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जोधपुर जिले के नया बेरा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण के संबंध में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है।
Punam chad vishnoi
जोधपुर जिले के नया बेरा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण के संबंध में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- जोधपुर जिले के फलोदी थाने में पुलिस पर एक परिवादी ने 'जबरदस्त धुलाई' का गंभीर आरोप लगाया है। परिवादी का कहना है कि उसे थाने में पुलिस द्वारा बुरी तरह पीटा गया।1
- राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन' ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जैसलमेर के नाचना क्षेत्र और बाड़मेर जिले के कई इलाकों में अवैध निर्माणों और धार्मिक स्थलों पर की गई कार्रवाई के बाद तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। दरअसल, प्रशासन ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत-पाक सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए यह अभियान शुरू किया है। इसी 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत जैसलमेर के नाचना और बाड़मेर के कुछ हिस्सों में कथित अवैध धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया था। प्रशासन द्वारा कई अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस अभियान को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है और कहा है कि "सरकार लोगों को नागरिक नहीं, सिर्फ मतदाता समझ रही है"। सीमा पर बुलडोजर कार्रवाई के कारण राज्य की राजनीति गरमा गई है।1
- नागौर में माहेश्वरी महिला मंडल ने आगामी महेश नवमी पर्व के उपलक्ष्य में महिलाओं के लिए चित्रकला और पारंपरिक खेल सतोलिया प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में और उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में कोमल लड्ढा ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि उषा बंग दूसरे स्थान पर रहीं। इस प्रतियोगिता में शेफाली ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सतोलिया प्रतियोगिता के संयोजक सरस्वती बंग और संगीता डागा थीं, वहीं चित्रकला प्रतियोगिता का प्रभार बसंती राठी और सावित्री सारड़ा ने संभाला। सतोलिया कार्यक्रम का कार्यभार राम अवतार राठी और योगेश तोषनीवाल के जिम्मे था। माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा आयोजित यह पारंपरिक खेल प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।4
- साल 2026 का सबसे लंबा दिन रविवार, 21 जून को होगा। खगोलीय गणना के अनुसार, इस विशेष दिन भारत में दिन की अवधि लगभग 13 घंटे 58 मिनट की होगी। इस दिन के बाद सूर्य अपनी उत्तरायण यात्रा समाप्त कर दक्षिणायन की ओर बढ़ना शुरू करेंगे। विज्ञान की भाषा में इस खगोलीय घटना को ग्रीष्म संक्रांति कहा जाता है। इसके पीछे अहम खगोलीय और वैज्ञानिक वजहें हैं। साथ ही, ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को बेहद खास और महत्वपूर्ण माना गया है।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिस पर उनके परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह मुठभेड़ फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।1
- बीकानेर लौट रही कुछ महिला यात्रियों ने नीलम ट्रेवल्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यात्रियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद उन्हें सीटें नहीं दी गईं। उनकी शिकायत के अनुसार, बस में एक ही सीट पर दो-दो यात्रियों की बुकिंग की गई थी। जब यात्रियों ने इस अनियमितता का विरोध किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस पूरे मामले को लेकर महिला यात्रियों ने पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है।1
- शनिवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के तारकेश्वर में आयोजित “पीएम किसान उत्सव दिवस” से देशभर के किसानों के खातों में योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर नागौर के जिला परिषद सभागार में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। इस योजना के अंतर्गत, नागौर जिले के 1 लाख 85 हजार 428 पात्र किसानों को 23वीं किस्त का लाभ मिला। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उनकी कृषि गतिविधियों को मजबूती देना है। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को योजना से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी दी गईं। लाभार्थियों को सलाह दी गई कि जिनके बैंक खातों में डीबीटी इनेबल नहीं है, वे इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) में खाता खुलवाकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, किसानों को अपनी ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं भुगतान की स्थिति की नियमित जाँच करने के लिए भी प्रेरित किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया, प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामनिवास सांखला, जिला उपाध्यक्ष रमेश अपूर्वा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे।2
- बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है, जहाँ उनकी मौत के बाद लगातार नए सवाल खड़े हो रहे हैं और यह विवाद दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। परिजनों, विशेषकर उनकी बहनों, का गंभीर आरोप है कि भरत तिवारी को लंबे समय से पुलिस द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का दावा है कि घटना वाले दिन भरत तिवारी ने पुलिस को देखते ही फेसबुक लाइव शुरू कर दिया था, ताकि पूरी घटना रिकॉर्ड हो सके और उनके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। परिजनों के अनुसार, उस फेसबुक लाइव वीडियो में भरत तिवारी अपने हाथ में मौजूद तमंचा फेंकते हुए दिखाई देते हैं। वे कहते हैं कि हथियार छोड़ने के बावजूद पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया, जिससे पूरे मामले की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। मामले में संबंधित दरोगा को निलंबित किए जाने के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। भरत तिवारी के समर्थकों और परिजनों का कहना है कि यदि कार्रवाई में कोई गलती हुई है, तो केवल एक दरोगा को जिम्मेदार ठहराकर इस मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। वे सवाल उठाते हैं कि इतनी बड़ी कार्रवाई किसी एक अधिकारी के स्तर पर कैसे हो सकती है और क्या इसके पीछे उच्च स्तर के निर्देश थे। भरत तिवारी की माँ और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है, और वे सीएम चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगा रही हैं। परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन का अपना पक्ष है, जिसके अनुसार यह कार्रवाई कानून और परिस्थितियों के अनुरूप की गई थी। भरत तिवारी की मौत के बाद बिहार सहित देश के कई हिस्सों में कथित फर्जी एनकाउंटरों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ लोगों का तर्क है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में है, और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ था।1
- बीकानेर के स्थानीय समाचारों का आज का नवीनतम अपडेट जारी कर दिया गया है।1