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श्री तोमर प्रॉपर्टी डीलर मुरैना शहर में आवासीय प्लॉट उपलब्ध करा रहे हैं। ये प्लॉट बजरंग धाम कॉलोनी में स्थित हैं, जो रेलवे स्टेशन से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ग्राहकों के लिए 24 माह की आसान किस्तों पर प्लॉट खरीदने का अवसर दिया जा रहा है। इच्छुक ग्राहक केवल ₹50,000 की राशि लेकर जाएं, जिसके बाद फाइनेंस की व्यवस्था कराकर उन्हें प्लॉट उपलब्ध करा दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए, बिचोली नहर के पास, शिकारपुर फाटक रोड, मुरैना, मध्य प्रदेश स्थित श्री तोमर प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय से शीघ्र संपर्क किया जा सकता है। मोबाइल नंबर 7067778455 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
श्री तोमर प्रॉपर्टी डीलर मुरैना शहर में आवासीय प्लॉट उपलब्ध करा रहे हैं। ये प्लॉट बजरंग धाम कॉलोनी में स्थित हैं, जो रेलवे स्टेशन से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ग्राहकों के लिए 24 माह की आसान किस्तों पर प्लॉट खरीदने का अवसर दिया जा रहा है। इच्छुक ग्राहक केवल ₹50,000 की राशि लेकर जाएं, जिसके बाद फाइनेंस की व्यवस्था कराकर उन्हें प्लॉट उपलब्ध करा दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए, बिचोली नहर के पास, शिकारपुर फाटक रोड, मुरैना, मध्य प्रदेश स्थित श्री तोमर प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय से शीघ्र संपर्क किया जा सकता है। मोबाइल नंबर 7067778455 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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- आपका प्रिय कश्यप, एपिसोड 18 और ZZ-19 के माध्यम से, आज के तकनीकी साइबर ठगों से बचने के लिए महत्वपूर्ण अलर्ट लेकर आए हैं। उन्होंने लोगों से इन चेतावनियों को नजरअंदाज न करने और इनसे बचने का आग्रह किया है। खासकर, कश्यप ने मोबाइल पर आने वाले उन सभी मैसेज के प्रति आगाह किया है जिनके अंत में '.apk' लिखा होता है। चेतावनी दी गई है कि ऐसी किसी भी फाइल को गलती से भी न खोलें, क्योंकि ऐसा करने पर आपका बैंक अकाउंट बिना ओटीपी के खाली हो जाएगा। स्कैमर इसके जरिए ओटीपी और पिन को डिटेक्ट करके चुरा लेते हैं। ऐसे मैसेज के उदाहरण के तौर पर शादी का निमंत्रण, सिलेंडर आने की सूचना, या गाड़ी के चालान नंबर का लिंक दिए गए हैं। यह एक खतरनाक वायरस फाइल होती है, जिसे क्लिक करते ही बैंक खाता खाली हो जाता है, मोबाइल हैक हो जाता है, और रोज फर्जीवाड़ा होने की आशंका रहती है। यह .apk फाइल क्लिक करने के बाद मोबाइल में छिपकर चलती रहती है और स्कैमर को लगातार आपका डेटा भेजती रहती है। इसके दूसरे रूप के बारे में बताते हुए, कश्यप ने फर्जी UPI रिफंड कॉल के बारे में समझाया है। इसमें स्कैमर आपको कॉल करके कहता है कि उसने गलती से आपको 20,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं जो उसकी बहन के ऑपरेशन के लिए थे, और आपसे उन्हें रिफंड करने की विनती करता है। उनकी बातों में आकर, यदि आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो स्कैमर बिना किसी वास्तविक रिफंड के आपके खाते से 50,000 रुपये तक निकाल सकता है। ऐसे कॉल आने पर तुरंत साइबर ब्रांच 1930 पर कॉल करने और उन्हें पुलिस में रिपोर्ट कराने की चेतावनी देने की सलाह दी गई है। यदि गलती से किसी .apk फाइल पर क्लिक हो जाए, तो तुरंत मोबाइल का नेट बंद कर दें, मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डालें और फिर उसे पावर ऑफ कर दें। इसके बाद 1930 पर कॉल करें और अपने शहर के साइबर ऑफिस जाकर जानकारी दें। अंत में, कश्यप ने पाठकों से निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि वे महत्वपूर्ण जानकारी देने के बावजूद, लोग इसे पढ़कर या देखकर बिना लाइक किए आगे बढ़ जाते हैं, और उन्हें 'सबसे बड़ा बेवकूफ' बताया जो ऐसी जानकारी का लाभ तो लेते हैं लेकिन सराहना (लाइक) नहीं करते।4
