नागौर जिले के मेड़ता स्थित राजकीय अस्पताल में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब धारदार हथियार के हमले में घायल एक व्यापारी को डॉक्टरों ने अजमेर रेफर किया, लेकिन 108 एम्बुलेंस चालक हरेंद्र तेतरवाल मरीज को अजमेर ले जाने के बजाय नागौर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। इस बात पर अस्पताल परिसर में काफी देर तक बहस और विवाद का माहौल बना रहा। बाद में अस्पताल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही मरीज को अजमेर के लिए रवाना किया जा सका। जानकारी के अनुसार, चारभुजा मंदिर क्षेत्र के व्यापारी जयप्रकाश पर धारदार हथियार से हमला होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में मेड़ता के राजकीय चिकित्सालय लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अजमेर रेफर कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस चालक ने डॉक्टरों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बार-बार मरीज को नागौर ले जाने की बात कही, जिससे वे अत्यधिक परेशान हुए। मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने मरीज की गंभीर हालत देखते हुए हस्तक्षेप किया और काफी समझाइश के बाद एम्बुलेंस मरीज को लेकर अजमेर के लिए रवाना हुई। हालांकि, परिजनों की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर जाते समय भीषण गर्मी के बावजूद एम्बुलेंस का एसी चालू नहीं किया गया, जिससे घायल व्यापारी और साथ के परिजनों को भारी दिक्कत हुई। लोगों ने एम्बुलेंस में जरूरी मेडिकल स्टाफ नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पत्रकार अपनी निजी गाड़ी से मरीज की स्थिति जानने के लिए एम्बुलेंस के पीछे जा रहे थे। रास्ते में चालक ने एम्बुलेंस रुकवाकर पत्रकार को धमकाते हुए कहा, “मरीज को अपनी गाड़ी में बैठा लो… मेरे आगे-पीछे मत चलो।” आरोप है कि इसके बाद फोन पर भी गाली-गलौज करते हुए घर आकर मारपीट करने की धमकी दी गई, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित बताई जा रही है। इस घटना की खबर फैलते ही मेड़ता शहर के पत्रकारों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष फैल गया है। लोगों ने आरोपी एम्बुलेंस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। शहरवासियों का कहना है कि अगर एक रेफर किए गए घायल मरीज के साथ ऐसी स्थिति बन रही है, तो आम मरीजों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। इस पूरे मामले के बाद अब शहर की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
नागौर जिले के मेड़ता स्थित राजकीय अस्पताल में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब धारदार हथियार के हमले में घायल एक व्यापारी को डॉक्टरों ने अजमेर रेफर किया, लेकिन 108 एम्बुलेंस चालक हरेंद्र तेतरवाल मरीज को अजमेर ले जाने के बजाय नागौर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। इस बात पर अस्पताल परिसर में काफी देर तक बहस और विवाद का माहौल बना रहा। बाद में अस्पताल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही मरीज को अजमेर के लिए रवाना किया जा सका। जानकारी के अनुसार, चारभुजा मंदिर क्षेत्र के व्यापारी जयप्रकाश पर धारदार हथियार से हमला होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में मेड़ता के राजकीय चिकित्सालय लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अजमेर रेफर कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस चालक ने डॉक्टरों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बार-बार मरीज को नागौर ले जाने की बात कही, जिससे वे अत्यधिक परेशान हुए। मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने मरीज की गंभीर हालत देखते हुए हस्तक्षेप किया और काफी समझाइश के बाद एम्बुलेंस मरीज को लेकर अजमेर के लिए रवाना हुई। हालांकि, परिजनों की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अजमेर जाते समय भीषण गर्मी के
बावजूद एम्बुलेंस का एसी चालू नहीं किया गया, जिससे घायल व्यापारी और साथ के परिजनों को भारी दिक्कत हुई। लोगों ने एम्बुलेंस में जरूरी मेडिकल स्टाफ नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पत्रकार अपनी निजी गाड़ी से मरीज की स्थिति जानने के लिए एम्बुलेंस के पीछे जा रहे थे। रास्ते में चालक ने एम्बुलेंस रुकवाकर पत्रकार को धमकाते हुए कहा, “मरीज को अपनी गाड़ी में बैठा लो… मेरे आगे-पीछे मत चलो।” आरोप है कि इसके बाद फोन पर भी गाली-गलौज करते हुए घर आकर मारपीट करने की धमकी दी गई, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित बताई जा रही है। इस घटना की खबर फैलते ही मेड़ता शहर के पत्रकारों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष फैल गया है। लोगों ने आरोपी एम्बुलेंस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। शहरवासियों का कहना है कि अगर एक रेफर किए गए घायल मरीज के साथ ऐसी स्थिति बन रही है, तो आम मरीजों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा। इस पूरे मामले के बाद अब शहर की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- नागौर/थांवला में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। इनमें से एक ट्रॉली अवैध बजरी से भरी थी, जबकि दूसरी में अवैध पत्थर पाए गए। यह कार्रवाई नागौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी (आर.