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Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🌸  भगवान् के भजन में, उनके नाम में, उनके स्मरण में, उनके चिन्तन में आपको मजा आता है क्या ? यदि मजा आता है, तब तो आपके हृदय में प्रेम है, भक्ति है और यदि आपको संसार के स्मरण-चिन्तन में मजा आता है, तो आपके हृदय में भक्ति की कमी है। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 🔅Bhagwat Amrit🔅 🌼दशम स्कन्ध (भाग ६२)🌼 🔸अब आगे बढ़िये और चलिये गोकुलमें, नन्द-यशोदाके आँगनमें ! वहाँ क्या हो रहा है देखिये- दोभ्यां दोर्थ्यां व्रजन्तं व्रजयुवतीजनाह्वानतः प्रोल्लसन्तं मन्दं मन्दं हसन्तं मधुमधुरवचो मेति मेति ब्रुवन्तम्। गोपाली-पाणिताली-तरलितवलयध्वानमुग्धान्तरालम् वन्दे तं देवमिन्दीवरदलिततनुं सुन्दरं नन्दबालम् ।। 🔸नन्दबाबाके आँगनमें एक साँवरा-साँवरा धूलि-धूसरित बालक गोपियोंकी तालीपर नृत्य कर रहा है। गोपियाँ कहती हैं कि नाचो लाला नाचो, तुम्हें माखनका लोंदा मिलेगा। इसपर बालक और नाच रहा है। यह दृश्य देखा एक गोपीने और उसने अपनी सखीसे कहा- शृणु सखि कौतुकमेकं नन्दनिकेतांगने मया दृष्टम् । गोधूलिधूसरिता‌ङ्गो नृत्यति वेदान्तसिद्धान्तः ।। 🔸अरी सखी है तो बालक, वह भी धूलि-धूसरित और गोपियोंके कहनेपर नाच रहा है। परन्तु जानती हो यह कौन है ? साक्षात् वेदान्तका सिद्धान्त है। 🔸देखिये, आप शालिग्रामकी शिलामें विष्णु-बुद्धि कर सकते हैं, तब इस बालकमें ब्रह्मबुद्धि करनेमें क्या संकोच है ? इसलिए आपकी आँखोंके सामने जो बालक है, उसमें ब्रह्म-बुद्धि कीजिये और फिर देखिये कि कितना आनन्द आता है आपको ! जय श्री कृष्ण 🌹🙏 🌻अपने नित्य नैमित्तिक नियम करने के बाद जो समय बचता है उसका आप उपयोग कहाँ करते हैं इस पर ध्यान दो! समय का सदुपयोग करना सीखो, सत्संग से बढ़िया समय का सदुपयोग कोई और हो नहीं सकता है। 🌻धर्म क्या धर्म के लिए है? धर्म का फल वेदों में बताया गया है भगवत भक्ति है भगवान से प्रेम है। यदि जीवन में धर्म करते-करते भगवद् भक्ति उत्पन्न हो रही है तो आप सही ढंग से धर्म कर रहे हैं। यदि जगत् से आसक्ति, धन नाम परिवार के प्रति आसक्ति बढ़ रही है तो आप चाहे कितनी कट्टरता से धर्म पालन कर रहे हो आप धर्म नहीं कर रहे केवल श्रम ही कर रहे हैं। 🌻कथा श्रद्धायुक्त हो करके सुनो, यदि श्रद्धा न भी हो तब भी कथा सुनोगे तो श्रद्धा आ जाएगी। 🌻जिस प्रकार कस्तूरी मृग अपनी कस्तूरी की सुगंध के पीछे भागता है। उसी प्रकार हमलोगों को आनंद की अनुभूति होती है और उस अनुभूति के पीछे बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हम दौड़ते हैं। जो सुख है, आनंद है उसकी खोज हम बाहर विषयों में कर रहे हैं, मान प्रतिष्ठा धन परिवार में कर रहे हैं। किन्तु यह जो सुख मिल रहा है यह सब आपका अपना सुख है अर्थात आत्मा का सुख है। 🌻जो मनुष्य वर्ण और आश्रम के विभाग के आधार पर धर्म पालन करता है, उस धर्म पालन करने का फल हरि(परमात्मा) की भक्ति है। 🌻इसलिए एकाग्र मन से प्रमादरहित होकर चार काम नित्य करने चाहिए - 🔸नित्य सत्संग श्रवण हो जिससे कान पवित्र होंगे। 🔸कीर्तन करो जिससे जीभ की पवित्रता होगी। 🔸ध्यान करो, ध्यान में मन ही तदाकार बन जाता है। 🔸नित्य पूजा हो! भागवत के आधार पर पूजा क्या है- जो योग्यता ईश्वर ने दी है, उस योग्यता का सम्बन्ध ईश्वर से हो जाए, तो पूजा हो गयी। 🌻ये चार काम यदि नित्य हो तो जीवन धन्य हो जायेगा, आपका धर्म सार्थक हो जायेगा। आपकी बुद्धि, विचार, चिंतन, शरीर, इन्द्रियाँ, आपका धन-परिवार सब सार्थक हो जाएगा, क्योंकि सबका सम्बन्ध भगवान से होगा। निश्चित रूप से ऐसी सार्थकता हमारे जीवन में आये यही हरि गुरु के चरणों में प्रार्थना है। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 6 *श्लोक:* 2 *श्लोक:* यं सन्न्यासमिति प्राहुर्योगं तं विद्धि पाण्डव । न ह्यसन्न्यस्तसङ्कल्पो योगी भवति कश्चन ॥ २ ॥ *अनुवाद:* हे पाण्डुपुत्र! जिसे संन्यास कहते हैं उसे ही तुम योग अर्थात् परब्रह्म से युक्त होना जानो क्योंकि इन्द्रियतृप्ति के लिए इच्छा को त्यागे बिना कोई कभी योगी नहीं हो सकता। *तात्पर्य:* वास्तविक संन्यास-योग या भक्ति का अर्थ है कि जीवात्मा अपनी स्वाभाविक स्थिति को जाने और तदनुसार कर्म करे। जीवात्मा का अपना स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं होता। वह परमेश्वर की तटस्था शक्ति है। जब वह माया के वशीभूत होता है तो वह बद्ध हो जाता है, किन्तु जब वह कृष्णभावनाभावित रहता है अर्थात् आध्यात्मिक शक्ति में सजग रहता है तो वह अपनी सहज स्थिति में होता है। इस प्रकार जब मनुष्य पूर्णज्ञान में होता है तो वह समस्त इन्द्रियतृप्ति को त्याग देता है अर्थात् समस्त इन्द्रियतृप्ति के कार्यकलापों का परित्याग कर देता है। इसका अभ्यास योगी करते हैं जो इन्द्रियों को भौतिक आसक्ति से रोकते हैं। किन्तु कृष्णभावनाभावित व्यक्ति को तो ऐसी किसी भी वस्तु में अपनी इन्द्रिय लगाने का अवसर ही नहीं मिलता जो कृष्ण के निमित्त न हो। फलत: कृष्णभावनाभावित व्यक्ति संन्यासी तथा योगी साथ-साथ होता है। ज्ञान तथा इन्द्रियनिग्रह योग के ये दोनों प्रयोजन कृष्णभावनामृत द्वारा स्वत: पूरे हो जाते हैं। यदि मनुष्य स्वार्थ का त्याग नहीं कर पाता तो ज्ञान तथा योग व्यर्थ रहते हैं। जीवात्मा का मुख्य ध्येय तो समस्त प्रकार की आत्मतृप्ति को त्यागकर परमेश्वर की तुष्टि करने के लिए तैयार रहना है। कृष्णभावनाभावित व्यक्ति में किसी प्रकार की आत्मतृप्ति की इच्छा नहीं रहती। वह सदैव परमेश्वर की प्रसन्नता में लगा रहता है, अत: जिसे परमेश्वर के विषय में कुछ भी पता नहीं होता वही स्वार्थ पूर्ति में लगा रहता है क्योंकि कोई कभी निष्क्रिय नहीं रह सकता। कृष्णभावनामृत का अभ्यास करने से सारे कार्य सुचारु रूप से सम्पन्न हो जाते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 जय गोपाल जी की: भीष्म कृष्ण संवाद भीष्म ने कहा , "कुछ पूछूँ केशव .... ? सम्भवतः धरा छोड़ने के पूर्व मेरे अनेक भ्रम समाप्त हो जाँय " .... !! कृष्ण बोले - कहिये न पितामह ....! एक बात बताओ प्रभु ! तुम तो ईश्वर हो न .... ? कृष्ण ने बीच में ही टोका , "नहीं पितामह ! मैं ईश्वर नहीं ... मैं तो आपका पौत्र हूँ पितामह ... ईश्वर नहीं ...." भीष्म उस घोर पीड़ा में भी ठठा के हँस पड़े .... ! बोले , " अपने जीवन का स्वयं कभी आकलन नहीं कर पाया कृष्ण , सो नहीं जानता कि अच्छा रहा या बुरा , पर अब तो इस धरा से जा रहा हूँ कन्हैया , अब तो ठगना छोड़ दे रे .... !! " कृष्ण जाने क्यों भीष्म के पास सरक आये और उनका हाथ पकड़ कर बोले .... " कहिये पितामह .... !" भीष्म बोले , "एक बात बताओ कन्हैया ! इस युद्ध में जो हुआ वो ठीक था क्या .... ?" "किसकी ओर से पितामह .... ? पांडवों की ओर से .... ?" " कौरवों के कृत्यों पर चर्चा का तो अब कोई अर्थ ही नहीं कन्हैया ! पर क्या पांडवों की ओर से जो हुआ वो सही था .... ? आचार्य द्रोण का वध , दुर्योधन की जंघा के नीचे प्रहार , दुःशासन की छाती का चीरा जाना , जयद्रथ और द्रोणाचार्य के साथ हुआ छल , निहत्थे कर्ण का वध , सब ठीक था क्या .... ? यह सब उचित था क्या .... ?" इसका उत्तर मैं कैसे दे सकता हूँ पितामह .... ! इसका उत्तर तो उन्हें देना चाहिए जिन्होंने यह किया ..... !! उत्तर दें दुर्योधन, दुःशाशन का वध करने वाले भीम , उत्तर दें कर्ण और जयद्रथ का वध करने वाले अर्जुन .... !!  मैं तो इस युद्ध में कहीं था ही नहीं पितामह .... !! "अभी भी छलना नहीं छोड़ोगे कृष्ण .... ? अरे विश्व भले कहता रहे कि महाभारत को अर्जुन और भीम ने जीता है , पर मैं जानता हूँ कन्हैया कि यह तुम्हारी और केवल तुम्हारी विजय है .... ! मैं तो उत्तर तुम्ही से पूछूंगा कृष्ण .... !" "तो सुनिए पितामह .... ! कुछ बुरा नहीं हुआ , कुछ अनैतिक नहीं हुआ .... ! वही हुआ जो हो होना चाहिए .... !" "यह तुम कह रहे हो केशव .... ? मर्यादा पुरुषोत्तम राम का अवतार कृष्ण कह रहा है..? यह छल तो किसी युग में हमारे सनातन संस्कारों का अंग नहीं रहा,फिर यह उचित कैसे गया..? " "इतिहास से शिक्षा ली जाती है पितामह,पर निर्णय वर्तमान की परिस्थितियों के आधार पर लेना