जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित --- टीकमगढ़ जिले में उप संचालक कृषि विभाग द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत चयनित किसानों के सीधे खाते में एक करोड़ प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में सीधे डी बी टी की गई है, शीघ्र ही पुनः दूसरी किस्त खेती के सत्यापन उपरांत एक करोड़ की राशि जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित --- टीकमगढ़ जिले में उप संचालक कृषि विभाग द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत चयनित किसानों के सीधे खाते में एक करोड़ प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में सीधे डी बी टी की गई है, शीघ्र ही पुनः दूसरी किस्त खेती के सत्यापन उपरांत एक करोड़ की राशि किसानों के खाते में डाली जायेगी। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले में किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें खेत से घर की रसोई तक जैविक एवं सुरक्षित खाद्य व्यवस्था अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले के 60 गांवों में किसानों से लगातार संपर्क कर जैविक खेती के लिए किया जा रहा प्रशिक्षित। किसानों के बीच पहुंचकर जैविक सब्जी, अनाज, दाल, चावल, दूध और तेल जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री को यथासंभव जैविक तरीके से पैदा करने के लिए देशी गाय के गोबर और गौमूत्र के महत्व पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि रासायनिक खेती के बढ़ते उपयोग को लेकर अब उन्हें गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। अनेक किसान अपने परिवार एवं परिचितों में कैंसर, हृदयाघात तथा लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए किसान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिकतर महिलाओं का पेट काट कर मात्र दो बार बच्चों को जन्म देने पर महीनों विस्तर पर रहने से अर्थव्यवस्था की गम्भीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। बीमारियों और असमय मृत्यु के संभावित कारणों में कीटनाशकों एवं जहरीले उत्पादों को मानते हुए जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षित किसानों ने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट प्रभारी श्री भुनेश्वर राय जी के द्वारा खरीफ सीजन की फसल का सत्यापन किया गया जिसके दौरान किसान ने पूर्ण रूप से जैविक खाद डाल कर खरीफ फसल जैविक तरीके से करने की बात कही है, और रबी सीजन की फसल भी जैविक खेती करने उत्साहित हैं। किसानों के साथ संवाद में यह भी समझाया जा रहा है कि घर और खेत में जैविक तरीके से सब्जी, अनाज, दाल, दूध आदि का उत्पादन करने से परिवार को ताजा भोजन उपलब्ध हो सकता है। बाजार पर निर्भरता कम होने से खर्च घटेगा और किसान समृद्ध बनेंगे। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और स्वस्थ समाज के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों में जैविक खेती को लेकर बढ़ते उत्साह को देखते हुए अब उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद पतंजलि के ब्लॉक कॉर्डिनेटर और स्थानीय गांव स्तर पर कार्य कर रहे एलआरपी लगातार फील्ड स्तर पर मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रहे हैं। पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के माध्यम से टीकमगढ़ जिले के लगभग 2,000 किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए ब्लॉक स्तर पर कॉर्डिनेटर सक्रिय रहेंगे। यह अभियान किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में तथा उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। टीकमगढ़, जतारा, बल्देवगढ़ एवं पलेरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के सहयोग, कृषि विस्तार अधिकारियों की सहभागिता से किसानों को जैविक खेती की तकनीक, जैविक इनपुट, फसल प्रबंधन और खेत स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के स्टेट कॉर्डिनेटर श्री भुवनेश्वर राय द्वारा किसानों की फसल का सत्यापन कर जैविक प्रमाणीकरण करने में सहयोग किया जा रहा है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के जिला प्रभारी एवं पतंजलि किसान सेवा समिति मध्यप्रदेश के राज्य प्रभारी श्री मुन्नीलाल यादव के नेतृत्व में यह कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। #JansamparkMP #Jansamparktikamgarh #tikamgarh खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें खेत से घर की रसोई तक जैविक एवं सुरक्षित खाद्य व्यवस्था अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले के 60 गांवों में किसानों से लगातार संपर्क कर जैविक खेती के लिए किया जा रहा प्रशिक्षित। किसानों के बीच पहुंचकर जैविक सब्जी, अनाज, दाल, चावल, दूध और तेल जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री को