चंदौली पुलिस कप्तान का कड़ा रुख: थानों के रिकॉर्ड्स का रियल-टाइम अपडेट जरूरी, अपराधियों के चिन्हीकरण में न बरतें ढिलाई अपराधियों पर कसें नकेल, रिकॉर्ड मेंटेनेंस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: चंदौली SP आकाश पटेल की थानों के हेड मोहर्रिरों और मुंशियों को दो टूक चंदौली: पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मंगलवार को जनपद के सभी थानों के हेड मोहर्रिरों और मुंशियों के साथ कड़े तेवरों में समीक्षा बैठक की। अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में एसपी ने थानों के अभिलेखों के रख-रखाव और अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने स्पष्ट किया कि थाना कार्यालय के अभिलेख पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली की रीढ़ हैं। इसमें किसी भी तरह की हीलाहवाली, लापरवाही या ढिलाई पाए जाने पर संबंधित कर्मी की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। प्रमुख निर्देश और सख्त चेतावनियां: गुंडा एक्ट की रिपोर्ट में सुधार: असामाजिक तत्वों और सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। गुंडा अधिनियम (Goonda Act) के तहत तैयार की जाने वाली रिपोर्ट पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पुख्ता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। अभिलेखों का रियल-टाइम अपडेट: अपराध रजिस्टर, सामान्य दैनिकी (GD), मालखाना, ग्राम अपराध, हिस्ट्रीशीट, शिकायत और वारंट से जुड़े रजिस्टरों में कोई भी प्रविष्टि लंबित नहीं रहनी चाहिए। पारदर्शिता और त्वरित उपलब्धता: थानों के रिकॉर्ड्स को इस तरह व्यवस्थित रखा जाए कि जरूरत पड़ने पर कोई भी दस्तावेज या ब्योरा तत्काल उपलब्ध हो सके। एसपी ने सभी मुंशियों को अपने-अपने थानों में रजिस्टरों का नियमित निरीक्षण करने और अपूर्ण प्रविष्टियों को तत्काल दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि थानों के कामकाज को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है।
चंदौली पुलिस कप्तान का कड़ा रुख: थानों के रिकॉर्ड्स का रियल-टाइम अपडेट जरूरी, अपराधियों के चिन्हीकरण में न बरतें ढिलाई अपराधियों पर कसें नकेल, रिकॉर्ड मेंटेनेंस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: चंदौली SP आकाश पटेल की थानों के हेड मोहर्रिरों और मुंशियों को दो टूक चंदौली: पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मंगलवार को जनपद के सभी थानों के हेड मोहर्रिरों और मुंशियों के साथ कड़े तेवरों में समीक्षा बैठक की। अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में एसपी ने थानों के अभिलेखों के रख-रखाव और अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने स्पष्ट किया कि थाना कार्यालय के अभिलेख पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली की रीढ़ हैं। इसमें किसी भी तरह की हीलाहवाली, लापरवाही या ढिलाई पाए जाने पर संबंधित कर्मी की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। प्रमुख निर्देश और
सख्त चेतावनियां: गुंडा एक्ट की रिपोर्ट में सुधार: असामाजिक तत्वों और सक्रिय अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। गुंडा अधिनियम (Goonda Act) के तहत तैयार की जाने वाली रिपोर्ट पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पुख्ता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। अभिलेखों का रियल-टाइम अपडेट: अपराध रजिस्टर, सामान्य दैनिकी (GD), मालखाना, ग्राम अपराध, हिस्ट्रीशीट, शिकायत और वारंट से जुड़े रजिस्टरों में कोई भी प्रविष्टि लंबित नहीं रहनी चाहिए। पारदर्शिता और त्वरित उपलब्धता: थानों के रिकॉर्ड्स को इस तरह व्यवस्थित रखा जाए कि जरूरत पड़ने पर कोई भी दस्तावेज या ब्योरा तत्काल उपलब्ध हो सके। एसपी ने सभी मुंशियों को अपने-अपने थानों में रजिस्टरों का नियमित निरीक्षण करने और अपूर्ण प्रविष्टियों को तत्काल दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि थानों के कामकाज को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए निर्देशों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है।
- पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है *पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है।* *बिहार के पर्यावरण मंत्री रामचंद्र प्रसाद कहीं से गाड़ी में लौट रहे थे। इसी दौरान वहां पत्रकारों ने इनसे सवाल पूछा कि पर्यावरण को लेकर सरकार आगे क्या करने जा रही है?* *इस पर मंत्री जी का जवाब अजीब ही था। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण तो चल रहा है धकाधक। पर्यावरण मेरा ठीक है भाई। पर्यावरण का व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रहा है। पर्यावरण के लिए हम काम कर रहे हैं।'*1
