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गया से निकली एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें पुलिस द्वारा शराब बेचने के आरोप में चार युवकों की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद युवकों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि इन चारों युवकों को पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाया है। परिजनों ने अपनी शिकायत लेकर गया जिले के एसएसपी और मगध जोन के आईजी विकास वैभव से भी मुलाकात की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पूरा मामला कथित तौर पर शराब के अवैध व्यापार से जुड़ा बताया जा रहा है।
News Of Nawada
गया से निकली एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें पुलिस द्वारा शराब बेचने के आरोप में चार युवकों की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद युवकों के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि इन चारों युवकों को पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाया है। परिजनों ने अपनी शिकायत लेकर गया जिले के एसएसपी और मगध जोन के आईजी विकास वैभव से भी मुलाकात की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पूरा मामला कथित तौर पर शराब के अवैध व्यापार से जुड़ा बताया जा रहा है।
More news from बिहार and nearby areas
- पुलिस ने पत्रकार प्रिंस कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना पर लोगों में यह चर्चा है कि पत्रकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण यह महंगी कीमत चुकानी पड़ी है।1
- नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के गई गांव में हाल ही में मौसम में बदलाव देखा गया, जहाँ आसमान में हल्के बादल छाए और तेज हवाएँ चलीं। इस दौरान बारिश तो नहीं हुई, लेकिन इन मौसमी गतिविधियों के कारण मौसम बेहद सुहाना हो गया। नतीजतन, स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली।1
- एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया है कि वह अपने घर की तरफ गली नहीं बनाएगा। उन्होंने इसका कारण यह बताया है कि इस गली में ऑटो-रिक्शा नहीं जा पाते हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है।1
- नई दिल्ली से बिहार की ओर आने वाली महाबोधि एक्सप्रेस में यात्रियों को अत्यधिक भीड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के स्लीपर कोचों में स्थिति इतनी खराब है कि वहाँ भीड़ जनरल डिब्बों से भी अधिक देखी जा रही है। इस कारण आरक्षित बर्थों पर भी अतिरिक्त यात्री बैठे और खड़े हैं, जिससे लोगों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है। यात्रियों का कहना है कि अत्यधिक भीड़ के चलते कोच के अंदर आवाजाही पूरी तरह बाधित है। हालात यह हैं कि पानी बेचने वाले कर्मचारी भी यात्रियों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और भोजन की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इस परेशानी से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अतिरिक्त कोच लगाने और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की माँग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल सके।1
- कोडरमा सदर अस्पताल के शौचालयों की बदहाल स्थिति के कारण मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर के शौचालयों में व्यापक गंदगी और साफ-सफाई की लचर व्यवस्था को लेकर मरीजों के परिजनों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस स्थिति के चलते, लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से तत्काल और नियमित सफाई के साथ-साथ बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत लेदहा पंचायत में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन अपने उद्घाटन से पहले ही गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। भवन की दीवारों में दरारें पड़ने के बाद इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। मुखिया प्रतिनिधि सुरेश राजवंशी ने इस घटिया निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। मुखिया प्रतिनिधि सुरेश राजवंशी ने रविवार दोपहर करीब एक बजे जानकारी देते हुए बताया कि भवन निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से यह पंचायत सरकार भवन बनाया गया था और इसे मई 2026 में पंचायत को सौंपा गया था। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि अभी तक भवन का उद्घाटन भी नहीं हुआ है, लेकिन कुछ ही महीनों में इसकी दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। राजवंशी ने आरोप लगाया कि विभाग की अनदेखी के कारण ठेकेदार ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया, जिससे भवन की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई है। मुखिया प्रतिनिधि का कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है, जिससे इसमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने भी सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो सके और आम लोगों को सुरक्षित सुविधाएं मिलें। सुरेश राजवंशी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और भवन की तकनीकी जांच करवाने की मांग की है।1
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड सरकार पर राज्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि ज़मीनी स्तर पर कई सरकारी योजनाएँ अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही हैं, जिससे उनकी प्रभावशीलता पर संदेह पैदा होता है। अपने आरोपों को विस्तार देते हुए, अन्नपूर्णा देवी ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन में अनियमितताओं और व्यापक भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उनका यह बयान राज्य सरकार के कामकाज पर एक सीधा हमला माना जा रहा है।1