मथुरा में पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक दिन पहले बड़े छायादार पेड़ों को काट दिया गया, जबकि अगले दिन हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान लगाए जाने वाले पौधे जमीन पर लावारिस पड़े मिले। यह घटना गढ़ाया लत्तीपुर और यमुना तट पर सामने आई है, जहां दावों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा विरोधाभास देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, जहां 100 पौधे लगाने का दावा किया गया था, वहीं मौके पर दर्जनों पौधे रोपे बिना ही ज़मीन पर बिखरे पड़े मिले और उन्हें सूखने के लिए छोड़ दिया गया। पुराने पेड़ गायब हैं और जो नए पौधे थे, वे भी बेहाल स्थिति में पाए गए। इस स्थिति ने 'फोटो सेशन या पर्यावरण संरक्षण' और 'पेड़ काटकर पौधे लगाने का खेल' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूछा जा रहा है कि इस लापरवाही का ज़िम्मेदार कौन है, क्योंकि गड्ढे खोदने के बाद भी पौधों को रोपा नहीं गया। यमुना किनारे उठी इन शंकाओं के बीच, इस घटना को वृक्षारोपण के नाम पर 'खानापूर्ति' करार दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण दिवस के वास्तविक उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है।
मथुरा में पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक दिन पहले बड़े छायादार पेड़ों को काट दिया गया, जबकि अगले दिन हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान लगाए जाने वाले पौधे जमीन पर लावारिस पड़े मिले। यह घटना गढ़ाया लत्तीपुर और यमुना तट पर सामने आई है, जहां दावों और ज़मीनी हकीकत में बड़ा विरोधाभास देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, जहां 100 पौधे लगाने का दावा किया गया था, वहीं मौके पर दर्जनों पौधे रोपे बिना ही ज़मीन पर बिखरे पड़े मिले और उन्हें सूखने के
लिए छोड़ दिया गया। पुराने पेड़ गायब हैं और जो नए पौधे थे, वे भी बेहाल स्थिति में पाए गए। इस स्थिति ने 'फोटो सेशन या पर्यावरण संरक्षण' और 'पेड़ काटकर पौधे लगाने का खेल' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूछा जा रहा है कि इस लापरवाही का ज़िम्मेदार कौन है, क्योंकि गड्ढे खोदने के बाद भी पौधों को रोपा नहीं गया। यमुना किनारे उठी इन शंकाओं के बीच, इस घटना को वृक्षारोपण के नाम पर 'खानापूर्ति' करार दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरण दिवस के वास्तविक उद्देश्य पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है।
- आगरा से एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है, जहाँ ताज सुरक्षा पुलिस एक पर्यटक परिवार के बच्चों के लिए फ़रिश्ता बनकर सामने आई। ताजमहल का दीदार करने आगरा पहुँचे प्रदीप नामक व्यक्ति के दो मासूम बच्चे, जिनकी उम्र तीन और छह साल है, भीषण गर्मी और डीहाइड्रेशन के कारण चक्कर खाकर बेहोश हो गए और ज़मीन पर गिर पड़े। इस सूचना पर ताज सुरक्षा पुलिस की QRT टीम तत्काल मौके पर पहुँची। उप निरीक्षक पंकज पटेल और उनकी टीम ने बिना किसी देरी के बच्चों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस की इस तत्परता ने बच्चों को समय पर सहायता दिलवाई, जो दिखाता है कि ताज सुरक्षा पुलिस पर्यटकों को लेकर लगातार गंभीर रहती है।2
- आज आगरा सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न प्रकार की कुल 220 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में से 23 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष बची हुई शिकायतों को उनके संबंधित विभागों को आवश्यक निस्तारण के लिए भेज दिया गया है।1
- आगरा जिले के पिनाहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत अर्जुन पुरा नहर पुलिया के पास एक युवक को दबंग शराब ठेका संचालक और उसके गुर्गों ने बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने लाठी-डंडा, सरिया और लोहे के पाइप का जमकर इस्तेमाल किया, जिससे युवक की चमड़ी उधड़ गई। इस मारपीट में युवक को शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह बुरी तरह घायल हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने गंभीर अवस्था में घायल युवक को पिनाहट सीएचसी में भर्ती कराया है।2
- ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर निकली यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। मैनपुरी से होते हुए जसवंतनगर पहुँचे शंकराचार्य का काफिला इसके बाद सैफई और इटावा के लिए रवाना हुआ। क्षेत्र के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद आश्रम में आयोजित स्वागत समारोह में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। आश्रम प्रबंधन समिति ने फूल-मालाओं से शंकराचार्य का सम्मान किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, प्रधानाचार्य आदित्य यादव, प्रो. रामनरेश, पूर्व विधायक राजू यादव, प्रो. शिवराज सिंह यादव, खन्ना यादव, नीरज यादव और सत्यराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के एक शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की अपील की। उन्होंने गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार से अपने वादों को पूरा करने और गौ संरक्षण पर दोहरी नीति न अपनाने का भी आग्रह किया। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन एवं संरक्षण को भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया। नगर पहुँचने पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर के नेतृत्व में शंकराचार्य का फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से स्वागत किया, जिसमें सांसद प्रतिनिधि हाजी शमीम, रघुवीर यादव, सुभाष गुप्ता, राशिद सिद्दीकी और सभासद फारूक मियां जैसे कई लोग शामिल थे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म, गौ संरक्षण और समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा का अभियान उनके अंतःकरण की आवाज है और इस पर बोलना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गौमाता की रक्षा, सनातन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समर्थक और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।1
- फतेहाबाद ब्लॉक के गांव समंस का पुरा के ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी फतेहाबाद को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण मोहित जादौन ने बताया कि समंस का पुरा गांव तीन अलग-अलग ग्राम पंचायतों, जटपुरा, नीचाखेड़ा और मूसेपुर में बंटा हुआ है। विकास कार्यों में समन्वय की कमी के कारण गांव का सार्वजनिक मार्ग कई वर्षों से अवरुद्ध पड़ा है। इसके साथ ही, जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से मार्ग पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर भरे गंदे पानी के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और अन्य ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए गांव से बाहर निकलने में कठिनाई होती है। दूषित पानी के कारण जलजनित बीमारियों और त्वचा रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। मोहित जादौन ने आगे बताया कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई बार रास्ते पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से यह मांग की है कि सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसका निर्माण कराया जाए और जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके। ज्ञापन सौंपते समय अवधेश जादौन, अंकेश जादौन, रामवीर, उमाशंकर सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।1
- अभिजित दीपक दिल्ली हवाई अड्डे से राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर की ओर जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 'जय भीम' और 'जय संविधान' के नारे लगाए, जो उनके इस गंतव्य की यात्रा के पीछे के भाव को स्पष्ट करता है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के चांदबनी गांव में 17 वर्षीय मासूम साक्षी कोली पर कुल्हाड़ी से 20 वार हमला किया गया है, जिसे अत्यंत दुखद, निंदनीय और चिंताजनक घटना बताया गया है। इस घटना के बाद, राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नहीं, बल्कि 'जंगलराज' चल रहा है। यह घटना #BJPGovernment और #बीजेपी_डबल_इंजन_सरकार_में_बेटियों_का_हाल हैशटैग के साथ सामने आई है, जो बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है। राजेश शाक्य द्वारा इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है कि यह हमला केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जब बहन बेटियां अपने ही गांव और समाज में सुरक्षित नहीं हैं, तो शासन-प्रशासन के दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित बिटिया और उसके परिवार को हर संभव सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित बहन को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने और दोषियों को कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की बात कही गई है। यह भी जोर दिया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून व्यवस्था और त्वरित न्याय से ही सुनिश्चित होती है। ऐसी घटनाएं बेटियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार तंत्र की संवेदनशीलता और सक्रियता पर विचार करने को मजबूर करती हैं। जल्द से जल्द बहन के स्वस्थ होने की मंगल कामना भी की गई है।1