यथासंभव जैविक तरीके से पैदा करने के लिए देशी गाय के गोबर और गौमूत्र के महत्व पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि रासायनिक खेती के बढ़ते उपयोग को लेकर अब उन्हें गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। अनेक किसान अपने परिवार एवं परिचितों में कैंसर, हृदयाघात तथा लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए किसान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिकतर महिलाओं का पेट काट कर मात्र दो बार बच्चों को जन्म देने पर महीनों विस्तर पर रहने से अर्थव्यवस्था की गम्भीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। बीमारियों और असमय मृत्यु के संभावित कारणों में कीटनाशकों एवं जहरीले उत्पादों को मानते हुए जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षित किसानों ने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट प्रभारी भुनेश्वर राय के द्वारा खरीफ सीजन की फसल का सत्यापन किया गया जिसके दौरान किसान ने पूर्ण रूप से जैविक खाद डाल कर खरीफ फसल जैविक तरीके से करने की बात कही है, और रबी सीजन की फसल भी जैविक खेती करने उत्साहित हैं। किसानों के साथ संवाद में यह भी समझाया जा रहा है कि घर और खेत में जैविक तरीके से सब्जी, अनाज, दाल, दूध आदि का उत्पादन करने से परिवार को ताजा भोजन उपलब्ध हो सकता है। बाजार पर निर्भरता कम होने से खर्च घटेगा और किसान समृद्ध बनेंगे। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और स्वस्थ समाज के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों में जैविक खेती को लेकर बढ़ते उत्साह को देखते हुए अब उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद पतंजलि के ब्लॉक कॉर्डिनेटर और स्थानीय गांव स्तर पर कार्य कर रहे एलआरपी लगातार फील्ड स्तर पर मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रहे हैं। पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के माध्यम से टीकमगढ़ जिले के लगभग 2,000 किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए ब्लॉक स्तर पर कॉर्डिनेटर सक्रिय रहेंगे। यह अभियान किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में तथा उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। टीकमगढ़, जतारा, बल्देवगढ़ एवं पलेरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के सहयोग, कृषि विस्तार अधिकारियों की सहभागिता से किसानों को जैविक खेती की तकनीक, जैविक इनपुट, फसल प्रबंधन और खेत स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के स्टेट कॉर्डिनेटर श्री भुवनेश्वर राय द्वारा किसानों की फसल का सत्यापन कर जैविक प्रमाणीकरण करने में सहयोग किया जा रहा है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के जिला प्रभारी एवं पतंजलि किसान सेवा समिति मध्यप्रदेश के राज्य प्रभारी मुन्नीलाल यादव के नेतृत्व में यह कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है।
जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित --- टीकमगढ़ जिले में उप संचालक कृषि विभाग द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत चयनित किसानों के सीधे खाते में एक करोड़ प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में सीधे डी बी टी की गई है, शीघ्र ही पुनः दूसरी किस्त खेती के सत्यापन उपरांत एक करोड़ की राशि जैविक खेती की ओर बढ़ रहे टीकमगढ़ जिले के किसान, स्वास्थ्य परिवार से सुखी किसान और समृद्ध भारत बनाने के संकल्प को समर्पित --- टीकमगढ़ जिले में उप संचालक कृषि विभाग द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत चयनित किसानों के सीधे खाते में एक करोड़ प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में सीधे डी बी टी की गई है, शीघ्र ही पुनः दूसरी किस्त खेती के सत्यापन उपरांत एक करोड़ की राशि किसानों के खाते में डाली जायेगी। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले में किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें खेत से घर की रसोई तक जैविक एवं सुरक्षित खाद्य व्यवस्था अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले के 60 गांवों में किसानों से लगातार संपर्क कर जैविक खेती के लिए किया जा रहा प्रशिक्षित। किसानों के बीच पहुंचकर जैविक सब्जी, अनाज, दाल, चावल, दूध और तेल जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री को यथासंभव जैविक तरीके से पैदा करने के लिए देशी गाय के गोबर और गौमूत्र के महत्व पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि रासायनिक खेती के बढ़ते उपयोग को लेकर अब उन्हें गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। अनेक किसान अपने परिवार एवं परिचितों में कैंसर, हृदयाघात तथा लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए किसान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिकतर महिलाओं का पेट काट कर मात्र दो बार बच्चों को जन्म देने पर महीनों विस्तर पर रहने से अर्थव्यवस्था की गम्भीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। बीमारियों और असमय मृत्यु के संभावित कारणों में कीटनाशकों एवं जहरीले उत्पादों को मानते हुए जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षित किसानों ने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट प्रभारी श्री भुनेश्वर राय जी के द्वारा खरीफ सीजन की फसल का सत्यापन किया गया जिसके दौरान किसान ने पूर्ण रूप से जैविक खाद डाल कर खरीफ फसल जैविक तरीके से करने की बात कही है, और रबी सीजन की फसल भी जैविक खेती करने उत्साहित हैं। किसानों के साथ संवाद में यह भी समझाया जा रहा है कि घर और खेत में जैविक तरीके से सब्जी, अनाज, दाल, दूध आदि का उत्पादन करने से परिवार को ताजा भोजन उपलब्ध हो सकता है। बाजार पर निर्भरता कम होने से खर्च घटेगा और किसान समृद्ध बनेंगे। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और स्वस्थ समाज के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों में जैविक खेती को लेकर बढ़ते उत्साह को देखते हुए अब उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद पतंजलि के ब्लॉक कॉर्डिनेटर और स्थानीय गांव स्तर पर कार्य कर रहे एलआरपी लगातार फील्ड स्तर पर मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रहे हैं। पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के माध्यम से टीकमगढ़ जिले के लगभग 2,000 किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए ब्लॉक स्तर पर कॉर्डिनेटर सक्रिय रहेंगे। यह अभियान किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में तथा उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। टीकमगढ़, जतारा, बल्देवगढ़ एवं पलेरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के सहयोग, कृषि विस्तार अधिकारियों की सहभागिता से किसानों को जैविक खेती की तकनीक, जैविक इनपुट, फसल प्रबंधन और खेत स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के स्टेट कॉर्डिनेटर श्री भुवनेश्वर राय द्वारा किसानों की फसल का सत्यापन कर जैविक प्रमाणीकरण करने में सहयोग किया जा रहा है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के जिला प्रभारी एवं पतंजलि किसान सेवा समिति मध्यप्रदेश के राज्य प्रभारी श्री मुन्नीलाल यादव के नेतृत्व में यह कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। #JansamparkMP #Jansamparktikamgarh #tikamgarh खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें खेत से घर की रसोई तक जैविक एवं सुरक्षित खाद्य व्यवस्था अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले के 60 गांवों में किसानों से लगातार संपर्क कर जैविक खेती के लिए किया जा रहा प्रशिक्षित। किसानों के बीच पहुंचकर जैविक सब्जी, अनाज, दाल, चावल, दूध और तेल जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री को यथासंभव जैविक तरीके से पैदा करने के लिए देशी गाय के गोबर और गौमूत्र के महत्व पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि रासायनिक खेती के बढ़ते उपयोग को लेकर अब उन्हें गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। अनेक किसान अपने परिवार एवं परिचितों में कैंसर, हृदयाघात तथा लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए किसान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर अधिकतर महिलाओं का पेट काट कर मात्र दो बार बच्चों को जन्म देने पर महीनों विस्तर पर रहने से अर्थव्यवस्था की गम्भीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। बीमारियों और असमय मृत्यु के संभावित कारणों में कीटनाशकों एवं जहरीले उत्पादों को मानते हुए जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रशिक्षित किसानों ने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट प्रभारी भुनेश्वर राय के द्वारा खरीफ सीजन की फसल का सत्यापन किया गया जिसके दौरान किसान ने पूर्ण रूप से जैविक खाद डाल कर खरीफ फसल जैविक तरीके से करने की बात कही है, और रबी सीजन की फसल भी जैविक खेती करने उत्साहित हैं। किसानों के साथ संवाद में यह भी समझाया जा रहा है कि घर और खेत में जैविक तरीके से सब्जी, अनाज, दाल, दूध आदि का उत्पादन करने से परिवार को ताजा भोजन उपलब्ध हो सकता है। बाजार पर निर्भरता कम होने से खर्च घटेगा और किसान समृद्ध बनेंगे। साथ ही, मिट्टी की उर्वरता, कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और स्वस्थ समाज के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों में जैविक खेती को लेकर बढ़ते उत्साह को देखते हुए अब उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद पतंजलि के ब्लॉक कॉर्डिनेटर और स्थानीय गांव