पड़ता है..! हर युग अपने तर्कों और अपनी आवश्यकता के आधार पर अपना नायक चुनता है..!! राम त्रेता युग के नायक थे , मेरे भाग में द्वापर आया था..! हम दोनों का निर्णय एक सा नहीं हो सकता पितामह..!!" " नहीं समझ पाया कृष्ण ! तनिक समझाओ तो..!" " राम और कृष्ण की परिस्थितियों में बहुत अंतर है पितामह..! राम के युग में खलनायक भी 'रावण'जैसा शिवभक्त होता था..!! तब रावण जैसी नकारात्मक शक्ति के परिवार में भी विभीषण,मंदोदरी,माल्यावान जैसे सन्त हुआ करते थे.. तब बाली जैसे खलनायक के परिवार में भी तारा जैसी विदुषी स्त्रियाँ और अंगद जैसे सज्जन पुत्र होते थे..! उस युग में खलनायक भी धर्म का ज्ञान रखता था..!! इसलिए राम ने उनके साथ कहीं छल नहीं किया..!किंतु मेरे युग के भाग में में कंस, जरासन्ध,दुर्योधन,दुःशासन,शकुनी,जयद्रथ जैसे घोर पापी आये हैं..!! उनकी समाप्ति के लिए हर छल उचित है पितामह..! पाप का अंत आवश्यक है पितामह,वह चाहे जिस विधि से हो..!!" "तो क्या तुम्हारे इन निर्णयों से गलत परम्पराएं नहीं प्रारम्भ होंगी केशव..? क्या भविष्य तुम्हारे इन छलों का अनुशरण नहीं करेगा..? और यदि करेगा तो क्या यह उचित होगा..??" " भविष्य तो इससे भी अधिक नकारात्मक आ रहा है पितामह..! कलियुग में तो इतने से भी काम नहीं चलेगा..! वहाँ मनुष्य को कृष्ण से भी अधिक कठोर होना होगा..नहीं तो धर्म समाप्त हो जाएगा..! जब क्रूर और अनैतिक शक्तियाँ सत्य एवं धर्म का समूल नाश करने के लिए आक्रमण कर रही हों,तो नैतिकता अर्थहीन हो जाती है पितामह..! तब महत्वपूर्ण होती है धर्म की विजय,केवल धर्म की विजय..! भविष्य को यह सीखना ही होगा पितामह..!!" "क्या धर्म का भी नाश हो सकता है केशव..? और यदि धर्म का नाश होना ही है,तो क्या मनुष्य इसे रोक सकता है..?" "सबकुछ ईश्वर के भरोसे छोड़ कर बैठना मूर्खता होती है पितामह..! ईश्वर स्वयं कुछ नहीं करता..!केवल मार्ग दर्शन करता है सब मनुष्य को ही स्वयं करना पड़ता है..! आप मुझे भी ईश्वर कहते हैं न..! तो बताइए न पितामह,मैंने स्वयं इस युद्घ में कुछ किया क्या..? सब पांडवों को ही करना पड़ा न..? यही प्रकृति का संविधान है..! युद्ध के प्रथम दिन यही तो कहा था मैंने अर्जुन से..!यही परम सत्य है..!!" भीष्म अब सन्तुष्ट लग रहे थे..उनकी आँखें धीरे-धीरे बन्द होने लगीं थी..! उन्होंने कहा - चलो कृष्ण ! यह इस धरा पर अंतिम रात्रि है..कल सम्भवतः चले जाना हो..अपने इस अभागे भक्त पर कृपा करना कृष्ण..!" कृष्ण ने मन मे ही कुछ कहा और भीष्म को प्रणाम कर लौट चले,पर युद्धभूमि के उस डरावने अंधकार में भविष्य को जीवन का सबसे बड़ा सूत्र मिल चुका था..! जब अनैतिक और क्रूर शक्तियाँ सत्य और धर्म का विनाश करने के लिए आक्रमण कर रही हों,तो नैतिकता का पाठ आत्मघाती होता है..!! धर्मों रक्षति रक्षितः 🙏🚩राधे राधे जय श्री कृष्ण *विटामिन ए (A)* अगर आप अपनी त्वचा से झुर्रियां, महीन रेखाएं और बढ़ती उम्र के अन्य लक्षणों को कम करना चाहती हैं तो अपनी डाइट में विटामिन ए शामिल करें। विटामिन ए की कमी से चेहरा ड्राई और बेजान होने लगता है। मुहांसे होने की वजह भी विटामिन ए की कमी होती है। विटामिन ए त्वचा के दोबारा निर्माण में सहायक है। घाव को जल्दी भरने में भी विटामिन ए सहायक है साथ ही डैमेज स्किन को ट्रीट करने और दाग धब्बों से बचाने में भी सहायक है। स्किन डिजीज सोरायसिस होने पर भी रेटिनोइड्स अप्लाई करने की सलाह दी जाती है जो की विटामिन ए का स्त्रोत है। दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, कद्दू आदि विटामिन ए के स्त्रोत है प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏

1 hr ago
user_Suresh Chandra Agrawal
Suresh Chandra Agrawal
चौमू, जयपुर, राजस्थान•
1 hr ago

