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शहडोल के पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में 22 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं ध्यान आधारित एक विशेष कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने की, जहाँ छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. आशीष तिवारी, परिसर प्रभारी डॉ. प्रवीण शर्मा और शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श तिवारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ योग एवं ध्यान के महत्व पर केंद्रित संबोधन के साथ हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने योग को वर्तमान समय की मांग बताया, इसे स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति करार दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को तनावमुक्त एवं ऊर्जावान बनाता है, साथ ही विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, कुलगुरु प्रो. रामशंकर स्वयं विद्यार्थियों के बीच पहुँचे और योगाभ्यास की विभिन्न बारीकियों को समझाते हुए उनके साथ अभ्यास किया, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। खेल विभाग की सुश्री आकांक्षा ने योग सत्र का सफल संचालन करते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। वहीं, शारीरिक शिक्षा विभाग की संकाय सदस्य सुश्री मेधा ने कठिन एवं उन्नत योगासनों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को योग की व्यापक संभावनाओं से परिचित कराया। इस सामूहिक योगाभ्यास में एनसीसी, एनएसएस और शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, विजिटिंग फैकल्टी और अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सहभागी बने।

2 hrs ago
user_Angad Tiwari
Angad Tiwari
पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

शहडोल के पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में 22 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं ध्यान आधारित एक विशेष कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने की, जहाँ छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. आशीष तिवारी, परिसर प्रभारी डॉ. प्रवीण शर्मा और शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श तिवारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ योग एवं ध्यान के महत्व पर केंद्रित संबोधन के साथ हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने योग को वर्तमान समय की मांग बताया, इसे स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति करार दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को तनावमुक्त एवं ऊर्जावान बनाता है, साथ ही विद्यार्थियों से नियमित रूप से योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, कुलगुरु प्रो. रामशंकर स्वयं विद्यार्थियों के बीच पहुँचे और योगाभ्यास की विभिन्न बारीकियों को समझाते हुए उनके साथ अभ्यास किया, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। खेल विभाग की सुश्री आकांक्षा ने योग सत्र का सफल संचालन करते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। वहीं, शारीरिक शिक्षा विभाग की संकाय सदस्य सुश्री मेधा ने कठिन एवं उन्नत योगासनों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को योग की व्यापक संभावनाओं से परिचित कराया। इस सामूहिक योगाभ्यास में एनसीसी, एनएसएस और शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, विजिटिंग फैकल्टी और अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सहभागी बने।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।
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    उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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    सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
    user_पार्षद सिल्लू रजक
    पार्षद सिल्लू रजक
    Animal Protection Organisation सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • nxvnncncx vhxhnncdsvnccbnccbhvcnvcbgvchbcdvbnbxchbvdhh
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    nxvnncncx vhxhnncdsvnccbnccbhvcnvcbgvchbcdvbnbxchbvdhh
    user_Mole  kumar ravat
    Mole kumar ravat
    गोपदबनास, सीधी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जिले के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में भाटिया शराब कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार तेज़ी से पैर पसार चुका है, जिससे युवा पीढ़ी में नशे की लत लग रही है। यह अवैध धंधा न केवल कानूनी व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया है, बल्कि समाज के लिए भी बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारी विजय सिंह की कथित मिलीभगत के कारण इस अवैध कार्य को बढ़ावा मिल रहा है। मा शारदा की धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध मैहर में, यह अवैध शराब का व्यापार शासन के लिए चिंता का विषय बन गया है, खासकर तब जब प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मैहर के नेताओं का आना-जाना उसी रास्ते से होता है जहाँ संतोष सिंह द्वारा अवैध टीन शेड के नीचे शराब बेची जाती है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस अवैध धंधे में नेताओं या प्रशासन की भी सहमति है? अब सभी की निगाहें नवागत जिला कलेक्टर पर टिकी हैं कि वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। ऐसे में, जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करने के लिए त्वरित और कठोर कार्यवाही करे।
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    जिले के सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में भाटिया शराब कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार तेज़ी से पैर पसार चुका है, जिससे युवा पीढ़ी में नशे की लत लग रही है। यह अवैध धंधा न केवल कानूनी व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया है, बल्कि समाज के लिए भी बेहद हानिकारक साबित हो रहा है।

आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारी विजय सिंह की कथित मिलीभगत के कारण इस अवैध कार्य को बढ़ावा मिल रहा है। मा शारदा की धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध मैहर में, यह अवैध शराब का व्यापार शासन के लिए चिंता का विषय बन गया है, खासकर तब जब प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मैहर के नेताओं का आना-जाना उसी रास्ते से होता है जहाँ संतोष सिंह द्वारा अवैध टीन शेड के नीचे शराब बेची जाती है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस अवैध धंधे में नेताओं या प्रशासन की भी सहमति है?