स्तर पर कार्य कर रहे एलआरपी लगातार फील्ड स्तर पर मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रहे हैं। पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के माध्यम से टीकमगढ़ जिले के लगभग 2,000 किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए ब्लॉक स्तर पर कॉर्डिनेटर सक्रिय रहेंगे। यह अभियान किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के निर्देशानुसार, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में तथा उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। टीकमगढ़, जतारा, बल्देवगढ़ एवं पलेरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के सहयोग, कृषि विस्तार अधिकारियों की सहभागिता से किसानों को जैविक खेती की तकनीक, जैविक इनपुट, फसल प्रबंधन और खेत स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के स्टेट कॉर्डिनेटर श्री भुवनेश्वर राय द्वारा किसानों की फसल का सत्यापन कर जैविक प्रमाणीकरण करने में सहयोग किया जा रहा है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार के जिला प्रभारी एवं पतंजलि किसान सेवा समिति मध्यप्रदेश के राज्य प्रभारी मुन्नीलाल यादव के नेतृत्व में यह कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है।
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | टीकमगढ़ 🚨 🌊 जेवरा नाला रात से उफान पर, सैकड़ों वाहन फंसे! टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर जेवरा नाला रात से उफान पर है, जिसके चलते दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। ⚠️ सबसे बड़ी चिंता मेडिकल इमरजेंसी को लेकर है। यदि किसी मरीज को तत्काल झांसी ले जाने की जरूरत पड़े, तो नाले में पानी बढ़ने के कारण एंबुलेंस का रास्ता भी रुक सकता है, जिससे मरीज की जान पर खतरा बन सकता है। 📢 स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से बारिश के दौरान यही स्थिति बनती आ रही है, लेकिन स्थायी समाधान की ओर शासन-प्रशासन का पर्याप्त ध्यान नहीं है। ❓ सवाल यह है कि जब बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, तो आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? 📍 जेवरा नाला | टीकमगढ़ #BreakingNews #Tikamgarh #JevraNala #MPNews #Bundelkhand #TikamgarhNews #Jhansi #HindiPanchayat1
- भारी बारिश व जलभराव को लेकर कलेक्टर एवं एसपी ने किया निरीक्षण टीकमगढ़ 27 अगस्त टीकमगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते कई नदी-नालों एवं पुलों पर जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने गुरुवार को हीरानगर बावरी पुल, दिगौड़ा में सरपट नाला व पूनोल नाले सहित विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर व एसपी ने मौके पर पहुंचकर जलभराव एवं जल प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।1
- झांसी से टीकमगढ़ आ रही बनमाली गुप्ता की सिद्धार्थ सिलीपर बस ने सोलंकी पेट्रोल पंप के सामने ई रिकसा को मारी टक्कर महिला हुई घायल ड्राइवर हुआ फरार ड्राइवर का नाम मुबीन खान बताया जा रहा है झांसी से टीकमगढ़ आ रही बनमाली गुप्ता की सिद्धार्थ सिलीपर बस ने सोलंकी पेट्रोल पंप के सामने ई रिकसा को मारी टक्कर महिला हुई घायल ड्राइवर हुआ फरार ड्राइवर का नाम मुबीन खान बताया जा रहा है1
- रक्षाबंधन से पहले ललितपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 40 किलो दूषित मिल्क केक कराया गया नष्ट रक्षाबंधन से पहले ललितपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 40 किलो दूषित मिल्क केक कराया गया नष्ट1
- अमृत हरित अभियान के तहत आयुष विभाग परिसर में हुआ पौधारोपण टीकमगढ़, 26 अगस्त 2026। पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को आयुष विभाग परिसर में “अमृत हरित अभियान” के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजली शर्मा तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री ओमपाल सिंह भदौरिया के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। इस अवसर पर पार्षद श्री अभिषेक रानू खरे, सामुदायिक संगठक श्रीमती दीपिका शर्मा, सुश्री आयुषी सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। पौधारोपण के दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए लगाए गए पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल एवं सिंचाई का संकल्प लिया। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।1
- जल भराव एवं अतिवृष्टि के मद्देनजर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण प्रशासन की सूझबूझ और सजकता *जलभराव एवं अतिवृष्टि के मद्देनजर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण* जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते विभिन्न नदी-नालों एवं पुल-पुलियाओं पर जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल ने हीरानगर बावरी पुल सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जलभराव एवं जल प्रवाह की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर डिगौड़ा के पास पूनौल नाला में पुल के करीब 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। यहां पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं अश्टौन चौकी अंतर्गत नचनवारा पुलिया पर पानी ऊपर होने के कारण आवागमन बंद कर दिया गया है। देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर के पास पुलिया पर जलभराव के कारण रास्ता बंद है। हीरानगर बावरी पुल पर भी जलभराव की स्थिति का कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार लिधोराखास में पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। इकबालपुरा-मड़ियांव घाट पुल पर पानी पुल से करीब एक फीट ऊपर बह रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। खरों-महेवा चक्र रोड स्थित नाला तथा महेवा चक्र-03 कटेरा रोड स्थित सुखनई नदी पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के साथ पानी निकलने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रशासन द्वारा जलभराव एवं तेज जलप्रवाह वाले सभी स्थानों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। संबंधित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी, पटवारी, पंचायत अमला तथा संबंधित एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, एनएच, पीएमजीएसवाई के साथ-साथ एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले पुल-पुलियाओं एवं नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें।1
- जलभराव एवं अतिवृष्टि के मद्देनजर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण *जलभराव एवं अतिवृष्टि के मद्देनजर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण* जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते विभिन्न नदी-नालों एवं पुल-पुलियाओं पर जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल ने हीरानगर बावरी पुल सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जलभराव एवं जल प्रवाह की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर डिगौड़ा के पास पूनौल नाला में पुल के करीब 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। लगातार बारिश से दिगौड़ा झांसी मार्ग अंतर्गत पुनोल नाला एवं दिगौड़ा बस्ती का सरपट नाला पर लगभग 2 फीट पानी उफान है। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। आपदा मित्र भी मौके पर तैनात हैं। यहां पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं अश्टौन चौकी अंतर्गत नचनवारा पुलिया पर पानी ऊपर होने के कारण आवागमन बंद कर दिया गया है। देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर के पास पुलिया पर जलभराव के कारण रास्ता बंद है। हीरानगर बावरी पुल पर भी जलभराव की स्थिति का कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार लिधोराखास में पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। इकबालपुरा-मड़ियांव घाट पुल पर पानी पुल से करीब एक फीट ऊपर बह रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। खरों-महेवा चक्र रोड स्थित नाला तथा महेवा चक्र-03 कटेरा रोड स्थित सुखनई नदी पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के साथ पानी निकलने की सूचना प्राप्त हुई है। प्रशासन द्वारा जलभराव एवं तेज जलप्रवाह वाले सभी स्थानों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। संबंधित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी, पटवारी, पंचायत अमला तथा संबंधित एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, एनएच, पीएमजीएसवाई के साथ-साथ एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले पुल-पुलियाओं एवं नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें।4
- बे्किंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | टीकमगढ़ स्टेप 1️⃣ — बारिश में फिर ‘टापू’ बना टीकमगढ़ 🌧️ हर साल बरसात में दिगौड़ा और ज्योरा नाले उफान पर आते ही टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाता है। स्टेप 2️⃣ — विकास के दावों की खुली पोल बारिश से लोगों को घंटों, कई बार दिनों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। स्टेप 3️⃣ — सालों पुरानी समस्या हर चुनाव में पुल, सड़क और स्थायी समाधान के वादे होते हैं, लेकिन बारिश आते ही समस्या फिर सामने खड़ी हो जाती है। स्टेप 4️⃣ — जनता का सवाल ❓ दिगौड़ा और ज्योरा नालों की इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? 📍 टीकमगढ़ | पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र 📰 मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ 24/7 लाइव ✍️ रिपोर्टर — प्रभु दयाल गौतम1