- ग्वालियर के डबरा विधानसभा क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया है। इस घटना के विरोध में, भीम आर्मी जय भीम संगठन की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राधा सैनी अपने साथियों के साथ ग्वालियर से प्रतिमा स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की है कि प्रतिमा खंडित करने वाले दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।1
- अम्बाह मिल्हेडा रोड पर स्थित आवासों में बिजली, पानी और नल कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वहां के रहवासी पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन आवासों में निवास कर रहे लोग इन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी से त्रस्त हैं और इस समस्या से निजात पाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।1
- मुरैना जिले के पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह का कथित रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में एसआई पर जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ माह पुराने हैं और जमानत के नाम पर 'रेट फिक्स' करने की बात सामने आई थी। वायरल हुए पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां वह यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है। हालांकि, एसआई कथित तौर पर पूरे 1 हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में जमानत के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है। इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई रामावतार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- आज का यह विशेष एपिसोड साइबर ठगों से बचाव के उपायों पर केंद्रित है, जो मोबाइल के माध्यम से लोगों को लूट रहे हैं। पोस्ट में 'कॉप अनु गुर्जर' द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताया गया है, खासकर 'हैक' और 'हैंग' के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए। बताया गया है कि 'हैंग' का अर्थ मोबाइल का बीमार होना है, जबकि 'हैक' का अर्थ मोबाइल पर किसी दूसरे का कब्जा होना है। पोस्ट में कहा गया है कि हैक होने पर केवल हरी बिंदी जलती है, न कि हरी और लाल दोनों, और यह हरी बिंदी बैटरी आइकन के पास क्षणिक रूप से दिखाई देकर गायब हो जाती है। यदि आपके मोबाइल में ऐसी हरी बिंदी दिखती है, तो इसका मतलब है कि आपका फोन हैक हो चुका है और स्कैमर या हैकर आपके कैमरे और माइक्रोफोन का उपयोग कर रहा है। वे आपके कैमरे को स्कैन कर आवश्यक डेटा चुरा रहे हैं, आपकी फोन कॉल सुन रहे हैं, और आपके बैंक खाते के ओटीपी पर भी उनकी नजर है। इससे बचने के लिए, अपने मोबाइल में 'सेटिंग ऐप' पर क्लिक करें, फिर 'सिक्योरिटी/प्राइवेसी' और उसके बाद 'परमिशन मैनेजर' पर जाएं। वहां 'कैमरा' पर क्लिक करके सभी ऐप्स के लिए कैमरा एक्सेस को 'डोंट अलाऊ' करें। इसी तरह, 'माइक्रोफोन' पर क्लिक करें और डायलर ऐप को छोड़कर सभी ऐप्स के लिए माइक्रोफोन एक्सेस को भी 'डोंट अलाऊ' कर दें, अन्यथा कॉल पर बात नहीं हो पाएगी। यह सेटिंग 'प्राइवेसी प्रोटेक्शन' के माध्यम से भी की जा सकती है। मोबाइल हैकिंग व्हाट्सएप के जरिए भी होती है। इससे बचाव के लिए व्हाट्सएप ऐप खोलें, सेटिंग्स (तीन डॉट) पर क्लिक करें, फिर 'अकाउंट' और '2-स्टेप वेरिफिकेशन' पर जाएं। वहां 6 अंकों का कोई नया पिन नंबर सेट करके 'ओके' और 'नेक्स्ट' करें और इसे अपनी डायरी में लिख लें। यह पिन हर बार व्हाट्सएप खोलने पर माँगा जाएगा, जिससे हैकर आपके व्हाट्सएप से कुछ भी नहीं चुरा पाएगा। इसके अतिरिक्त, '.apk' (डॉट एपीके) फाइलें अत्यंत खतरनाक स्कैमर वायरस फाइलें होती हैं जो स्कैम के माध्यम से भेजी जाती हैं। यदि गलती से इन पर क्लिक कर दिया जाए, तो यह एक ओटीपी फाइल होती है जिसमें धनराशि (जैसे 80 हजार रुपये) सेट की होती है और क्लिक करते ही यह रकम स्कैमर के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। यदि आपने गलती से ऐसी फाइल पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत अपने मोबाइल का नेट बंद करें, उसे फ्लाइट मोड पर डालें, स्विच ऑफ करें और सीधे साइबर ब्रांच के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। .apk फाइलों से बचाव के लिए दो व्हाट्सएप सेटिंग्स बताई गई हैं: पहली, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'एडवांस' सेक्शन में जाकर 'रिस्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग' को 'ऑन' करें, जिससे कोई भी खतरनाक फाइल आ नहीं पाएगी और मौजूद फाइलें ब्लॉक हो जाएंगी। दूसरी, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'मीडिया सर्च' पर जाकर 'मीडिया ऑटो डाउनलोड' विकल्पों में 'यूजिंग मोबाइल डेटा', 'कनेक्टेड ऑन वाईफाई' और 'व्हेन रोमिंग' को एक-एक करके खोलें और उनमें 'फोटो', 'ऑडियो', 'वीडियो', 'डॉक्यूमेंट' इन चारों को अनटिक करके 'ओके' कर दें। इससे स्कैमर द्वारा भेजी गई कोई भी वायरस फाइल ऑटोमेटिक डाउनलोड नहीं होगी। अंत में, लेखक ने पाठकों से अपनी मेहनत से भेजी गई पोस्ट्स पर लाइक और कमेंट करने का अनुरोध किया है। लेखक ने शिकायत की है कि पाठक पोस्ट्स देखते हैं लेकिन लाइक या कमेंट नहीं करते, और इस पर निराशा व्यक्त करते हुए मंदिर में घंटी बजाने के उदाहरण से तुलना की है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया है कि लोग लड़कियों द्वारा लहंगा पहनकर डाली गई पोस्ट्स पर अधिक लाइक और कमेंट देते हैं, जबकि उनकी पोस्ट्स को केवल इसलिए अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि वह एक लड़की नहीं हैं।4
- ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एक बार फिर एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने सिविल अस्पताल हजीरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त नाराजगी भी जाहिर की। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अचानक अस्पताल पहुंचकर आईसीयू और जनरल वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान, आईसीयू में एसी खराब मिलने पर ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।1
- अम्बा तहसील के तुत्त का पुरा (दिमनी) गाँव निवासी हवलदार महावीर सिंह तोमर, जो 511 ए.ए.डी. बटालियन में सेवारत थे, ओडिशा में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। उन्हें अमर शहीद का दर्जा दिया गया है। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का पार्थिव शरीर आज, दिनांक 28 मई 2026 को दोपहर 2:00 बजे उनके पैतृक गाँव तुत्त का पुरा (दिमनी) लाया जाएगा। यहाँ उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। अमर शहीद सम्मान सेवा संघ ने सभी सम्मानित पदाधिकारियों, सदस्यों, राष्ट्र प्रेमियों और समाज सेवकों से निवेदन किया है कि वे इस अवसर पर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर अपना कर्तव्य निभाएँ और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दें।2
- चंबल अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ किया गया, जिसमें उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर विगत बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर में हृदय गति रुक जाने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उनके पार्थिव शरीर को पहले हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस तक पहुंचाया गया। मुरैना से उनके पैतृक गांव तुत का पुरा, जो दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तक पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा निकाली गई। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और पत्नी को विलखता हुआ छोड़ गए। अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के बीच 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। चंबलांचल, जिसे वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के हर युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवा के लिए जाने जाते हैं।2