छिंदवाड़ा जिले के चौरई वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन अमले ने जंगली सूअर का शिकार करने वाले चार आखेटकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सांख सर्किल के ग्राम ग्रेठिया से ख़ैराजी मार्ग पर मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। मौके पर आरोपी शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस खा रहे थे, जिसके बाद उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान खैरांजी निवासी शंकर (पिता मंतुलाल सरेयाम), शिवप्रसाद (पिता मंतुलाल सरेयाम), फूलभानशा (पिता किशनू सल्लाम) और निरपत (पिता संतुलाल सरेयाम) के रूप में हुई है। वन अमले द्वारा आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व भी कुछ शिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद वन विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर रखा था। इस सफ़ल कार्रवाई में रेंजर वंदना पाल, डिप्टी रेंजर रवि सिंह वर्मा, अरुण कुमार सेंगर, वनरक्षक हरनारायण शर्मा, राजाबाबू रघुवंशी, महेश सनोडीया, आशुतोष शर्मा, आशीष शुक्ला, संजय यादव, सुरेन्द्र गुर्जर और जितेंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छिंदवाड़ा जिले के चौरई वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन अमले ने जंगली सूअर का शिकार करने वाले चार आखेटकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सांख सर्किल के ग्राम ग्रेठिया से ख़ैराजी मार्ग पर मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। मौके पर आरोपी शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस खा रहे थे, जिसके बाद उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान खैरांजी निवासी शंकर (पिता मंतुलाल सरेयाम), शिवप्रसाद (पिता मंतुलाल सरेयाम), फूलभानशा (पिता किशनू सल्लाम) और निरपत
(पिता संतुलाल सरेयाम) के रूप में हुई है। वन अमले द्वारा आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व भी कुछ शिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद वन विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर रखा था। इस सफ़ल कार्रवाई में रेंजर वंदना पाल, डिप्टी रेंजर रवि सिंह वर्मा, अरुण कुमार सेंगर, वनरक्षक हरनारायण शर्मा, राजाबाबू रघुवंशी, महेश सनोडीया, आशुतोष शर्मा, आशीष शुक्ला, संजय यादव, सुरेन्द्र गुर्जर और जितेंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- छिंदवाड़ा के ELC चौक पर बुधवार को NEET पेपर लीक मामले और युवाओं के साथ अन्याय के विरोध में जिला युवक कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष गोलू पटेल के नेतृत्व में एकत्र हुए बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में चला गया है और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इस दौरान गोलू पटेल ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और NEET परीक्षा में पारदर्शिता नहीं आ जाती, तब तक कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत यह संदेश दिया गया है कि नशे से दूरी ही सुरक्षित और सफल जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। इसके तहत 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान से जुड़कर स्वयं जागरूक होने और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया गया है।1
- अमरवाड़ा में एसडीएम हेमकरण धुर्वे ने अपने केबिन से बाहर उतरकर एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनी। उन्होंने मौके पर ही पीड़ित व्यक्ति की समस्या का संज्ञान लिया और अधिकारियों को इसका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित ग्रामीण इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के उद्देश्य से शुरू की गई 'फीडर सेपरेशन योजना' ठेकेदारों की मनमानी और घटिया कार्यशैली के कारण ग्रामीणों एवं किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में भारी अनियमितताएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीनों और खेतों के बीचों-बीच बिना पूर्व सूचना या सहमति के जबरन बिजली के खंभे गाड़े जा रहे हैं। इससे खेती करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है, जबकि विरोध करने पर ठेकेदार के कर्मचारी अभद्रता पर उतर आते हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि लाइन चालू होने या कार्य पूर्ण होने से पहले ही खंभे जमीन से उखड़कर गिरने लगे हैं। कई स्थानों पर बिना पर्याप्त गहराई और बिना सीमेंट-कंक्रीट भरे ही खंभे खड़े कर दिए गए हैं, जो पहली ही बारिश या हल्की हवा में गिर रहे हैं। सड़क किनारे मोड़ और संकरे रास्तों पर यातायात नियमों को ताक पर रखकर गाड़े गए खंभे भी हादसों को न्यौता दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही खेतों में जबरन खंभे गाड़ने का काम नहीं रोका गया, घटिया निर्माण की जांच नहीं हुई और सड़क किनारे बने जोखिम भरे खंभों को व्यवस्थित नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामीण व किसान मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे और बिजली कार्यालय का घेराव करेंगे।2
- सिवनी में उफनते बरसाती नाले के तेज बहाव में समाने से एक चार साल के मासूम की मौत हो गई। जिस बच्चे ने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था, उसे मौत ने अपनी आगोश में ले लिया। हादसे के समय माँ अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए बदहवास होकर दौड़ी और लगातार पुकारती रही, लेकिन नाले के तेज बहाव के सामने उसकी ममता पूरी तरह बेबस साबित हुई। माँ की आँखों के सामने ही उसका कलेजे का टुकड़ा पानी के बहाव में बह गया। इस दुखद हादसे के बाद मासूम के परिवार में कोहराम मच गया है। जिस घर में हर समय मासूम की किलकारियाँ गूंजती थीं, वहाँ अब सिर्फ सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। माँ की गोद हमेशा के लिए सूनी हो गई है और उसकी चीखें उफनते नाले की गर्जना में दबकर रह गईं।1
- छिंदवाड़ा जिले के चौरई क्षेत्र स्थित ग्राम केरिया जिरिया में 30 वर्षीय विवाहिता सरिता वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद माहौल गरमा गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही गुस्साए परिजन शव लेकर सीधे चौरई थाने पहुंच गए और पुलिस स्टेशन का घेराव कर दिया। परिजनों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, 20 जुलाई को सरिता ने ससुराल में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। परिजन उसे पहले प्राथमिक उपचार के लिए ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद उसे नागपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का साफ कहना है कि शादी के बाद से ही सरिता को ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस पूरे मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- छिंदवाड़ा में एक मृतक महिला का शव लेकर उनके परिजन सीधे SDOP कार्यालय पहुंचे। परिजनों ने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1