कुशीनगर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में 20 और 21 जून को दो दिवसीय संत निरंकारी सेवा दल अधिकारी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ सेवादल के केंद्रीय अधिकारियों, उपमुख्य संचालक (फील्ड एवं हेड क्वार्टर) शुभ करण और उपमुख्य संचालक (फील्ड एवं प्रशिक्षण) ललित दलवी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला में सेवादल के केंद्रीय अधिकारियों ने स्थानीय सेवादल अधिकारियों और सक्रिय सेवादल के लिए सतगुरु माता जी के सेवादल के प्रति विश्वास का उल्लेख किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सेवादल के अधिकारियों को संगठनात्मक कार्यों, अनुशासन, सेवा भावना, आपदा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, तथा सत्संग एवं समागमों में बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार करना था। इसमें बैठक व्यवस्था, लंगर प्रसाद वितरण व्यवस्था जैसे आवश्यक कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया गया। केंद्रीय अधिकारियों ने सेवादल की मर्यादाओं, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सेवादल का मूल उद्देश्य मानवता की निःस्वार्थ सेवा करते हुए प्रेम, एकता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यों जैसे वृक्षारोपण, रक्तदान, 'प्रोजेक्ट अमृत' के तहत जलस्रोतों की सफाई और स्वच्छता अभियान में भी योगदान देना है। इस अवसर पर, अधिकारियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न सेवा गतिविधियों का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता व्यक्त की। सभी प्रतिभागियों ने सेवा, समर्पण और अनुशासन की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। स्थानीय व्यवस्थापक जोनल इंचार्ज कमलेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से सेवादल के महात्मा हर जगह सेवा में अग्रसर रहते हुए संगत की व्यवस्था करते हैं। इस प्रशिक्षण में जोन 62 कुशीनगर के तीनों क्षेत्रों - गोरखपुर, देवरिया और बस्ती - के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
कुशीनगर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में 20 और 21 जून को दो दिवसीय संत निरंकारी सेवा दल अधिकारी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ सेवादल के केंद्रीय अधिकारियों, उपमुख्य संचालक (फील्ड एवं हेड क्वार्टर) शुभ करण और उपमुख्य संचालक (फील्ड एवं प्रशिक्षण) ललित दलवी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यशाला में सेवादल के केंद्रीय अधिकारियों ने स्थानीय सेवादल अधिकारियों और सक्रिय सेवादल के लिए सतगुरु माता जी के सेवादल के प्रति विश्वास का उल्लेख किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सेवादल के अधिकारियों को संगठनात्मक कार्यों, अनुशासन, सेवा भावना, आपदा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, तथा सत्संग एवं समागमों में बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार करना था। इसमें बैठक व्यवस्था, लंगर प्रसाद वितरण व्यवस्था जैसे आवश्यक कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया गया। केंद्रीय अधिकारियों ने सेवादल की मर्यादाओं, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सेवादल का मूल उद्देश्य मानवता की निःस्वार्थ सेवा करते हुए प्रेम, एकता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, सामाजिक कार्यों जैसे वृक्षारोपण, रक्तदान, 'प्रोजेक्ट अमृत' के तहत जलस्रोतों की सफाई और स्वच्छता अभियान में भी योगदान देना है। इस अवसर पर, अधिकारियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न सेवा गतिविधियों का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता व्यक्त की। सभी प्रतिभागियों ने सेवा, समर्पण और अनुशासन की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। स्थानीय व्यवस्थापक जोनल इंचार्ज कमलेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से सेवादल के महात्मा हर जगह सेवा में अग्रसर रहते हुए संगत की व्यवस्था करते हैं। इस प्रशिक्षण में जोन 62 कुशीनगर के तीनों क्षेत्रों - गोरखपुर, देवरिया और बस्ती - के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
- कुशीनगर के पडरौना नगर के बीचों बीच निर्माणाधीन अंडरपास के काम में रेलवे विभाग ने तेजी ला दी है। इस पहल से स्थानीय लोगों को बहुत जल्द इस अंडरपास की सुविधा मिलने लगेगी, जिससे उन्हें भीषण जाम से मुक्ति मिल सकेगी।