अब सभी की निगाहें नवागत जिला कलेक्टर पर टिकी हैं कि वे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। ऐसे में, जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करने के लिए त्वरित और कठोर कार्यवाही करे।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।
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    अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया।

पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।
    user_Ravindra chaturvedi News india
    Ravindra chaturvedi News india
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • टाउन हॉल में रॉयल राजपूत संगठन का एक कार्यक्रम चल रहा था, जब अचानक बिजली चली गई। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे।
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    टाउन हॉल में रॉयल राजपूत संगठन का एक कार्यक्रम चल रहा था, जब अचानक बिजली चली गई। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    15 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ 6 मई को एक 11000 वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से लाइनमेन सहायक राजेश द्विवेदी गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा तब हुआ जब पड़खुरी ग्राम पंचायत निवासी राजेश द्विवेदी बाधा गाँव में एक डियो बांधने के लिए पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे और रवि कुशवाहा द्वारा जानकारी होने के बावजूद लाइन चालू करा दी गई। अचानक एक मिनट के लिए लाइन चालू होने से राजेश द्विवेदी तार से चिपक कर आग की तरह धू-धू कर जलने लगे और लाइन बंद होते ही खंभे से नीचे गिर पड़े। इस भयावह दुर्घटना में राजेश द्विवेदी की रीढ़ की हड्डी टूट गई, उनके दोनों पैर बुरी तरह जल गए और दोनों हाथ करंट की चपेट में आकर झुलस गए। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें रामपुर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें बिड़ला अस्पताल सतना, फिर जबलपुर और अंततः नागपुर रेफर किया गया, जहाँ वे अब खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इस दुर्घटना से उनका शरीर अपाहिज हो चुका है और उनके इलाज में लाखों रुपये का खर्च आया है। दुखद रूप से, शासन द्वारा उन्हें सहायता राशि के तौर पर मात्र 10,000 रुपये दिए गए हैं, जबकि परिवार ने उनकी जान बचाने के लिए कर्ज लिया है। राजेश द्विवेदी शासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कह रहे हैं कि 'साहब, मेरा शरीर जनता और शासन की सेवा में झुलस गया, अब मेरा न्याय कर दो।' यह सवाल उठ रहा है कि लाखों के इलाज के लिए वे राशि कहाँ से लाएँगे और अपाहिज होने के बाद उनके बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। खबर में शासन-प्रशासन पर अंधा होकर बैठने और गरीबों के प्रति गांधी जी के तीन बंदरों वाले 'अनदेखा, अनसुना, अनबोला' नियम अपनाने का आरोप लगाया गया है। अब देखना यह है कि इस गंभीर घटना पर कितने अधिकारियों के कान में जूँ रेंगती है और राजेश द्विवेदी को न्याय मिलता है या सभी मूक-बधिर बने रहते हैं।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ 6 मई को एक 11000 वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से लाइनमेन सहायक राजेश द्विवेदी गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा तब हुआ जब पड़खुरी ग्राम पंचायत निवासी राजेश द्विवेदी बाधा गाँव में एक डियो बांधने के लिए पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे और रवि कुशवाहा द्वारा जानकारी होने के बावजूद लाइन चालू करा दी गई। अचानक एक मिनट के लिए लाइन चालू होने से राजेश द्विवेदी तार से चिपक कर आग की तरह धू-धू कर जलने लगे और लाइन बंद होते ही खंभे से नीचे गिर पड़े।

इस भयावह दुर्घटना में राजेश द्विवेदी की रीढ़ की हड्डी टूट गई, उनके दोनों पैर बुरी तरह जल गए और दोनों हाथ करंट की चपेट में आकर झुलस गए। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें रामपुर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें बिड़ला अस्पताल सतना, फिर जबलपुर और अंततः नागपुर रेफर किया गया, जहाँ वे अब खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इस दुर्घटना से उनका शरीर अपाहिज हो चुका है और उनके इलाज में लाखों रुपये का खर्च आया है। दुखद रूप से, शासन द्वारा उन्हें सहायता राशि के तौर पर मात्र 10,000 रुपये दिए गए हैं, जबकि परिवार ने उनकी जान बचाने के लिए कर्ज लिया है।

राजेश द्विवेदी शासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कह रहे हैं कि 'साहब, मेरा शरीर जनता और शासन की सेवा में झुलस गया, अब मेरा न्याय कर दो।' यह सवाल उठ रहा है कि लाखों के इलाज के लिए वे राशि कहाँ से लाएँगे और अपाहिज होने के बाद उनके बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। खबर में शासन-प्रशासन पर अंधा होकर बैठने और गरीबों के प्रति गांधी जी के तीन बंदरों वाले 'अनदेखा, अनसुना, अनबोला' नियम अपनाने का आरोप लगाया गया है। अब देखना यह है कि इस गंभीर घटना पर कितने अधिकारियों के कान में जूँ रेंगती है और राजेश द्विवेदी को न्याय मिलता है या सभी मूक-बधिर बने रहते हैं।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
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