टीकमगढ़ के जनपद पंचायत जतारा अंतर्गत ग्राम पैतपुरा में वर्ष 2010 में हुई ग्राम रोजगार सहायक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम पैतपुरा निवासी दीनदयाल पुत्र रामप्रसाद सूत्रकार ने इस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता दीनदयाल का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की घोर अनदेखी की गई, जिससे मेरिट सूची तैयार करने में धांधली हुई। साथ ही, चयनित अभ्यर्थी के प्रशिक्षण और अनुभव संबंधी दस्तावेजों की भी सही ढंग से जांच नहीं की गई। इन कथित अनियमितताओं के कारण अनेक पात्र अभ्यर्थी रोजगार के अवसर से वंचित रह गए। दीनदयाल सूत्रकार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 से 2024 के बीच कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ और पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न अधिकारियों को कई बार शिकायतें और आवेदन दिए हैं। उन्होंने जनसुनवाई में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक उन्हें न तो कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिली है और न ही जांच के अंतिम निष्कर्ष की जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला पंचायत स्तर पर एक जांच समिति गठित कर मामले की जांच के निर्देश भी दिए गए थे, पर लंबा समय बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी लगातार जांच का आश्वासन देकर मामले को टालते आ रहे हैं। पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाए। यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दोषियों के खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी शिकायत को उच्च स्तर पर भी लेकर जाएंगे। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच, अब शिकायतकर्ता सहित क्षेत्र के लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
टीकमगढ़ के जनपद पंचायत जतारा अंतर्गत ग्राम पैतपुरा में वर्ष 2010 में हुई ग्राम रोजगार सहायक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम पैतपुरा निवासी दीनदयाल पुत्र रामप्रसाद सूत्रकार ने इस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता दीनदयाल का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की घोर अनदेखी की गई, जिससे मेरिट सूची तैयार करने में धांधली हुई। साथ ही, चयनित अभ्यर्थी के प्रशिक्षण और अनुभव संबंधी दस्तावेजों की भी सही ढंग से जांच नहीं की गई। इन कथित अनियमितताओं के कारण अनेक पात्र अभ्यर्थी रोजगार के अवसर से वंचित रह गए। दीनदयाल सूत्रकार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 से 2024 के बीच कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ और पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न अधिकारियों को कई बार शिकायतें और आवेदन दिए हैं। उन्होंने जनसुनवाई में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक उन्हें न तो कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिली है और न ही जांच के अंतिम निष्कर्ष की जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला पंचायत स्तर पर एक जांच समिति गठित कर मामले की जांच के निर्देश भी दिए गए थे, पर लंबा समय बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी लगातार जांच का आश्वासन देकर मामले को टालते आ रहे हैं। पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाए। यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दोषियों के खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी शिकायत को उच्च स्तर पर भी लेकर जाएंगे। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच, अब शिकायतकर्ता सहित क्षेत्र के लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्र को निर्वस्त्र कर बंधक बनाने और उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी करने की बात कही है। पीड़ित युवक ने गुरुवार को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि दिलीप रजक (पिता बाबू रजक) और तीन अन्य लड़कों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के अनुसार, 2 जून को दिलीप पुलिसकर्मी बनकर उसके घर आया और उसे बाइक पर बिठाकर अपने घर ले गया। वहां दिलीप ने कट्टा दिखाकर सरिया से उसकी पिटाई की, उसे गालियां दीं, निर्वस्त्र किया और उसका वीडियो भी बनाया। बाद में, आरोपी ने वीडियो वायरल न करने की धमकी देकर पीड़ित से 50 हजार रुपये की मांग की। दिलीप ने पीड़ित को यह भी धमकी दी कि उसके रिश्तेदार पुलिस में हैं, इसलिए पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाएगी। पीड़ित युवक के पिता ने बुधवार रात को भी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, जहां पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद, गुरुवार को उन्होंने एसपी कार्यालय में मामले की शिकायत दर्ज कराई और घटना के वीडियो भी एसपी को सौंपे। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने जानकारी दी है कि शिकायत पत्र और वीडियो के आधार पर आरोपी दिलीप रजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है। जांच में आरोपी के मोबाइल से अन्य कई लड़कों के साथ मारपीट करने के वीडियो भी बरामद हुए हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के जनपद पंचायत जतारा अंतर्गत ग्राम पैतपुरा में वर्ष 2010 में हुई ग्राम रोजगार सहायक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम पैतपुरा निवासी दीनदयाल पुत्र रामप्रसाद सूत्रकार ने इस भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और पात्र अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भर्ती के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए मेरिट सूची तैयार की गई, और चयनित अभ्यर्थी के प्रशिक्षण एवं अनुभव संबंधी दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं की गई। इस कथित गड़बड़ी के कारण कई पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर से वंचित होना पड़ा। दीनदयाल सूत्रकार के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2023 से 2024 के बीच कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न अधिकारियों को कई बार शिकायतें और आवेदन दिए हैं, साथ ही जनसुनवाई में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक उन्हें किसी ठोस कार्रवाई या जांच के अंतिम निष्कर्ष के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। दीनदयाल ने बताया कि जिला पंचायत स्तर पर एक जांच समिति गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे, पर लंबे समय बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी लगातार जांच का आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं। पीड़ित ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा अनियमितताएं पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी शिकायत को उच्च स्तर पर भी लेकर जाएंगे। अब शिकायतकर्ता सहित क्षेत्र के लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, और वे जांच रिपोर्ट व प्रशासन के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रामनगर के पास सड़क किनारे दो शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। इस बीच, मृतक के परिवारजनों ने इन मौतों को हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- बल्देवगढ़ के मलगुवा क्षेत्र में केबल के रास्ते में टूट जाने के कारण विद्युत और नेटवर्क की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हो गई है। संबंधित टीम द्वारा इस समस्या को सुधारने का कार्य लगातार जारी है। विभाग ने बताया कि मरम्मत का कार्य पूर्ण होते ही प्रभावित क्षेत्र में बिजली और नेटवर्क की आपूर्ति को पुनः सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा। संबंधित विभाग/प्रबंधन ने नागरिकों से इस दौरान धैर्य बनाए रखने और सहयोग करने का आग्रह किया है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अब किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिसके तहत किसान अपनी पसंद के किसी भी स्थान से खाद बिना लाइन लगाए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।1
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- टीकमगढ़ जिले में प्रशासन ने एक बार फिर रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में लिधौरा तहसीलदार निशांत चौरसिया ने उपरारा घाट पर छापा मारकर अवैध बालू उत्खनन कर रही एक एलएनटी मशीन को जब्त किया। यह कार्रवाई उपरारा सुखनई नदी में की गई, जहाँ रेत माफिया पिछले तीन दिनों से लगातार अवैध बालू का उत्खनन कर रहे थे। हालांकि, बालू खनन में लगे कुछ ट्रैक्टर मौके से भागने में सफल रहे। प्रशासन ने इस कदम से 'चुरकुट नेताओं' और रेत माफिया के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। यह उल्लेखनीय है कि उपरारा घाट पर प्रशासन द्वारा पिछले पंद्रह दिनों के भीतर की गई यह दूसरी कार्रवाई है, जो यह दर्शाती है कि रेत माफियाओं पर प्रशासन का 'हंटर' लगातार चल रहा है।3
- टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील के ग्राम बेला में शासकीय भूमि से अवैध रूप से मिट्टी खोदकर बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम निवासी अशोक अहिरवार ने कलेक्टर महोदय, टीकमगढ़ को संबोधित करते हुए इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, ग्राम सरपंच लक्ष्मी बाई अहिरवार, उनके पति बद्री प्रसाद अहिरवार, और उनके पुत्र कैलाश अहिरवार व यशकांत अहिरवार पर जेसीबी मशीन का उपयोग कर शासकीय भूमि से लगातार मिट्टी निकालकर बेचने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता अशोक अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस अवैध कार्य को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जेसीबी मशीन से कुचलकर जान से मारने की धमकी भी दी। अशोक अहिरवार ने कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि शासकीय भूमि को बचाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। मामले में कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि शासकीय भूमि से मिट्टी का अवैध खनन दंडनीय है।2