Suresh Chandra Agrawal: प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏 सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *🦚🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺🦚* > ॥ ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। > प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥ *🙏 अर्थ:* *_"हे वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण! हे समस्त जगत के पालनहार, परमात्मा और गोविंद! आपको बार-बार प्रणाम है। आपकी शरण में आने वाले भक्तों के सभी दुःख, कष्ट और क्लेश दूर हो जाते हैं।"_* *🌿 संदेश:* *_जो श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, उसके जीवन में शांति, साहस और सही मार्ग का प्रकाश अवश्य होता है।_* *🦚 राधे-राधे! जय श्रीकृष्ण! 🙏💙* 🌸  भगवान् के भजन में, उनके नाम में, उनके स्मरण में, उनके चिन्तन में आपको मजा आता है क्या ? यदि मजा आता है, तब तो आपके हृदय में प्रेम है, भक्ति है और यदि आपको संसार के स्मरण-चिन्तन में मजा आता है, तो आपके हृदय में भक्ति की कमी है। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 🔅Bhagwat Amrit🔅 🌼दशम स्कन्ध (भाग ६२)🌼 🔸अब आगे बढ़िये और चलिये गोकुलमें, नन्द-यशोदाके आँगनमें ! वहाँ क्या हो रहा है देखिये- दोभ्यां दोर्थ्यां व्रजन्तं व्रजयुवतीजनाह्वानतः प्रोल्लसन्तं मन्दं मन्दं हसन्तं मधुमधुरवचो मेति मेति ब्रुवन्तम्। गोपाली-पाणिताली-तरलितवलयध्वानमुग्धान्तरालम् वन्दे तं देवमिन्दीवरदलिततनुं सुन्दरं नन्दबालम् ।। 🔸नन्दबाबाके आँगनमें एक साँवरा-साँवरा धूलि-धूसरित बालक गोपियोंकी तालीपर नृत्य कर रहा है। गोपियाँ कहती हैं कि नाचो लाला नाचो, तुम्हें माखनका लोंदा मिलेगा। इसपर बालक और नाच रहा है। यह दृश्य देखा एक गोपीने और उसने अपनी सखीसे कहा- शृणु सखि कौतुकमेकं नन्दनिकेतांगने मया दृष्टम् । गोधूलिधूसरिता‌ङ्गो नृत्यति वेदान्तसिद्धान्तः ।। 🔸अरी सखी है तो बालक, वह भी धूलि-धूसरित और गोपियोंके कहनेपर नाच रहा है। परन्तु जानती हो यह कौन है ? साक्षात् वेदान्तका सिद्धान्त है। 🔸देखिये, आप शालिग्रामकी शिलामें विष्णु-बुद्धि कर सकते हैं, तब इस बालकमें ब्रह्मबुद्धि करनेमें क्या संकोच है ? इसलिए आपकी आँखोंके सामने जो बालक है, उसमें ब्रह्म-बुद्धि कीजिये और फिर देखिये कि कितना आनन्द आता है आपको ! जय श्री कृष्ण 🌹🙏 🌻अपने नित्य नैमित्तिक नियम करने के बाद जो समय बचता है उसका आप उपयोग कहाँ करते हैं इस पर ध्यान दो! समय का सदुपयोग करना सीखो, सत्संग से बढ़िया समय का सदुपयोग कोई और हो नहीं सकता है। 🌻धर्म क्या धर्म के लिए है? धर्म का फल वेदों में बताया गया है भगवत भक्ति है भगवान से प्रेम है। यदि जीवन में धर्म करते-करते भगवद् भक्ति उत्पन्न हो रही है तो आप सही ढंग से धर्म कर रहे हैं। यदि जगत् से आसक्ति, धन नाम परिवार के प्रति आसक्ति बढ़ रही है तो आप चाहे कितनी कट्टरता से धर्म पालन कर रहे हो आप धर्म नहीं कर रहे केवल श्रम ही कर रहे हैं। 🌻कथा श्रद्धायुक्त हो करके सुनो, यदि श्रद्धा न भी हो तब भी कथा सुनोगे तो श्रद्धा आ जाएगी। 🌻जिस प्रकार कस्तूरी मृग अपनी कस्तूरी की सुगंध के पीछे भागता है। उसी प्रकार हमलोगों को आनंद की अनुभूति होती है और उस अनुभूति के पीछे बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हम दौड़ते हैं। जो सुख है, आनंद है उसकी खोज हम बाहर विषयों में कर रहे हैं, मान प्रतिष्ठा धन परिवार में कर रहे हैं। किन्तु यह जो सुख मिल रहा है यह सब आपका अपना सुख है अर्थात आत्मा का सुख है। 🌻जो मनुष्य वर्ण और आश्रम के विभाग के आधार पर धर्म पालन करता है, उस धर्म पालन करने का फल हरि(परमात्मा) की भक्ति है। 🌻इसलिए एकाग्र मन से प्रमादरहित होकर चार काम नित्य करने चाहिए - 🔸नित्य सत्संग श्रवण हो जिससे कान पवित्र होंगे। 🔸कीर्तन करो जिससे जीभ की पवित्रता होगी। 🔸ध्यान करो, ध्यान में मन ही तदाकार बन जाता है। 🔸नित्य पूजा हो! भागवत के आधार पर पूजा क्या है- जो योग्यता ईश्वर ने दी है, उस योग्यता का सम्बन्ध ईश्वर से हो जाए, तो पूजा हो गयी। 🌻ये चार काम यदि नित्य हो तो जीवन धन्य हो जायेगा, आपका धर्म सार्थक हो जायेगा। आपकी बुद्धि, विचार, चिंतन, शरीर, इन्द्रियाँ, आपका धन-परिवार सब सार्थक हो जाएगा, क्योंकि सबका सम्बन्ध भगवान से होगा। निश्चित रूप से ऐसी सार्थकता हमारे जीवन में आये यही हरि गुरु के चरणों में प्रार्थना है। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 6 *श्लोक:* 2 *श्लोक:* यं सन्न्यासमिति प्राहुर्योगं तं विद्धि पाण्डव । न ह्यसन्न्यस्तसङ्कल्पो योगी भवति कश्चन ॥ २ ॥ *अनुवाद:* हे पाण्डुपुत्र! जिसे संन्यास कहते हैं उसे ही तुम योग अर्थात् परब्रह्म से युक्त होना जानो क्योंकि इन्द्रियतृप्ति के लिए इच्छा को त्यागे बिना कोई कभी योगी नहीं हो सकता। *तात्पर्य:* वास्तविक संन्यास-योग या भक्ति का अर्थ है कि जीवात्मा अपनी स्वाभाविक स्थिति को जाने और तदनुसार कर्म करे। जीवात्मा का अपना स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं होता। वह परमेश्वर की तटस्था शक्ति है। जब वह माया के वशीभूत होता है तो वह बद्ध हो जाता है, किन्तु जब वह कृष्णभावनाभावित रहता है अर्थात् आध्यात्मिक शक्ति में सजग रहता है तो वह अपनी सहज स्थिति में होता है। इस प्रकार जब मनुष्य पूर्णज्ञान में होता है तो वह समस्त इन्द्रियतृप्ति को त्याग देता है अर्थात् समस्त इन्द्रियतृप्ति के कार्यकलापों का परित्याग कर देता है। इसका अभ्यास योगी करते हैं जो इन्द्रियों को भौतिक आसक्ति से रोकते हैं। किन्तु कृष्णभावनाभावित व्यक्ति को तो ऐसी किसी भी वस्तु में अपनी इन्द्रिय लगाने का अवसर ही नहीं मिलता जो कृष्ण के निमित्त न हो। फलत: कृष्णभावनाभावित व्यक्ति संन्यासी तथा योगी साथ-साथ होता है। ज्ञान तथा इन्द्रियनिग्रह योग के ये दोनों प्रयोजन कृष्णभावनामृत द्वारा स्वत: पूरे हो जाते हैं। यदि मनुष्य स्वार्थ का त्याग नहीं कर पाता तो ज्ञान तथा योग व्यर्थ रहते हैं। जीवात्मा का मुख्य ध्येय तो समस्त प्रकार की आत्मतृप्ति को त्यागकर परमेश्वर की तुष्टि करने के लिए तैयार रहना है। कृष्णभावनाभावित व्यक्ति में किसी प्रकार की आत्मतृप्ति की इच्छा नहीं रहती। वह सदैव परमेश्वर की प्रसन्नता में लगा रहता है, अत: जिसे परमेश्वर के विषय में कुछ भी पता नहीं होता वही स्वार्थ पूर्ति में लगा रहता है क्योंकि कोई कभी निष्क्रिय नहीं रह सकता। कृष्णभावनामृत का अभ्यास करने से सारे कार्य सुचारु रूप से सम्पन्न हो जाते हैं। जय श्री कृष्ण 🌹🙏 जय गोपाल जी की: भीष्म कृष्ण संवाद भीष्म ने कहा , "कुछ पूछूँ केशव .... ? सम्भवतः धरा छोड़ने के पूर्व मेरे अनेक भ्रम समाप्त हो जाँय " .... !! कृष्ण बोले - कहिये न पितामह ....! एक बात बताओ प्रभु ! तुम तो ईश्वर हो न .... ? कृष्ण ने बीच में ही टोका , "नहीं पितामह ! मैं ईश्वर नहीं ... मैं तो आपका पौत्र हूँ पितामह ... ईश्वर नहीं ...." भीष्म उस घोर पीड़ा में भी ठठा के हँस पड़े .... ! बोले , " अपने जीवन का स्वयं कभी आकलन नहीं कर पाया कृष्ण , सो नहीं जानता कि अच्छा रहा या बुरा , पर अब तो इस धरा से जा रहा हूँ कन्हैया , अब तो ठगना छोड़ दे रे .... !! " कृष्ण जाने क्यों भीष्म के पास सरक आये और उनका हाथ पकड़ कर बोले .... " कहिये पितामह .... !" भीष्म बोले , "एक बात बताओ कन्हैया ! इस युद्ध में जो हुआ वो ठीक था क्या .... ?" "किसकी ओर से पितामह .... ? पांडवों की ओर से .... ?" " कौरवों के कृत्यों पर चर्चा का तो अब कोई अर्थ ही नहीं कन्हैया ! पर क्या पांडवों की ओर से जो हुआ वो सही था .... ? आचार्य द्रोण का वध , दुर्योधन की जंघा के नीचे प्रहार , दुःशासन की छाती का चीरा जाना , जयद्रथ और द्रोणाचार्य के साथ हुआ छल , निहत्थे कर्ण का वध , सब ठीक था क्या .... ? यह सब उचित था क्या .... ?" इसका उत्तर मैं कैसे दे सकता हूँ पितामह .... ! इसका उत्तर तो उन्हें देना चाहिए जिन्होंने यह किया ..... !! उत्तर दें दुर्योधन, दुःशाशन का वध करने वाले भीम , उत्तर दें कर्ण और जयद्रथ का वध करने वाले अर्जुन .... !!  