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: पैकेट वाला खाना कितना खतरनाक? | FSSAI से 13 सवाल सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड पर Front-of-Pack Labeling (FOPL) को लेकर FSSAI से 13 अहम सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने Warning Labels के आकार, उनकी स्पष्टता, चीनी-नमक-फैट की सीमा, चरणबद्ध लागू करने की योजना और आम लोगों की समझ जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है। FSSAI को 10 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी। क्या पैकेट पर बड़े और साफ Warning Labels होने चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, सवाल सीधा। #SupremeCourt #FSSAI #ProcessedFood #PackagedFood #FoodSafety #FoodLabeling #FOPL #HealthNews #IndiaNews #SupremeCourtNews #AwaazEBharat1
- बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा जब उप स्वास्थ्य केंद्र को रास्ता नहीं उप स्वास्थ्य केंद्र खुद 20 साल से सड़क का इंतजार, कीचड़ और कूड़े के बीच पहुंच रहे मरीज धीना। धीना बाजार स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र खुद बदहाली का शिकार है। यहां पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है। मरीजों और उनके तीमारदारों को गली, कूड़े के ढेर और कीचड़ से होकर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना पड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ते में पानी भर जाने से स्थिति और भी खराब हो जाती है। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध के बीच मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, उप स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए सड़क निर्माण की मांग करीब 20 वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। वर्तमान में रास्ते में पानी और कीचड़ भरा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों अजय कुमार कामेश्वर राय पंकज राय, प्रवण कुमार ने बताया कि रास्ते की बदहाली के कारण कई लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने के लिए रास्ते के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से उप स्वास्थ्य केंद्र तक पक्की सड़क बनवाने तथा परिसर के आसपास साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।इस संदर्भमे सी एच सी प्रभारी शैलेन्द्र कुमार ने कहा की समस्याओ की जानकारी ग्रामीणो द्वारा मिली है उस पर पहल क़र सड़क बनाई जाएगी ग्रामीणों ने बताया नक़्शे में चकरोड है पर किसी जन प्रतिनिधि ने आज तक ध्यान नहीं दिया विभाग उसको संज्ञान में लिया है बरसात बाद सड़क बनाने पर अम्ल किया जाएगा2
- प्रेमी प्रेमिका ने भभुआ कचहरी परिसर में रचाई शादी परिवार के लोग रहे ...प्रेमी प्रेमिका 3 वर्षों से एक दूसरे में प्यार था1
- चंदौली के धानापुर में पद्मश्री डॉ. रत्नप्पा कुम्हार की जयंती पर पीडीए की जनपंचायत स्वतंत्रता सेनानियों के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ पूर्व राज्य मंत्री रमेश प्रजापति1
- अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव रामगढ कैमूर:-रामगढ़-मोहनिया पथ पर पेट्रोल पंप से आगे मंगलवार को सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बाइक सवार अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बाइक सवार को एंबुलेंस के माध्यम से रामगढ़ रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दिलदारनगर थाना क्षेत्र के आलमगंज निवासी जयशंकर कुमार के रूप में हुई है.रामगढ़ थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है.हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही.3
- *वाराणसी: GRP, RPF और CIB की संयुक्त कार्रवाई में शातिर स्नैचर गिरफ्तार* *वाराणसी।* ट्रेनों में महिलाओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र छीनने वाले शातिर स्नैचर को GRP, RPF और CIB की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त का नाम *रतन डोम* है, जो वाराणसी के चितरपुर इलाके का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था और मौका मिलते ही उनके गले से चेन, मंगलसूत्र जैसी कीमती चीजें छीनकर फरार हो जाता था। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वह काफी समय से GRP की निगरानी में था। टीम ने मुखबिर की सूचना पर उसे धर दबोचा। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके पास से छीने गए सामानों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची? मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है। क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है? क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी? देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे। #Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat1