कचेहरी से गिरफ्तारी पर बवाल: अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार, न्यायिक कार्य ठप होने के आसार कचेहरी से गिरफ्तारी पर बवाल: अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार, न्यायिक कार्य ठप होने के आसार संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर। कचेहरी परिसर से एक अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है, जिससे आगामी दिनों में अदालतों का कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। मामला सकरन लूटकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमप्रकाश कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के उद्देश्य से कचेहरी परिसर पहुंचा था। लेकिन जब अदालत ने उसका सरेंडर स्वीकार नहीं किया, तो पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को अधिवक्ताओं ने न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय अवस्थी ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए कहा कि जब कोई अभियुक्त स्वयं अदालत में समर्पण करने आता है, तो उसे विधिक प्रक्रिया के तहत ही लिया जाना चाहिए। कचेहरी परिसर से सीधे गिरफ्तारी करना नियमों के विपरीत है और इससे न्यायपालिका की गरिमा भी प्रभावित होती है। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने 10 से 15 अप्रैल तक जिला जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट-4 की अदालतों में कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। बताया जा रहा है कि आरोपी ओमप्रकाश ने पहले ही पुलिस द्वारा मुठभेड़ की आशंका जताई थी। गिरफ्तारी के बाद उसने जिला जज से शिकायत भी की, लेकिन उस पर कोई सुनवाई न होने से वकीलों का आक्रोश और बढ़ गया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी शिकायत उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी। फिलहाल कचेहरी परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कचेहरी से गिरफ्तारी पर बवाल: अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार, न्यायिक कार्य ठप होने के आसार कचेहरी से गिरफ्तारी पर बवाल: अधिवक्ताओं ने किया बहिष्कार, न्यायिक कार्य ठप होने के आसार संवाददाता,, नरेश गुप्ता सीतापुर। कचेहरी परिसर से एक अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है, जिससे आगामी दिनों में अदालतों का कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। मामला सकरन लूटकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमप्रकाश कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के उद्देश्य से कचेहरी परिसर पहुंचा था। लेकिन जब अदालत ने उसका सरेंडर स्वीकार नहीं किया, तो पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को अधिवक्ताओं ने न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय अवस्थी ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए कहा कि
जब कोई अभियुक्त स्वयं अदालत में समर्पण करने आता है, तो उसे विधिक प्रक्रिया के तहत ही लिया जाना चाहिए। कचेहरी परिसर से सीधे गिरफ्तारी करना नियमों के विपरीत है और इससे न्यायपालिका की गरिमा भी प्रभावित होती है। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने 10 से 15 अप्रैल तक जिला जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट-4 की अदालतों में कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। बताया जा रहा है कि आरोपी ओमप्रकाश ने पहले ही पुलिस द्वारा मुठभेड़ की आशंका जताई थी। गिरफ्तारी के बाद उसने जिला जज से शिकायत भी की, लेकिन उस पर कोई सुनवाई न होने से वकीलों का आक्रोश और बढ़ गया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी शिकायत उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से की जाएगी। फिलहाल कचेहरी परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- जानकारी के अनुसार, लाइनमैन खंभे पर चढ़कर बिजली लाइन की मरम्मत कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। ⚡ करंट लगते ही लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा सिधौली क्षेत्र में हुआ। 🚨 लापरवाही पर सवाल बिना शटडाउन के काम कराया गया अचानक बिजली चालू कर दी गई सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक 👉 हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में गुस्सा और डर दोनों बढ़ रहा है। 😢 स्थानीय लोगों में आक्रोशघटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। 📢 निष्कर्षयह हादसा साफ दिखाता है कि बिजली विभाग की लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन न किया जाए तो ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी।1
- बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र के बसरा गांव में शुक्रवार दोपहर हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी के कारण खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। इस घटना में करीब 50 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली, जिससे किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला। आग की लपटें दूर-दूर तक फैल गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।1
- *लखनऊ ब्रेकिंग* हाई कोर्ट से कूदने का प्रयास करती महिला। हाथ में नवजात बच्चा। पूरी जानकारी की पड़ताल की जा रही है कि ये महिला कौन है और कहां से आई है तथा किस वजह से कोर्ट की छत पर पहुंची। बहरहाल महिला को बच्चे के साथ देख हर किसी को बेचैनी हो रही है कि कुछ अनहोनी न हो जाए।1
- Post by Sandeep Kumar Patrakaar2
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ कानपुर। शहर के बर्रा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बर्रा विश्वबैंक E-ब्लॉक के उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में मोर्चा खोलते हुए जीनियस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में गड़बड़ी और अधिक बिल आने की समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। इसी को लेकर नाराज लोग बर्रा थाने पहुंचे और कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराकर दोषी कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। फिलहाल, मामले में प्रशासन की ओर से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।1
- Post by Anoopshukla2
- Post by Sandeep Pasi1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ दरभंगा से अमृतसर जा रही ट्रेन में सफर के दौरान एक महिला ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रेल मंत्री से मांग की है कि ट्रेन में जितनी सीटें उपलब्ध हों, उतने ही टिकट जारी किए जाएं। महिला का कहना है कि जब टिकट अधिक संख्या में बेचे जाते हैं तो यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती, जिससे सफर बेहद परेशान करने वाला हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अतिरिक्त टिकट जारी किए जाते हैं तो यात्रियों को सीट की उचित व्यवस्था भी दी जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और रेलवे की टिकट व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे1