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जसवंतनगर के ग्राम दुर्गापुरा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें सावित्री देवी घायल हो गईं। ग्राम दुर्गापुरा निवासी सावित्री देवी (पत्नी रामशंकर) ने अपनी देवरानी और उनके पुत्र पर जमीन के विवाद को लेकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना में घायल होने के बाद महिला ने थाना पुलिस से इस मामले की शिकायत की। शिकायत की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल सावित्री देवी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई है। फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
M. Janib -Jaswant Nagar
जसवंतनगर के ग्राम दुर्गापुरा में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें सावित्री देवी घायल हो गईं। ग्राम दुर्गापुरा निवासी सावित्री देवी (पत्नी रामशंकर) ने अपनी देवरानी और उनके पुत्र पर जमीन के विवाद को लेकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना में घायल होने के बाद महिला ने थाना पुलिस से इस मामले की शिकायत की। शिकायत की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल सावित्री देवी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई है। फिलहाल, पुलिस ने पीड़िता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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- इटावा के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले मैजिक वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक मैजिक वाहन में 30 से 35 और कई बार तो 40 तक बच्चों को भर दिया जाता है। बच्चों को बेहद तंग और अमानवीय हालत में सफर करते हुए दिखाने वाला एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह बच्चों की जान जोखिम में डालकर सफर कराने से अभिभावकों में भारी चिंता बनी हुई है। वाहन के अनियंत्रित होने या किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हाल ही में इटावा जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस और नियमों के पालन के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को इस तरह ढोया जा रहा है, जो सीधे तौर पर इटावा परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।1
- इटावा के कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में दोपहर 12:00 बजे आयोजित व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक का व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों ने पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, जिला महामंत्री सदाशिव श्रीवास्तव, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष संतोष चौहान सहित व्यापार मंडल के प्रमुख पदाधिकारियों ने बैठक छोड़ दी। व्यापारियों का आरोप है कि बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं थे और बैठक को समय पर आयोजित भी नहीं किया गया था। पदाधिकारियों ने कहा कि वे लगातार व्यापारियों की समस्याओं को इस बैठक में रखते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण उन्हें बहिष्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बैठक से बाहर निकलकर व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने व्यापारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि 23 जुलाई को 'व्यापार बन्धु' की बैठक आयोजित की गई है। इस आगामी बैठक के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उन सभी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बैठक का बहिष्कार करने वाले अन्य प्रमुख व्यापारियों में महिला जिला अध्यक्ष अर्चना कुशवाहा, लाइनपार अध्यक्ष अंजू यादव, रंजीत सिंह कुशवाहा, यामीन रिंकू चौधरी, इकरार अहमद, शिवशरण गुप्ता, डॉ० ए.के तिवारी, मीरा तिवारी, रिंकू यादव, विनीत पाण्डेय, इदरीश, सरदार मोहन सिंह, सुनीता कुशवाहा, गगन पोरवाल, सुभाष गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, हरी गोपाल शुक्ला, विनोद जैन, उमेश वर्मा, अंजू ठाकुर और सुशील यादव शामिल रहे।2
- राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने PM आवास तक अपना विरोध मार्च शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर यह धरना और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।1
- भिंड में तेज बारिश के कारण जहां एक तरफ मौसम बेहद सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हुए जलभराव और फिसलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान पूरी तरह से बादलों से घिरा हुआ है और बारिश के चलते सड़क किनारे लगे घने पेड़ों के बीच रास्ते पूरी तरह गीले हो चुके हैं, जिससे कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। इस बरसाती मौसम के बीच सड़कों पर सफेद कार और ऑटो रिक्शा जैसे वाहन गुजर रहे हैं। खराब मौसम और सड़क पर फिसलन को देखते हुए लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करें और किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों। इसके साथ ही, प्रदर्शनकारियों को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस ने आम जनता को भी सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों, गलत जानकारियों या अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं। नागरिकों से केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने और शांति व सद्भाव बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया में एक विवाहिता अपने प्रेमी से मिलने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का साफ कहना था कि जब तक उसका प्रेमी अंकित नहीं आएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। प्रेमी को पाने की इस जिद के कारण करीब 7.5 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। मौके पर पुलिस और प्रशासन ने पहुंचकर महिला को घंटों समझाने की कोशिश की। अंततः तहसीलदार से मिले आश्वासन के बाद ही वह सुरक्षित नीचे उतरने को राजी हुई। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनोखी बात यह रही कि टावर से नीचे उतरने के बाद भी महिला ने अपना घूंघट नहीं हटाया। घूंघट ओढ़कर टावर पर चढ़ने और नीचे आने के बाद भी उसे न हटाने के इस मामले की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में आम आदमी पार्टी ने देश के प्रख्यात वैज्ञानिक और शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन में एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। इसके साथ ही पार्टी ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को बंद करने, पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह शांतिपूर्ण मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर परेड चौराहा और गोल मार्केट तक निकाला गया, जहां कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अभिलाख सिंह कुशवाह ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदेश संगठन मंत्री एवं चंबल संभाग प्रभारी साकेत सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पार्टी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। इसके साथ ही जिला सचिव शाक्य ने मांग की कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के नाम पर चलाई जा रही कमीशनखोरी पर तुरंत नियम बनाकर कार्रवाई की जाए। इस विरोध मार्च में अशोक जाटव, अंतराम प्रजापति, जयदीप राजावत, एड. अनिल शर्मा, अनुज पटवा सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में खाद लेने के लिए आवश्यक फार्मर आईडी बनवाने सरकारी कार्यालय पहुंचे एक किसान के साथ कथित तौर पर अभद्रता का मामला सामने आया है। वहां तैनात एसडीओ ज्ञान प्रकाश द्वारा किसान का अपमान करने और धमकी देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रजत यादव की रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि पीड़ित किसान अपनी समस्या को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा था। इसी बात पर एसडीओ ज्ञान प्रकाश कथित तौर पर नाराज हो गए और उन्होंने किसान का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने किसान को थप्पड़ जड़ा और बेहद अमर्यादित व धमकी भरे लहजे में कहा, "वीडियो का बना रहे हो... मारे जूता, सब सही हो जाओगे।" उत्तर प्रदेश में किसानों के सम्मान और समस्याओं के त्वरित समाधान के सरकारी दावों के विपरीत आई इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। यह घटना केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि सरकारी सेवा की मर्यादा और नागरिकों के सम्मान से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। अब जिला प्रशासन से सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? आरोप सही पाए जाने पर क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ दब जाएगा?1