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया द्वारा 21 जून को जनपद न्यायालय देवरिया के सभागार कक्ष में एक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण और कर्मचारीगण ने आयुष मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योग किया। इस अवसर पर, प्रभारी जनपद न्यायाधीश काशीनाथ ने योग को मनुष्य के जीवन का अभिन्न अंग बताया, जिसके बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने एक स्वस्थ शरीर और एकाग्र मन के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट योग करने की सलाह दी, खासकर आधुनिक जीवन के तनाव और डिप्रेशन से मुक्ति पाने के लिए, यह कहकर कि "दैनिक योग से ही शरीर निरोग रहेगा।" प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय ने योग को एक ऊर्जा बताया जो बीमारियों से बचाती है, साथ ही दिमाग और हृदय को स्वस्थ व मन को प्रफुल्लित रखती है। उन्होंने जोर दिया कि जिस प्रकार जीवन के लिए हवा आवश्यक है, उसी प्रकार योग भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, और योग मन, मस्तिष्क तथा आत्मा में संतुलन स्थापित करता है। प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा सिंह ने आम जनता से भाग-दौड़ भरी जिंदगी में नियमित रूप से योग करने की अपील की, ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे, सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो, जीवन के प्रति उत्साह बढ़े और शरीर लचीला बने, जिससे थकावट या उदासी का भाव न रहे। इस कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, पैनल अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, कोर्ट मैनेजर, केंद्रीय नाजिर, योग प्रशिक्षक शैलेन्द्र कुमार और अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे।3
- कुशीनगर में 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर हजारों लोगों ने योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम "स्वस्थ आयु के लिए योग" की थीम पर आधारित था। इस आयोजन में भारत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में आयोजित इस योगाभ्यास में आयुक्त गोरखपुर, जिलाधिकारी कुशीनगर, सांसद, विधायक सहित अन्य कर्मचारी और गणमान्य व्यक्तियों ने भी हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, आयुष विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।4
- मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में कंतित के पास एक मामूली विवाद को लेकर कुछ दबंग युवकों द्वारा एक बाइक सवार युवक की बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 17 जून की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दबंग युवकों ने बाइक सवार को रोककर उसके साथ मारपीट की। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई थी, लेकिन युवक की पिटाई जारी रही। आरोप है कि घटना की जानकारी समय पर पुलिस तक नहीं पहुंची और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है, पर इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- नौरंगिया ग्रामसभा से एक मामला सामने आया है, जहाँ मनरेगा मजदूर घास काटने के लिए तलवार का इस्तेमाल कर रहे हैं।1
- कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बाँसी में संचालित 'योगी क्लिनिक' में बिहार की एक एएनएम द्वारा कथित तौर पर अवैध तरीके से इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह एएनएम मधुबनी के पीएचसी पर कार्यरत हैं और यूपी में आकर अवैध रूप से इस क्लिनिक में डॉक्टर के रूप में बैठकर इलाज करती थीं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका की पहचान रजनी देवी, पत्नी विकाश यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिमी चंपारण (बिहार) के ग्राम खोताहवा की निवासी थीं। मिली जानकारी के अनुसार, रजनी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बिहार की एक आशा कार्यकर्ता द्वारा इलाज के लिए इसी 'योगी क्लिनिक' में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई। महिला की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक व स्टाफ की कथित लापरवाही से नाराज़ होकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बाद एडिशनल सीएमओ रामदास कुशवाहा और कुबेरनाथ चिकित्सा प्रभारी धीरज सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्होंने 'योगी क्लिनिक' पर नोटिस चस्पा करते हुए उसे सील कर दिया। इस दौरान विशुनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के धुरुव शर्मा और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही।4
- भोजपुर में हुए एक एनकाउंटर ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी, जबकि मृतक भरत तिवारी का परिवार इसे एक सुनियोजित हत्या करार दे रहा है। दोनों पक्षों के इन परस्पर विरोधी दावों के कारण मामले की सच्चाई को लेकर बहस तेज़ हो गई है। भरत तिवारी की मौत के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच, एनकाउंटर से ठीक पहले का भरत तिवारी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।1
- कुशीनगर जिले के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बांसी में संचालित 'योगी क्लिनिक' में उपचार के दौरान एक जच्चा और उसके बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस खबर के मिलते ही परिजनों में भारी कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया, जिसमें उन्होंने क्लिनिक पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया।1