के अनुसार उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दिन-रात कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन कर्मचारियों और अभियंताओं से संवाद करने को भी तैयार नहीं है। समिति के पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार हेतु कर्मचारियों एवं अभियंताओं द्वारा दिए गए व्यावहारिक और सकारात्मक सुझावों पर विचार करने के बजाय प्रबंधन लगातार उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ कर रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और विद्युत व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की विफल व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर उसे वापस लिया जाए। साथ ही, अनुभवी संविदा कर्मियों की सेवाएँ पुनः बहाल की जाएँ, सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ समाप्त की जाएँ, और कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर एक व्यावहारिक व जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए। इसी क्रम में, आज संत कबीर नगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में ई0 राम करण, ई0 भागीरथी प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, नारायण चंद्र चौरसिया, संजय यादव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार समेत कई अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
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    विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने दावा किया है कि शीर्ष प्रबंधन के एकतरफा और अव्यावहारिक फैसलों ने राज्य की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में उपभोक्ता बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि बिजली कर्मी अत्यधिक कार्यभार, संसाधनों की कमी और उत्पीड़नात्मक नीतियों के बीच काम करने को विवश हैं।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि पहले संबंधित जेई या एसडीओ किसी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था के लिए सीधे जवाबदेह होते थे, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान त्वरित होता था। हालांकि, वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यों को विभिन्न विंगों में बांट दिया गया है, जिससे जवाबदेही लगभग खत्म हो गई है। उपभोक्ता अब यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि उनकी समस्या के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है। नई व्यवस्था ने शिकायत निस्तारण को केवल 1912 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टलों तक सीमित कर दिया है, जहाँ शिकायतें तो दर्ज होती हैं लेकिन उनका समयबद्ध समाधान नहीं हो पाता। गलत बिलिंग, मीटर संबंधी समस्याएं, लंबे विद्युत अवरोध और तकनीकी खामियों के कारण आम जनता को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। समिति के पदाधिकारी ई0 राम करण ने बताया कि ग्राउंड लेवल पर समन्वय पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिससे छोटे-छोटे कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को कई स्तरों पर भटकना पड़ता है।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि शीर्ष प्रबंधन जमीनी वास्तविकताओं से पूरी तरह कटा हुआ है और कर्मचारियों तथा अभियंताओं के अनुभवों एवं सुझावों की उपेक्षा करते हुए 'तुगलकी निर्णय' थोप रहा है। वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू करने के साथ-साथ 20-25 वर्षों का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मियों को भी काम से बाहर कर दिया गया है, जिसके दुष्परिणाम अब विद्युत व्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों को भुगतने पड़ रहे हैं। समिति के पदाधिकारी संजय यादव ने बताया कि भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश की विद्युत मांग देश में सर्वाधिक स्तर पर पहुँच चुकी है। ऐसे में प्रदेश के बिजली कर्मचारी और अभियंता माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशों के अनुसार उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दिन-रात कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन कर्मचारियों और अभियंताओं से संवाद करने को भी तैयार नहीं है। समिति के पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार हेतु कर्मचारियों एवं अभियंताओं द्वारा दिए गए व्यावहारिक और सकारात्मक सुझावों पर विचार करने के बजाय प्रबंधन लगातार उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ कर रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और विद्युत व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की विफल व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर उसे वापस लिया जाए। साथ ही, अनुभवी संविदा कर्मियों की सेवाएँ पुनः बहाल की जाएँ, सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियाँ समाप्त की जाएँ, और कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर एक व्यावहारिक व जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए। इसी क्रम में, आज संत कबीर नगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में ई0 राम करण, ई0 भागीरथी प्रसाद, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, नारायण चंद्र चौरसिया, संजय यादव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार समेत कई अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    4 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर के कहरा सलेमपुर स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक महीनों से नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण मरीजों का उपचार केवल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। इस गंभीर स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए, ग्रामीणों ने डीओ अम्बेडकरनगर की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण जानना चाहते हैं कि क्या उनके आरोप सही हैं और क्या स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करेगा।
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    अम्बेडकरनगर के कहरा सलेमपुर स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक महीनों से नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, जिसके कारण मरीजों का उपचार केवल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।

इस गंभीर स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए, ग्रामीणों ने डीओ अम्बेडकरनगर की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण जानना चाहते हैं कि क्या उनके आरोप सही हैं और क्या स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करेगा।
    user_TEESRI AANKHEN
    TEESRI AANKHEN
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर के कटेहरी विकासखंड स्थित खड़हरा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। गौवंशों की देखभाल, चारे की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसके चलते इनकी गहन जांच की मांग उठ रही है। इस मामले में करणी सेना से जुड़े अजय सिंह ने प्रशासन से एक निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों का भी कहना है कि गौ संरक्षण के लिए शासन से प्राप्त होने वाली धनराशि के उपयोग की भी विस्तृत समीक्षा की जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गौशाला से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो लगभग दो दिन पुराना है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
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    अम्बेडकरनगर के कटेहरी विकासखंड स्थित खड़हरा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। गौवंशों की देखभाल, चारे की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसके चलते इनकी गहन जांच की मांग उठ रही है।

इस मामले में करणी सेना से जुड़े अजय सिंह ने प्रशासन से एक निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों का भी कहना है कि गौ संरक्षण के लिए शासन से प्राप्त होने वाली धनराशि के उपयोग की भी विस्तृत समीक्षा की जानी चाहिए।

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गौशाला से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो लगभग दो दिन पुराना है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
    user_TEESRI AANKHEN
    TEESRI AANKHEN
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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