*मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की भव्य तैयारी पूरी* *पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा मुख्य राजकीय समारोह* जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार मुजफ्फरपुर,25 जनवरी, 2026 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले में जिला स्तर से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक समारोह अत्यंत धूमधाम, उल्लास एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले का मुख्य राजकीय समारोह मुजफ्फरपुर स्थित ऐतिहासिक पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, सिकंदरपुर में आयोजित किया जाएगा। समारोह में माननीय उपमुख्यमंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के कर कमलों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा वे उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्र द्वारा शनिवार को सिकंदरपुर स्टेडियम में आयोजित अंतिम रिहर्सल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड में शामिल सभी टुकड़ियों की तैयारी का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि समारोह की गरिमा, अनुशासन एवं प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर संयुक्त परेड की व्यवस्था कमांडेंट बीएमपी एवं गृह रक्षा वाहिनी के सहयोग से की जाएगी। परेड में विभिन्न विभागों की अनुशासित टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसमें बीएसएपी, डीएपी, होमगार्ड (पुरुष), फायर ब्रिगेड, सैप, होमगार्ड बैंड, मद्य निषेध विभाग, एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड की टुकड़ियाँ शामिल रहेंगी। अधिकारियों द्वारा सभी टुकड़ियों को मार्च पास्ट को समन्वय, अनुशासन एवं एकरूपता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राज्य सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इन झांकियों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों, उद्देश्यों एवं जनहितकारी कार्यों को आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिन विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, उनमें जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पंचायती राज विभाग, उत्पाद विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका तथा पुलिस विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि सभी विभागों की झांकियां समयबद्ध एवं सुचारू रूप से प्रदर्शित हों तथा उनकी गुणवत्ता एवं प्रस्तुति में कोई कमी न रहे। समारोह को और अधिक आकर्षक एवं यादगार बनाने के लिए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभक्ति गीत, समूह नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो दर्शकों में राष्ट्रप्रेम एवं उत्साह का संचार करेंगी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित समयानुसार एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराए जाएं।गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधि-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी ने डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिया है कि यातायात की सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती करने तथा उनके दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण करने का सख्त निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि स्टेडियम परिसर में मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। साथ ही मैदान की साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच की सजावट, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है जिलाधिकारी द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समारोह मे शिरकत कर राष्ट्रीय पर्व को उत्साह एवं गर्व के साथ मनाएं।
*मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की भव्य तैयारी पूरी* *पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा मुख्य राजकीय समारोह* जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार मुजफ्फरपुर,25 जनवरी, 2026 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले में जिला स्तर से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक समारोह अत्यंत धूमधाम, उल्लास एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले का मुख्य राजकीय समारोह मुजफ्फरपुर स्थित ऐतिहासिक पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, सिकंदरपुर में आयोजित किया जाएगा। समारोह में माननीय उपमुख्यमंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के कर कमलों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा वे उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्र द्वारा शनिवार को सिकंदरपुर स्टेडियम में आयोजित अंतिम रिहर्सल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड में शामिल सभी टुकड़ियों की तैयारी का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि समारोह की गरिमा, अनुशासन एवं प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर संयुक्त परेड की व्यवस्था कमांडेंट बीएमपी एवं गृह रक्षा वाहिनी के सहयोग से की जाएगी। परेड में विभिन्न विभागों की अनुशासित टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसमें बीएसएपी, डीएपी, होमगार्ड (पुरुष), फायर ब्रिगेड, सैप, होमगार्ड बैंड, मद्य निषेध विभाग, एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड की टुकड़ियाँ शामिल रहेंगी। अधिकारियों द्वारा सभी टुकड़ियों को मार्च पास्ट को समन्वय, अनुशासन एवं एकरूपता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राज्य सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इन झांकियों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों, उद्देश्यों एवं जनहितकारी कार्यों को आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिन विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, उनमें जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पंचायती राज विभाग, उत्पाद विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जीविका तथा पुलिस विभाग शामिल हैं। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया है कि सभी विभागों की झांकियां समयबद्ध एवं सुचारू रूप से प्रदर्शित हों तथा उनकी गुणवत्ता एवं प्रस्तुति में कोई कमी न रहे। समारोह को और अधिक आकर्षक एवं यादगार बनाने के लिए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभक्ति गीत, समूह नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जो दर्शकों में राष्ट्रप्रेम एवं उत्साह का संचार करेंगी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित समयानुसार एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराए जाएं।गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधि-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी ने डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिया है कि यातायात की सुचारू एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त विधि-व्यवस्था संधारण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती करने तथा उनके दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण करने का सख्त निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि स्टेडियम परिसर में मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। साथ ही मैदान की साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच की सजावट, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है जिलाधिकारी द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समारोह मे शिरकत कर राष्ट्रीय पर्व को उत्साह एवं गर्व के साथ मनाएं।
- --जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मोतिहारी 02 अप्रैल 2026- मोतिहारी:-निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा प्रोसेसिंग फी, डेवलपमेंट फी, रीएडमिशन फीस, स्मार्ट क्लास पर फीस,के नाम पर अभिभावकों का किया जा रहा है शिक्षा के नाम पर धन शोधन।जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। आज व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता लिपि के रूप में कार्य करने वाले एवं दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी के अनुमंडल ब्यूरो चीफ मनीष शाह ने अपने एक सहयोगी के द्वारा वीडियो क्लिप जारी करते हुए स्थानीय जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण से मांग किया है कि निजी विद्यालयों के संचालकों के द्वारा दोबारा एडमिशन चार्ज नहीं लगे, एक ड्रेस,गार्जियन के साथ अच्छा व्यवहार करने, स्मार्ट क्लास के नाम पर लिए जा रहे फीस, डेवलपमेंट के नाम पर लिए जा रहे फीस, प्रोसेसिंग फीस, के नाम पर निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा शिक्षा के नाम पर अभिभावक से धन उगाही करने की कार्य को शीघ्र बंद करने संबंधित कार्रवाई करने की कृपा किया जाए।नीजी विद्यालय के प्रिंसिपल को सबसे पहले अभिभावक के साथ मधूर व्यवहार रखने का दिशा निर्देश जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण के द्वारा हो जाए तो पूर्वी चंपारण में नीजी विद्यालय में पढ़ाने वाले और अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। डीएम जिले के मालिक होते हैं। पूर्वी चंपारण के अभिभावक गण एक मोर्चा बनाए थे, वह मोर्चा डीएम साहब से मिले थे। पिछले महिने डीएम साहब जो है एक पत्र जारी किए थे, और लोगों में निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो चाबुक चलाने का कार्य किए थे उसका मैसेज बहुत सुंदर गया था। निजी विद्यालय के लोग किताब बेचते थे, जूता बेचते थे, टाइई बेचते थे, किताब बेचते थे, हर साल रीएडमिशन चार्ज लेते थे, रिजर्वेशन चार्ज का नाम बदलकर डेवलपमेंट चार्ज लेते हैं, इस पर जिलाधिकारी महोदय ने निजी विद्यालयों को बुलाकर मीटिंग किये थे। मैं डीएम साहब के माध्यम से निजी विद्यालय के संचालकों से यह पूछना चाहते हैं यह जानना चाहते हैं कि आप डेवलपमेंट हमारे बच्चों की कर रहे हैं या आप डेवलपमेंट अपने विद्यालय का कर रहे हैं अपने विद्यालय के लिए भवन बना रहे हैं अपने विद्यालय के लिए जमीन खरीद रहे हैं क्या यही आपका शिक्षा का विकास है। यही आपके छात्रों का विकास है। यह तो शिक्षा के नाम पर अभिभावकों के पॉकेट खाली करने का एक प्रकार का लूट की संज्ञा दिया जाए तो कोई शिकवा शिकायत नहीं होगी। हम सभी अपने पूर्वी चंपारण जिला अधिकारी महोदय से मांग करते हैं की निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो अभी वर्तमान में पहले के चार्ज का नाम बदलकर विभिन्न नाम से जो चार्ज लेना शुरू किया गया है उसे बंद करवाई जाए और उनके द्वारा जो किताब की दुकान सेट किया गया है उन दुकानदारों का जांच किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके किया विद्यालय के निजी संचालक का किताब केंद्र से कैसा साठ गाठ है। जांच के क्रम में दोषी पाए जाने वाले विद्यालय का लाइसेंस रद्द किया जाए और उन पर शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से अनेकों फीस के नाम पर किए जा रहे हैं धन शोधन के विरुद्ध दंडनात्मक करवाई किया जाए। ताकि इस तरह की शिक्षा के नाम का व्यवसायीकरण होने से बच सकते हैं।3
- Post by Talk On Chair1
- Post by Rahul Singh1
- मोतिहारी में शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई। कई लोगों का हालत खराब और इलाज जारी। शराब माफिया हुआ गिरफ्तार।।1
- जय श्री राम राधे राधे निषाद है रे पगली डूबा के मारे म पानी में हम एकलव्य के वंशज है1
- विजय सिन्हा जी कहते हैं थाने जाइए, FIR कराइए… लेकिन जमीन पर सच्चाई क्या है? क्या सच में आम आदमी की FIR दर्ज होती है या सब कुछ पैसे, पहचान और वोट बैंक पर चलता है? इस वीडियो में देखिए हकीकत, जैसा लोग रोज झेल रहे हैं। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #Bihar #FIRReality #PoliceSystem #GroundReality #VijaySingh #BiharNews #IndianPolitics #VoteBankPolitics #DalitIssue #CastePolitics #SystemFailure #PublicVoice #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार1
- Nitish kumar1
- कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा-राहूल गांधी। *--असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 02 अप्रैल 2026 नई दिल्ली:-असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।और इस बलिदान के बदले मिला क्या?15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।1