मैं तो इस युद्ध में कहीं था ही नहीं पितामह .... !! "अभी भी छलना नहीं छोड़ोगे कृष्ण .... ? अरे विश्व भले कहता रहे कि महाभारत को अर्जुन और भीम ने जीता है , पर मैं जानता हूँ कन्हैया कि यह तुम्हारी और केवल तुम्हारी विजय है .... ! मैं तो उत्तर तुम्ही से पूछूंगा कृष्ण .... !" "तो सुनिए पितामह .... ! कुछ बुरा नहीं हुआ , कुछ अनैतिक नहीं हुआ .... ! वही हुआ जो हो होना चाहिए .... !" "यह तुम कह रहे हो केशव .... ? मर्यादा पुरुषोत्तम राम का अवतार कृष्ण कह रहा है..? यह छल तो किसी युग में हमारे सनातन संस्कारों का अंग नहीं रहा,फिर यह उचित कैसे गया..? " "इतिहास से शिक्षा ली जाती है पितामह,पर निर्णय वर्तमान की परिस्थितियों के आधार पर लेना पड़ता है..! हर युग अपने तर्कों और अपनी आवश्यकता के आधार पर अपना नायक चुनता है..!! राम त्रेता युग के नायक थे , मेरे भाग में द्वापर आया था..! हम दोनों का निर्णय एक सा नहीं हो सकता पितामह..!!" " नहीं समझ पाया कृष्ण ! तनिक समझाओ तो..!" " राम और कृष्ण की परिस्थितियों में बहुत अंतर है पितामह..! राम के युग में खलनायक भी 'रावण'जैसा शिवभक्त होता था..!! तब रावण जैसी नकारात्मक शक्ति के परिवार में भी विभीषण,मंदोदरी,माल्यावान जैसे सन्त हुआ करते थे.. तब बाली जैसे खलनायक के परिवार में भी तारा जैसी विदुषी स्त्रियाँ और अंगद जैसे सज्जन पुत्र होते थे..! उस युग में खलनायक भी धर्म का ज्ञान रखता था..!! इसलिए राम ने उनके साथ कहीं छल नहीं किया..!किंतु मेरे युग के भाग में में कंस, जरासन्ध,दुर्योधन,दुःशासन,शकुनी,जयद्रथ जैसे घोर पापी आये हैं..!! उनकी समाप्ति के लिए हर छल उचित है पितामह..! पाप का अंत आवश्यक है पितामह,वह चाहे जिस विधि से हो..!!" "तो क्या तुम्हारे इन निर्णयों से गलत परम्पराएं नहीं प्रारम्भ होंगी केशव..? क्या भविष्य तुम्हारे इन छलों का अनुशरण नहीं करेगा..? और यदि करेगा तो क्या यह उचित होगा..??" " भविष्य तो इससे भी अधिक नकारात्मक आ रहा है पितामह..! कलियुग में तो इतने से भी काम नहीं चलेगा..! वहाँ मनुष्य को कृष्ण से भी अधिक कठोर होना होगा..नहीं तो धर्म समाप्त हो जाएगा..! जब क्रूर और अनैतिक शक्तियाँ सत्य एवं धर्म का समूल नाश करने के लिए आक्रमण कर रही हों,तो नैतिकता अर्थहीन हो जाती है पितामह..! तब महत्वपूर्ण होती है धर्म की विजय,केवल धर्म की विजय..! भविष्य को यह सीखना ही होगा पितामह..!!" "क्या धर्म का भी नाश हो सकता है केशव..? और यदि धर्म का नाश होना ही है,तो क्या मनुष्य इसे रोक सकता है..?" "सबकुछ ईश्वर के भरोसे छोड़ कर बैठना मूर्खता होती है पितामह..! ईश्वर स्वयं कुछ नहीं करता..!केवल मार्ग दर्शन करता है सब मनुष्य को ही स्वयं करना पड़ता है..! आप मुझे भी ईश्वर कहते हैं न..! तो बताइए न पितामह,मैंने स्वयं इस युद्घ में कुछ किया क्या..? सब पांडवों को ही करना पड़ा न..? यही प्रकृति का संविधान है..! युद्ध के प्रथम दिन यही तो कहा था मैंने अर्जुन से..!यही परम सत्य है..!!" भीष्म अब सन्तुष्ट लग रहे थे..उनकी आँखें धीरे-धीरे बन्द होने लगीं थी..! उन्होंने कहा - चलो कृष्ण ! यह इस धरा पर अंतिम रात्रि है..कल सम्भवतः चले जाना हो..अपने इस अभागे भक्त पर कृपा करना कृष्ण..!" कृष्ण ने मन मे ही कुछ कहा और भीष्म को प्रणाम कर लौट चले,पर युद्धभूमि के उस डरावने अंधकार में भविष्य को जीवन का सबसे बड़ा सूत्र मिल चुका था..! जब अनैतिक और क्रूर शक्तियाँ सत्य और धर्म का विनाश करने के लिए आक्रमण कर रही हों,तो नैतिकता का पाठ आत्मघाती होता है..!! धर्मों रक्षति रक्षितः 🙏🚩राधे राधे जय श्री कृष्ण *विटामिन ए (A)* अगर आप अपनी त्वचा से झुर्रियां, महीन रेखाएं और बढ़ती उम्र के अन्य लक्षणों को कम करना चाहती हैं तो अपनी डाइट में विटामिन ए शामिल करें। विटामिन ए की कमी से चेहरा ड्राई और बेजान होने लगता है। मुहांसे होने की वजह भी विटामिन ए की कमी होती है। विटामिन ए त्वचा के दोबारा निर्माण में सहायक है। घाव को जल्दी भरने में भी विटामिन ए सहायक है साथ ही डैमेज स्किन को ट्रीट करने और दाग धब्बों से बचाने में भी सहायक है। स्किन डिजीज सोरायसिस होने पर भी रेटिनोइड्स अप्लाई करने की सलाह दी जाती है जो की विटामिन ए का स्त्रोत है। दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, कद्दू आदि विटामिन ए के स्त्रोत है प्रेम से बोलो बाँके बिहारी लाल की जय 🌹🙏

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  • राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है #CityCablenewsjaipur #किरोड़ी_संग_राजस्थान
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    राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है #CityCablenewsjaipur #किरोड़ी_संग_राजस्थान
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • 🚨 देर रात स्कूटी पर निकले जयपुर कलेक्टर! जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक मंगलवार देर रात सरकारी गाड़ी छोड़कर स्कूटी से परकोटे में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। 🛵 अजमेरी गेट से शुरू हुए निरीक्षण में नालियों की सफाई, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और दुकानों के आसपास जमा कचरे के निस्तारण की जानकारी ली। साथ ही निकाय चुनाव की आचार संहिता से जुड़े अपडेट भी अधिकारियों से लिए। कलेक्टर के इस औचक दौरे को शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
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    🚨 देर रात स्कूटी पर निकले जयपुर कलेक्टर!
जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक मंगलवार देर रात सरकारी गाड़ी छोड़कर स्कूटी से परकोटे में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। 🛵
अजमेरी गेट से शुरू हुए निरीक्षण में नालियों की सफाई, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और दुकानों के आसपास जमा कचरे के निस्तारण की जानकारी ली। साथ ही निकाय चुनाव की आचार संहिता से जुड़े अपडेट भी अधिकारियों से लिए।
कलेक्टर के इस औचक दौरे को शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
    user_पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    पुरुषोत्तम तिवाड़ी
    रिपोर्टर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • 🚨 BREAKING NEWS | JUST JAIPUR LIVE 24×7 🚨 ⚡ UGC ACT 2026 के विरोध में चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ा प्रदर्शन! चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग UGC ACT 2026 के विरोध में पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने किया। 📍 प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए ज्ञापन सौंपा गया। बताया जा रहा है कि राज्यपाल के OSD और ADC स्वयं ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे। 🎙️ महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा— “हम अपने बच्चों के साथ अन्याय नहीं सहेंगे। चाहे हमें इस सरकार का तख्ता पलट करना पड़े, लेकिन यह कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून बच्चों को जन्मजात अपराधी घोषित करने जैसा है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं। 🔥 अब सवाल— क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी? 📢 UGC ACT 2026 को लेकर विरोध तेज! 👉 पूरी खबर के लिए जुड़े रहिए JUST JAIPUR LIVE 24×7 📰 आपकी आवाज़, आपकी खबर
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    🚨 BREAKING NEWS | JUST JAIPUR LIVE 24×7 🚨
⚡ UGC ACT 2026 के विरोध में चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ा प्रदर्शन!
चंडीगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग UGC ACT 2026 के विरोध में पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने किया।
📍 प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए ज्ञापन सौंपा गया। बताया जा रहा है कि राज्यपाल के OSD और ADC स्वयं ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे।
🎙️ महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा—
“हम अपने बच्चों के साथ अन्याय नहीं सहेंगे। चाहे हमें इस सरकार का तख्ता पलट करना पड़े, लेकिन यह कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून बच्चों को जन्मजात अपराधी घोषित करने जैसा है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं।
🔥 अब सवाल— क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी?
📢 UGC ACT 2026 को लेकर विरोध तेज!