पी.एस.) के अवैध खनन रोकथाम संबंधी निर्देशों के पालन में, वृत्ताधिकारी वृत्त डेगाना जयप्रकाश बेनिवाल के निकट पर्यवेक्षण में, थानाधिकारी अशोक कुमार झाझडिया के नेतृत्व में थाना थांवला की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा अवैध बजरी खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) सुरेंद्र कुमार और उनकी टीम गश्त करते हुए लाडपुरा के लूणी नदी क्षेत्र में पहुंची। वहां उन्हें बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली, जिसका चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में लिया और थाने लाकर उस पर प्रकरण संख्या 104, दिनांक 31 मई 2026 को धारा 303 (2) बीएनएस और 4/21 एमएमआरडी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। इसी प्रकार, सउनि महेंद्र सिंह और उनकी टीम ने अवैध पत्थर खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए देवगढ़ रोड पर थांवला की सरहद पर गश्त की। उन्हें अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने आती दिखी, जिसके चालक ने सरकारी गाड़ी को देखकर ट्रैक्टर को बीच सड़क पर ही छोड़कर भागने का प्रयास किया और वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर थाने लाया और खनन विभाग को इसकी सूचना दी।1
- मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। घने बादलों और गरज के साथ मौसम में बदलाव देखा गया है।1
- जैतारण के निमाज में एक प्रसूता, रेशमा, की मौत के विरोध में रातभर धरना प्रदर्शन चला। यह धरना सुबह चार बजे हुई वार्ता के बाद समाप्त हो गया।1
- नागौर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थांवला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें अवैध बजरी और पत्थर से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया गया। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नागौर के निर्देशों पर गठित विशेष टीमों द्वारा चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही थीं। इसी दौरान, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम लूणी नदी क्षेत्र के लाडपुरा पहुंची, जहाँ उन्हें अवैध बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली। पुलिस टीम को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थांवला थाना परिसर में खड़ा करा दिया और इस मामले में बीएनएसएस व एमएमआरडी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर, सार्जेंट महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक अन्य पुलिस टीम देवगढ़ रोड स्थित क्षेत्र में गश्त करते हुए अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पता चला। पुलिस वाहन को देखते ही चालक इसे सड़क पर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने इस वाहन को भी कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और खनन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया। इस कार्रवाई में कुल दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गई हैं, जिनमें एक अवैध बजरी और दूसरी अवैध पत्थरों से भरी थी। थांवला थाना के पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार झाझड़िया, सार्जेंट महेंद्र सिंह और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार सहित पुलिस जवानों की टीम इस कार्रवाई में शामिल थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।1
- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- Post by Khushal Parihar Khushal Pariha1
- नागौर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशों के बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन निर्देशों का उद्देश्य बिना नंबर प्लेट, काले शीशे वाले और नंबर प्लेटों से छेड़छाड़ कर घूमने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना था। उम्मेद सिंह, उप अधीक्षक यातायात, नागौर के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी देवीलाल, पुलिस निरीक्षक, यातायात शाखा, नागौर ने नागौर कस्बे में अभियान चलाया। इस दौरान बिना नंबर की 7 मोटरसाइकिलें मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत जब्त की गईं। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 142 वाहनों के चालान किए गए। इसी तरह, मेड़तासिटी कस्बे में भी कार्रवाई की गई, जिसमें रामकरणसिंह मलिंडा, वृत्ताधिकारी, वृत्त मेड़तासिटी और उम्मेदसिंह, आर.पी.एस. यातायात, नागौर के निकट पर्यवेक्षण में प्रहलादराम, सहायक उप निरीक्षक और थाना प्रभारी, यातायात पुलिस थाना मेड़तासिटी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने बिना नंबर की 3 मोटरसाइकिलें एमवी अधिनियम के तहत जब्त कीं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 20 चालान किए। नागौर पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत नागौर और मेड़तासिटी से कुल 10 बिना नंबर वाली मोटरसाइकिलें जब्त की हैं और यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए एमवी अधिनियम के तहत कुल 162 चालान काटे गए हैं। नागौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सुरक्षित यात्रा आपकी और आपके परिवार की जिम्मेदारी है, क्योंकि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।4