रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मियों के तबादले नहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल कटनी जिले की रीठी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां वर्षों से एक ही संस्थान में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों के अब तक स्थानांतरण नहीं किए गए, जबकि अन्य विभागों में समय-समय पर तबादले होते रहते हैं। वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी कटनी जिले की रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी इन दिनों चर्चाओं में है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया अब तक नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग में नियमित रूप से तबादले किए जाते हैं, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते कर्मचारी सूत्रों के अनुसार अस्पताल के कुछ कर्मचारी नियमित समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कई कर्मचारी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बाकी समय आपसी चर्चाओं और गप्पबाजी में बिताते हैं। इस वजह से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर होती हैं चर्चाएं स्थानीय सूत्र बताते हैं कि अस्पताल परिसर में कई बार स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर अनर्गल चर्चाएं होती रहती हैं। इससे अस्पताल का अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। जांच और स्थानांतरण की मांग तेज अब क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने और वर्षों से जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय-समय पर तबादला नीति लागू होना जरूरी है। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मचारियों को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मियों के तबादले नहीं, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल कटनी जिले की रीठी तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां वर्षों से एक ही संस्थान में जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों के अब तक स्थानांतरण नहीं किए गए, जबकि अन्य विभागों में समय-समय पर तबादले होते रहते हैं। वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मचारी कटनी जिले की रीठी तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी इन दिनों चर्चाओं में है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया अब तक नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग में नियमित रूप से तबादले किए जाते हैं, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग में यह प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते कर्मचारी सूत्रों के अनुसार अस्पताल के कुछ कर्मचारी नियमित समय पर अस्पताल नहीं पहुंचते, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कई कर्मचारी केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बाकी समय आपसी चर्चाओं और गप्पबाजी में बिताते हैं। इस वजह से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर होती हैं चर्चाएं स्थानीय सूत्र बताते हैं कि अस्पताल परिसर में कई बार स्वास्थ्य सेवाओं से हटकर अनर्गल चर्चाएं होती रहती हैं। इससे अस्पताल का अनुशासन और कार्यप्रणाली दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। जांच और स्थानांतरण की मांग तेज अब क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने और वर्षों से जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समय-समय पर तबादला नीति लागू होना जरूरी है। रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से जमे कर्मचारियों को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
- मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी मैहर में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। आरोप है कि आबकारी विभाग भोपाल से जारी सख्त निर्देशों को दरकिनार कर इस धंधे को संरक्षण दे रहा है। इससे पवित्र शहर की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के नारों के बावजूद बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राज्य में बेटियों के साथ खुलेआम दरिंदगी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।1
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- कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने धिमेरखेड़ा के सिंगौड़ी गेहूं उपार्जन केंद्र का दौरा किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने गेहूं की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को पारदर्शी खरीदी व समय पर परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस पहल से किसानों को राहत मिली है, जिसकी उन्होंने सराहना भी की।1
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