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पटना जिले के खुसरूपुर में एक डिलीवरी बॉय की मौत के बाद खासा बवाल देखने को मिला है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया।
DRISHYA BHARAT NEWS
पटना जिले के खुसरूपुर में एक डिलीवरी बॉय की मौत के बाद खासा बवाल देखने को मिला है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया।
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- बिहार की राजधानी पटना के चंदासी (गौरीचक) गांव में अर्धनारीश्वर महादेव की एक भव्य प्रतिमा बनकर तैयार हो गई है। यह प्रतिमा बिहार और भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं में से एक मानी जा रही है, जिसकी मुख्य ऊंचाई लगभग 108 फीट है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर के आधार (pedestal) सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 143 से 145 फीट तक पहुंचती है। यह प्रतिमा भगवान शिव और माता पार्वती के एकीकृत स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें आधा भाग पुरुष और आधा स्त्री ऊर्जा का प्रतीक है। मुख्य प्रतिमा के साथ भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं, जो पूरे शिव परिवार को प्रदर्शित करती हैं। इस भव्य स्थापना के उपलक्ष्य में, 16 जून से 26 जून के बीच एक विशाल महायज्ञ का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें 1008 हवन कुंडों और 1008 ब्राह्मणों द्वारा पूजा संपन्न की जाएगी। 16 जून 2026, मंगलवार को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद महायज्ञ का शुभारंभ कर दिया गया है। भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं का आज स्थापन शुरू हो गया है।1
- फतुहा शहर में सड़क जाम एक गंभीर और रोजमर्रा की समस्या बन चुका है, जहाँ सुबह, दोपहर और शाम को मुख्य बाजार, गोविंदपुर रोड तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य हैं। इस लगातार लगने वाले जाम के कारण नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और उन्हें घंटों तक सड़कों पर फंसे रहने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ही इस जाम की मुख्य वजहें हैं। सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण से रास्ते संकरे हो गए हैं, वहीं बाजार क्षेत्रों में बिना किसी योजना के होने वाली पार्किंग और वाहनों की अत्यधिक भीड़ समस्या को और भी जटिल बना रही है। यह स्थिति न केवल लोगों का कीमती समय बर्बाद करती है, बल्कि इसके कारण प्रदूषण और शोर का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासन समय-समय पर यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास करते रहते हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है और जाम हटते ही कुछ ही देर में स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट मानना है कि जब तक कोई ठोस और दीर्घकालिक योजना नहीं बनाई जाती, तब तक इस गंभीर समस्या से राहत मिलना असंभव है। फतुहा के नागरिक अब प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए जाएं, साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि इस समस्या के लिए असल में जिम्मेदार कौन है — अतिक्रमण करने वाले लोग, नियमों का पालन न करने वाली जनता, या फिर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू न कर पाने वाला सिस्टम।1
- 15 जून 2026 को अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार की प्रदेश टीम, अपने प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में, लोक भवन में बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त, पीवीएसएम, एवीएसएम, यूवाईएसएम, एसएम, वीएसएम) से मिली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार के पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों को राज्यपाल महोदय के समक्ष प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बिहार के सदस्य, पूर्व सैनिक शैलेश कुमार धीरज भी उपस्थित थे।1
- रोशन आनंद जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने खान फैज़ल खान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।1
- बिहार के पटना में एक पिता को लगातार गंभीर धमकियाँ मिल रही हैं, जिसमें उनकी जवान बेटी को उठा लेने और उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाने की बातें कही गई हैं। धमकियाँ देने वालों ने पिता से कहा है कि वे उनके 'अंदर छेद कर देंगे', जिससे पीड़ित परिवार में भय का माहौल है। इन जानलेवा धमकियों के बीच, पिता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर उनकी बेटी को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुँचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने प्रशासन पर इस गंभीर मामले में चुप रहने और कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे उनकी चिंताएँ और बढ़ गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पहली उड़ान सफलतापूर्वक रवाना हुई। इस विशेष विमान में यात्री के रूप में जेवर के वे स्थानीय किसान सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण परियोजना के लिए अपनी जमीनें खुशी-खुशी सरकार को दी थीं। इस अनूठी हवाई यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन भूमिदाता किसानों का सम्मान बढ़ाना और उन्हें राज्य के विकास में सहभागी बनाना था। अपने ही गांव की जमीन से सीधे सूबे की राजधानी तक का पहला हवाई सफर पूरा करके लखनऊ पहुंचे महिला और बुजुर्ग किसानों के चेहरों पर गर्व और भावुकता की एक अनूठी चमक साफ दिखाई दे रही थी।1
- दनियावां पथ पर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई है, जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया। इस घटना के साथ, दनियावां पथ अब ‘मौत का रास्ता’ बन गया है।1