अमरोहा में उत्तर प्रदेश पुलिस अमरोहा और श्री वेंकटेश्वरा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप-2026” के तहत डिजिटल आतंकवाद, वित्तीय धोखाधड़ी, तथा महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन (IFSO) यूनिट के प्रमुख और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रजनीश गुप्ता ने देशभर से आए साइबर सुरक्षा इंटर्न्स और पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री रजनीश गुप्ता ने बताया कि डिजिटल आतंकवाद, साइबर अटैक, वित्तीय धोखाधड़ी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, साइबर बुलिंग, हैकिंग और मालवेयर जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने "संचार साथी" ऐप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से नागरिक फर्जी कॉल, संदिग्ध संदेश और अन्य डिजिटल अपराधों की शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिससे 50 प्रतिशत से अधिक साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संगठित साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, हेट स्पीच, सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले अपराधों और डिजिटल आतंकवाद पर तेजी से कड़ी कार्रवाई कर रहा है, जिसमें पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ प्रशिक्षित "साइबर सुरक्षा प्रहरी" और "साइबर कमांडो" भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर श्री वेंकटेश्वरा समूह के अध्यक्ष सुधीर गिरि ने साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस, विधि विशेषज्ञों, आईटी विशेषज्ञों और उच्च व तकनीकी शिक्षण संस्थानों की सर्वोच्च भूमिका पर जोर दिया। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि साइबर सुरक्षा केवल व्यक्तिगत आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विश्वविद्यालय के डॉ. सी.वी. रमन सभागार में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, पुलिस उपाधीक्षक अंजलि कटारिया, साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन सहित कई शिक्षाविद, अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ. आसिया वाहिद, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. श्रीराम गुप्ता, एस.एस. बघेल, शक्तिध्वज, रिया चौधरी, सचिन, प्रीतपाल, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज चौधरी और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा जैसे कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
अमरोहा में उत्तर प्रदेश पुलिस अमरोहा और श्री वेंकटेश्वरा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा इंटर्नशिप-2026” के तहत डिजिटल आतंकवाद, वित्तीय धोखाधड़ी, तथा महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन (IFSO) यूनिट के प्रमुख और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रजनीश गुप्ता ने देशभर से आए साइबर सुरक्षा इंटर्न्स और पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री रजनीश गुप्ता ने बताया कि डिजिटल आतंकवाद, साइबर अटैक, वित्तीय धोखाधड़ी, चाइल्ड
पोर्नोग्राफी, साइबर बुलिंग, हैकिंग और मालवेयर जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने "संचार साथी" ऐप का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से नागरिक फर्जी कॉल, संदिग्ध संदेश और अन्य डिजिटल अपराधों की शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिससे 50 प्रतिशत से अधिक साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संगठित साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, हेट स्पीच, सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले अपराधों और डिजिटल आतंकवाद पर तेजी से कड़ी कार्रवाई कर
रहा है, जिसमें पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ प्रशिक्षित "साइबर सुरक्षा प्रहरी" और "साइबर कमांडो" भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर श्री वेंकटेश्वरा समूह के अध्यक्ष सुधीर गिरि ने साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस, विधि विशेषज्ञों, आईटी विशेषज्ञों और उच्च व तकनीकी शिक्षण संस्थानों की सर्वोच्च भूमिका पर जोर दिया। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि साइबर सुरक्षा केवल व्यक्तिगत आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम
है। विश्वविद्यालय के डॉ. सी.वी. रमन सभागार में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, पुलिस उपाधीक्षक अंजलि कटारिया, साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन सहित कई शिक्षाविद, अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ. आसिया वाहिद, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. श्रीराम गुप्ता, एस.एस. बघेल, शक्तिध्वज, रिया चौधरी, सचिन, प्रीतपाल, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज चौधरी और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा जैसे कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला में तंत्र-मंत्र के जरिए रुपये कई गुना करने का झांसा देकर एक किसान से करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान का आरोप है कि आरोपी ने पहले उसका भरोसा जीता और फिर 32 बीघा जमीन बिकवाकर उससे करोड़ों रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने बताया कि जब उसने अपने रुपये वापस मांगे, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में, पीड़ित किसान ने गजरौला थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, डॉक्टर रविंदर शुक्ला एडवोकेट ने इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने की मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे पर पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान, पुलिस ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।1
- अमरोहा के किशनगढ़ मोहल्ले में एक निजी पार्किंग चोरों का निशाना बनी, जहां शनिवार और रविवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने तीन गाड़ियों के लॉक और शीशे तोड़ दिए। चोरों ने गाड़ियों से कीमती सामान चुराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। रविवार सुबह जब वाहन मालिक पार्किंग में पहुंचे, तो गाड़ियों की हालत देखकर वे दंग रह गए और उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। वाहन मालिकों की तहरीर के आधार पर पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है। इस घटना के बाद इलाके के स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।2
- राजकीय मिनी स्टेडियम में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वाई. पी. सिंह, अध्यक्ष, यूपीसिडको, उ.प्र सरकार, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री, ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अति विशिष्ट अतिथियों में बलकार सिंह, आवास आयुक्त, उ.प्र. शासन, और श्रीमती शशि जैन, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अमरोहा एवं जिला नोडल अधिकारी, भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से विभिन्न प्रकार के योगासन और योग अभ्यासों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- भारत तिवारी एनकाउंटर का वो सच छिपाया गया है, जिसे सामने लाने की जोरदार मांग उठ रही है। इस मामले में बिहार पुलिस पर 'फर्जी एनकाउंटर' करने का सीधा आरोप है, जिसे बिहार पुलिस के लिए 'शर्मनाक' बताया गया है। सवाल यह है कि बिहार पुलिस के लोगों पर आखिर कब एफआईआर दर्ज की जाएगी।1
- अमरोहा जिले के गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत देहरी गुर्जर में विकास के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई रविवार को तब उजागर हुई जब 60 वर्षीय प्रेमवती की अंतिम यात्रा गाँव के गंदगी और जलभराव से भरे मुख्य रास्ते से गुज़रने को मजबूर हुई। गाँव निवासी प्रेमवती का शनिवार देर रात करीब चार बजे खून की उल्टी आने के बाद निधन हो गया था। इस दौरान अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने इस पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वे लंबे समय से रास्तों पर गंदगी और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था की शिकायतें संबंधित अधिकारियों और पंचायत स्तर पर करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है, और बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब एक अंतिम यात्रा तक को सम्मानजनक रास्ता नहीं मिल पा रहा है, तो गाँव की मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का जल्द समाधान करने, और गाँव में साफ-सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने की पुरज़ोर मांग की है। देहरी गुर्जर का यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की उन बुनियादी समस्याओं को सामने ला रहा है, जहाँ शिकायतें तो दर्ज हो जाती हैं, लेकिन उनका समाधान अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाता है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।1
- मुरादाबाद के थाना मुगलपुरा में पुलिस और ताज़ियादारों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक के दौरान प्रशासन ने ताज़िए बनाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए, जिसमें ताज़िए की अधिकतम ऊँचाई 12 फीट रखने को कहा गया।1
- गजरौला/अमरोहा में तांत्रिक जानेआलम पर भोले-भाले किसानों, युवक-युवतियों से तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित रूप से ठगी करने का आरोप लगा है। इस मामले में तांत्रिक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठी है। अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने थाना गजरौला पुलिस और विजिलेंस विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की अपील की है। डॉ. शुक्ला का आरोप है कि तंत्र-मंत्र और चमत्कारों का झांसा देकर लोगों से बड़ी धनराशि वसूली गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार न बना सके। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गहन जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों पर विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।1