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    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • गंगापुर सिटी में छात्राओं का विरोध, स्कूल के गेट पर जड़ा ताला गंगापुर सिटी। मीना बड़ौदा राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के प्रिंसिपल की चुनाव ड्यूटी लगाए जाने से स्कूल की व्यवस्थाएं और प्रभावित हो गई हैं। शिक्षकों की कमी से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने मांग की कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके। छात्राओं का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्राओं की इस मांग पर क्या कदम उठाता है।
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    गंगापुर सिटी में छात्राओं का विरोध, स्कूल के गेट पर जड़ा ताला

गंगापुर सिटी। मीना बड़ौदा राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के प्रिंसिपल की चुनाव ड्यूटी लगाए जाने से स्कूल की व्यवस्थाएं और प्रभावित हो गई हैं।
शिक्षकों की कमी से नाराज छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने मांग की कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रह सके।
छात्राओं का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्राओं की इस मांग पर क्या कदम उठाता है।
    user_Sunita sharma
    Sunita sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • SMS अस्पताल में महिला के सिर पर गिरा चलता पंखा, 12 टांके लगे जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के ENT वार्ड में एक महिला के सिर पर चलता हुआ पंखा गिर गया, जिससे वह घायल हो गई। बताया जा रहा है कि हादसे में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई और उसके सिर में 12 टांके लगाए गए। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और भवन के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा भी अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में वार्ड में लगे पंखे की स्थिति और समय-समय पर होने वाले रखरखाव की व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। अब सवाल यह है कि अगर अस्पताल के वार्ड में ही मरीज सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? अस्पताल प्रशासन की ओर से घटना को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
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    SMS अस्पताल में महिला के सिर पर गिरा चलता पंखा, 12 टांके लगे
जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के ENT वार्ड में एक महिला के सिर पर चलता हुआ पंखा गिर गया, जिससे वह घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई और उसके सिर में 12 टांके लगाए गए। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और भवन के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा भी अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में वार्ड में लगे पंखे की स्थिति और समय-समय पर होने वाले रखरखाव की व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
अब सवाल यह है कि अगर अस्पताल के वार्ड में ही मरीज सुरक्षित नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? अस्पताल प्रशासन की ओर से घटना को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    14 hrs ago
  • राजस्थान विश्विद्यालय में Ph.d सीटों को लेकर विवाद.... राजस्थान विश्वविद्यालय की Ph.D की सीटों को खाली रखकर क्या साबित करना चाहती है कुलगुरू? आज RUPA कन्वीनर प्रो.एस.के. गुप्ता को फिर से छात्रों ने कमरे मे बंद किया,सीटे खाली रहने से विश्व विद्यालय को बहुत भारी वित्तीय नुकसान होगा अभी भी रुके हुये है छात्र
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    राजस्थान विश्विद्यालय में Ph.d सीटों को लेकर विवाद....
राजस्थान विश्वविद्यालय की Ph.D की सीटों को खाली रखकर क्या साबित करना चाहती है कुलगुरू?
आज RUPA कन्वीनर प्रो.एस.के. गुप्ता को फिर से छात्रों ने कमरे मे बंद किया,सीटे खाली रहने से विश्व विद्यालय को बहुत भारी वित्तीय नुकसान होगा
अभी भी रुके हुये है छात्र
    user_Jitesh kumar
    Jitesh kumar
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • वार्ड 87 में आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मीटिंग । वार्ड 87 में आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित जयपुर। वार्ड संख्या 87 में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, चुनावी तैयारियों एवं आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महेश नगर मंडल अध्यक्ष श्री दीनदयाल सैनी जी एवं पर्यवेक्षक श्री कैलाश कुमावत जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर वार्ड अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह चौहान जी, पूर्व मंडल महामंत्री श्री धनराज कुमावत जी, पूर्व उपाध्यक्ष श्री गजराज सिंह शेखावत जी, भाग संख्या 6 के अध्यक्ष श्री संजय कुमार जी एवं सोशल मीडिया संयोजक प्रमुख श्री संजय शर्मा जी सहित कार्यकर्ता बंधु, दावेदार प्रत्याशी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों, बूथ स्तर की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका एवं चुनावी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दावेदार प्रत्याशियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए। बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए मजबूत संगठन, बेहतर समन्वय एवं जमीनी स्तर पर प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करना रहा।
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    वार्ड 87 में आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मीटिंग ।
वार्ड 87 में आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
जयपुर। वार्ड संख्या 87 में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, चुनावी तैयारियों एवं आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में महेश नगर मंडल अध्यक्ष श्री दीनदयाल सैनी जी एवं पर्यवेक्षक श्री कैलाश कुमावत जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर वार्ड अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह चौहान जी, पूर्व मंडल महामंत्री श्री धनराज कुमावत जी, पूर्व उपाध्यक्ष श्री गजराज सिंह शेखावत जी, भाग संख्या 6 के अध्यक्ष श्री संजय कुमार जी एवं सोशल मीडिया संयोजक प्रमुख श्री संजय शर्मा जी सहित कार्यकर्ता बंधु, दावेदार प्रत्याशी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों, बूथ स्तर की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका एवं चुनावी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दावेदार प्रत्याशियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए।
बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए मजबूत संगठन, बेहतर समन्वय एवं जमीनी स्तर पर प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करना रहा।
    user_PRAVEEN BADAYA
    PRAVEEN BADAYA
    Jaipur, Rajasthan•
    15 hrs ago
  • श्री गोविंद देव जी की मंगला आरती 🙏🌸 प्रातःकाल श्री राधा-गोविंद देव जी के दिव्य दर्शन और मंगल आरती के साथ दिन की शुभ शुरुआत। राधे राधे 🙏 जय श्री गोविंद देव जी महाराज ❤️ #गोविंददेवजी #मंगला_आरती #जयश्रीराधे #राधे_राधे #CityCablenewsjaipur
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    श्री गोविंद देव जी की मंगला आरती 🙏🌸
प्रातःकाल श्री राधा-गोविंद देव जी के दिव्य दर्शन और मंगल आरती के साथ दिन की शुभ शुरुआत।
राधे राधे 🙏 जय श्री गोविंद देव जी महाराज ❤️ #गोविंददेवजी #मंगला_आरती #जयश्रीराधे #राधे_राधे #CityCablenewsjaipur
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
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