‘जलावन’ की आड़ में सखुआ का कत्लेआम! कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में हरियाली पर खुला हमला ‘जलावन’ की आड़ में सखुआ का कत्लेआम! कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में हरियाली पर खुला हमला चैनपुर (गुमला): एक ओर सरकार ‘जल-जंगल-जमीन’ संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर चैनपुर प्रखंड के कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में सखुआ के हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से कुल्हाड़ियाँ चल रही हैं। ताजा मामला चित्तरपुर और कोरवा टोली का है, जहाँ जलावन के नाम पर बेशकीमती सखुआ (साल) के पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे बताया गया कि क्षेत्र में अवैध कटाई की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं और बिना अनुमति हरे पेड़ों को गिराया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो वन क्षेत्र को अपूरणीय क्षति होगी। क्षेत्र में लकड़ी कटाई का खेल बड़े शातिर तरीके से खेला जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लकड़ी काटने वाले अक्सर जमीन को ‘रैयती’ बताकर वन विभाग की कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक निजी जमीन पर भी सखुआ जैसे कीमती पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना परमिट के हो रही यह कटाई सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। चित्तरपुर निवासी हेनरी तिग्गा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने बड़ी संख्या में सखुआ के छोटे पेड़ों की कटाई की है। उन्होंने बताया कि लकड़ियां बारिश के मौसम में जलावन के लिए स्टॉक की जा रही थीं। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि उनके पास पेड़ काटने का कोई आधिकारिक सरकारी परमिट या लिखित अनुमति पत्र नहीं है। जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि वे इसकी मालगुजारी भरते हैं, इसलिए पेड़ काटने का अधिकार समझते हैं। यह पहली बार नहीं है जब कुरूमगाड़ क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचाया गया हो। पूर्व में छतरपुर में भी सड़क किनारे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था, लेकिन कार्रवाई केवल जांच तक सीमित रह गई। प्रशासन और वन विभाग की कथित शिथिलता से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इसी रफ्तार से सखुआ के पेड़ कटते रहे तो हरियाली समाप्त हो जाएगी और जंगली जानवरों का पलायन बस्तियों की ओर शुरू हो सकता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होगी। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग हेनरी तिग्गा और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगा या यह मामला भी पूर्व मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। #चैनपुर #कुरूमगाड़ #गुमला #वन_विभाग #सखुआ #जल_जंगल_जमीन #झारखंड_समाचार
‘जलावन’ की आड़ में सखुआ का कत्लेआम! कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में हरियाली पर खुला हमला ‘जलावन’ की आड़ में सखुआ का कत्लेआम! कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में हरियाली पर खुला हमला चैनपुर (गुमला): एक ओर सरकार ‘जल-जंगल-जमीन’ संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर चैनपुर प्रखंड के कुरूमगाड़ वन क्षेत्र में सखुआ के हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से कुल्हाड़ियाँ चल रही हैं। ताजा मामला चित्तरपुर और कोरवा टोली का है, जहाँ जलावन के नाम पर बेशकीमती सखुआ (साल) के पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जा रही है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे बताया गया कि क्षेत्र में अवैध कटाई की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं और बिना अनुमति हरे पेड़ों को गिराया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो वन क्षेत्र को अपूरणीय क्षति होगी। क्षेत्र में लकड़ी कटाई का खेल बड़े शातिर तरीके से खेला जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लकड़ी काटने वाले अक्सर जमीन को ‘रैयती’ बताकर वन विभाग की कार्रवाई से बचने की कोशिश करते हैं। जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक निजी जमीन पर भी सखुआ जैसे कीमती पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना परमिट के हो रही यह कटाई सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। चित्तरपुर निवासी हेनरी तिग्गा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने बड़ी संख्या में सखुआ के छोटे पेड़ों की कटाई की है। उन्होंने बताया कि लकड़ियां बारिश के मौसम में जलावन के लिए स्टॉक की जा रही थीं। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि उनके पास पेड़ काटने का कोई आधिकारिक सरकारी परमिट या लिखित अनुमति पत्र नहीं है। जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि वे इसकी मालगुजारी भरते हैं, इसलिए पेड़ काटने का अधिकार समझते हैं। यह पहली बार नहीं है जब कुरूमगाड़ क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचाया गया हो। पूर्व में छतरपुर में भी सड़क किनारे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था, लेकिन कार्रवाई केवल जांच तक सीमित रह गई। प्रशासन और वन विभाग की कथित शिथिलता से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि इसी रफ्तार से सखुआ के पेड़ कटते रहे तो हरियाली समाप्त हो जाएगी और जंगली जानवरों का पलायन बस्तियों की ओर शुरू हो सकता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होगी। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग हेनरी तिग्गा और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेगा या यह मामला भी पूर्व मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। #चैनपुर #कुरूमगाड़ #गुमला #वन_विभाग #सखुआ #जल_जंगल_जमीन #झारखंड_समाचार
- सन्ना खुटाटांगर में हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।यह घटना सन्ना बस स्टैंड से डूमर कोना/छिछली रोड स्थित शंभू प्रसाद के घर के पास कि घटना बताया जा रहा है,डूमर कोना की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने सामने से मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी,बताया जा रहा है बाइक सवार परिवार के साथ सन्ना से अपने ससुराल हर्राडीपा स्थित सूखा पोखर जा रहा था,तभी यह हादसा हुआ,टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय बाइक में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे सवार थे।1
- भारतमाला रोड़ पण्डरीपानी को बक्सा नहीं जा रहा है1
- Post by AAM JANATA1
- सिसई प्रखंड के साप्ताहिक बाजार टाड़ में प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर लगने वाला फागुन मेला आज से शुरू हो गया हैं। इस बार देर से शुरू होने से प्रखंड वासियों में नाराजगी है।2
- भाईचारे व सौहार्द का प्रतीक है रंगों का त्यौहार शांति समिति बैठक के दौरान चर्चा करते हुए कहा गया। सेन्हा थाना क्षेत्र में मनाए शांति के साथ पर्व1
- *सिसई थाना परिसर में होली पूर्व संध्या पर होली मिलन समारोह सह शांति समिति की हुई बैठक ; जनप्रतिनिधियों अधिकारियों व शांति समिति के गणमान्य लोगों ने सौहार्द एवं प्रेम के साथ त्योहार मनाने का लिया निर्णय ; सभी लोगों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर दी होली की अग्रिम शुभकामना* सिसई (गुमला)। थाना परिसर में होली पूर्व संध्या पर होली मिलन समारोह सह शांति समिति का बैठक आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी अशोक बड़ाइक द्वारा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र में होली के त्योहार को सौहार्द व प्रेम के साथ मनाने एवं किसी प्रकार के हुल्लड़ बाजी नहीं करने को लेकर रखा गया था। बीडीओ रमेश कुमार यादव ने उपस्थित सभी समुदाय के लोगों को होली पर्व ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से सौहार्द व प्रेम के साथ मनाने को कहा वहीं लोगों से खासकर युवावर्ग से नशापन से दूर रहकर त्योहार मनाने की अपील की और साथ ही किसी भी प्रकार के अफवाहों से बचने को कहा उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में गलत तरीके के मैसेज के उपर ध्यान न दें और ना ही कोई गलत तरीके के मैसेज को पोस्ट करें। पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सिंह एवं थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने सभी लोगों से सौहार्द व प्रेम के साथ इस त्योहार को मनाने को कहा। और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात करते हुए कहा कि यदि कोई झूठी अफवाह फैलाता है तो उसकी सूचना तुरंत थाना को दें, नशापन से दूर रहें और अपने परिवार के संग रंगों के त्योहार होली को खूब अच्छे से मनाए। उन्होंने थाना परिवार की ओर से सभी लोगों को होली की शुभकामनाएं दिये। जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा ने बैठक को संबोधित करते हुए मौजूद सभी लोगों के साथ साथ समस्त प्रखंडवासियों को होली पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारा यह त्योहार रंगों एवं प्रकृति से जुड़ा हुआ खुशियों का त्योहार है इसे नशापन से दूर रहकर त्योहार को मनाए और अपने परिवार के खुशियों का ध्यान जरूर रखें। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि त्योहार में किसी भी प्रकार के झगड़े झंझटों से खुद को दूर रखें। और किसी को उनके इच्छा के विरुद्ध रंग न लगाएं। जिप सदस्य विजयलक्ष्मी कुमारी,पंसस सुनीता देवी, रेखा देवी सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की ढेर सारी शुभकामनाएं दिये। मौके पर जीप अध्यक्ष किरण बाड़ा, जीप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, पंसस सुनीता देवी, रेखा देवी, पुलिस निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सिंह, बीडीओ रमेश कुमार यादव, थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, एसआई आशीष कुमार, अजय कुमार, अरुण कुमार, के के पासवान, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल सिसई के संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आशीष कुमार, झामुमो सक्रिय सदस्य उमर फारूक, झारखंड आंदोलनकारी जीतबहान साहु, मनोज वर्मा, तेजमोहन साहु, निरंजन सिंह, बिपिन बिहारी झा, महमूद आलम, मकीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में सभी समुदाय के गणमान्य लोग उपस्थित थे।4
- होली पर हुड़दंगियों पर रहेगी कड़ी नजर, शांति और भाईचारे का दिया गया संदेश चैनपुर (गुमला): आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर चैनपुर अंचल के कुरूमगाड़ थाना परिसर में शनिवार को शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने की। बैठक में होली पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि हुड़दंग करने वालों एवं शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने तथा प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि त्योहार प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है, इसे मिल-जुलकर मनाना ही हमारी परंपरा है। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि होली आपसी सौहार्द और खुशियों का पर्व है। इसे भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाए। उन्होंने स्थानीय लोगों से पुलिस-प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील की। बैठक में थाना के सशस्त्र जवान, शांति समिति के प्रबुद्ध सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का संकल्प लिया। #चैनपुर #कुरूमगाड़ #गुमला #होली_2026 #शांति_समिति #झारखंड_समाचार #GumlaNews #JharkhandNews1
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- सिसई (गुमला)। अंचल कार्यालय सिसई के हल्का कर्मचारी (4) प्रकाश उरांव के उपर आम जनता ने जमीन से जुड़े कार्य करने के लिए बड़ी राशि की मांग करने का गंभीर आरोप लगाते हुए अंचल कार्यालय का घेराव किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिसई के आम जनता ने त्रस्त होकर हल्का कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग करते हुए अंचल अधिकारी को लिखित रूप से आवेदन दिया है। जिसके माध्यम से बताया गया है कि हल्का कर्मचारी द्वारा जमीन से संबंधित सभी कार्यों के लिए ₹ 20,000 से लेकर लाखों रुपए राशि तक का मांग किया जाता है, चाहे वह दाखिल खारिज हो, जमीन परमिशन, ऑनलाइन खाता प्लॉट सुधार या फिर भू धारण व जमीन की मापी ही क्यों न हो सभी कार्यों के लिए बड़ी राशि की मांग की जाती है जिससे आम जनता परेशान है इसलिए उन्हें अन्यत्र हल्का पंचायत में भेज दिया जाय। आम जनता ने ये भी बताया कि सिसई अंचल में जमीन ऑनलाइन के लिए फॉर्म के साथ शपथ पत्र का मांग किया जाता है जबकि गुमला, भरनो, बसिया, कामडारा सहित अन्य किसी भी प्रखंडों में शपथ पत्र का मांग नहीं किया जाता है इससे गरीब जनता को अधिक क्षति हो रही है। सिसई की जनता ने अंचल अधिकारी से संबंधित कर्मचारी पर अविलंब कार्रवाई की मांग की है कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। मौके पर संजय कुमार वर्मा, कैप्टन लोहरा उरांव, सचिदानंद उरांव, पंकज साहु, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, मनोज वर्मा, सुप्रदीप साहु, संजय पाहान, सूरज कुमार सिंह, आनंद कुमार साहु, विजय उरांव, सुनील कुमार, नवल महतो, बिरसा उरांव, राधे सिंह, जुबेर अंसारी सहित भारी संख्या में सिसई ग्रामवासी मौजूद थे।4