कटनी जिले के देवरी-मझगवां मार्ग पर बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान ग्रामीणों और युवाओं का सब्र आखिरकार टूट गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच भैंस खड़ी कर उसके आगे बीन बजाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया। घुटनों तक भरे पानी और गहरे गड्ढों के बीच किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की संवेदनहीनता अब असहनीय हो चुकी है और सोया हुआ प्रशासनिक तंत्र जागने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी-मझगवां का यह आंदोलन अब पूरे कटनी जिले की जर्जर सड़कों के खिलाफ जनता की आवाज बन चुका है। जिले की बदहाल सड़कों पर हर बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं, जहाँ गहरे गड्ढे और जलभराव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, एंबुलेंस और आम नागरिक हर दिन मौत का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह अनोखा कदम उठाना पड़ा। इस आक्रोश के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करेगी और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विकास के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोक निर्माण विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।
कटनी जिले के देवरी-मझगवां मार्ग पर बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान ग्रामीणों और युवाओं का सब्र आखिरकार टूट गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच भैंस खड़ी कर उसके आगे बीन बजाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया। घुटनों तक भरे पानी और गहरे गड्ढों के बीच किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की संवेदनहीनता अब असहनीय हो चुकी है और सोया हुआ प्रशासनिक तंत्र जागने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी-मझगवां का यह आंदोलन अब पूरे कटनी जिले की जर्जर सड़कों के खिलाफ जनता की आवाज बन चुका है। जिले की बदहाल सड़कों पर हर बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं, जहाँ गहरे गड्ढे और जलभराव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, एंबुलेंस और आम नागरिक हर दिन मौत का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह अनोखा कदम उठाना पड़ा। इस आक्रोश के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करेगी और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विकास के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोक निर्माण विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।
- अब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinch1
- सतना के बिरसिंहपुर तिघरा के रहने वाले डिप्टी कमिश्नर पुष्पेंद्र कुशवाहा का लंदन से "एम.एस.सी. इन रिसर्चिंग पब्लिक पॉलिसी" (MSc in Researching Public Policy) की डिग्री प्राप्त कर वापस लौटने पर सतना रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने लंदन की ब्रिस्टल एवं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी यह पढ़ाई पूरी की है, जिससे उनके गृह नगर और क्षेत्र में अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का माहौल है। वंदे भारत ट्रेन से सतना रेलवे स्टेशन पर उतरने पर उनके शुभचिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस खुशी के मौके पर एडवोकेट के.पी. पाल, उमाशंकर सिंह, पुष्पेंद्र कुशवाहा के बड़े भाई कमलेश कुशवाहा, डी.के. प्रजापति, पुष्पराज कुशवाहा, आनंद कुमार महाजन, राहुल कुशवाहा, बृजलाल साहू और भारत कुशवाहा सहित कई लोग मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।4
- सतना के कोलगवां थाना पुलिस ने चाकू अड़ाकर लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बीती 16 जुलाई को सुबह करीब साढ़े 4 बजे घूरडांग निवासी 37 वर्षीय नीरज, पुत्र रामभान गुप्ता, जब पेपर लेने रेलवे स्टेशन जा रहे थे, तभी कृष्णनगर के पास मोटरसाइकिल से आए तीन बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। इन बदमाशों ने नीरज के साथ मारपीट की और चाकू के दम पर उनसे ₹5,000 छीनकर फरार हो गए। इस वारदात की शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर पुलिस ने तेजी से जांच-पड़ताल शुरू की। मुखबिरों से मिले सुराग और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस ने कृष्णनगर निवासी 32 वर्षीय प्रविन्दर सिंह (पुत्र भजन सिंह), नईबस्ती निवासी 20 वर्षीय विकास (पुत्र अशोक गुप्ता) और एक नाबालिग को चिन्हित कर हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए ₹5,000 नकद, वारदात में इस्तेमाल चाकू और बाइक जब्त कर ली। पुलिस ने दो वयस्क आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को किशोर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- सतना जिले के चित्रकूट धर्मनगरी में शराब माफिया जगत सिंह का आतंक चरम पर है, जो चौराहा शराब दुकान के जरिए पूरी धर्मनगरी और चित्रकूट थाना क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब की सप्लाई करवा रहा है। इस अवैध पैकारी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब पैकारों ने कार्रवाई से बचने और मामले को शांत कराने के लिए एक नया पैंतरा अपनाया है। उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए एक बार फिर मझगवां ठेके की शराब को चुनिंदा इलाकों में पहुंचाना शुरू कर दिया है, ताकि पहली नजर में स्थिति सामान्य दिखाई दे। इस नई रणनीति के तहत मझगवां ठेके से फिलहाल गोदावरी मोड़ से गांवों को अलग करते हुए केवल खटिकान मोहल्ला, हनुमानधारा और रजौला क्षेत्र में शराब की सप्लाई की जा रही है। वहीं, चित्रकूट के अधिकांश अन्य हिस्सों में अभी भी पहले की तरह उत्तर प्रदेश के ठेके की अवैध शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। इस तरह दो अलग-अलग राज्यों की शराब का नेटवर्क बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक तरफ जहां पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोगों के घरों तक सीधे अवैध नशा पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इस पूरे खेल की निष्पक्ष जांच कराए तो इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल, इस बदले हुए सप्लाई सिस्टम को लेकर क्षेत्र में भारी चर्चा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- उमरिया के चंदिया से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम कोयलारी के तेंदुवा गांव में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग इस कदर जर्जर हो चुका है कि बरसात के दिनों में यह सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आता है। प्रशासन के विकास के तमाम दावों के बीच इस बदहाल रास्ते ने सरकारी दावों को कीचड़ में धकेल दिया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 65 नौनिहाल दर्ज हैं, जिन्हें हर दिन इसी दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही पूरे मार्ग में भारी कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ते पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे खतरनाक हालातों में इन मासूम बच्चों के फिसलने और चोटिल होने का डर हर पल बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनाएं अब तक इस बदहाल रास्ते तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस स्थिति ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि इन बच्चों को अपनी बुनियादी शिक्षा और पोषण के लिए हर दिन दलदल से जंग लड़नी पड़ रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी इस बदहाल रास्ते पर आकर इन नौनिहालों का दर्द समझेंगे, या फिर विकास का यह दावा केवल कागजों और बैठकों तक ही सिमट कर रह जाएगा?1
- सतना जिले के कोठी कस्बे में झाली चौराहा से वृंदावन आश्रम रोड पर स्थित एक प्राचीन पुलिया अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस पुलिया का आधा हिस्सा टूटकर नाले में समा चुका है, जबकि इसके बचे हुए हिस्से में भी कई जगहों पर दरारें आ गई हैं। पुलिया के ठीक बगल में ही वन चौकी है और इसके आगे मंगल भवन का निर्माण कार्य होने जा रहा है। इस मार्ग से लगातार भारी-भरकम वाहनों का आवागमन बना रहता है, जिससे यहाँ कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया की यह खस्ताहाल स्थिति काफी दिनों से बनी हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इससे पूरी तरह बेखबर बना हुआ है।1
- उमरिया जिले के मानपुर में नगर परिषद मानपुर के अंतर्गत चरणगंगा नदी के समीप ऑटो और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार भिड़ंत हुई है। इस हादसे में मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1